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इस लेवल पर पहà¥à¤‚चकर यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ हो जाता है सबसे खतरनाक, समय रहते हो जाà¤à¤‚ सावधान
Uric Acid: इस लेवल पर पहà¥à¤‚चकर यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ हो जाता है सबसे खतरनाक, समय रहते हो जाà¤à¤‚ सावधान
Uric Acid: यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का लेवल ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ने से आपको कई गंà¤à¥€à¤° बीमारियां हो सकती हैं. इससे बचने के लिठआपको अपनी सेहत पर देना होगा ख़ास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
Uric Acid: यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ शरीर में बनने वाले टॉकà¥à¤¸à¤¿à¤¨ होते हैं, जिसे किडनी फिलà¥à¤Ÿà¤° करके बॉडी से बाहर निकाल देती है। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने पर शरीर के जॉइंटà¥à¤¸ में दरà¥à¤¦ होने लगता है. दरअसल, डाइट में पà¥à¤¯à¥‚रीन वाले फूडà¥à¤¸ का अधिक सेवन करने से, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ लेने से यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ जोड़ों में कà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤² के रूप में जमा होने लगता है। किडनी, शà¥à¤—र और बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की बीमारी होने से à¤à¥€ यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ तेजी से बढ़ता है। लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आप जानते हैं कि यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ सबसे ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरनाक सà¥à¤Ÿà¤¾à¤° कौन सा होता है? चलिठइस लेख के ज़रिठआपको बताते हैं कि लेवल पर पहà¥à¤‚चकर यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ हो जाता है सबसे खतरनाक।
कब होता है यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सà¥à¤¤à¤° खतरनाक
यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सà¥à¤¤à¤° कम और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का महिलाओं में नॉरà¥à¤®à¤² सà¥à¤¤à¤° 2.4 से 6.0 mg/dL होता है। पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ में 3.4 से 7.0 mg/dL होना चाहिà¤à¥¤ जब यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सà¥à¤¤à¤° 9.5 mg/dL तक पहà¥à¤‚च जाठतो ये शरीर के लिठबहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरनाक हो जाता है। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का लेवल बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने से किडनी फेलियर, किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨ और बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बढ़ने जैसी गंà¤à¥€à¤° बीमारियां हो सकती हैं। यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बढ़ने से हारà¥à¤Ÿ पर à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बढ़ता है और कà¥à¤› मामलों में हारà¥à¤Ÿ डिजीज हो सकता है।
यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बढ़ने पर बॉडी में होने वाली परेशानियां
बॉडी में यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ का सà¥à¤¤à¤° बà¥à¤¨à¥‡ से गठिया की बीमारी हो सकती है। इसकी वजह से शरीर के जोड़ों में दरà¥à¤¦ होने लगता है और चलने-फिरने में परेशानी होती है।
यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बढ़ने से हाथ पैरों में बहà¥à¤¤ ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦ दरà¥à¤¦ होता है। इंसान को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ थकान और कमजोरी होती है।
यूरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ बढ़ने पर पैर के अंगूठे में उसके लकà¥à¤·à¤£ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दिखते हैं। पैर का अंगूठे में बेहद दरà¥à¤¦ होता है।
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