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होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ में लकवा का इलाज - Homeopathy Mein Lakwa Ka Ilaj in Hindi
लकवा à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही घातक बीमारी हैं, यह जानलेवा बीमारी तो नहीं लेकिन पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपनी à¤à¤• या उससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मांसपेशियों को हिलाने में असमरà¥à¤¥ हो जाता है. यह आपके शरीर को गतिहीन बना देता है जिससे आपके दूसरे पर निरà¥à¤à¤°à¤¤à¤¾ बॠजाती है. लकवा मांसपेशियों में किसी कारण से नहीं होता है, बलà¥à¤•ि मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• से अंगों में मैसेज पहà¥à¤‚चाने वाली नरà¥à¤µ और सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होने की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में होता है. इसका मतलब है मांसपेशियों की गति समापà¥à¤¤ हो जाना और बॉडी के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में समनà¥à¤µà¤¯ खतà¥à¤® हो जाता है. जिस हिसà¥à¤¸à¥‡ में लकवा मारता है जैसे हाथ, पैर और चेहरा आदि उन विशेष अंगों की मांसपेशियों में गति के साथ संवेदना समापà¥à¤¤ हो जाता है. जिससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को गरà¥à¤®, ठंडक, या दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ नहीं होता है. होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ में लकवा का इलाज बहà¥à¤¤ ही पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ तरीकें से किया जाता है. हालाà¤à¤•ि, यदि सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ गंà¤à¥€à¤° हो तो अपको हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² में à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤Ÿ होना à¤à¥€ पड़ सकता है.
लकवा को मेडिकल à¤à¤¾à¤·à¤¾ में पैरालिसिस के नाम से जाना जाता है. इसके अलावा सामानà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ में पकà¥à¤·à¤¾à¤˜à¤¾à¤¤, फालिज, कमà¥à¤ªà¤µà¤¾à¤¯à¥ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है.
लकवा मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से निमà¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार का हो सकता है.
इसके पà¥à¤°à¤•ार को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अंग के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया गया है.
मोनोपà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾: इसमें बॉडी का à¤à¤• हाथ पर पैर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है.
डिपà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾: इस पà¥à¤°à¤•ार में बॉडी के दोनों हाथ या पैर में लकवा मार सकता हैं.
पैरापà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾: इसमें बॉडी के दोनों धड़ को लकवा मार सकता है.
हेमिपà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾: इसमें बॉडी के à¤à¤• तरफ के अंग पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो जाते है.
कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾: इसमें धड़ और चारों हाथ और पैर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकते हैं.
लकवा के निदान रोगी के लकà¥à¤·à¤£, शारीरिक परिकà¥à¤·à¤£ और अनà¥à¤¯ टेसà¥à¤Ÿ आदि के आधार पर किया जाता है. अगर किसी पीड़ित में लकवा सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ हो चूका है तो उसका टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट नहीं किया जा सकता है, लेकिन कà¥à¤› डिवाइस की मदद से रोगी के जीवन को जितना हो सके सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• बनाने की कोशिश की जाती है. होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ में लकवा का इलाज à¤à¥€ संà¤à¤µ है, बस इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें की किसी अचà¥à¤›à¥‡ होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने दवा निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ की हो.
लकवा के लकà¥à¤·à¤£ - Symptoms of Paralysis in Hindi
आमतौर पर लकवा के लकà¥à¤·à¤£ आसानी से पहचाने जा सकते है. इसमें रोगी के कà¥à¤› विशिषà¥à¤Ÿ अंग या कोई बड़ा हिसà¥à¤¸à¤¾ कारà¥à¤¯ करने या महसूस होना बंद हो जाता है. इसके लकà¥à¤·à¤£ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित है:
चेतना की कमी
सà¥à¤¨à¥à¤¨ पड़ना
सिर में तेज दरà¥à¤¦ होना
सांस लेने में कठिनाई
मà¥à¤‚ह से लार गिरना
सोचने समà¤à¤¨à¥‡ या पढने या बोलने में कठिनाई
मूड या बिहेवियर में परिवरà¥à¤¤à¤¨
लकवा के कारण - Causes of Paralysis in Hindi
लकवा हमेशा सेंटà¥à¤°à¤² नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® जिसमे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤°à¤² कारà¥à¤¡ शामिल है में समसà¥à¤¯à¤¾ या पेरिफेरल नरà¥à¤µà¤¸ सिसà¥à¤Ÿà¤® में समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठजिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤° है के कारण होता है. इसके मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण निचे बताठगठहै.
सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• यह लकवा का मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण होता है. इस बीमारी में मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ हिसà¥à¤¸à¤¾ कारà¥à¤¯ करना बंद कर देता है. जिससे मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• को उचित संदेश पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ या à¤à¥‡à¤œà¥‡ नहीं जाते है. सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• में हाथ या पैर में लकवा होने की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होता है.
टà¥à¤¯à¥‚मर- मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• अथवा या सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कारà¥à¤¡ में विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के टà¥à¤¯à¥‚मर पाठजाते है जो वहां रह कर बà¥à¤²à¤¡ फà¥à¤²à¥‹ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर के लकवा पैदा करता है.
टà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¾- इंजरी के कारण अंदरूनी बà¥à¤²à¤¡ फà¥à¤²à¥‹ के कारण मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कारà¥à¤¡ में बà¥à¤²à¤¡ फà¥à¤²à¥‹ कम हो जाता है जिससे लकवा हो सकता है.
सेलिबà¥à¤°à¤² पैलà¥à¤¸à¤¿- यह नवजात के जनà¥à¤® के समय होता होती है जिसके कारण लकवा हो सकता है.
इसके अलावा अनà¥à¤¯ कारणों से à¤à¥€ लकवा हो सकते हैं:
पोलियो
पेरिफेरल नà¥à¤¯à¥‚रोपैथी
पारà¥à¤•िंसनà¥à¤¸ रोग
बोटूलिसà¥à¤®
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾ बिफिडा
मलà¥à¤Ÿà¥€à¤ªà¤² सà¥à¤•ेलरोसिस
गिलैन बैरे सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®
होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ में लकवा का इलाज - Paralysis Treatment in Homeopathy in Hindi
यदि लकवा लंबे समय बना रहता है तो बॉडी को गंà¤à¥€à¤° नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है, जिससे बॉडी मातà¥à¤° हडà¥à¤¡à¥€ बन कर रह जाता है. रोगी को देखने, सà¥à¤¨à¤¨à¥‡ और बोलने में असमरà¥à¤¥ हो जाता है.
à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में गंà¤à¥€à¤° लकवा रोगी को हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ करवाना पड़ता है. हालाà¤à¤•ि, होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ में लकवा का इलाज संà¤à¤µ है. होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• निदान में रोगी के शारीरिक, मानसिक और अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤—त रखते हà¥à¤ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट का चयन किया जाता है. इसके कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित है:
रस टाॅसà¥à¤•- यह दवा को बॉडी के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ में लकवा होने पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है. इसके अतिरिकà¥à¤¤ यदि लकवा गीला या नाम जगह पर रहने से हो तो इसका उपयोग कर सकते हैं. बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में होने वाले लकवे के लिठà¤à¥€ फायदेमंद होता है.
कà¥à¤°à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤•म- यह होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवा ठंड या सरà¥à¤¦à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के मौसम में लकवा का अटैक आने पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है. इसके अतिरिकà¥à¤¤, जीठया चेहरे पर अचानक पड़ने वाले लकवा में à¤à¥€ उपयोग साबित हो सकता है.
बेलाडोना- यह बॉडी की सीधी तरह का लकवा ठीक करता है.
जकà¥à¤¸à¤µà¥‹à¤®à¤¿à¤•ा- यह तब इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होता है जब बॉडी का निचला हिसà¥à¤¸à¤¾ लकवा से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो और अंग हिलाने में बहà¥à¤¤ जोर लगना पड़ता हो.
इसके अतिरकà¥à¤¤ अनà¥à¤¯ होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¤¿à¤• दवा में काॅसà¥à¤Ÿà¤¿à¤•म, जैलासिमियम, पलà¥à¤®à¥à¤¬à¤®, डलà¥à¤•ामारा, सलà¥à¤«à¤° नैटà¥à¤°à¤®à¤¯à¥‹à¤° इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ शामिल है.
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