शरीर में खून का थक्का जमने के क्या लक्षण होते हैं?HealthPlanet

Posted on Wed 14th Dec 2022 : 11:37

Blood Clotting Sign: बिना पता लगे आपकी नसों में जम रहा खून का थक्का, जा सकती है जान; हल्के में न लें ये 5 लक्षण

What cause the blood clots: खून का थक्का शरीर में उस समय बनने लगता है, जब आपके खून के कुछ हिस्से गाढ़े होकर एक जगह जमा होने लगते हैं। ऐसा किसी चोट लगने के कारण हो सकता है। कभी-कभी खून की नसों में खून का थक्का बनने लगता है जिसका कोई स्पष्ट कारण नहीं होता है।

शरीर में खून का थक्का (Blood Clotting) जमना जहां एक तरह सेहत के लिए फायदेमंद होता है। वहीं दूसरी तरह यह जानलेवा भी होता है। खून का थक्का अंग कट जाने या घाव हो जाने पर शरीर से ज्यादा खून को बहने से रोकता है। वहीं, यदि खून का थक्का शरीर में बनने लगे तो यह घातक साबित होता है।
सेंटर्स फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन के अनुसार, हर साल बॉडी में खून का थक्का जमने से कम से कम 100,000 लोगों की मौत होती है। यहां तक की कैंसर से पीड़ित लोगों में मृत्यु का यह एक प्रमुख कारण भी है।


किसी भी व्यक्ति को शरीर में खून जमने का खतरा हो सकता है। ऐसे में समय रहते इसके संकेतों को जानना मौत के खतरे को खत्म कर सकता है।
​खून का थक्का जमने से जा सकती है जान
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ब्लड क्लोटिंग एक साइलेंट किलर का काम करता है। जो कई तरह की गंभीर मेडिकल कंडीशन को पैदा कर सकती है। धूम्रपान, हाई ब्लड प्रेशर और कुछ दवाएं जैसे एस्ट्रोजन खून के जमने की जोखिम को कई गुना बढ़ा देते हैं। थक्कों के लक्षणों को जानने से पल्मोनरी एम्बोलिज्म या स्ट्रोक बनने से पहले आपकी जान बच सकती है।
​ब्लड क्लोटिंग बनने के लक्षण

खून के थक्के आमतौर पर पैरों में जमा होते हैं, जिससे ऑक्सीजन को आसपास के ऊतकों में अवरुद्ध होने लगती हैं। रक्त के थक्के कभी-कभी कोई विशेष संकेत नहीं देते जिसके वजह से इसपर किसी का ध्यान नहीं जा पाता हैं। रक्त के थक्के जो लक्षण पैदा नहीं करते हैं, विशेष रूप से खतरनाक होते हैं, क्योंकि इनका समय से इलाज नहीं हो पाता है। जो फेफड़ों या मस्तिष्क की गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकते हैं।
​ब्लड क्लोटिंग का संकेत- सांस फूलना


मध्यम से उच्च गतिविधि के बाद होने वाले थकान, पसीना, सांस की तकलीफ या चक्कर आना को आप आमतौर पर नजरअंदाज करते है। हालांकि, अगर ये लक्षण बने रहते हैं या आराम और हल्की गतिविधि के करने से भी होते हैं तो इन लक्षणों को इंग्नोर नहीं करना चाहिए। हो सकता है ये सभी लक्षण नसों में खून के बहाव में रूकावट का परिणाम हो।
​सूजन, दर्द, स्किन कलर में बदलाव है इशारा
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यदि रक्त के थक्के के संकेतों के बारे में अनिश्चित हैं, तो आप हाल ही में हुई चोट के कारण सूजे हुए या फीके पड़ चुके त्वचा के क्षेत्र को गलत तरीके से जिम्मेदार ठहरा सकते हैं या अपने पैर के हल्के रंग या तापमान में बदलाव को नज़रअंदाज कर सकते हैं। हालांकि, ये गहरी शिरा घनास्त्रता या रक्त के थक्के के संकेत हैं जो त्वचा के नीचे गहरे बन गए हैं और रक्त को स्वस्थ ऊतक में पहुंचने में अवरुद्ध पैदा कर रहे हैं। यदि आप किसी स्थानीय क्षेत्र में एकतरफा तेज दर्द, लालिमा, सूजन या गर्म त्वचा का अनुभव करते हैं, तो जल्द से जल्द चेक-अप कराएं।
​खून में थक्का बनने से होती है कमजोरी - मतली

वसायुक्त अपशिष्ट के वजह से दिमाग की नसों में ब्लड का थक्का बनने लगता है। यह सिर पर चोट लगने या शारीरिक चोट के कारण भी हो सकते हैं जिससे दिमाग पर गहरा असर होता है। चूंकि रक्त के थक्के ऑक्सीजन युक्त रक्त को मस्तिष्क के कुछ हिस्सों तक पहुंचने से रोकते हैं, जिसके वजह से आपको चक्कर आ सकते हैं, भ्रमित हो सकते हैं। इसके साथ ही देखने या बोलने में समस्या हो सकती है। मस्तिष्क में रक्त के थक्के सामान्य कमजोरी से लेकर दौरे तक, न्यूरोलॉजिकल मुद्दों की एक विस्तृत श्रृंखला का कारण बन सकते हैं। यदि आप कुछ भी असामान्य महसूस करते हैं, तो जल्द से जल्द डॉक्टर से संपर्क करें।

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