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नवजात शिशॠ(0-1 महीना) की गतिविधियां, विकास और देखà¤à¤¾à¤² | Navjat Shishu Ka Vikas
IN THIS ARTICLE
1 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन और हाइट कितनी होनी चाहिà¤?
1 महीने के शिशॠका विकास | 1 Mahine Ka Baby
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का विकास
शारीरिक विकास
सामाजिक व à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
1 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का टीकाकरण
1 महीने के शिशॠके लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है?
1 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितनी नींद आवशà¥à¤¯à¤• है?
1 माह के शिशॠके खेल व गतिविधियां | Ek Mahine Ka Bachcha
1 माह के शिशॠको लेकर माता-पिता की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी चिंताà¤à¤‚
बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और अनà¥à¤¯ इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
शिशॠकी सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾
माता-पिता शिशॠके विकास पर कैसे रखें नजर?
1 महीने के शिशॠके विकास के बारे में माता-पिता को कब चिंतित होना चाहि�
इस महीने की चेकलिसà¥à¤Ÿ
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
जब घर में ननà¥à¤¹à¥‡ शिशॠकी किलकारियां गूंजती हैं, तो पूरा घर खà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से à¤à¤° जाता है। जनà¥à¤® के बाद उसे इस नठसंसार के साथ तालमेल बिठाने में कà¥à¤› समय लग सकता है। फिर दिन-ब-दिन उसका विकास होने लगता है। उसके हाथ-पांव तेजी से चलने लगते हैं। वह मां और घर के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को देखकर चेहरे के तरह-तरह के à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ के साथ अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता है। इस दौरान उसके साथ खेलना और बाते करना हर किसी को अचà¥à¤›à¤¾ लगता है। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में शिशॠके पहले माह की ही बात करेंगे। साथ ही बताà¤à¤‚गे कि इस दौरान उसका शारीरिक विकास किस पà¥à¤°à¤•ार होता है। इसके अलावा, ननà¥à¤¹à¥‡ शिशॠसे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कई रोचक जानकारियां à¤à¥€ आपको इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में मिलेंगी।
1 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का वजन और हाइट कितनी होनी चाहिà¤?
जनà¥à¤® के बाद कà¥à¤› माह तक शिशॠका काम सिरà¥à¤« दूध पीना, सोना, रोना, खेलना और नैपी को गंदा करना होता है। इस दौरान शिशॠका शारीरिक विकास सामानà¥à¤¯ गति से होता रहता है। महीने-दर-महीने उसका वजन व कद बढ़ता रहता है। यहां हम बता रहे हैं कि पहले माह शिशॠका वजन व हाइट कितनी होती है।
पहले महीने में बेबी गरà¥à¤² का सामानà¥à¤¯ वजन 3.5 से 4.9 किलो के बीच और हाइट 53.8 से.मी. होती है। वहीं, बेबी बॉय का सामानà¥à¤¯ वजन 3.7 से 5.3 किलो के बीच और हाइट 54.8 से.मी. हो सकती है (1) (2)। विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (WHO) की तरफ से यह तय मानक है। हालांकि, वजन व हाइट इससे थोड़ा कम या जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो सकती है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि शिशॠका विकास ठीक तरह से नहीं हो रहा है। हर शिशॠका शरीर अलग होता है, तो उसके विकास की गति à¤à¥€ अलग होती है। इस संबंध में बाल चिकितà¥à¤¸à¤• आपको बेहतर बता सकते हैं।
हर माता-पिता को इस बात का जरूर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिठकि आमतौर शिशॠका वजन इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि जनà¥à¤® के समय उसका वजन कितना था। इसलिà¤, यह नहीं सोचना चाहिठकि शिशॠइतने माह का हो गया, तो उसका औसन वजन इतना होना चाहिà¤à¥¤ जैसे-जैसे शिशॠका विकास होता है, उसका वजन à¤à¥€ लगातार बढ़ता रहता है।
आइà¤, अब जान लेते हैं कि 1 माह के शिशॠमें कà¥à¤¯à¤¾-कà¥à¤¯à¤¾ बदलाव होते हैं।
1 महीने के शिशॠका विकास | 1 Mahine Ka Baby
शिशॠके पैदा होने के बाद उसमें कई तरह के बदलाव आते हैं। जहां शà¥à¤°à¥‚ के कà¥à¤› दिन वह आंखें तक नहीं खोलता, वहीं बाद में उसके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• व शरीर के साथ-साथ सामाजिक विकास à¤à¥€ होता है। इन तीनों पà¥à¤°à¤•ार के विकास के बारे में हम यहां विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बता रहे हैं :
मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का विकास
à¤à¥‚ख की समठ: शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ के कà¥à¤› दिन में शिशॠको à¤à¥‚ख के बारे में इतना पता नहीं चलता। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप जब दूध पिलाते हैं, वो पी लेते हैं, लेकिन à¤à¤• माह के होते ही, वो अपनी à¤à¥‚ख को पहचानने लगते हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जब à¤à¥€ à¤à¥‚ख लगती है, रोने लगते हैं। अगर आप नोट करें, तो पता चलेगा कि शिशॠà¤à¥€ अपना दूध पीने का समय निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ कर लेता है और उस तय समय पर ही रोने लगता है (3)।
सà¥à¤µà¤¾à¤¦ की पहचान : इतना छोटा शिशॠसिरà¥à¤« मां का दूध ही पीता है। फिर à¤à¥€ à¤à¤• माह का होने के बाद उसे सà¥à¤µà¤¾à¤¦ की पहचान हो जाती है। अगर मां à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› खा ले, जिससे कि सà¥à¤¤à¤¨ दूध का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ कà¥à¤› बदल जाà¤, तो शिशॠको पता चल जाता है। यहां तक कि शिशॠसà¥à¤¤à¤¨ दूध की गंध तक को पहचाने लगता है (4)।
चेहरे या वसà¥à¤¤à¥ की पहचान : à¤à¤• माह के शिशॠका दिमाग इतना विकसित हो जाता है कि वह कà¥à¤› खास चेहरों व चीजाें को पहचानने लगता है। खासकर, वह मां को तो जरूर पहचानने लगता है। अगर आप उसकी आंखों के आगे कोई चीज कà¥à¤› देर तक रखें, तो वह उसे गौर तक देखता है और पहचानने लगता है। शिशॠमें यह कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ विकसित होने में 6-10 माह à¤à¥€ लग सकते हैं। इसलिà¤, अगर किसी का 1 माह का शिशॠकिसी वसà¥à¤¤à¥ को नहीं देखता है, तो चिंता का विषय नहीं है।
चीजों व गंध का अहसास : आपका शिशॠकठोर, कोमल व खà¥à¤°à¤¦à¤°à¥€ चीजों के बीच फरà¥à¤• को महसूस कर सकता है। वह अचà¥à¤›à¥€ और खराब गंध के बीच à¤à¥€ अंतर महसूस कर सकता है।
शारीरिक विकास
बांह को à¤à¤Ÿà¤•ना : वह अपनी बांह को तेजी से हिला सकता है। इससे पता चलता है कि उसकी मांसपेशियों का विकास तेजी से हो रहा है।
अंगों में हरकत : वह अपने शरीर के सà¤à¥€ अंगों को अचà¥à¤›à¥€ तरह से हिलाने-ढà¥à¤²à¤¾à¤¨à¥‡ के काबिल हो जाता है (5)।
सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ : à¤à¤• माह का होने के बाद वह अपने हाथों से अपने चेहरे, मà¥à¤‚ह, आंखों व कानों आदि को सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करने लगता है।
सिर का पीछे जाना : इतना विकसित होने के बाद à¤à¥€ शिशॠइतना सकà¥à¤·à¤® नहीं हो पाता कि अपने सिर को संà¤à¤¾à¤² सके। अगर उसे गोद में लेकर सहारा न दिया जाà¤, तो उसका सिर à¤à¤Ÿà¤•े के साथ पीछे की ओर चला जाता है। आपको इससे परेशान होने की जरूरत नहीं है। इसका मतलब यह है कि शिशॠका विकास अचà¥à¤›à¥€ तरह से हो रहा है।
सिर को उठाने की कोशिश : अगर आप उसे पेट के बल लेटाà¤à¤‚गे, तो वह सिर को ऊपर की ओर उठाने की कोशिश करेगा। à¤à¤¸à¤¾ वह गरà¥à¤¦à¤¨ की मांसपेशियों व तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° में हो रहे विकास के कारण कर पाता है।
मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी में पकड़ना : अगर आप उसकी हथेली पर कोई चीज या अपनी उंगली रखेंगे, तो वह उसे कस कर पकड़ने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करेगा। इतना ही नहीं वह अपने आसपास की चीजों को खà¥à¤¦ à¤à¥€ अपनी मà¥à¤Ÿà¥à¤ ी में पकड़ने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करेगा (6)।
वसà¥à¤¤à¥ पर नजर : आप उसकी आंखों के आगे कोई चीज रखें, जिससे वह आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ हो जाà¤, तो आप उस वसà¥à¤¤à¥ को जहां-जहां घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚गे, वह उसे लगातार देखेगा। यहां तक कि वह अपने से 8-12 इंच दूर पड़ी वसà¥à¤¤à¥ को अचà¥à¤›à¥€ तरह देख सकता है।
नींद में कमी : अमूमन à¤à¤• शिशॠदिन में आठ-नौ घंटे और रात में करीब आठघंटे सो सकता है। वह à¤à¤• बार में à¤à¤•-दो घंटे से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं सोता। इस पà¥à¤°à¤•ार कह सकते हैं कि पहले माह में शिशॠ24 घंटे में करीब 16 घंटे सोता है, लेकिन à¤à¤• माह का होते-होते यह अवधि करीब आधा घंटा कम हो जाती है (7)।
गतिविधियां : हर शिशॠजनà¥à¤® के समय से ही विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की गतिविधियांं करता है, जो à¤à¤• माह के होते-होते बढ़ जाती हैं (8)। डॉकà¥à¤Ÿà¤° इन गतिविधियों को गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से चेक करते हैं। अगर इसमें कमी देखी जाती है, तो यह चिंता का कारण होता है।
सामाजिक व à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकास
रोकर बात समà¤à¤¾à¤¨à¤¾ : यह तो सà¤à¥€ जानते हैं कि à¤à¤• माह का शिशॠसिरà¥à¤« रोकर ही अपनी बात समà¤à¤¾ सकता है। फिर चाहे उसे कोई समसà¥à¤¯à¤¾ हो या फिर à¤à¥‚ख लगी हो, वह रो कर दूसरों का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अपनी ओर खींचता है। फिर जब मां उसे गोद में लेकर दूध पिलाती है, तो वह तà¥à¤°à¤‚त चà¥à¤ª हो जाता है।
आवाजों को पहचानना : इस उमà¥à¤° तक बचà¥à¤šà¥‡ घर के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ खासकर अपनी मां की आवाज पहचानने लगते हैं। इतना ही नहीं, जिस तरफ से आवाज आती है, वहां अपनी गरà¥à¤¦à¤¨ à¤à¥€ घà¥à¤®à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
नजरें मिलाना : आपको जानकर हैरानी हो सकती है कि इस उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ किसी à¤à¥€ चीज को गौर से देख सकते हैं। अगर आप उसके सामने खड़े होंगे, तो पहले वो आपके चेहरे को देखेंगे और फिर आपकी आंखों में देखेंगे।
हाथों का सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ : आप बचà¥à¤šà¥‡ को कठोर हाथ लगाà¤à¤‚ या मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® तरीके से पकड़ें, वो इन दोनों तरह के सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ को महसूस कर सकते हैं। इतना ही नहीं उसी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° रोकर या मà¥à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤•र पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ देते हैं। अगर आप उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नाजà¥à¤•ता के साथ और अचà¥à¤›à¥€ तरह हाथ लगाà¤à¤‚गे या गोद में लेकर à¤à¥‚ला à¤à¥à¤²à¤¾à¤à¤‚गे, तो वो इसका आनंद लेंगे (9)।
आगे हम बता रहे हैं कि शिशॠजब à¤à¤• माह का हो जाà¤, तो उसे कौन-कौन से टीके लगते हैं।
1 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ का टीकाकरण
हर शिशॠको निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समयावधि पर जरूरी टीके लगाठजाते हैं। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ये सà¤à¥€ टीके केंदà¥à¤° सरकार की ओर से चलाठजा रहे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ टीकाकरण कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® के तहत लगाठजाते हैं। सरकारी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ केंदà¥à¤°à¥‹à¤‚ व आंगबाड़ी में ये टीके मà¥à¤«à¥à¤¤ लगाठजाते हैं, जबकि निजी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में इसके लिठकà¥à¤› कीमत चà¥à¤•ानी पड़ती है। जनà¥à¤® से लेकर छह हफà¥à¤¤à¥‡ तक के शिशॠको निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित टीके लगाठजाते हैं (10) :
बीसीजी
हेपेटाइटिस बी 1
ओपीवी (जीरो डोज)
डीटी डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚ पी 1
आईपीवी 1
हेप-बी 2
हिब 1
रोटावायरस 1
पीसीवी 1
आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल के इस हिसà¥à¤¸à¥‡ में हम शिशॠकी à¤à¤• दिन की खà¥à¤°à¤¾à¤• पर चरà¥à¤šà¤¾ करेंगे।
1 महीने के शिशॠके लिठकितना दूध आवशà¥à¤¯à¤• है?
शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में शिशॠका पाचन तंतà¥à¤° कमजोर होता है और वह à¤à¤• समय में कम ही दूध पीता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि मां के दूध और फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध में अंतर होता है। यहां हम उसी के आधार पर बताà¤à¤‚गे कि à¤à¤• माह का शिशॠà¤à¤• दिन में कितना मां का दूध या फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध पी सकता है।
मां का दूध : नवजात शिशॠका पेट छोटा होता है, इसलिठजनà¥à¤® के बाद अगले à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ तक वह सिरà¥à¤« 30-60ml तक ही दूध पीता है। वहीं, à¤à¤• माह का होते-होते उसके पेट का आकार बढ़ने लगता है और पाचन तंतà¥à¤° à¤à¥€ पहले से बेहतर काम करता है। अब शिशॠहर दो-चार घंटे में à¤à¤• बार में 90-120ml तक दूध पी सकता है। इस तरह से वह दिनà¤à¤° में करीब 900ml तक दूध पी सकता है (11) (12)।
फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध : सबसे पहली बात तो यह कि मां के दूध से बेहतर कà¥à¤› हो ही नहीं सकता। फिर à¤à¥€ कà¥à¤› परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध देना ही पड़ता है। à¤à¤¸à¥‡ में कोशिश करें कि उसे कम से कम तीन हफà¥à¤¤à¥‡ का हो जाने पर ही फॉरà¥à¤®à¥‚ला दूध दें। साथ ही करीब 110ml से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न दें और हर बार चार घंटे का अंतराल रखें (13)।
आगे हम शिशॠकी गहरी नींद में सोने की बात कर रहे हैं।
1 महीने के बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकितनी नींद आवशà¥à¤¯à¤• है?
शिशॠके जनà¥à¤® लेने के बाद उसके सोने का कोई समय निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ नहीं होता। वह 24 घंटे में से करीब 16 घंटे सोता है। इतना छोटाा शिशॠदिन और रात के बीच अंतर नहीं कर पाता है। वह दिन में चार-पांच बार सोता है और हर बार सोने की समयावधि à¤à¤•-दो घंटे हो सकती है। इसी तरह वह रात को à¤à¥€ करीब आठघंटे सोता है, लेकिन बीच-बीच में उठता रहता है, जिस कारण आपकी नींद खराब होती है। वहीं, à¤à¤• माह का होने के बाद वह करीब आधा घंटा कम सोता है (7)। आगे चलकर धीरे-धीरे उसका à¤à¥€ सोने का रूटीन बनने लगता है।
à¤à¤• माह के शिशॠकी गतिविधियों के बारे में जानने के लिठपढ़ते रहें यह आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल।
1 माह के शिशॠके खेल व गतिविधियां | Ek Mahine Ka Bachcha
हालांकि, इतना छोटा शिशॠखà¥à¤¦ से बैठनहीं सकता और न ही घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल चल सकता है। इसलिà¤, वह पीठके बल ही लेटकर अपने हाथ-पांव चलता है और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ आवाजों पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देता है। वहीं, जब आप उसे पेट के बल लेटाते हैं, तो वह गरà¥à¤¦à¤¨ उठाकर इधर-उधर देखने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करता है और पैरों के बल खà¥à¤¦ को आगे धकेलने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करता है। शिशॠको पेट के बल लेटना उसकी मांसपेशियों के विकास के लिठजरूरी à¤à¥€ है।
आगे हम शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ कà¥à¤› अनà¥à¤¯ जानकारियां दे रहे हैं।
1 माह के शिशॠको लेकर माता-पिता की सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी चिंताà¤à¤‚
जहां à¤à¤• तरफ शिशॠका विकास तेज गति से होता है, वहीं कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती हैं। à¤à¤• माह का शिशॠअपनी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को रोकर बताता है। शिशॠको होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को माता-पिता कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार पहचान सकते हैं :
कबà¥à¤œ : जब शिशॠमल तà¥à¤¯à¤¾à¤— करने में 10-15 मिनट लगाà¤, इस दौरान उसका चेहरा लाल हो जाठया तीन दिन तक मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— न करे, तो समठजाना चाहिठकि उसे कबà¥à¤œ है। à¤à¤¸à¥‡ में उसे तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚ (14)।
खांसी : शिशॠको सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम के कारण खांसी हो सकती है। साथ ही उसे सांस लेने में दिकà¥à¤•त हो व हलà¥à¤•ा बà¥à¤–ार à¤à¥€ हो (15)।
कà¥à¤°à¥ˆà¤¡à¤² कैप : इसमें शिशॠके सिर पर पपड़ीदार पैच बन जाते हैं। आमतौर पर यह सिर को धोने से या फिर अपने आप ठीक हो जाते हैं। अगर à¤à¤¸à¤¾ नहीं होता है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेनी चाहिठ(16)।
डायरिया : अगर शिशॠका मल पानी की तरह पतला है और मल लगातार हो रहा है, तो इससे शिशॠमें पानी की कमी हो सकती है। इसलिà¤, शिशॠको तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाना चाहिठ(17)। आमतौर पर शिशॠदूध पीने के बाद थोड़ी-सी मातà¥à¤°à¤¾ में हलà¥à¤•ा ठोस व हलà¥à¤•ा पतला मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— कर सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹ कोलिक रिफà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ के कारण होता है और यह सामानà¥à¤¯ है।
उलà¥à¤Ÿà¥€ : अगर शिशॠकà¥à¤› à¤à¥€ खाने के बाद करीब दो घंटे में उलà¥à¤Ÿà¥€ कर रहा है, तो यह चिंता का विषय हो सकता है। साथ ही उसे बà¥à¤–ार व डायरिया है, तो बिना देरी किठउसे डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाना चाहिà¤à¥¤
मà¥à¤‚हासे : पहले माह में शिशॠके चेहरे पर छोटे-छोटे मà¥à¤‚हासे नजर आ सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚टा में तैलीय गà¥à¤°à¤‚थियों के सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ होने पर हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स में असंतà¥à¤²à¤¨ के कारण हो सकता है। à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ में अगर आप शिशॠका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अचà¥à¤›à¥€ तरह से रखेंगी, तो ये मà¥à¤‚हासे कà¥à¤› समय में अपने आप खतà¥à¤® हो जाà¤à¤‚गे।
गैस : अगर शिशॠजरूरत से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रो रहा है, तो हो सकता है उसे गैस हो। वहीं, अगर गैस डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ करते हà¥à¤ रोता है, तो यह गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ है। उसे आप पेट के बल लेटाà¤à¤‚, इससे उसे राहत मिल सकती है या फिर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ : सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशà¥à¤“ं को कà¥à¤› खास चीजों से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनकी मां खाती है। इससे उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ हो सकती है।
कोलिक : इसमें à¤à¥€ शिशॠके पेट में गैस बनती है और वह असहज महसूस करते हà¥à¤ ऊंची आवाज में रोता है।
बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾, दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और अनà¥à¤¯ इंदà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ देख सकता है : à¤à¤• माह का शिशॠइतना विकसित हो चà¥à¤•ा होता है कि वह अपने आसपास की चीजों, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ व घटनाओं को देख सकता है। अगर उसकी आंखों पर हलà¥à¤•ी-सी फà¥à¤²à¥ˆà¤¶ मारी जाठया अचानक से कोई रोशनी पड़े, तो वह अपनी पलके à¤à¤ªà¤•ाता है (18)।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤¨ सकता है : इतने छोटे शिशॠके कान काफी विकसित हो जाते हैं। इसका पता आप इससे लगा सकते हैं कि वो आपकी आवाज पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कर सकता है। जिस दिशा से तेज आवाज आती है, वह उस तरफ देखने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करता है।
कà¥à¤¯à¤¾ मेरा बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¦ व गंध को पहचान सकता है : à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि à¤à¤• माह का शिशॠसà¥à¤µà¤¾à¤¦ व गंध की पहचान कर सकता है। वह मां के दूध का सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बदलने को अचà¥à¤›à¥€ तरह पहचान सकता है। अगर उसे मां के दूध के टेसà¥à¤Ÿ में जरा à¤à¥€ अंतर पता चलता है, तो वह दूध पीने से मना कर सकता है। साथ ही वह मां की गंध को à¤à¥€ पहचान सकता है (4)।
अब हम शिशॠको साफ-सà¥à¤¥à¤°à¤¾ रखने के बारे में à¤à¥€ बात कर लेते हैं।
शिशॠकी सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾
बेशक ननà¥à¤¹à¥‡ शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² करने का आपका यह पहला अनà¥à¤à¤µ है, लेकिन यहां बताठगठटिपà¥à¤¸ की मदद से आप यह काम आसानी से कर सकते है।
डायपर : आप समय-समय पर शिशॠका डायपर चेक करते रहें। अगर डायपर गीला है, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त बदलें। बदलते समय शिशॠको अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ करें। इसके लिठआप खास बेबी वाइपà¥à¤¸ या लोशन इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। अगर डायपर के वजह से शिशॠको रैशेज हो गठहैं, तो डाॅकà¥à¤Ÿà¤° से पूछकर अचà¥à¤›à¥€ डायपर रैशेज कà¥à¤°à¥€à¤® का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकते हैं। साथ ही दिन में कम से कम à¤à¤• या दो बार शिशॠको बिना डायपर के रहने दें, ताकि उसकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक मॉइसà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¤° बना रहे।
सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ : आप शिशॠको हलà¥à¤•े गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहलाà¤à¤‚। आप उसे à¤à¤• दिन छोड़कर नहला सकती हैं। उसे नहलाने से पहने अपने हाथों को अचà¥à¤›à¥€ तरह धो लें। नहलाते समय उसकी आंखों, कानों व नाक को अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ करें। शिशॠको हमेशा बंद कमरे में ही नहलाà¤à¤‚ और बाथटब का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² न करें।
सफाई : बचà¥à¤šà¤¾ जब à¤à¥€ दूध पीता है, तो कई बार जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पी लेता और फिर बाद में उसे निकाल देता है। अगर आपका शिशॠà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ करे, तो तà¥à¤°à¤‚त उसे साफ करें। साथ ही जैसे ही आपको लगे कि उसके पैर व हाथों के नाखà¥à¤¨ बड़े हो गठहैं, तो उसे काट दें। इससे à¤à¤• तो वह खà¥à¤¦ को चोट नहीं पहà¥à¤‚चाà¤à¤—ा और दूसरा नाखà¥à¤¨à¥‹à¤‚ में गंदगी जमा नहीं होगी।
माता-पिता छोटी-छोटी बातों को धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ में रखकर अपने शिशॠके विकास में मदद कर सकते हैं।
माता-पिता शिशॠके विकास पर कैसे रखें नजर?
यहां हम कà¥à¤› जरूरी टिपà¥à¤¸ दे रहे हैं, जिनकी मदद से माता-पिता अपने शिशॠके बेहतर विकास में मदद कर सकते हैं :
आप समय-समय पर शिशॠके शरीर में हो रहे बदलावों पर नजर रखें। अगर कà¥à¤› अजीब लगे, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
समय-समय पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से चेकअप करवाते रहें।
उसके वजन व हाइट को नोट करते रहें।
निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समयांतराल पर टीकाकरण कराना न à¤à¥‚लें। यह उसके बेहतर à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के लिठजरूरी है।
शिशॠको कà¥à¤› देर पेट के बल जरूर लेटाà¤à¤‚। बाल रोग विशेषजà¥à¤ž à¤à¥€ कहते हैं कि शिशॠको रोज पांच बार पेट के बल लेटाना चाहिठऔर हर बार उसे दो-तीन मिनट तक à¤à¤¸à¥‡ ही रहने देना चाहिà¤à¥¤ जैसे-जैसे शिशॠबड़ा होता है, इस समयावधि को à¤à¥€ बढ़ाना चाहिà¤à¥¤ इससे शिशॠका विकास तेज गति से होता है (19)। इस दौरान आप उसके सामने कोई खिलौना रख दें, ताकि वह उसे पकड़ने के लिठतेज-तेज हाथ-पांव मारे। à¤à¤¸à¤¾ माता-पिता हमेशा अपनी देखरेख में ही करें।
कà¥à¤› समय आप उसके साथ खेलने में बिताà¤à¤‚। इससे à¤à¤• तो वह à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहेगा और दूसरा आपके साथ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• रूप से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ महसूस करेगा।
हर समय उसे कमरे में बंद न रखें, कà¥à¤› देर के लिठउसे पारà¥à¤• आदि जगह घà¥à¤®à¤¾à¤¨à¥‡ ले जाà¤à¤‚।
1 महीने के शिशॠके विकास के बारे में माता-पिता को कब चिंतित होना चाहि�
यहां हम कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ बता रहे हैं, जिनकी पहचान कर आप अंदाजा लगा सकते हैं कि शिशॠका सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ ठीक नहीं है (20):
अगर शिशॠसही पà¥à¤°à¤•ार से दूध नहीं पी रहा है।
अगर अपने आसपास पड़ी चीजों को हिलाने या उसके सामने लाने पर à¤à¥€ उस पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं देता है।
आंखोंं में रोशनी मारने पर à¤à¥€ पलकों को नहीं à¤à¤ªà¤•ाता है।
किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की आवाज पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ नहीं देता है।
अगर शिशॠके शरीर व मांसपेशियों में सूजन हो और वह अपने अंगों को न हिलाà¤à¥¤
अगर शिशॠके बिलà¥à¤•à¥à¤² सà¥à¤¥à¤¿à¤° होने पर à¤à¥€ उसके जबड़े में कंपन महसूस हो।
इस महीने की चेकलिसà¥à¤Ÿ
तय समय पर शिशॠको चेकअप के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास लेकर जाà¤à¤‚।
आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछ सकती हैं कि आपको विटामिन-डी के सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ लेने की जरूरत है या नहीं।
शिशॠके जनà¥à¤® से लेकर छह हफà¥à¤¤à¥‡ के बीच कई टीके लगते हैं। इनकी लिसà¥à¤Ÿ बनाà¤à¤‚ और कौन सा टीका कब लगना है, उनकी डेट जरूर लिखें, ताकि आपके ननà¥à¤¹à¥‡ को कोई टीका लगने से रह न जाà¤à¥¤
डिलीवर के छह हफà¥à¤¤à¥‡ बाद आप अपना à¤à¥€ चेकअप जरूर करवाà¤à¤‚।
शिशॠके à¤à¤• माह पूरा होने पर उसकी फोटो जरूर खींचें।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
कà¥à¤¯à¤¾ नवजात या 1 माह के शिशॠके लिठपैसिफायर का उपयोग करना ठीक है?
नहीं, इस संबंध में विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन(WHO) का कहना है कि पैसिफायर शिशॠके लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ नहीं है। इससे शिशॠसमय से पहले ही सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना छोड़ देता है। इसलिà¤, जब आप शिशॠका सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¤¾ चाहते हैं, तà¤à¥€ उसे पैसिफायर देना ठीक रहता है (21)।
मैं अपने रोते हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‡ को कैसे शांत करूं?
आप उसे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की लोरी सà¥à¤¨à¤¾ सकती हैं या फिर गोद में लेकर à¤à¥‚ला à¤à¥à¤²à¤¾ सकती हैं। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ अलग-अलग तरह के मà¥à¤¯à¥‚जिक को सà¥à¤¨à¤•र à¤à¥€ शांत हो जाते हैं।
शिशॠकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ रोते हैं?
शिशà¥à¤“ं के रोने के कई कारण हो सकते हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥‚ख लगी हो, डायपर गंदा हो, पेट में कोलिन या गैस के कारण दरà¥à¤¦ हो, नींद आ रही हो, लंबे समय तक लेटे रहने से परेशान हों, सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ ठीक न हो, दूध पीने के बाद डकार न ले पा रहे हों आदि।
जिस पà¥à¤°à¤•ार à¤à¤• पौधे को पेड़ बनाने के लिठबेहतर खाद-पानी की जरूरत होती है, उसी पà¥à¤°à¤•ार आपके शिशॠको à¤à¥€ खास देखà¤à¤¾à¤² की जरूरत है। अगर आपका शिशॠà¤à¥€ à¤à¤• माह का है, तो इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में दी गई बातें आपके काम आ सकती हैं। आप न सिरà¥à¤« उसकी मनोसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को समठसकते हैं, बलà¥à¤•ि उसमें हो रहे बदलावों को à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ तरह से महसूस कर सकते हैं। उमà¥à¤®à¥€à¤¦ है कि इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में दी गई जानकारी आपके काम आà¤à¤—ी। शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ और जानकारी के लिठआप हमारे अनà¥à¤¯ आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल पढ़ सकते हैं।
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