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शारीरिक रोग
शरीर या चितà¥à¤¤ की वह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ जिसके कारण संतपà¥à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को दरà¥à¤¦, दà¥à¤·à¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, तनाव की अनà¥à¤à¥‚ति होती है, या जिनके संपरà¥à¤• में आने पर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ बीमारी का शिकार हो सकता है। कà¤à¥€ कà¤à¥€ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• रूप से इस शबà¥à¤¦ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— चोट, विकलांगता, सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®, संकà¥à¤°à¤®à¤£, लकà¥à¤·à¤£, विचलक वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° और संरचना à¤à¤µà¤‚ कारà¥à¤¯ की विशिषà¥à¤Ÿ विविधताओं के लिठà¤à¥€ किया जाता है, जबकि अनà¥à¤¯ संदरà¥à¤à¥‹à¤‚ में इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ विशेषणीय शà¥à¤°à¥‡à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में रखा जा सकता है। à¤à¤• रोगजन या संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• à¤à¤œà¥‡à¤‚ट à¤à¤• जैविक à¤à¤œà¥‡à¤‚ट है, जिसके कारण इसके परपोषी को रोग या बीमारी होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। यातà¥à¤°à¥€ वायरस à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ वायरस होता है, जो किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के अंदर आसानी से फ़ैल जाती है या बीमारी या रोग को कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाठबिना शरीर को संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ कर देती है। à¤à¥‹à¤œà¤¨ से होने वाली बीमारी या à¤à¥‹à¤œà¤¨ विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार की बीमारी है जो रोगजनक जीवाणà¥, जीव-विष, विषाणà¥, पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤‘न या परजीवी से संदूषित à¤à¥‹à¤œà¤¨ के उपà¤à¥‹à¤— के कारण होता है।
अनà¥à¤•ूलनीय पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
विकासपरक चिकितà¥à¤¸à¤¾à¤¶à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, बहà¥à¤¤ सी बीमारियां सीधे संकà¥à¤°à¤®à¤£ या शरीर की दà¥à¤·à¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण नहीं होती है, लेकिन यह à¤à¥€ शरीर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¤à¥à¤¤ à¤à¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। उदाहरण के लिà¤, बà¥à¤–ार जीवाणॠया विषाणॠसे सीधे नहीं होता है, बलà¥à¤•ि शरीर (पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ के रूप में उनकी उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पहचाने जाने के बाद) अपने आप को ठीक करने की कोशिश करता है और शरीर का तापमान बढ़ जाता है। विकासपरक दवा पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं के के सेट की पहचान करता है, जो रोग वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° की दशा में बà¥à¤–ार की फैलने में मदद करते हैं।[2][3][4] इनमें सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को परिà¤à¤¾à¤·à¤¿à¤¤ करने वाली बीमारियां जैसे आलस, हताशा, à¤à¥‚ख का अà¤à¤¾à¤µ, उनींदापन, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पीड़ा और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ केंदà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में अकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ शामिल हैं। बà¥à¤–ार सहित ये सà¤à¥€ मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• की उपज हैं, जो कि शीरà¥à¤· पर रह कर संपूरà¥à¤£ शरीर को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करता है। अतः, यह आवशà¥à¤¯à¤• नहीं है कि हमेशा ये संकà¥à¤°à¤®à¤£ (जैसे कि कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ या गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में देरी के दौरान कम बà¥à¤–ार) का साथ नहीं देते, खासकर तब, जब इनकी कीमत होती है जो इनके लाठको महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ साबित करती है। इंसानों में, à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारक विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है, जो लागत और लाठनिरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने वाले मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€, जब इसे कोई गलत जानकारी मिलती है, तो पà¥à¤²à¥‡à¤¸à¥€à¤¬à¥‹ की बीमारी में कमी को वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• कारण के रूप में सà¥à¤à¤¾à¤¯à¤¾ जाता है।[5]
मानसिक रोग
मà¥à¤–à¥à¤¯ लेख: मानसिक रोग
मानसिक बीमारी (या à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकलांगता, संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• शिथिलता) बीमारियों की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ का सामानà¥à¤¯ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• सà¥à¤¤à¤° है, जिसमें à¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• या à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• असà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾, वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• असंतà¥à¤²à¤¨ और/या संजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• शिथिलता या कà¥à¤·à¤¤à¤¿ शामिल हो सकती है। विशिषà¥à¤Ÿ बीमारी के नाम से जà¥à¤žà¤¾à¤¤ मानसिक बीमारियों में अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• हताशा, सामानà¥à¤¯à¥€à¤•ृत दà¥à¤·à¥à¤šà¤¿à¤¨à¥à¤¤à¤¾ विकार, खंडित मनसà¥à¤•ता और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अà¤à¤¾à¤µ अतिसकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ विकार जैसे कà¥à¤› नाम शामिल हैं। मानसिक बीमारी जैविक (जैसे संरचनातà¥à¤®à¤•, रासायनिक, या आनà¥à¤µà¤‚शिक) या मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• (जैसे मूल आघात या संघरà¥à¤·) हो सकता है। यह किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के कारà¥à¤¯ करने या विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ जाने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है और रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ में समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करता है। मानसिक बीमारी के अनà¥à¤¯ अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक नामों में "मानसिक विकार", "मनोरोग विकार", "मनोवैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• विकार", "मनोविकृति", "à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• विकलांगता", "à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚", या "वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾" शामिल हैं। पागलपन शबà¥à¤¦ का तकनीकी रूप से कानूनी शबà¥à¤¦ के रूप में उपयोग किया जाता है। मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• कà¥à¤·à¤¤à¤¿ से मानसिक कारà¥à¤¯ में कà¥à¤·à¤¤à¤¿ हो सकती है।
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के सामाजिक निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤•
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के सामाजिक निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤• लोगों के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने वाली सामाजिक सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं। बीमारियां आम तौर पर सामाजिक, आरà¥à¤¥à¤¿à¤•, राजनैतिक और परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£à¥€à¤¯ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से संबंधित होती हैं। सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के सामाजिक निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤•ों की पहचान कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठनों जैसे पबà¥à¤²à¤¿à¤• हेलà¥à¤¥ à¤à¤œà¥‡à¤‚सी ऑफ कनाडा और विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¤à¤¾ के सामूहिक और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने के लिठकी गई थी।
रोगों के कारक
मà¥à¤–à¥à¤¯ लेख: रोगजनक
रोग उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने वाले कारकों को रोगजनक (पैथोजन) कहते हैं जैसे- जीवाणà¥, विषाणॠ(वायरस), पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤œà¥‹à¤† , कवक, इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤ कà¥à¤› रोग आनà¥à¤µà¤‚शिक कारणों से à¤à¥€ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होते हैं।
रोगकारक निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित हैं-
(१) जैविक कारक :- विषाणà¥, जीवाणà¥, कवक, माइकोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥‹à¤œà¥‹à¤†, हैलà¥à¤®à¤¿à¤¨à¥à¤¥à¥€à¤œ तथा अनà¥à¤¯ जीव।
(२) पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की कमी :- पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, वसा, खनिज लवण à¤à¤µà¤‚ विटामिनों की कमी।
(३) à¤à¥Œà¤¤à¤• कारक :- सरà¥à¤¦à¥€, गरà¥à¤®à¥€, आरà¥à¤¦à¥à¤°à¤¤à¤¾, दबाव, विदà¥à¤¯à¥à¤¤ आघात, विकिरण, धà¥à¤µà¤¨à¤¿ आदि।
(४) यानà¥à¤¤à¥à¤°à¤¿à¤• कारक :- निरनà¥à¤¤à¤° अधिक समय घरà¥à¤·à¤£, चोट लगना, असà¥à¤¥à¤¿ टूटना, मोच आना आदि।
(५) रासायनिक कारक :- यूरिया तथा यूरिक अमà¥à¤², रासायनिक पà¥à¤°à¤¦à¥‚षक जैसे पारा, सीसा (लैड), ओजोन, कैडमियम, निकिल, कोबालà¥à¤Ÿ, आरà¥à¤¸à¥ˆà¤¨à¤¿à¤• आदि।
(६) पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की अधिकता :- अधिक à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने से, हारà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ के अधिक सà¥à¤°à¤¾à¤µà¤£ से, पà¥à¤°à¤¦à¥‚षकों की अधिकता से रोग उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होते हैं।
रोगों का वरà¥à¤—ीकरण
मà¥à¤–à¥à¤¯ लेख: रोगवरà¥à¤—ीकरणविजà¥à¤žà¤¾à¤¨
कारकों के अधार पर रोग 2 पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं - जैविक (biotic / जीवाणà¥à¤“ं से होने वाले रोग) तथा अजैविक (abiotic / निरà¥à¤œà¥€à¤µ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं से होने वाले रोग)
जैविक रोगकारक - कवक (फंगी), जीवाणॠ(बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾), विषाणॠ(वाइरस), माइकोपà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾
अजैविक कारक - ताप, आरà¥à¤¦à¥à¤°à¤¤à¤¾, नमी
उपचार
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ नरà¥à¤¸à¤¿à¤‚ग और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबदà¥à¤§ पेशेवरों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ सेवाओं के माधà¥à¤¯à¤® से रोकथाम, उपचार और बीमारी का पà¥à¤°à¤¬à¤‚धन, तथा मानसिक और शारीरिक रूप से सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ संरकà¥à¤·à¤£ है। à¤à¤¸à¥€ सेवाओं के वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¤¾à¤µà¤§à¤¾à¤¨ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का गठन कर सकते हैं। "सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा" शबà¥à¤¦ के लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ होने से पहले, अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¤¼à¥€-वकà¥à¤¤à¤¾ इसे चिकितà¥à¤¸à¤¾ या सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ से संदरà¥à¤à¤¿à¤¤ करते थे और बीमारी और रोग के उपचार à¤à¤µà¤‚ रोकथाम की बात करते थे। रोगी कोई à¤à¥€ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हो सकता है, जिसे चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨, देखà¤à¤¾à¤² या उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता हो। वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अधिकांशत बीमार या चोटगà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ होता है और चिकितà¥à¤¸à¤• या अनà¥à¤¯ चिकितà¥à¤¸à¤¾ पेशेवर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उसका उपचार किया जा रहा होता है, या उसे उपचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ उपà¤à¥‹à¤•à¥à¤¤à¤¾ या सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सेवा उपà¤à¥‹à¤•à¥à¤¤à¤¾ रोगी का à¤à¤• अनà¥à¤¯ नाम है, जिसका उपयोग सामानà¥à¤¯à¤¤à¤ƒ कà¥à¤› सरकारी à¤à¤œà¥‡à¤‚सियों, बीमा कंपनियों और/या रोगी समूहों में किया जाता है।
चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ आपातकाल चोटें या बीमारियां होती हैं, जिससे किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और जीवन पर ततà¥à¤•ाल खतरा हो मंडरा सकता है, जिसके लिठउसे किसी डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास या असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² जाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। आपातकालीन चिकितà¥à¤¸à¤¾ के चिकितà¥à¤¸à¤• की विशेषजà¥à¤žà¤¤à¤¾ में चिकितà¥à¤¸à¤¾ आपातसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ निपटान और रोगियों को पà¥à¤¨à¤ƒ होश में लाने के लिठतकनीक शामिल हैं। आपातकालीन विà¤à¤¾à¤— बीमारियों और चोटों के वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤®à¥à¤¬ के सथ रोगियों को आरंà¤à¤¿à¤• उपचार मà¥à¤¹à¥ˆà¤¯à¤¾ कराते हैं, इनमें से कà¥à¤› जीवन के लिठखतरा बन सकते हैं और इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ततà¥à¤•ाल धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है।
दवा à¤à¥‹à¤œà¤¨ या सजीवों के कारà¥à¤¯ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले उपकरणों से अलग à¤à¤• रासायनिक पदारà¥à¤¥ होता है। दवाओं का उपयोग बीमारी का इलाज करने में किया जा सकता है, या इनका उपयोग वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° और धारणा में पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¤‚रचनातà¥à¤®à¤• रूप से कमी लाने के लिठकिया जा सकता है। दवाओं का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ विशेष रूप से औषधीय कंपनियों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया जाता है और अकà¥à¤¸à¤° इनका पेटेंट कराया जाता है। वे दवा जिनका पेटेंट नहीं कराया गया होता है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सामानà¥à¤¯ दवा कहते हैं। कà¥à¤› दवाओं का दà¥à¤°à¥à¤ªà¤¯à¥‹à¤— किठजाने पर वह जीवित जीव की समसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पर बà¥à¤°à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकता है, जिससे गंà¤à¥€à¤° बीमारी या मृतà¥à¤¯à¥ हो सकती है। मूलतः यह जहर का à¤à¤• रूप है। जीव विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ के संदरà¥à¤ में, जहर वे पदारà¥à¤¥ होते हैं, जिसके सेवन से बीमारी हो सकती है।
चिकितà¥à¤¸à¤¾ उपचार के रूप में संपूरà¥à¤£ आराम दिन-रात बिसà¥à¤¤à¤° पर रहने का संदरà¥à¤ देता है। हालांकि असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤²à¥‹à¤‚ में अधिकांश रोगियों को असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के बिसà¥à¤¤à¤° पर रखा जाता है, फिर à¤à¥€ संपूरà¥à¤£ आराम घर में विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ अवधि के लिठकिठगठआराम को ही माना जाता है।
मानवीय वृदà¥à¤§à¤¿ पà¥à¤°à¥Œà¤¦à¥à¤¯à¥‹à¤—िकियों (HET) à¤à¤¸à¥€ तकनीक है, जिसका उपयोग केवल बीमारी और विकलांगता का इलाज करने के लिठही नहीं किया जाता है, बलà¥à¤•ि मानवीय कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¤“ं और विशेषताओं का विकास करने के लिठà¤à¥€ किया जाता है। औषध बीमारी या चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का उपचार या कम करने के लिठली जाने वाली लाइसेंसीकृत दà¥à¤µà¤¾ को कहते हैं। वà¥à¤¹à¥€à¤²à¤šà¥‡à¤¯à¤° à¤à¤• चलयमान उपकरण है, जो कि पहियों वाली à¤à¤• कà¥à¤°à¥à¤¸à¥€ होती है, जिसका उपयोग उन लोगों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ किया जाता है, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चलने में तकलीफ हो या जिनके लिठबीमारी या विकलांगता के कारण चल पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है।
आघात चिकितà¥à¤¸à¤¾ मनोरोग उपचार के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ से किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को शरीरवृतà¥à¤¤à¤¿à¤• अवसà¥à¤¥à¤¾ में आघात दिठजाने के सà¥à¤µà¤¿à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ और नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£ को कहा जाता है। विदà¥à¤¯à¥à¤¤ चिकितà¥à¤¸à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ हानि के उपचार और असामानà¥à¤¯ अजैवी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में विदà¥à¤¯à¥à¤¤ ऊरà¥à¤œà¤¾ का उपयोग करके किया जाता है।
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