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घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ का लिगामेंट कà¥à¤¯à¤¾ होता है - Ghutne Ka Ligament Kya Hota Hai?
लिगामेंटà¥à¤¸, शरीर में घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ की सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ को बनाठरखने में सहायक होते हैं. हमारे शरीर में कà¥à¤² चार तरह के लिगामेंट मौजूद होते हैं. इनमें से दो कोलेटरल लिगामेंटà¥à¤¸ और दो कà¥à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤à¤Ÿ लिगामेंटà¥à¤¸ के रूप में पाठजाते हैं. कोलेटरल लिगामेंटà¥à¤¸ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के अंदर होते हैं तो वहीं लेटरल कोलेटरल लिगामेंटà¥à¤¸ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बाहर मौजूद होता है. ये दोनों लिगामेंटà¥à¤¸ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को अनियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ मूवमेंट करने से मदद करता है. कà¥à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤à¤Ÿ घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के à¤à¥€à¤¤à¤° पायें जाते हैं. à¤à¤‚टीरियर कà¥à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤à¤Ÿ लिगामेंट और पोसà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤° कà¥à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤à¤Ÿ लिगामेंट घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के आगे और निचे की तरफ होता है. इस लिगामेंट की मदद से घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ आगे और पीछे मूवमेंट करने में सकà¥à¤·à¤® होते हैं.
लीगमेंट में चोट लगने मतलब-
अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤¸à¤¾ होता है कि जब किसी दà¥à¤°à¥à¤˜à¤Ÿà¤¨à¤¾ के दौरान किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के चोटिल होने पर हडà¥à¤¡à¥€ तो नहीं टूटती है, लेकिन उस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर काफी चोट पहà¥à¤‚चती है. लिगामेंट टूटने के कारण कई लोग à¤à¥€à¤·à¤£ दरà¥à¤¦ की शिकायत करते हैं. जिसकी वजह से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चलने-फिरने में à¤à¥€ काफी समसà¥â€à¤¯à¤¾ होती है. लिगामेंट कई बार अचानक या फिर धीरे से गिर जाने की वजह से à¤à¥€ टूट जाते हैं. उस चोटिल हिसà¥à¤¸à¥‡ में सूजन और दरà¥à¤¦ के होने के साथ ही वह सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नीला पड़ जाता है, तो यह लिगामेंट के चोट का संकेत है. à¤à¤¸à¥‡ में यदि ये 3-4 दिन में ठीक न हो तो आपको बिना किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार की लापरवाही किठन करें. तीन-चार दिनों में यह ठीक नहीं हो, तो हडà¥à¤¡à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž से जरूर मिलें. पैर-हाथ के मà¥à¤šà¤•ने के कारण à¤à¥€ लिंगामेंट की चोट आ सकती है. इसे कà¤à¥€ à¤à¥€ अनदेखा न करें.
घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ के लीगमेंट में चोट का उपचार-
हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को जोड़ने और मूवमेंट में लिगमेंट सहायक होता है, इसलिठजब à¤à¥€ किसी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में लिगमेंट पर अधिक दबाव पड़ता है तो लिगामेंट टूट जाते हैं. लिगामेंट कमजोर होने पर à¤à¥€ टूट सकते हैं. लिगमेंट को मजबूत बनाने में डाइट बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है. लिगमेंट इंजरी को ठीक करने के लिठपà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤° à¤à¥€ किया जाता है. इसके अलावा लिगामेंट इंजरी को निदान करने के लिठसरà¥à¤œà¤°à¥€ à¤à¥€ à¤à¤• माधà¥à¤¯à¤® है. यह लिगामेंट इंजरी के गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° किया जाता है. यह याद रखे की यदि लिंगामेंट में चोट लगती है, तो à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ को गरà¥à¤® सेंक या मालिश या फिर आइस का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² à¤à¥€ ना करें. चोट वाले जगह को आराम दें. कंधे तथा घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के लिगामेंट इंजरी को दूर करने के लिठअरà¥à¤¥à¥‹à¤¸à¥à¤•ॉपी विधि का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है.
कई बार लिगामेंटà¥à¤¸ का टूटना इतना दरà¥à¤¦à¤¨à¤¾à¤• होता है कि शरीर के अनà¥à¤¯ अंगों को मूवमेंट करने में à¤à¥€ परेशानी होती है. यह लकवा का कारण à¤à¥€ बन सकता है. घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ शरीर का बहà¥à¤¤ ही महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंग होते हैं, जिसे मजबूत बनाठरखना बहà¥à¤¤ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है. बà¥à¤¤à¥€ उमà¥à¤° के बढ़ने के साथ लिगामेंटà¥à¤¸ का देखà¤à¤¾à¤² à¤à¥€ बहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ हो जाता है. यदि आप लिगमेंट की उचित देखà¤à¤¾à¤² नहीं करते है तो मामूली चोट से à¤à¥€ लिगामेंटà¥à¤¸ टूट सकते हैं. लिगामेंटà¥à¤¸ टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट के लिठà¤à¤²à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€ और वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ दोनों ही बेहतर विकलà¥à¤ª है.
लीगमेंटà¥à¤¸ इंजरी से निपटने के लिठआजमाठये घरेलू डà¥à¤°à¤¿à¤‚क-
इस डà¥à¤°à¤¿à¤‚क को बनाने के लिठबादाम, अननास, ओटमील, शहद, संतरे का जूस और दालचीनी इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है. यह डà¥à¤°à¤¿à¤‚क आपको दरà¥à¤¦ से राहत और लिगामेंटà¥à¤¸ को मजबूत बनाने में मदद करती है. सअनना में पाठजाने वाला बà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤²à¤¿à¤¨ नामक à¤à¤‚जाइम दरà¥à¤¦ से राहत पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है. बà¥à¤°à¥‹à¤®à¥‡à¤²à¤¿à¤¨ में विटामिन सी और मैंगनीशियम à¤à¥€ होते है. ओटà¥à¤¸ में फाइबर और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ पà¥à¤°à¤šà¥à¤° मातà¥à¤°à¤¾ में होता है. दालचीनी कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और फाइबर का à¤à¤• बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है.
बादाम में मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® 20%, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ 6 गà¥à¤°à¤¾à¤®, फैट 14 गà¥à¤°à¤¾à¤®, फाइबर 3.5 गà¥à¤°à¤¾à¤®, विटामिन ई 37% और मैगनीज32% की मातà¥à¤°à¤¾ होती है. इसके अलावा कॉपर,फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ और विटामिन बी2 à¤à¥€ होता है. मांसपेशियों और जोड़ों के दरà¥à¤¦ में के लिठसंतरा à¤à¥€ बहà¥à¤¤ फायदेमंद होता है. संतरा में à¤à¤‚टी-ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£ होते है.
आप 5 गà¥à¤°à¤¾à¤® दालचीनी के साथ à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ पानी लें. à¤à¤• गà¥à¤²à¤¾à¤¸ अनानास का जूस, à¤à¤• कप ओटमील और à¤à¤• कप संतरा लें. इसके अतिरिकà¥à¤¤ 20 गà¥à¤°à¤¾à¤® शहद और 20 गà¥à¤°à¤¾à¤® बादाम लें.
ओटमील को पकाठऔर à¤à¤• बरà¥à¤¤à¤¨ में रख दें. संतरे का जूस, बादाम, शहद और दालचीनी को बà¥à¤²à¥‡à¤‚ड करें और ओटमील मे मिशà¥à¤°à¤¤à¤¿ कर दें. अब अननास के जूस को मिलाकर सà¤à¥€ को à¤à¤• साथ बà¥à¤²à¥‡à¤‚ड कर दें. डà¥à¤°à¤¿à¤‚क पीने के लिठतैयार हो गयी है.
इस डà¥à¤°à¤¿à¤‚क का नियमित सेवन से आपको जलà¥à¤¦ ही फायदा दिखने लगेगा. इसके अलावा लिगमेंटà¥à¤¸ को मजबूत करने के लिठà¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ à¤à¥€ करना चाहिà¤.
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