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गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठबाबा रामदेव दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठगठ7 योगासन
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठयोगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठबाबा रामदेव दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठगठयोगासन
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 9 महीनों में à¤à¤• महिला का à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहना बहà¥à¤¤ जरूरी है। पर जब आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं तो आपको बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कठिन à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने की सलाह नहीं दी जाती है तो आपको कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤? इसमें हलà¥à¤•े योगासन आपकी मदद कर सकते हैं! यहाठपर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठबाबा रामदेव दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठहà¥à¤ 7 योगासन के बारे में चरà¥à¤šà¤¾ की गई है। आप हेलà¥à¤¦à¥€ रहने के लिठरोजाना निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित आसन कर सकती हैं, आइठजानें;
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठयोगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸
योग à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ का ही à¤à¤• à¤à¤¾à¤— है जिसे हर आयॠके लोग कर सकते हैं। योग शरीर और आतà¥à¤®à¤¾ को अनà¥à¤¶à¤¾à¤¸à¤¿à¤¤ करता है जिसकी जड़ें हमारे à¤à¤¾à¤°à¤¤ की पौराणिक परंपराओं में लिपà¥à¤¤ हैं। योग सिरà¥à¤« à¤à¤¾à¤°à¤¤ में ही नहीं बलà¥à¤•ि पूरे विशà¥à¤µ में लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ है इसलिठहम 21 जून को अंतरà¥à¤°à¤¾à¤·à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ योग दिवस मनाते हैं पर इसके अलावा लोगों ने योग को अपने जीवन का à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हिसà¥à¤¸à¤¾ बना लिया है और इसे अचà¥à¤›à¥€ सेहत का à¤à¤• मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण मानते हैं। गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में à¤à¥€ योग बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके बहà¥à¤¤ सारे फायदे हैं और कोई साइड इफेकà¥à¤Ÿ à¤à¥€ नहीं है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान महिलाà¤à¤‚ बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• होती हैं – इस समय कà¤à¥€ आप बहà¥à¤¤ खà¥à¤¶ होंगी तो कà¤à¥€ बिना किसी कारण के आपको जलà¥à¤¦à¥€ से रोना à¤à¥€ आ सकता है। यह सब हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤² बदलाव की वजह से होता है और इस समय आपको मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस, मतली, मानसिक थकान, मूड सà¥à¤µà¤¿à¤‚गà¥à¤¸ और शारीरिक रूप से थकान का अनà¥à¤à¤µ होता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही में पहà¥à¤à¤šà¤¤à¥‡ ही गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ का विकास तेजी से होने लगता है और इससे आपके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯, पीठऔर रीॠपर दबाव पड़ता है। इसलिठआप इस तिमाही में पीठमें दरà¥à¤¦, कà¥à¤°à¥ˆà¤‚पà¥à¤¸ और à¤à¥œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में सूजन के लिठतैयार रहें। यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ योग करने से यह दरà¥à¤¦ पूरी तरह खतà¥à¤® नहीं होता है पर यह दरà¥à¤¦ को काफी हद तक कम करने में आपकी मदद कर सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान योग करने से महिलाओं को अपने शारीरिक और à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• बदलावों को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद मिलती है।आमतौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में योग करने की सलाह देते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह शरीर के लिठबहà¥à¤¤ आरामदायक है और सौमà¥à¤¯à¤¤à¤¾ के साथ दरà¥à¤¦ को ठीक करने में मदद करता है। à¤à¤¸à¤¾ कहा गया है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कà¥à¤› योगासन करने से लेबर व डिलीवरी आसानी से होने में मदद मिलती है।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठबाबा रामदेव दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठगठयोगासन
बाबा रामदेव à¤à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ योग गà¥à¤°à¥ हैं जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने योग के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ लोगों के नजरिठको बदला है। योग गà¥à¤°à¥ बाबा रामदेव ने योग को इतना सरल बना दिया है कि इसे करना हमारे लिठसंà¤à¤µ है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤¨à¥‡ कई बार इस बात पर जोर डाला है गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठà¤à¥€ योग करना पूरी तरह से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है पर फिर à¤à¥€ इस विषय पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के कई सवाल होंगे। आप कोई à¤à¥€ शंका न रखें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आप कौन से आसन कर सकती हैं उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से 7 सरल योगासन यहाठबताठगठहैं, आइठजानें;
1. ताड़ासन (माउंटेन पोज)
ताड़ासन à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ योगासन है जिसे कोई à¤à¥€ कर सकता है। यह आसन आमतौर पर सà¥à¤¬à¤¹ के समय करना चाहिà¤à¥¤ वैसे तो इसे करने का कोई à¤à¥€ सखà¥à¤¤ नियम नहीं है पर यदि आप अनà¥à¤¯ योगासन करने के साथ इसे à¤à¥€ करती हैं तो आपको इसे खाली पेट ही करना चाहिà¤à¥¤ ताड़ासन (माउंटेन पोज)
कैसे करें:
आप पैरों को थोड़ा सा अलग रखकर सीधी खड़ी हो जाà¤à¤‚।
खड़े होते समय आपकी रीॠसीधी होनी चाहिà¤, आपके हाथ, शरीर के पास होने चाहिठऔर आपकी हथेली जांघों की ओर होनी चाहिà¤à¥¤
आप नमसà¥à¤•ार मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में अपने हाथों को जोड़ें।
गहरी सांस लें और अपनी रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ को ऊपर की ओर करते हà¥à¤ अपने हाथों को सिर के ऊपर ले जाà¤à¤‚।
आप अपनी पीठको सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करें और सिर को हलà¥à¤•ा सा पीछे की ओर ले जाà¤à¤‚ ताकि आप नमसà¥à¤•ार मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में जà¥à¥œà¥‡ हà¥à¤ हाथों की उंगलिओं को देख सकें।
आप इस पोजीशन में लगà¤à¤— 10-15 सेकणà¥à¤¡à¥à¤¸ तक रहें। अंत में आप धीरे-धीरे सांस छोड़ें और नॉरà¥à¤®à¤² मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में आ जाà¤à¤‚।
फायदे:
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठताड़ासन à¤à¤• सबसे अचà¥à¤›à¤¾ योग है। इस आसन को करने से बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ में सà¥à¤§à¤¾à¤° होता है, शरीर का पोसà¥à¤šà¤° ठीक होता है और जांघें व पैरों में मजबूती आती है। यह आसन पीठके दरà¥à¤¦ को à¤à¥€ कम करने में मदद करता है।
2. तà¥à¤°à¤¿à¤•ोणासन (टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤à¤‚गल पोज)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठतà¥à¤°à¤¿à¤•ोणासन à¤à¥€ à¤à¤• बेहतरीन योगासन है। यह आसन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पूरी अवधि में आपकी मदद करता है।
नोट: गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान तà¥à¤°à¤¿à¤•ोणासन करना बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ होता है और आप इसे दूसरी तिमाही में कर सकती हैं। यह आसन हिपà¥à¤¸ की मांसपेशियों ढीला करता है जिससे लेबर के दौरान आपको मदद मिलती है।
कैसे करें:
इस आसन को करने के लिठसबसे पहले आप जमीन पर सीधी खड़ी हो जाà¤à¤‚ और अपने दोनों पैरों को थोड़ी दूरी पर रखें।
आप अपने दाà¤à¤‚ पैर को 90 डिगà¥à¤°à¥€ पर रखें और बाà¤à¤‚ पैर को लगà¤à¤— 15 डिगà¥à¤°à¥€ के à¤à¤‚गल में रखें।
इस पोजीशन में आप अपने शरीर के वजन को बराबर से दोनों पैरों पर डालें और बाà¤à¤‚ हाथ को ऊपर की ओर सीधा उठाà¤à¤‚।
आप सिर को उठाते हà¥à¤ ऊपर की ओर देखें और आपके दोनों हाथ à¤à¤• सीध में रखें।
आप कà¥à¤› देर के लिठइस पोजीशन में रखें और साथ ही सांस लें व सांस छोड़ें।
अब आप दूसरे पैर से à¤à¥€ इस आसन को करें।
फायदे:
तà¥à¤°à¤¿à¤•ोणासन जांघों, घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚, à¤à¥œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚, हाथों और सीने को मजबूत बनाने में मदद करता है। इससे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पाचन में à¤à¥€ मदद मिलती है। यह आसन हिपà¥à¤¸, हैमसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤‚ग और गà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤¨ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š व ढीला करने में मदद करता है। आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद à¤à¥€ तà¥à¤°à¤¿à¤•ोणासन कर सकती हैं।
3. वीरà¤à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ (वॉरियर पोज)
शरीर के निचले हिसà¥à¤¸à¥‡ को मजबूत बनाने के लिठवीरà¤à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ à¤à¤• बेहतरीन योग है। वीरà¤à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ (वॉरियर पोज)
कैसे करें:
इसे करने के लिठआप सबसे पहले सीधी खड़ी हो जाà¤à¤‚ और अपने हाथों को शरीर के साइड में रखें व हथेलियों को जांघों की तरफ करें।
अब आप अपने पैरों को थोड़ा सा दूर करें।
आप अपने सीधे पैर के घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ को इस पà¥à¤°à¤•ार से मोड़ें कि आपका घà¥à¤Ÿà¤¨à¤¾ और à¤à¥œà¥€ सीधी à¤à¤• लाइन में रहे।
आप धीरे-धीरे अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करें और आपके दोनों हाथ नमसà¥à¤•ार मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ में होने चाहिà¤à¥¤
आप इस वॉरियर पोज को थोड़ी देर के लिठबनाठरखें और फिर नॉरà¥à¤®à¤² पोजीशन में आ जाà¤à¤‚।
आप इसे पोज को दूसरे पैर से à¤à¥€ दोहराà¤à¤‚।
फायदे:
वीरà¤à¤¦à¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¨ करने से पीठ, कंधे, कावà¥à¤¸, à¤à¥œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ और जांघें मजबूत होती हैं। यह शरीर के बैलेंस में सà¥à¤§à¤¾à¤° करता है और साथ ही सà¥à¤Ÿà¥‡à¤®à¤¿à¤¨à¤¾ à¤à¥€ बà¥à¤¾à¤¤à¤¾ है।
4. सà¥à¤–ासन (इजी पोज)
सà¥à¤–ासन मेडिटेशन का à¤à¤• पोज है और इसे सà¥à¤¬à¤¹ के समय में करना चाहिà¤à¥¤ शà¥à¤°à¥‚आत करने वालों के लिठयह योग सबसे बेसà¥à¤Ÿ है।सà¥à¤–ासन (इजी पोज)
कैसे करें:
पहले आप योगा मैट पर सामने की तरफ पैर फैलाकर सीधे बैठजाà¤à¤‚।
आप अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ को मोड़ते हà¥à¤ पालथी की अवसà¥à¤¥à¤¾ में आà¤à¤‚ और पैर के पंजों को घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के अंदर रहें।
हाथ की हथेलियों को आप अपने घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ में रखें।
आप ढृंढ बैठते हà¥à¤ अपनी रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ को सीधे रखें।
सामानà¥à¤¯ रूप से सांस लें और शरीर को आराम करने दें।
आप इस पोजीशन में लगà¤à¤— 10-15 मिनट तक रहें।
फायदे:
सà¥à¤–ासन पदà¥à¤®à¤¾à¤¸à¤¨ का à¤à¤• आसान विकà¥à¤²à¤ª है जिसे योगासन का à¤à¤• à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स रूप à¤à¥€ माना जाता है। यह आसन आपको शरीर और मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में आराम पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है, आपके घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ व à¤à¥œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š करता है और आपकी पीठको à¤à¥€ मजबूती पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
5. मारà¥à¤œà¤°à¥€ आसन (कैट-काऊ पोज)
मारà¥à¤œà¤°à¥€ आसन या कैट-काऊ पोज गà¤à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के पहले 6 महीनों में ही करना चाहिठऔर 6 महीनों के बाद आप यह आसन न करें। इस आसन से कंधे व कलाई को मजबूती मिलती है और यह बà¥à¤²à¤¡ सरà¥à¤•à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करता है। मारà¥à¤œà¤°à¥€ आसन (कैट-काऊ पोज)
कैसे करें:
सबसे पहले आप योगा मैट पर दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ व हथेलियों को टिकाà¤à¤‚ और आपकी पीठटेबल टॉप की पोजीशन में होनी चाहिà¤à¥¤
इस दौरान आपके दोनों घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बीच थोड़ा सा गैप, आपके हाथ परपेंडिकà¥à¤²à¤° पोजीशन में सीधे जमीन पर टिके होने चाहिठऔर आपकी हथेलियां मैट को छूनी चाहिà¤à¥¤
आप अपनी ठोड़ी को ऊपर करते हà¥à¤ धीरे-धीरे सांस लें और पीठको हलà¥à¤•ा सा टिलà¥à¤Ÿ करें। इसके साथ ही आप अपनी रीॠकी हडà¥à¤¡à¥€ को कॉनकेव अवसà¥à¤¥à¤¾ में लाने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में आप अपनी सांस को रोकें और फिर सांस छोड़ते हà¥à¤ अपने सिर व ठोà¥à¥€ को धीरे-धीरे नीचे करें। इस दौरान आप अपनी पीठका आरà¥à¤• शेप बनाà¤à¤‚।
आप à¤à¤• बार फिर से इस अवसà¥à¤¥à¤¾ में कà¥à¤› समय के लिठरहें और अंत में नॉरà¥à¤®à¤² पोजीशन में वापिस आà¤à¤‚।
फायदे:
मारà¥à¤œà¤°à¥€ आसन करने से पेट की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और यह आसन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शरीर को अधिक वजन बनाठरखने में मदद करता है।
6. उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ (फॉरवरà¥à¤¡ बेंड)
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान योग में उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ करना कठिन है पर आप इसमें थोड़ा सा बदलाव करके इसे आसानी और पूरी सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ के साथ कर सकती हैं। उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ (फॉरवरà¥à¤¡ बेंड)
कैसे करें:
सबसे पहले आप अपने दोनों पैरों को थोड़ा दूर रखकर सीधे खड़ी हो जाà¤à¤‚।
आप दोनों हाथों को साइड में रखें और हथेलियों को जांघों की ओर करें।
अब आप धीरे-धीरे सांस लें और अपने दोनों हाथों को सिर के ऊपर ले जाà¤à¤‚।
फिर आप सांस छोड़ें और धीरे-धीरे आगे की ओर मà¥à¥œà¥‡à¤‚।
आप अपने दोनों हाथों को पीठकी ओर रखते हà¥à¤ दोनों हथेलियों को नमसà¥à¤•ार की अवसà¥à¤¥à¤¾ में à¤à¤• साथ जोड़ लें।
आप इस पोजीशन में लगà¤à¤— 15-30 सेकंड तक रहें और फिर गहरी सांस लेते हà¥à¤ अपनी नॉरà¥à¤®à¤² अवसà¥à¤¥à¤¾ में वापिस आ जाà¤à¤‚।
आप इस आसन को 4-5 बार दोहराà¤à¤‚।
फायदे:
उतà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¤¾à¤¸à¤¨ करने से पीठदरà¥à¤¦ में आराम मिलता है। आमतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान इसे करने की सलाह नहीं दी जाती है और यदि आपको असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ होती है या शरीरिक बैलेंस को बनाठरखने में कठिनाई होती है तो आप यह आसन न करें।
7. शवासन (कॉरà¥à¤ªà¥à¤¸ पोज)
शवासन को योग सेशन के सबसे अंतिम चरण में करना चाहिà¤à¥¤ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पूरा वरà¥à¤•आउट करने के बाद आप अपने मन व शरीर को | शवासन | के माधà¥à¤¯à¤® से आराम दें। शवासन (कॉरà¥à¤ªà¥à¤¸ पोज)
कैसे करें:
इस आसन को करने के लिठआप योगा मैट पर पीठके बल लेट जाà¤à¤‚ और अपने दोनों पैरों को आरामदायक पोजीशन में अलग-अलग रखें। पहली तिमाही के बाद आप इस आसन को करवट से लेटकर à¤à¥€ कर सकती हैं।
आप अपनी आà¤à¤–ें बंद करें और अपने हाथों को शरीर के पास रखते हà¥à¤ हथेलियों को सीधा रखें।
आप गहरी सांस लें व छोड़ें और अपने शरीर को शांत करें।
आप इस पोजीशन को लगà¤à¤— 10-12 मिनट तक बनाठरखें और आपको ताजगी का अनà¥à¤à¤µ होगा।
आप आà¤à¤–ें बंद करे-करे बैठने की अवसà¥à¤¥à¤¾ में आà¤à¤‚।
अंत में आप अपने चेहरे को हथेली से ढकें और चेहरे को हलà¥à¤•े-हलà¥à¤•े मलें।
फायदे:
शवासन करने से शरीर और मन को आराम मिलता है। जैसा कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महिलाओं को बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ व à¤à¤‚गà¥à¤œà¤¾à¤¯à¤Ÿà¥€ होती है और यह आसन आपकी इन समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं को आसानी से खतà¥à¤® करने में मदद करता है।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले सवाल
1. कà¥à¤¯à¤¾ मैं गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पहली बार योग कर सकती हूà¤?
हाà¤, योग सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है और इससे आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को कोई à¤à¥€ हानि नहीं होती है। यहाठतक कि यदि आपने पहले कà¤à¥€ इसे नहीं किया है तो आप गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¥€ इसकी शà¥à¤°à¥‚आत कर सकती हैं। यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿, यदि आप योग पहली बार कर रही हैं तो शà¥à¤°à¥‚आत में आसान à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें और खà¥à¤¦ को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ न दें। आपके लिठकौन सा आसन सही है यह जानने के लिठआप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। यदि ऊपर बताई हà¥à¤ˆ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की पहली तिमाही के लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है तो आप इसे करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ कर सकती हैं।
2. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मà¥à¤à¥‡ योग कब करना चाहिà¤?
यदà¥à¤¯à¤ªà¤¿ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान योग करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है पर यदि आप इसे पहली बार कर रही हैं तो इसकी शà¥à¤°à¥‚आत दूसरी तिमाही में करें। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की दूसरी तिमाही में आपके शरीर में बहà¥à¤¤ सारे बदलाव होंगे और नियमित योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ करने से इसके पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ कम हो सकते हैं।
3. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में योग करने के लिठमà¥à¤à¥‡ कà¥à¤¯à¤¾ पहनना चाहिà¤?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान योग करते समय आप ढीले और सà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾à¤œà¤¨à¤• कपड़े पहनें। इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करते समय आपके कपड़े बाधक न बनें। इस समय आप à¤à¤¸à¥‡ कपड़े पहनें जिसमें आप आसानी से सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग कर सकें।
4. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में मैं योग का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ कब तक कर सकती हूà¤?
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की अंतिम तिमाही तक योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ किया जा सकता है।
5. गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बाद मैं योग करना कब शà¥à¤°à¥‚ कर सकती हूà¤?
यदि आपकी नॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी हà¥à¤ˆ है तो आपको बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग रà¥à¤•ने तक का इंतजार करना चाहिठऔर आप योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ जनà¥à¤® के 2-4 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद से कर सकती हैं। यदि आपकी सिजेरियन डिलीवरी हà¥à¤ˆ है तो आपको तब तक इंतजार करना होगा जब तक आपका शरीर पूरी तरह से ठीक न हो जाà¤à¥¤ आमतौर पर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के 6 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद आपको योगाà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ शà¥à¤°à¥‚ करना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ शà¥à¤°à¥‚ करने से पहले à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेना आपके लिठसà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होगा।
6. कà¥à¤¯à¤¾ मैं गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान वजन कम करने के लिठबाबा रामदेव दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठगठयोगासन कर सकती हूà¤?
नहीं, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान वजन कम करने के लिठआप योगासन नहीं कर सकती हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपको वजन कम करने के बजाय फिट रहना चाहिà¤à¥¤ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में महिलाओं को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रूप से वजन बà¥à¤¾à¤¨à¤¾ चाहिठताकि गरà¥à¤ में पल रहे बचà¥à¤šà¥‡ को पूरी तरह से पोषण मिलता रहे।
आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हो या नहीं पर आपके लिठयोग करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ हैं। पर यदि आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं और आप à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहना चाहती हैं तो आपको योग करना शà¥à¤°à¥‚ कर देना चाहिà¤à¥¤ कनà¥à¤«à¥à¤¯à¥‚ज बिलकà¥à¤² à¤à¥€ न हों, यदि आप चाहें तो à¤à¤• बार कनà¥à¤«à¤°à¥à¤® करने के लिठसलाह ले सकती हैं लेकिन गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठयोग करना सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान योग करने से आप पूरे नौ महीनों तक à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ रहती हैं। बाबा रामदेव दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठगठयोगासन की मदद से आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रूप से अपना वजन बà¥à¤¾ सकती हैं और इससे सिजेरियन डिलीवरी करवाने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ कम हो होती हैं। इसलिठनॉरà¥à¤®à¤² डिलीवरी के लिठआप बाबा रामदेव दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठहà¥à¤ योगासन जरूर करें।
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