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कान में कौन-कौन से रोग होते हैं? जानें इन रोगों के लकà¥à¤·à¤£, कारण और बचाव के टिपà¥à¤¸
कान में कई तरह के रोग हो सकते हैं। इसलिठइसमें होने वाली परेशानी को अनदेखा न करें। आइठजानते हैं कान में होने वाले रोगों के बारे में-
कान में कई तरह की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ होती हैं। यह समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आपको विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ रोगों की वजह से हो सकती हैं। कà¥à¤› लोगों में कान में दरà¥à¤¦, कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ और कान में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ कान की बीमारियों के साथ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है। वहीं, कà¥à¤› अनà¥à¤¯ लोगों में यह समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ धीरी-धीरे कान के रोगों में बदल सकती हैं। कान में किसी à¤à¥€ तरह की परेशानी आपके लिठचिंता का विषय हो सकती हैं। à¤à¤¸à¥‡ में कान का समय पर इलाज बहà¥à¤¤ ही जरूरी होता है। कान की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ कई तरह के रोगों की वजह से हो सकती हैं। आज हम इस लेख में कान के रोगों के बारे में बताà¤à¤‚गे। आइठजानते हैं कान में कौन-कौन से रोग हो सकते हैं?
कान में कौन कौन से रोग होते हैं? (Types of Ear Disease)
कान का संकà¥à¤°à¤®à¤£ (Ear Infection)
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह होती है। यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ कान में या फिर ऊतकों के माधà¥à¤¯à¤® से कान के अंदर पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करता है। कान में संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने पर आपको खà¥à¤œà¤²à¥€, दरà¥à¤¦ और कान में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ महसूस हो सकता है।
कान में फोड़े
कान में फोड़े होने से à¤à¥€ आपको परेशानी हो सकती है। यह कनाल में उगने वाला फोड़ा है। यह अधिकतर जीवाणॠसंकà¥à¤°à¤®à¤£ की वजह से फैलता है। तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर होने वाली कà¥à¤·à¤¤à¤¿ की वजह से यह संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैलता है।
टिनिटस
कान में टिनिटस नामक रोग à¤à¥€ हो सकता है। इसकी वजह से आपको कान में सीटी बजने की आवाज आने लगती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में आपको शà¥à¤°à¤µà¤£ हानि à¤à¥€ हो सकती है।
कणकवता (ओटोमाइकोसिस)
ओटोमाइकोसिस à¤à¤• कवक की वजह से कान में यह रोग हो सकता है। यह बाहरी कान के कनाल में फैलने वाला संकà¥à¤°à¤®à¤£ है। इससे आपको कान में काफी दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ करना पड़ सकता है।
मेनियर रोग
कान में मेनियल नामक रोग à¤à¥€ हो सकता है। इसकी वजह से आपका कान बहने लगता है। इसके अलावा आपको कान बजना और चकà¥à¤•र आना जैसी परेशानी à¤à¥€ हो सकती है।
कान का कैंसर
कान का कैंसर अकà¥à¤¸à¤° बाहरी कान की सà¥à¤•िन पर फैलता है। यह कान के अंदर à¤à¥€ विकसित हो सकता है। हालांकि, यह बहà¥à¤¤ ही दà¥à¤°à¥à¤²à¤ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है। कान को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के कैंसर जैसे- कारà¥à¤¸à¤¿à¤¨à¥‹à¤®à¤¾ और मेलेनोमा पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकते हैं।
सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤°à¥à¤¸ ईयर
कान में पानी या फिर नमी की वजह से सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤°à¥à¤¸ ईयर की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। इसकी वजह से कान के बाहरी परत पर सूजन आ सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में कान में पानी जाने से रोके। ताकि आपको यह परेशानी न हो।
इन रोगों के अलावा कान में अनà¥à¤¯ रोग à¤à¥€ हो सकते हैं। जैसे-
दाब-अà¤à¤¿à¤˜à¤¾à¤¤ (Barotrauma)
वेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¬à¥à¤²à¤° नà¥à¤¯à¥‚राइटिस
पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤¬à¤¾à¤‡à¤•à¥à¤¯à¥‚सिस (Presbycusis)
कोलेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤Ÿà¥‹à¤®à¤¾ (Cholesteatoma)
कान के परà¥à¤¦à¥‡ में छेन होना।
बहरापन
कान में दरà¥à¤¦ होना (ओटेलजिया)
कान बंद होना इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤
कान के रोग के लकà¥à¤·à¤£ - Ear Disease Symptoms
विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कान के रोगों में कà¥à¤› हद तक लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ अलग-अलग हो सकते हैं। हालांकि, कान रोग में कई लकà¥à¤·à¤£ à¤à¤• समान होते हैं। जैसे-
कान में दरà¥à¤¦ होना
कान में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨ महसूस होना।
कान बजना
कान में खà¥à¤œà¤²à¥€ होना
कान लाल पड़ना
कान बहना
उलà¥à¤Ÿà¥€
वरà¥à¤Ÿà¤¿à¤—ो
कान में सूजन होना।
समसà¥à¤¯à¤¾ बढ़ने पर बà¥à¤–ार होना।
चकà¥à¤•र आना
कान में सीटी बजना
कान में गूंजना
बहरापन
कनाल में सूजन होना
कान की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर परत जमना इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤
कान के रोग के कारण ( Ear Disease Causes )
कान में रोग के कई कारण हो सकते हैं। जैसे-
जबड़े या साइनस के संकà¥à¤°à¤®à¤£
टॉनà¥à¤¸à¤¿à¤² होना
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• शोर शोर में होना
अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक कारण
कान में चोट लगना
कान के मधà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‡ में जीवाणॠया वायरस होना
सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम होना
फ़à¥à¤²à¥‚ होना
à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ बढ़ना
वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£
कान में पानी जाना इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¥¤
कान के रोगों से कैसे बचें ( Ear Disease Prevention)
कान में किसी à¤à¥€ तरह की समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से तà¥à¤°à¤‚त मिलें। अपना खà¥à¤¦ से इलाज न करें। हालांकि, अगर आप कान के रोगों से बचना चाहते हैं, तो कà¥à¤› बचाव के टिपà¥à¤¸ अपना सकते हैं। जैसे-
कान की खà¥à¤¦ से कà¤à¥€ à¤à¥€ सफाई न करें।
कॉटन बडà¥à¤¸ का बार-बार इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने से बचें।
कान में पानी न जानें दें।
कान में किसी à¤à¥€ चीज को डालने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूर लें।
ईयर पà¥à¤²à¤—à¥à¤¸ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
धà¥à¤µà¤¨à¤¿ पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण वाले वातावरण में जानें से बचें।
अपने कान में बार-बार उंगली न डालें।
कान में किसी à¤à¥€ तरह की परेशानी होने पर अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। कà¤à¥€ à¤à¥€ खà¥à¤¦ से इलाज न करें। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि आपकी जरा सी à¤à¥€ लापरवाही आपको बहरा बना सकती है। इसलिठकान के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लापरवाही न बरतें।
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