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सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ कà¥à¤¯à¤¾ है?
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ à¤à¤• कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो गंà¤à¥€à¤° पीठदरà¥à¤¦ का कारण बनती है, नसों को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाती है और यहां तक कि अपकà¥à¤·à¤¯à¥€ नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ पैदा कर सकती है। सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के इलाज के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° शायद ही कà¤à¥€ सरà¥à¤œà¤°à¥€ का सहारा लेते हैं। लेकिन कà¥à¤› मामलों में, सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के लिठसà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² सरà¥à¤œà¤°à¥€ जरूरी हो जाती है। सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के कà¥à¤› लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• पीठदरà¥à¤¦, पैर में दरà¥à¤¦ और कà¥à¤› मामलों में चलने में कठिनाई शामिल है।
यदि उपचार के अनà¥à¤¯ तरीके जैसे इंजेकà¥à¤¶à¤¨, à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ और दवाà¤à¤‚ अपà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ साबित हà¥à¤ˆ हैं, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° सरà¥à¤œà¤°à¥€ का सà¥à¤à¤¾à¤µ देते है। सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के इलाज के लिठकई तरह की सरà¥à¤œà¤°à¥€ होती हैं। सरà¥à¤œà¤°à¥€ के दो मà¥à¤–à¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार डीकंपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¨ और सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ के लिठहैं। डीकंपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¨ विधि में उस ऊतक को हटाना शामिल है जो दरà¥à¤¦ पैदा कर रहा है जबकि सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ सरà¥à¤œà¤°à¥€ रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ को गति पर अधिक नियंतà¥à¤°à¤£ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने के लिठफà¥à¤¯à¥‚ज करती है।
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के उपचार के लिठउपलबà¥à¤§ सरà¥à¤œà¤°à¥€ पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं में शामिल हैं; लैमिनेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€, फेसेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€, फोरामिनोटॉमी, डिसà¥à¤•ेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ और कई अनà¥à¤¯à¥¤
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के उपचार में उपयोग की जाने वाली मà¥à¤–à¥à¤¯ सरà¥à¤œà¤°à¥€ को लैमिनेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ कहा जाता है। इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कॉलम को बड़ा करने के लिठरीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ से नसों और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को हटाना शामिल है। यह दबाव से राहत देता है और दरà¥à¤¦ को कम करने में à¤à¥€ मदद करता है।
लैमिनेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ लैमिना के कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‡ को हटाकर रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ से दबाव को कम करता है। लैमिना हडà¥à¤¡à¥€ की पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ है जो रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की नहर और नाल को ढकती है। सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ में, लैमिना रीढ़ के खिलाफ दबाव डाल सकता है, और इस दबाव से गंà¤à¥€à¤° दरà¥à¤¦ और अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ होते हैं।
सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस का कारण कà¥à¤¯à¤¾ है?
सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ के घिसने का मूल कारण अध: पतन (उमà¥à¤° बढ़ने) या टà¥à¤°à¥‰à¤®à¤¾ (रीढ़ को कोई बाहरी कà¥à¤·à¤¤à¤¿) है।
यह कशेरà¥à¤• के दो पहलू जोड़ों के बीच मौजूद सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• कारà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¥‡à¤œ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाता है जिससे नठसà¥à¤ªà¤°à¥à¤¸ बनते हैं। यह दोनों के बीच घरà¥à¤·à¤£ का कारण बनता है जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प कई जोड़ों से संबंधित विकार होते हैं, उनमें से à¤à¤• सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस है।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस गंà¤à¥€à¤° है?
नहीं, आम तौर पर लोग बूढ़े होने पर खà¥à¤¦ को पीठदरà¥à¤¦ और कमजोरी से पीड़ित पाते हैं। इस मामले में, यह दरà¥à¤¦ के कोई लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ नहीं दिखाता है लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह नहीं है। यदि अध: पतन का समय पर पता नहीं चलता है, तो यह गरà¥à¤¦à¤¨, पीठऔर सैकà¥à¤°à¤® जैसे अनà¥à¤¯ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में फैल सकता है, जिससे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के लिठचलना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो जाता है।
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ और सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस में कà¥à¤¯à¤¾ अंतर है?
दोनों हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के बीच महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंतर यह है कि वे हडà¥à¤¡à¥€ को नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाते हैं। सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ के मामले में, जोड़ों में सूजन का निदान किया जाता है। दूसरी ओर सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस के मामले में हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के अध: पतन (सामानà¥à¤¯ घिसने) का निदान किया जाता है।
दोनों चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ रोगी को à¤à¤• ही पà¥à¤°à¤•ार के लकà¥à¤·à¤£ पैदा करती हैं, इसलिठà¤à¤• आम आदमी के लिठयह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करना कठिन है कि यह कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ है या फूल गया है।
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ का इलाज कैसे किया जाता है?
लैमिनेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ पर की जाने वाली सबसे आम सरà¥à¤œà¤°à¥€ में से à¤à¤• है। यह à¤à¤• डीकंपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¨ सरà¥à¤œà¤°à¥€ है जो सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² कैनाल में जगह बनाने में मदद करती है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपको सरà¥à¤œà¤°à¥€ से पहले कà¥à¤› घंटों के लिठखाने या पीने से बचने के लिठकह सकते हैं।
लैमिनेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के लिà¤, सरà¥à¤œà¤¨ रोगी को सामानà¥à¤¯ à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ के साथ पà¥à¤°à¤¶à¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ करता है। यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करता है कि पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के दौरान रोगी बेहोश है और दरà¥à¤¦ महसूस नहीं करता है। सांस लेने वाली मशीन की मदद से मरीज सांस ले सकता है।
सबसे पहले, सरà¥à¤œà¤¨ रीढ़ को खोलने के लिठपीठमें à¤à¤• ओपनिंग करता है। सरà¥à¤œà¤¨ तब रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के कà¥à¤› हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ जैसे कशेरà¥à¤•ा, लैमिना और लिगामेंटà¥à¤¸ को हटा देता है जो रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के संपीड़न का कारण बनते है। à¤à¤• बार जब सरà¥à¤œà¤¨ सà¥à¤ªà¥‡à¤¸ बना लेता है, तो रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की नहर को बड़ा किया जाता है, जिससे डीकंपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¤¨ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकती है।
कà¥à¤› मामलों में, सरà¥à¤œà¤¨ को à¤à¤• हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ डिसà¥à¤• को हटाना पड़ सकता है या à¤à¤• विशेष पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤°à¥‹à¤ªà¤£ का उपयोग करके रीढ़ को à¤à¤• साथ जोड़ना पड़ सकता है। यह संलयन पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के सà¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥‡à¤¶à¤¨ को सकà¥à¤·à¤® बनाती है और नसों को बाहर निकलने के लिठरीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की ओपनिंग को चौड़ा करना शामिल है। हालांकि, यह केवल कà¥à¤› रोगियों के लिठआवशà¥à¤¯à¤• है।
à¤à¤• बार जब यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पूरी हो जाती है, तो सरà¥à¤œà¤¨ रीढ़ पर चीरा लगाता है और घाव को बंद कर देता है। जब सरà¥à¤œà¤°à¥€ खतà¥à¤® हो जाती है, तो à¤à¤¨à¥‡à¤¸à¥à¤¥à¥€à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ बंद कर दिया जाता है और शà¥à¤µà¤¾à¤¸ मशीन को हटा दिया जाता है।
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के उपचार के लिठकौन पातà¥à¤° है? (उपचार कब किया जाता है?)
लैमिनेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के लिठपातà¥à¤° लोगों में शामिल होते है:
जो लोग रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ के गठिया से पीड़ित हैं जो सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस का कारण बन सकते हैं।
जिन रोगियों के कशेरà¥à¤• में à¤à¤• हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ डिसà¥à¤• है।
जिन लोगों को पीठमें तेज दरà¥à¤¦ होता है और सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण चलने में कठिनाई होती है।
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के उपचार के लिठकौन पातà¥à¤° नहीं है?
जो लोग लैमिनेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ सरà¥à¤œà¤°à¥€ के लिठपातà¥à¤° नहीं हो सकते हैं वे हैं:
जो लोग मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ या उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª जैसी अनà¥à¤¯ गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से पीड़ित हैं; इसलिà¤, उनके लिठयह सलाह दी जाती है कि वे इस सरà¥à¤œà¤°à¥€ से तब तक न गà¥à¤œà¤°à¥‡à¤‚ जब तक कि यह बिलà¥à¤•à¥à¤² आवशà¥à¤¯à¤• न हो।
जो मरीज अधिक उमà¥à¤° के हैं वे इस सरà¥à¤œà¤°à¥€ के लिठयोगà¥à¤¯ नहीं हो सकते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इससे कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ जटिलताà¤à¤‚ हो सकती हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ कोई à¤à¥€ दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हैं?
कà¥à¤› सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ जटिलताà¤à¤‚ और जोखिम हैं जो लैमिनेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ जैसी रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की सरà¥à¤œà¤°à¥€ के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प हो सकते हैं। हालांकि, इनमें से कà¥à¤› दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ सà¤à¥€ रोगियों को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ नहीं कर सकते हैं। संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ इस पà¥à¤°à¤•ार हैं:
रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ और संकà¥à¤°à¤®à¤£
पेशाब करते समय परेशानी
पैर में नसों की सूजन
तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कà¥à¤·à¤¤à¤¿ और रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ की कà¥à¤·à¤¤à¤¿
हरà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ डिसà¥à¤•
दिल का दौरा या सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤•
कà¥à¤µà¤¾à¤¡à¥à¤°à¤¿à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ या पैरापलेजिया
हालत में सà¥à¤§à¤¾à¤° नहीं
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के उपचार के बाद दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद रोगी को कà¥à¤› दिशानिरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करना चाहिà¤à¥¤ सरà¥à¤œà¤°à¥€ के बाद, रोगी को 1 से 5 दिनों की अवधि के लिठनिगरानी में रखा जाता है। रोगी के जीवन की निगरानी की जाती है, और कोई सà¥à¤§à¤¾à¤° या गिरावट देखी जाती है।
रोगी को कà¥à¤› समय के लिठपीठऔर पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ होता है। इस दरà¥à¤¦ से राहत पाने के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° कà¥à¤› दवाà¤à¤‚ लिखते है। ये दवाà¤à¤‚ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤‚ग होती हैं। इसलिà¤, लैमिनेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ के बाद कà¥à¤› हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक वाहन चलाने, हवाई जहाज में यातà¥à¤°à¤¾ करने या बाइक चलाने जैसी कोई गतिविधि न करने की सलाह दी जाती है।
रोगी को चीरे के घाव को साफ रखना चाहिठऔर सरà¥à¤œà¤°à¥€ के दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद फॉलो-अप के लिठजाना चाहिà¤à¥¤ इसके बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° टांके हटा देते है।
सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस में किन चीजों से परहेज करना चाहिà¤?
सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस के दौरान किन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से बचना चाहिà¤:
वसा या कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² में उचà¥à¤š खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ - रेड मीट, पोलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ और डेयरी।
पà¥à¤°à¤¸à¤‚सà¥à¤•ृत खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥¤
अतिरिकà¥à¤¤ नमक।
शराब और तंबाकू।
सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस के दौरान बचने के लिठगतिविधियाà¤:
à¤à¤¾à¤°à¥€ वसà¥à¤¤à¥à¤“ं को उठाना।
बैठने, खड़े होने, चलने, सोने या चीजों को उठाने के लिठअनà¥à¤šà¤¿à¤¤ मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾à¥¤
दवा और वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® छोड़ना।
मोटापा।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨à¥¤
ये चीजें आपके शरीर को अधिक नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकती हैं जिससे हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का और अधिक पतन हो सकता है।
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के ठीक होने में कितना समय लगता है?
सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² सरà¥à¤œà¤°à¥€ के लिठरिकवरी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ धीमी है; बेहतर है कि धैरà¥à¤¯ रखें और अपने शरीर के ठीक होने की पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤•à¥à¤·à¤¾ करें। रिकवरी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में जलà¥à¤¦à¤¬à¤¾à¤œà¥€ करने से सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और खराब हो सकती है। पूरी तरह से ठीक होने में कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ या कई महीनों तक का समय à¤à¥€ लग सकता है। ऑपरेशन के तà¥à¤°à¤‚त बाद रोगी को कोई सà¥à¤§à¤¾à¤° महसूस नहीं हो सकता है। चीरे के घाव को ठीक होने में à¤à¤• या दो सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ का समय लगता है।
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के इलाज की कीमत कà¥à¤¯à¤¾ है?
à¤à¤¾à¤°à¤¤ में सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤² सरà¥à¤œà¤°à¥€ का इलाज बहà¥à¤¤ ससà¥à¤¤à¤¾ है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में लैमिनेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ सरà¥à¤œà¤°à¥€ की कीमत 5,500 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ से लेकर 10,000 रà¥à¤ªà¤¯à¥‡ तक होती है।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के उपचार के परिणाम सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ हैं?
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में, रोगी को कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• पीठदरà¥à¤¦ से राहत मिलती है। सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस के लकà¥à¤·à¤£ कम हो जाते हैं। हालाà¤à¤•ि, लकà¥à¤·à¤£ कà¥à¤› समय बाद फिर से पà¥à¤°à¤•ट हो सकते हैं। कà¥à¤› मामले à¤à¤¸à¥‡ होते हैं जिनमें सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में सà¥à¤§à¤¾à¤° नहीं होता है और यहां तक कि बिगड़ à¤à¥€ सकती है। उपचार के छह सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद ही परिणाम और सà¥à¤§à¤¾à¤° दिखाई देते हैं।
सà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¡à¤¿à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के उपचार के विकलà¥à¤ª कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
लैमिनेकà¥à¤Ÿà¥‰à¤®à¥€ की वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤‚ सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल लैमिनोपà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¥€, सरà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤•ल डिसà¥à¤• रिपà¥à¤²à¥‡à¤¸à¤®à¥‡à¤‚ट सरà¥à¤œà¤°à¥€ या लेजर सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨ सरà¥à¤œà¤°à¥€ हैं।
कà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस के लिठचलना अचà¥à¤›à¤¾ है?
हां, डिसà¥à¤• डिजनरेशन आपको हलà¥à¤•े शारीरिक वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® से नहीं रोकता है। फिटनेस वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ बनाठरखना शरीर के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है। चलना वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® के सबसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ और सबसे अधिक उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤• रूपों में से à¤à¤• है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें रीढ़ की हडà¥à¤¡à¥€ को किसी पà¥à¤°à¤•ार की कà¥à¤·à¤¤à¤¿ या दबाव शामिल नहीं है। दिन में 10-30 मिनट आपको सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और शारीरिक रूप से सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रख सकते हैं।
आप सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस में कैसे सोते हैं?
जब समगà¥à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की बात आती है तो नींद महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ होती है। अचà¥à¤›à¥€ तरह से आराम की नींद के बिना, वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ हर समय सà¥à¤¸à¥à¤¤ और बेचैन महसूस कर सकता है। सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस के दौरान, हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के बीच दरà¥à¤¦ और घरà¥à¤·à¤£ के कारण सोना मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो सकता है।
अचà¥à¤›à¥€ नींद के लिठअपने शरीर को या तो पीठया पेट पर सीधा रखें, सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आपके पैर को à¤à¤• मजबूत और आरामदायक गदà¥à¤¦à¥‡ पर न मोड़ें। उचित संरेखण के लिठà¤à¤• पतले तकिठका उपयोग करें, बिना तकिये के सोने या बड़े तकिठसे आपकी गरà¥à¤¦à¤¨ में खिचाव आ सकता है।
इसके अलावा, नीचे दिठगठटिपà¥à¤¸ हैं जिनका उपयोग आप बेहतर नींद के लिठकर सकते हैं:
सोने के समय वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® न करें, सà¥à¤¬à¤¹ जलà¥à¤¦à¥€ उठने से आपको बेहतर नींद लेने में मदद मिल सकती है।
अपने शरीर को वारà¥à¤®-अप करें, मांसपेशियों को शांत करने के लिठ20 मिनट तक गरà¥à¤® पानी से सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करें।
अपने कमरे को हवादार रखें, लेकिन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खà¥à¤²à¤¾ न रखें। सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि कमरे का तापमान आपके लिठउपयà¥à¤•à¥à¤¤ है, जो न जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ ठंडा हो, न जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤®à¥¤
किसी à¤à¥€ परदे या सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ को बंद कर जिससे सीधे सूरà¥à¤¯ का पà¥à¤°à¤•ाश आ रहा हो। रात में अंधेरा और शांति बनाठरखें।
यदि रोगी खरà¥à¤°à¤¾à¤Ÿà¥‡ ले रहा है, तो नींद विशेषजà¥à¤ž से सलाह अवशà¥à¤¯ लें, इससे सà¥à¤ªà¤¿à¤¨ को और अधिक नà¥à¤•सान हो सकता है।
सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस के लिठकौन सा खाना अचà¥à¤›à¤¾ है?
यहाठउन खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की सूची दी गई है जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप सà¥à¤ªà¥‹à¤‚डिलोसिस के मामले में खा सकते हैं:
à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को समृदà¥à¤§ करते हैं।
ओमेगा -3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ - सैलà¥à¤®à¤¨, हेरिंग, टà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤Ÿ, और à¤à¤‚कोवी, अलसी, कैनोला तेल और अखरोट।
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