शरीर के अंदर की गंदगी कैसे साफ करें?HealthPlanet

Posted on Sat 10th Dec 2022 : 14:13

शरीर को करें अंदर से साफ :-

शरीर को डिटॉक्स करने के कई तरीके और उत्पाद बाजार में आए और कुछ पर सवाल भी उठे हैं, लेकिन नई रिसर्च के मुताबिक आधुनिक चिकित्सा के साथ ही परंपरागत सेहतमंद आहार भी दवा का काम करता है। कुछ दिनों की स्पेशल डिटॉक्स डाइट लेना या उपवास के रूप में अनियमित रूप से भूखे रहना डिटॉक्स का कारगर उपाय नहीं है। हेल्दी डाइट और योग सहित नियमित फिजिकल एक्सरसाइज जरूरी है। इसके पांच सबसे अच्छे तरीके हैं:

1. खान-पान में सब्जियां, फल, मेवे और बीज (अलसी, सूरजमुखी आदि)
2. तरल पदार्थो का सेवन करें
3. चीनी, प्रोसेस्ड और तली हुई
चीजें कम खाएं
4. शराब कम पिएं
5. सिगरेट से दूरी बनाएं

व्रत रखिए, डिटॉक्स कीजिए
अगर पेट को कुछ आराम मिले तो शरीर की ऊर्जा लौटती है। यही वजह है कि व्रत से डिटॉक्सिफिकेशन की परंपरा रही है। आधुनिक मेडिकल साइंस ने भी इसकी अहमियत को माना है। ‘व्रत से आप शरीर को एक अहम बदलाव का संकेत देते हैं। इसके बाद सेहतमंद भोजन आपके शरीर पर तेजी से अच्छा असर डालता है।’ आम लोग संतुलित आहार के साथ उपवास करें तो बेहतर है। उनके मुताबिक शुरुआत में ही पूरी तरह भूखा रहना जरूरी नहीं है। इसके पांच विकल्प हैं: (1) दिन भर सिर्फ फल, सब्जियां, मेवे और सीड्स खाना, (2) दिन में एक बार भोजन करना जिसमें सिर्फ फल और चावल से बनी चीजें शामिल होंे, (3) दिन भर सब्जियों के सूप या जूस पीना, (4) एक बार खिचड़ी या सलाद का सेवन और (5) दिन की शुरुआत में नाश्ते से पहले 16 घंटे भूखे रहना।

आयुर्वेदिक और यूनानी डिटॉक्स
आयुर्वेद हमेशा से डिटॉक्स पर जोर देता रहा है। इसलिए आयुर्वेद और नेचुरोपैथी के कई सेंटर इन दिनों डिटॉक्स पैकेज पेश कर रहे हैं। आयुर्वेदिक डिटॉक्स में डिटॉक्स फुट स्पा और बाथ भी शामिल हैं। केरल की मशहूर पंचकर्म पद्धति भी डिटॉक्स का ही एक रूप है। आयुर्वेदिक डिटॉक्स में विशेष तेलों से मसाज, स्टीम बाथ, औषधीय तेल को सिर पर गिराकर तनाव कम करना, एनीमा से पेट साफ करवाना, नस्यम के अंतर्गत नाक में दवा डालना और औषधि वाले द्रव से गरारे करना शामिल है। यूनानी चिकित्सा पद्घति के मुताबिक, शरीर को नुकसान देने वाले टॉक्सिंस से बचाना और लिवर को दुरुस्त करना डिटॉक्सिफिकेशन है।

नींद बड़ी जरूरी
शहरी जीवनशैली का तनाव, दफ्तर में लगातार काम का दबाव या देर रात टीवी देखने की आदत की वजह से थकान खत्म होने का नाम ही नहीं लेती। देर रात की बजाय जल्दी सो जाएं, तो यह शरीर के लिए बेहतर होगा। 7-8 घंटे की नींद शरीर से थकान और दर्द दूर कर देती है। सोते समय कमरे का तापमान संतुलित रहना चाहिए।

पसीना बहाओ, मसाज कराओ
पसीने से टॉक्सिंस निकल जाते हैं और शरीर में ऑक्सीजन की ज्यादा खपत होती है। जरूरत और क्षमता के मुताबिक आप जॉगिंग, तेजी से चलना या एरोबिक्स कर सकते हैं। योग करने वाले कपालभाति, योग मुद्रा, पवनमुक्तासन और मेडिटेशन कर सकते हैं। डेस्क जॉब करने वाले या कंप्यूटर पर काम करने वाले लोगों का शरीर लंबे समय तक एक ही मुद्रा में रहता है, ऐसे में मसाज और इसके बाद गरम पानी से नहाना फायदेमंद है। मसाज के लिए तेल का चुनाव अपनी त्वचा और शरीर की प्रकृति के हिसाब से करना चाहिए, तभी सही रहता है।

सावधानी भी बरतें
जो लोग बीमार हैं उन्हें डॉक्टर की देखरेख में ही डिटॉक्स डाइट या प्रोग्राम अपनाना चाहिए। अगर यह घरेलू नुस्खों पर आधारित हो तो भी इसके साथ चलने-फिरने, रस्सी कूदने, तैरने जैसी वर्जिश की भी सलाह दी जाती है। कई डिटॉक्स प्रोग्राम और प्रोडक्ट चलन में हैं और इन्हें अपनाते वक्त लिवर को कोई नुकसान न हो, इसका खास ध्यान रखें। लिवर डिटॉक्स के लिए शराब, तले पदार्थ, चीनी, रिफाइंड काबरेहाइड्रेट्स, प्रोसेस्ड फूड आदि से परहेज करना चाहिए। ज्यादा पानी पीना और हरी सब्जियां खाना अच्छा है।

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