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Labour pain (in hindi) : लकà¥à¤·à¤£ और संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ के तरीके
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• महिला के लिठमाठबनना उनकी ज़िनà¥à¤¦à¤—ी का à¤à¤• अदà¥à¤à¥à¤¤ पहलॠहोता है और हर महिला चाहती है की उनका बचà¥à¤šà¤¾ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रहे| अधिकतर महिलाà¤à¤‚, जो नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी की इचà¥à¤›à¥à¤• होती है, अकà¥à¤¸à¤° पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा (labour pain in hindi) के विषय में à¤à¤¯à¤à¥€à¤¤ होती है| और कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ ही à¤à¤¯à¤à¥€à¤¤ थी तृपà¥à¤¤à¤¿, 28, जो पहली बार माठबनने की तैयारी में थी| तृपà¥à¤¤à¤¿ नॉरà¥à¤®à¤² डिलिवरी ही चाहती थी मगर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा का डर था| उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ संदेह था की शायद वह यह पीड़ा सहन नहीं कर पाà¤à¤‚गीं|
परंतॠतृपà¥à¤¤à¤¿ को कहीं न कहीं लगा कि यदि वह सही हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² और डॉकà¥à¤Ÿà¤° की निगरानी में पà¥à¤°à¤¸à¤µ के लिठतैयारी करें , तो शायद वह यह दरà¥à¤¦ सहन कर लेंगीं।
इसीलिठकाफ़ी पूछताछ के बाद वह आई सीताराम à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾ हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤², दकà¥à¤·à¤¿à¤£ दिलà¥à¤²à¥€ की जानी मानी Obstetrician- Gynecologist डॉ अनीता सà¤à¤°à¤µà¤¾à¤² आनंद के पास और पूछे उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने सारे सवाल|
कà¥à¤¯à¤¾ होती है पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा? (labour pain in hindi)
माठको बचà¥à¤šà¥‡ के जनà¥à¤® (नारà¥à¤®à¤² डिलीवरी) के दौरान बार बार होने वाला दरà¥à¤¦ या पीड़ा ही ‘पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा’ या ‘लेबर पेन‘(labour meaning in hindi) कहलाता है| कई महिलाओं के लिठयह दरà¥à¤¦ सामानà¥à¤¯ माहवारी दरà¥à¤¦ या उस से थोड़ा ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पीड़ा यà¥à¤•à¥à¤¤ होता है तो कई महिलाओं के लिठयह दरà¥à¤¦ असहनीय होता है|
यह सà¥à¤¨à¤•र तृपà¥à¤¤à¤¿ के मन में बहà¥à¤¤ सारे सवाल उठें | उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछे लेबर पेन के लकà¥à¤·à¤£|
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा के लकà¥à¤·à¤£ (Signs of Labour Pain)
लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ होने से पूरà¥à¤µ माठकà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£ अनà¥à¤à¤µ करती है जैसे:
समय समय पर आने वाले दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• संकà¥à¤šà¤¨ (contraction meaning in hindi) और पेट का खींचाव
‘शो’ : मà¥à¤¯à¥‚कस पà¥à¤²à¤— का निकलना
पेट और पीठमें दरà¥à¤¦
बार बार शौचालय जाने की तीवà¥à¤° इचà¥à¤›à¤¾
तरल पदारà¥à¤¥ का लगातार निरà¥à¤µà¤¾à¤¹ यानी पानी की थैली फटना
लेबर पेन किस महीने में आरंठहो सकता है ?
लेबर पेन (labour pain in hindi) का आà¤à¤¾à¤¸ नौवें महीने या 37वें से 40वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बीच कà¤à¥€ à¤à¥€ हो सकता है|
“कई बार आपको लेबर से पहले अनियमित, अलà¥à¤ªà¤¾à¤µà¤§à¤¿ संकà¥à¤šà¤¨ (short- term contractions) महसूस हो सकते है, जो लेबर पेन नहीं बलà¥à¤•ि नकली संकà¥à¤šà¤¨ (false labour pain in hindi) होता है| और इसमें घबराने की कोई बात नहीं होती| यह आपके शरीर का लेबर की तैयारी करने का संकेत होता है,†डॉ अनीता समà¤à¤¾à¤¤à¥€ है।
सारी जानकारी लेने के बाद तृपà¥à¤¤à¤¿ के मन में सवाल आता है की “कà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤¸à¤¾ संà¤à¤µ है की सही समय आने पर लेबर पेन हो ही ना? कà¥à¤¯à¤¾ इसका कोई उपाय नहीं?â€
लेबर पेन कैसे लाठ? (Labour pain kaise laye)
अकà¥à¤¸à¤° महिलाà¤à¤‚ ‘labour pain badhane ke upay’ पूछती है|
लेबर पेन का पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से आरंठहोना ही बेहतर है | कà¥à¤¯à¥‚ंकि यह कà¥à¤¦à¤°à¤¤à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, जितनी कम छेड़खानी करें उतना अचà¥à¤›à¤¾ है। लेबर पेन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ के सबसे आसान उपाय है
नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना और रोज़ 45 मिनट से 60 मिनट चलना
उचित मातà¥à¤°à¤¾ में पानी पीना और अपने खान पान पर गौर करना
अगर आप अपने सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखकर इन नियमो का पालन करते है तो आपकी पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा बिना किसी चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ दखल के शà¥à¤°à¥‚ हो सकती है |
How to start labour pain at home (in hindi)
अकà¥à¤¸à¤° माना जाता है की घी खाने से या castor oil पीने से लेबर पेन शà¥à¤°à¥‚ हो जाते है और संकà¥à¤šà¤¨ के दौरान कम दरà¥à¤¦ होता है |
“इन घरेलॠनà¥à¤¶à¥à¤–े में कोई सचà¥à¤šà¤¾à¤ˆ नहीं है। Castor oil से बलà¥à¤•ि दरà¥à¤¦ और डायरिया हो सकता है। घी खाने से वज़न बॠजाता है जिससे पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय पर दिकà¥à¤•त हो सकती है इसीलिठनियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® और तेज़ चलना ही बेहतर माना जाता है|â€
यदि उचित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के बाद à¤à¥€ आपकी डिलिवरी की तारीख तक पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा शà¥à¤°à¥‚ न हो तो कà¥à¤› मामलों में लेबर पà¥à¤°à¤µà¥ƒà¤¤ (induce meaning in hindi) किया जा सकता है | इसमें चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ रूप से लेबर पेन लाया जा सकता है| आपकी डॉकà¥à¤Ÿà¤° तय करेंगीं की आपकी सà¥à¤¤à¤¿à¤¥à¤¿ में induction of labour कराना ठीक है या नहीं।
तृपà¥à¤¤à¤¿ यह जानकार संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ हà¥à¤ˆ कि डॉ अनीता कोई अनावशà¥à¤¯à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ नहीं देती|
उनका अगला सवाल पीड़ा को सहन करने से संà¤à¤‚धित था |
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा का सामना कैसे किया जा सकता है ?
डॉ अनीता ने कहा, “ सही तैयारी के साथ 90% महिलाà¤à¤ पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा का सामना कर लेती है। “
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने फ़िर बताठकà¥à¤› आसान तरकीब:
Antenatal class में à¤à¤¾à¤— लेना: †Antenatal class आपको और आपके पति को आने वाले शिशॠके लिठमानसिक और शारीरिक रूप से तैयार करती है| इन classes में आपको कई à¤à¤¸à¥€ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® बताई जायेंगीं जो पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा कम करने में मदद करेंगी|â€
अपना Birthing partner का चयन करना: ज़रूरी है कि आप à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ birthing partner को चà¥à¤¨à¥‡ जो पà¥à¤°à¤¸à¤µ पीड़ा के दौरान न केवल आपको पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें बलà¥à¤•ि आपको वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने में à¤à¥€ मदद करें। आपको अपने birthing partner के साथ antenatal class में हिसà¥à¤¸à¤¾ लेना चाहिà¤à¥¤ इस class में आपके partner को यह à¤à¥€ सिखाया जाà¤à¤—ा कि आपको पà¥à¤°à¤¸à¤µ के समय कैसे मालिश करना चाहिठताकि आपको आराम मिलें।
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