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खà¥à¤œà¤²à¥€ किसका संकेत हो सकता है?
खà¥à¤œà¤²à¥€ या पà¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¸ तà¥à¤µà¤šà¤¾ की à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, जिससे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ जगह पर सà¥à¤•à¥à¤°à¥ˆà¤šà¤¿à¤‚ग करने का à¤à¤• अनैचà¥à¤›à¤¿à¤• सेंसेशन होता है। यह किसी à¤à¥€ अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ सिसà¥à¤Ÿà¤®à¤¿à¤• डिसऑरà¥à¤¡à¤°à¥à¤¸ का संकेत हो सकता है जैसे कि डायबिटीज, लिवर डिजीज, मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² मायलोमा, तà¥à¤µà¤šà¤¾ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जैसे शà¥à¤·à¥à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾, à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾, सोरायसिस, नरà¥à¤µ डिसऑरà¥à¤¡à¤°à¥à¤¸ जैसे हरà¥à¤ªà¥€à¤œ ज़ोसà¥à¤Ÿà¤°, मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² सà¥à¤•ेलेरोसिस, साइकियाटà¥à¤°à¤¿à¤• डिसऑरà¥à¤¡à¤°à¥à¤¸ जैसे à¤à¤‚गà¥à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€ और डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ और जलन और साथ ही साथ à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤‚स à¤à¥€à¥¤
मà¥à¤à¥‡ रात में इतनी खà¥à¤œà¤²à¥€ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है?
रात में खà¥à¤œà¤²à¥€ बढ़ जाती है, जिसे आमतौर पर नोकà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¨à¤² पà¥à¤°à¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¤¸ के रूप में जाना जाता है। इसके लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक कारणों में तà¥à¤µà¤šà¤¾ के तापमान में वृदà¥à¤§à¤¿, साइटोकिनà¥à¤¸ के सà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ में वृदà¥à¤§à¤¿ और इस बीच कॉरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤‡à¤¡à¥à¤¸ के सà¥à¤°à¤¾à¤µ में कमी और रात में पानी की कमी में वृदà¥à¤§à¤¿ शामिल है। कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ जिनमें à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾, सोरायसिस आदि तà¥à¤µà¤šà¤¾ रोग शामिल हैं, à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾, लà¥à¤¯à¥‚केमिया, लिमà¥à¤«à¥‹à¤®à¤¾, लिवर रोग, डायबिटीज, मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² सà¥à¤•ेलेरोसिस, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ आदि à¤à¥€ जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° हैं।
किन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से तà¥à¤µà¤šà¤¾ में खà¥à¤œà¤²à¥€ होती है?
तà¥à¤µà¤šà¤¾ की à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का कारण बनने वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, खà¥à¤œà¤²à¥€ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° à¤à¤• सामानà¥à¤¯ कारक हैं। उनमें से कà¥à¤› में टमाटर, खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल, निकल यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥, मसाले, मूंगफली, अंडे, गेहूं, गाय का दूध, शेलफिश आदि शामिल हैं, जिसके सेवन से तà¥à¤µà¤šà¤¾ के विशेष जगह में चकतà¥à¤¤à¥‡ और खरोंच जैसे हलà¥à¤•े लकà¥à¤·à¤£ दिखाई देते हैं जिसके बाद उस जगह में डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ बिगड़ जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ तनाव से खà¥à¤œà¤²à¥€ हो सकती है?
खà¥à¤œà¤²à¥€ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° कई कारकों के अलावा, तनाव से à¤à¥€ खà¥à¤œà¤²à¥€ हो सकती है। à¤à¤‚गà¥à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€(चिंता) का à¤à¤• सिदà¥à¤§ संबंध है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह हमारे नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करती है, जिससे सेंसरी लकà¥à¤·à¤£ जैसे खà¥à¤œà¤²à¥€, जलन आदि का विकास होता है। यह मन की à¤à¤• नरà¥à¤µà¤¸ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लालिमा और उà¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ चकतà¥à¤¤à¥‡ का कारण बनती है।
खà¥à¤œà¤²à¥€ का इलाज कà¥à¤¯à¤¾ है?
खà¥à¤œà¤²à¥€ à¤à¤• अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ बीमारी या डिसऑरà¥à¤¡à¤° का à¤à¤• लकà¥à¤·à¤£ है जिसे हम सà¤à¥€ ने अपने जीवन में कà¤à¥€ न कà¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ किया है। यदि आप इसे अनà¥à¤à¤µ कर रहे हैं तो दूसरों को खà¥à¤œà¤²à¥€ का वरà¥à¤£à¤¨ करना बहà¥à¤¤ मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है। खà¥à¤œà¤²à¥€ की अनà¥à¤à¥‚ति हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में अलग-अलग हो सकती है, यह आमतौर पर तà¥à¤µà¤šà¤¾ में बहà¥à¤¤ असहजता का कारण बनती है। à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥€ महसूस हो सकता है कि तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर कà¥à¤› रेंग रहा है। खà¥à¤œà¤²à¥€ या तो आपके पूरे शरीर में हो सकती है या सिरà¥à¤« à¤à¤• जगह तक ही सीमित हो सकती है। खà¥à¤œà¤²à¥€ के लकà¥à¤·à¤£ आमतौर पर फटी तà¥à¤µà¤šà¤¾, शà¥à¤·à¥à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾, दाने, परतदार(फà¥à¤²à¥‡à¤•ी) तà¥à¤µà¤šà¤¾, परतदार(फà¥à¤²à¥‡à¤•ी) सà¥à¤•ैलà¥à¤ª, तà¥à¤µà¤šà¤¾ की लालिमा, तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर बमà¥à¤ªà¥à¤¸, छाले या तà¥à¤µà¤šà¤¾ के धबà¥à¤¬à¥‡ से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ होते हैं। कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ डरà¥à¤®à¤¾à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸, फंगल संकà¥à¤°à¤®à¤£, चिकन पॉकà¥à¤¸, तà¥à¤µà¤šà¤¾ का कैंसर, पितà¥à¤¤à¥€, कीड़े के काटने, किडनी की बीमारियों और लिवर रोगों जैसी कई अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के कारण खà¥à¤œà¤²à¥€ हो सकती है। वायरल रैशेज, यौन संचारित रोग, बवासीर, डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ हरà¥à¤ªà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤«à¥‹à¤°à¥à¤®à¤¿à¤¸ और कà¥à¤²à¥‹à¤¦à¤¿à¤‚ग à¤à¤•à¥à¤œà¤¿à¤®à¤¾ à¤à¥€ खà¥à¤œà¤²à¥€ के कà¥à¤› कारण हो सकते हैं।
कà¤à¥€-कà¤à¥€, शà¥à¤·à¥à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ के कारण होने वाली खà¥à¤œà¤²à¥€, सूरज के संपरà¥à¤• में, à¤à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और संकà¥à¤°à¤®à¤£ कà¥à¤› दवाओं के सेवन या लगाने से आसानी से ठीक हो सकते हैं। बाजार में बहà¥à¤¤ सारी खà¥à¤œà¤²à¥€-रोधी कà¥à¤°à¥€à¤® उपलबà¥à¤§ हैं जिनमें बेंज़ोकेन, डिपेनहाइडà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ (बेनाडà¥à¤°à¤¿à¤²), पà¥à¤°à¤¾à¤®à¥‰à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¨ (टà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥‹à¤²à¥‡à¤¨, कैलाडà¥à¤°à¤¿à¤²), फिनोल, मेनà¥à¤¥à¥‰à¤² और कपूर शामिल हैं। यदि आप खà¥à¤œà¤²à¥€ का अनà¥à¤à¤µ कर रहे हैं, तो जितना संà¤à¤µ हो सके अपनी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को खरोंचने से बचना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है, à¤à¤¸à¤¾ करने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ में वà¥à¤¯à¤µà¤§à¤¾à¤¨ हो सकता है और इसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो सकता है।
खà¥à¤œà¤²à¥€ का इलाज कैसे किया जाता है?
बहà¥à¤¤ से लोग खà¥à¤œà¤²à¥€ के लिठओवर-द-काउंटर दवाà¤à¤‚ खरीदकर खà¥à¤¦ का इलाज करने की कोशिश करते हैं। कà¤à¥€-कà¤à¥€ ये दवाà¤à¤‚ काम करती हैं, लेकिन अगर ये काम नहीं करती हैं और खà¥à¤œà¤²à¥€ तà¥à¤µà¤šà¤¾ के घावों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ है, तो तà¥à¤µà¤šà¤¾ विशेषजà¥à¤ž(डरà¥à¤®à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤²à¥‰à¤œà¤¿à¤¸à¥à¤Ÿ) से परामरà¥à¤¶ करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। कई बार मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• कारक à¤à¥€ खà¥à¤œà¤²à¥€ को टà¥à¤°à¤¿à¤—र कर सकते हैं जैसे à¤à¤‚गà¥à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€(चिंता) और तनाव। कà¥à¤› दवाओं के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होने वाली खà¥à¤œà¤²à¥€ को, इन दवाओं के उपयोग को सीमित करके ठीक किया जा सकता है। लोग खà¥à¤œà¤²à¥€ से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिठघरेलू उपचारों का à¤à¥€ उपयोग करते हैं जैसे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° पर ठंडा पानी लगाना, ठंडे पानी से नहाना, तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर आइस पैक का उपयोग करना आदि।
आमतौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° खà¥à¤œà¤²à¥€ को रोकने और उसका इलाज करने के लिठà¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ लिखते हैं। इसमें कà¥à¤²à¥‹à¤°-टà¥à¤°à¤¿à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¨ (कà¥à¤²à¥‹à¤°à¤«à¥‡à¤¨à¤¿à¤°à¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨), à¤à¤Ÿà¤¾à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤¸ (हाइडà¥à¤°à¥‹à¤•à¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤œà¤¼à¤¿à¤¨) और बेनाडà¥à¤°à¤¿à¤² (डिपेनहाइडà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨) शामिल हैं। यह दवा लोगों में उनींदापन पैदा करती है इसलिठकà¥à¤› डोज़ के बाद सो जाने से रोगियों को अपने शरीर को खरोंचने से रोकने में मदद मिलेगी, जिससे खà¥à¤œà¤²à¥€ के लकà¥à¤·à¤£ कम हो जाà¤à¤‚गे। हालाà¤à¤•ि कà¥à¤› à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ उपलबà¥à¤§ हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दूसरी पीढ़ी का à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ कहा जाता है, वे आपको नींद का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ नहीं कराते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इन दवाओं में सिडेटिव पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कम होता है। हालांकि, दूसरी पीढ़ी के à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ उपरोकà¥à¤¤ à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ की तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ नहीं हैं। आमतौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° इन दवाओं को पà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤•à¥à¤°à¤¾à¤‡à¤¬ करते हैं और डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही इनका सेवन करना चाहिà¤à¥¤
खà¥à¤œà¤²à¥€ के उपचार के लिठकौन योगà¥à¤¯ है? (उपचार कब किया जाता है?)
तीवà¥à¤° और अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ खà¥à¤œà¤²à¥€ से पीड़ित लोग à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ का उपयोग कर सकते हैं। खांसी और जà¥à¤•ाम के लकà¥à¤·à¤£ होने पर à¤à¥€ à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ का सेवन करना फायदेमंद होता है। चूंकि à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ में à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ विरोधी लकà¥à¤·à¤£ होते हैं, इसलिठजिन लोगों को धूल के कण, पालतू जानवरों की रूसी, रैगवीड और पराग से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, वे इस दवा का सेवन कर सकते हैं।
खà¥à¤œà¤²à¥€ के उपचार के लिठकौन योगà¥à¤¯ नहीं है?
यदि आप अनà¥à¤¯ दवाओं पर हैं, तो à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ इन दवाओं के साथ इंटरैकà¥à¤Ÿ कर सकते हैं और घातक साबित हो सकते हैं, इसलिठइनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खरीदने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। यदि आपको गà¥à¤²à¥‚कोमा, लीवर की बीमारी, किडनी की बीमारी, थायराइड की समसà¥à¤¯à¤¾, हृदय रोग, हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° और बढ़े हà¥à¤ पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿ की समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ का सेवन आपके शरीर के लिठहानिकारक हो सकता है। नरà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग और गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं को à¤à¥€ इस दवा से बचना चाहिà¤à¥¤
कà¥à¤¯à¤¾ कोई à¤à¥€ दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हैं?
à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ का पà¥à¤°à¤®à¥à¤– दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ उनींदापन है लेकिन इससे अनà¥à¤¯ दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ हो सकते हैं। इसमें शà¥à¤·à¥à¤• मà¥à¤à¤¹, चकà¥à¤•र आना, मतली, उलà¥à¤Ÿà¥€, मनोदशा, बेचैनी, पेशाब करने में कठिनाई, धà¥à¤‚धली दृषà¥à¤Ÿà¤¿ और à¤à¥à¤°à¤® शामिल हैं। à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ का अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में सेवन नहीं करना चाहिठया यह सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठघातक हो सकता है। à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ के सेवन से होने वाली उनींदापन से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने के लिà¤, आप इसे सोने से पहले ले सकते हैं ताकि यह आपके दैनिक कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में बाधा उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ न करे।
खà¥à¤œà¤²à¥€ के उपचार के बाद दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ के साथ इलाज करने के बाद, निवारक उपायों का पालन करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है ताकि खà¥à¤œà¤²à¥€ जलà¥à¤¦ ही दोबारा न हो। घर से बाहर निकलने से पहले सनसà¥à¤•à¥à¤°à¥€à¤¨ लोशन का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ खरोंच के कारण हà¥à¤ घाव और बमà¥à¤ªà¥à¤¸ से ठीक हो जाà¤à¤—ी। यह आपकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को संवेदनशील होने से à¤à¥€ रोकेगा जो अनà¥à¤¯à¤¥à¤¾ खà¥à¤œà¤²à¥€ को बढ़ावा देगा। चूंकि खà¥à¤œà¤²à¥€ किसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का à¤à¤• अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ कारण है, इसलिठयदि आपको कोई बीमारी या चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं जो खà¥à¤œà¤²à¥€ को टà¥à¤°à¤¿à¤—र करती हैं तो निवारक उपाय किठजाने चाहिà¤à¥¤ आपको जूà¤, कीड़े के काटने और यौन संचारित रोगों से बचाव के लिठसà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ और देखà¤à¤¾à¤² को बढ़ावा देना चाहिà¤à¥¤ यदि आप à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ लेने के बाद à¤à¥€ खà¥à¤œà¤²à¥€ का अनà¥à¤à¤µ करते हैं, तो यह à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° बीमारी का à¤à¤• अंतरà¥à¤¨à¤¿à¤¹à¤¿à¤¤ कारण हो सकता है, à¤à¤¸à¥‡ मामलों में, तà¥à¤°à¤‚त à¤à¤• चिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ करना अनिवारà¥à¤¯ है।
खà¥à¤œà¤²à¥€ के ठीक होने में कितना समय लगता है?
à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ लेने के बाद खà¥à¤œà¤²à¥€ कà¥à¤› दिनों में कम हो सकती है। टॉपिकल ऑइंटमेंट लगाने से à¤à¥€ खà¥à¤œà¤²à¥€ कà¥à¤› समय के लिठगायब हो सकती है। हालांकि, à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ के उपयोग से खà¥à¤œà¤²à¥€ को पूरी तरह से ठीक नहीं किया जा सकता है, à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में खà¥à¤œà¤²à¥€ की संवेदनशीलता को कम करने के लिठनिवारक उपाय किठजा सकते हैं।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में इलाज की कीमत कà¥à¤¯à¤¾ है?
कà¥à¤¯à¤¾ खà¥à¤œà¤²à¥€ के उपचार के परिणाम सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ हैं?
उपचार के परिणाम तब तक चलते हैं जब तक आप à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ का सेवन कर रहे हैं। इस दवा का उपयोग बंद करने के बाद आपको लंबे समय में फिर से खà¥à¤œà¤²à¥€ होने का खतरा हो सकता है। इसलिठयह उपचार सही मायने में सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ नहीं है।
खà¥à¤œà¤²à¥€ के उपचार के विकलà¥à¤ª कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
à¤à¤‚टीहिसà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤‡à¤¨ के अलावा, खà¥à¤œà¤²à¥€ के लिठअनà¥à¤¯ वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• उपचार à¤à¥€ हैं। इनमें कपूर, मेनà¥à¤¥à¥‰à¤² और फिनोल यà¥à¤•à¥à¤¤ सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ या कà¥à¤°à¥€à¤® शामिल हैं। हाइडà¥à¤°à¥‹à¤•ारà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¥‹à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ या कà¥à¤°à¥€à¤® को à¤à¥€ खà¥à¤œà¤²à¥€ कम करने वाला माना जाता है। यदि आवशà¥à¤¯à¤• हो तो टॉपिकल ऑइंटमेंट का à¤à¥€ उपयोग किया जा सकता है।
कौन से खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खà¥à¤œà¤²à¥€ को रोकने में मदद करते हैं?
ओमेगा -3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ तà¥à¤µà¤šà¤¾ के नीचे लिपिड के गठन में मदद करके खà¥à¤œà¤²à¥€ से लड़ने में मदद कर सकते हैं, जो इसकी नमी बनाठरखने के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है। इसलिà¤, वे तà¥à¤µà¤šà¤¾ को शà¥à¤·à¥à¤•ता से बचाते हैं, जो खà¥à¤œà¤²à¥€ का अंतिम कारण है। उन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में तैलीय मछली जैसे सैलà¥à¤®à¤¨, मैकेरल और हेरिंग, à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो, नारियल तेल, नट और बीज शामिल हैं।
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