शिशु का जन्म कब होता है?HealthPlanet

Posted on Thu 12th Jul 2018 : 22:44

शिशु को जन्म देने की प्रक्रिया कितनी लंबी चलेगी?
प्रसव के दौरान पति का हाथ थामें खड़ी गर्भवती महिला

प्रसव और शिशु का जन्म
प्रसव के दौरान नीचे सिर के बल वाली अवस्था में गर्भस्थ शिशुशिशु का जन्म 3D एनीमेशन में!

हर गर्भावस्था अलग होती है, और हर महिला की प्रसव की अवधि में भी काफी अंतर होता है।

यह पूर्वानुमान लगा पाना असंभव है कि आपका प्रसव कितना लंबा चलेगा, क्योंकि आपके प्रसव की अपनी लय और गति होगी। हालांकि, यहां एक सामान्य अंदाजा दिया गया है कि प्रसव की प्रक्रिया कैसी रहेगी।

प्रसव और शिशु का जन्म (नॉर्मल डिलीवरी) को तीन चरणों में बांटा गया है:

पहला चरण। यह प्रसव का सबसे लंबा चरण होता है, जब संकुचनों की वजह से ग्रीवा धीरे-धीरे खुलने लगती है। जब ग्रीवा पूरी तरह 10 सें.मी. तक विस्फारित हो जाती है, तो यह चरण समाप्त हो जाता है। पहले चरण में शुरुआती प्रसव, सक्रिय प्रसव और ​परिवर्ती चरण शामिल हैं। शुरुआती प्रसव के बारे में पूर्वानुमान नहीं लगाया जा सकता। कुछ महिलाओं में यह शुरु होता है और फिर बंद हो जाता है या कई घंटों या दिनों तक अनियमित गति से चलता रहता है। वहीं, कुछ अन्य महिलाओं में यह आसानी से सक्रिय प्रसव में बदल जाता है।
दूसरा चरण। इसे अक्सर 'जोर लगाने वाला चरण' कहा जाता है। यह तब शुरु होता है जब आपकी ग्रीवा पूरी तरह विस्फारित हो चुकी होती है और शिशु के जन्म के साथ यह चरण समाप्त हो जाता है। इस चरण के दौरान आप जोर लगाकर शिशु को नीचे और योनि से बाहर की तरफ धकेलेंगी और अपने नन्हें शिशु को पहली बार देखेंगी।
तीसरा चरण। प्रसव का तीसरा चरण शिशु के जन्म के साथ शुरु होता है और अपरा (प्लेसेंटा) की डिलीवरी के साथ समाप्त होता है। स्वत: होने वाले तीसरे चरण में एक घंटे तक का समय लग सकता है, वहीं चिकित्सकीय मदद से यह चरण आधे घंटें में भी पूरा हो सकता है।

शिशु को जन्म देने की प्रक्रिया कितनी लंबी चलेगी यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि यह आपकी पहली डिलीवरी है या फिर आप पहले भी मॉं बन चुकी है।

पहली गर्भावस्था
यदि यह आपकी पहली गर्भावस्था है तो सक्रिय प्रसव के चरण में आठ से 12 घंटों का समय लग सकता है। हालांकि, यह औसत अवधि है, यह इससे काफी कम या लंबी भी हो सकती है। बहरहाल इसके 18 घंटे से ज्यादा चलने की संभावना काफी कम होती है।

जब आपकी ग्रीवा 10 सें.मी. तक विस्फारित हो जाती है, तो आपको शिशु को जन्म देने के लिए एक या दो घंटों तक जोर लगाना पड़ सकता है।

यदि आप पहले भी माँ बन चुकी हैं
आमतौर पर जिन महिलाओं की पहले भी नॉर्मल डिलीवरी हो चुकी होती है, उनका प्रसव जल्दी आगे बढ़ता है। सक्रिय प्रसव के चरण में करीब पांच घंटों का समय लगता है और इसके 12 घंटों से ज्यादा चलने की संभावना बेहद कम होती है।

आपको जोर लगाकर शिशु को बाहर निकालने में एक घंटे तक का समय लग सकता है, मगर अक्सर इसमें केवल पांच से 10 मिनट लगते हैं।

वजन ज्यादा होना
कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि यदि आपका वजन बहुत ज्यादा है तो जोर लगाना शुरू करने से पहले प्रसव का शुरुआती चरण ज्यादा लंबा चल सकता है। वहीं कुछ अन्य का कहना है कि अगर आपका वजन सामान्य से काफी ज्यादा हो तो भी प्रसव की अवधि पर इसका बहुत कम या फिर बिल्कुल फर्क नहीं पड़ता।

हरेक गर्भावस्था और डिलीवरी अलग होती है। हालांकि, गर्भावस्था में उच्च बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) होने से प्रसव के दौरान कुछ जटिलताएं होने की संभावना बढ़ जाती है, जैसे:

प्रसव प्रेरित किया जाना।
उपकरणों की सहायता से प्रसव (फोरसेप्स या वैक्यूम डिलीवरी)।
एपिड्यूरल से जुड़ी मुश्किलें
आपातकालीन सी-सेक्शन।
आपके गर्भस्थ शिशु का वजन 4 किलो या उससे अधिक होना (मैक्रोसोमिया)। यह प्रसव को कठिन बना सकता है और नॉर्मल डिलीवरी के दौरान आपके बच्चे के कंधे अंदर फंस (शोल्डर डिस्टोशिया) सकते हैं।
जन्म के समय पेरिनियम क्षेत्र ज्यादा फटना।
प्रसव के बाद भारी रक्तस्राव (पोस्ट-पार्टम हेमरेज)।
आपकी टांग की गहरी नस में खून का थक्का (डीप वेन थ्रॉम्बोसिस या डीवीटी) या फेफड़े में खून का थक्का (पल्मनरी एम्बोलिज्म पीई) विकसित होना।

अगर आपका वजन बहुत ज्यादा है तो शायद प्रसव के दौरान चलना-फिरना आपके लिए ज्यादा मुश्किल हो सकता है। इस वजह से प्रसव आगे बढ़ने में परेशानी हो सकती है।

इनके अलावा, शिशु को जन्म देने में कितना समय लगेगा, यह कुछ अन्य कारकों पर भी निर्भर करता है, जैसे कि:

आपके संकुचनों की प्रबलता। यदि आपके संकुचन प्रबल हों, तो प्रसव शायद ज्यादा लंबा न चले।
आपकी ग्रीवा कितनी आसानी से खुलती है, इस बात का असर आपकी प्रसव की अवधि पर पड़ता है। जितनी जल्दी यह विस्फारित होगी, आपका प्रसव उतना ही कम अवधि का रहेगा।
प्रसव के दौरान की अवस्था और गतिविधि। एकदम सीधी अवस्था में रहने और चलने-फिरने से प्रसव में तेजी लाने में मदद मिल सकती है।
आपका प्रसव निय​त तिथि से कितनी पहले शुरु हुआ है। यदि शिशु का जन्म प्रीमैच्योर यानि समय से पहले हो रहा हो, तो प्रसव की प्रक्रिया अक्सर जल्दी पूरी हो जाती है।
आपने एपिड्यूरल लिया है या नहीं। एपिड्यूरल लेने से आपका प्रसव धीमा हो सकता है।
आपके शिशु की अवस्था। यदि शिशु का सिर नीचे की तरफ हो और चेहरा आपकी पीठ की तरफ हो, तो प्रसव शायद ज्यादा लंबा नहीं चलेगा।
आप कितनी शांत हैं। आरामपूर्वक रहने से भी प्रसव जल्दी पूरा होने में मदद मिलती है।
आपकी पहले भी एक या इससे ज्यादा नॉर्मल डिलीवरी हो चुकी हैं, और यह कितने समय पहले हुई थीं।

प्रसव प्रक्रिया की अवधि इस बात पर भी निर्भर कर सकती है कि आप प्रसव की शुरुआत होना कब से मानती हैं। कुछ महिलाएं प्रसव का शुरु होना एकदम शुरुआती चरण से मानती हैं, वहीं कुछ सक्रिय प्रसव की अवस्था के बाद से ही इसकी शुरुआत मानती हैं।

यदि आप अपनी दोस्तों से सुनें कि उनका प्रसव दो या तीन दिन तक चला, तो वे शायद प्रसव के शुरुआती चरण या लेटेंट फेज़ को भी इस अवधि में जोड़ रही हैं। हालांकि, इस चरण में काफी असहजता होता है, मगर यह सक्रिय चरण और दूसरे चरण के जैसा या उतना प्रबल नहीं होता।

आप फिल्मों और टीवी सीरियल में शायद ऐसा दिखाया जाता है कि गर्भवती महिला की पानी की थैली फट जाती है और तुरंत प्रबल संकुचन शुरु हो जाते हैं। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया जाता है और शिशु का जन्म हो जाता है। मगर वास्तविकता में यह सब इतनी जल्दी होना दुर्लभ ही है, खासकर यदि यह आपका पहला शिशु हो तो।

कभी-कभार, डिलीवरी बहुत जल्दी हो जाती है। यह तब अधिक संभव है जब आप पहले भी शिशु को जन्म दे चुकी हों। हमेशा अपनी अंदर की आवाज पर विश्वास करें। अपने शरीर के संकेतों पर ध्यान दें, ताकि आपको समय पर जरुरी मदद मिल सके।

कुछ शिशु बिल्कुल भी इंतजार करना नहीं चाहते और आपके अस्पताल पहुंचने से पहले ही दुनिया में उनका आगमन हो जाता है।

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