योग में नियम क्या है?HealthPlanet

Posted on Tue 6th Dec 2022 : 16:25

नियम के पांच प्रकार जोकि निज से ही संबंधित है. इसमें ऐसे कर्मों के बारे में बताया गया है जो हमें खुद की शुद्धि के लिए करने होते हैं. नियम के पांच प्रकार हैं- शौच, संतोष, तप, स्वाध्याय और ईश्वर प्रणिधान.

यम : इसमें सत्य व अहिंसा का पालन करना, चोरी न करना, ब्रह्मचर्या का पालन व ज्यादा चीजों को इक्कठा करने से बचना शामिल है।
नियम : ईश्वर की उपासना, स्वाध्याय, तप, संतोष और शौच महत्वपूर्ण माने गए हैं।
आसन : स्थिर की अवस्था में बैठकर सुख की अनुभूति करने को आसन कहते हैं।
प्राणायाम : सांस की गति को धीरे-धीरे वश में करना प्राणायाम कहलाता है।
प्रत्याहार : इन्द्रियों को बाहरी विषयों से हटाकर आंतरिक विषयों में लगाने को प्रत्याहार कहते हैं।
धारणा : संसार की हर वस्तु को समान समझना धारणा कहलाता है।
ध्यान : मन की एकाग्रता।
समाधि : इस दौरान न व्यक्तिदेखता है, न सूंघता है, न सुनता है व न स्पर्श करता है।

लाभ हैं कई -
योग से मस्तिष्क शांत होता है जिससे तनाव कम होकर ब्लड प्रेशर, मोटापा और कोलेेस्ट्रॉल में कमी आती है। मांसपेशियां मजबूत होती हैं। नर्वस सिस्टम में सुधार होता है। शरीर की रोगों से लड़ने की ताकत में इजाफा होता है। जिससे आप बार-बार बीमार नहीं पड़ते।

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