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पस सेलà¥à¤¸ का पता लगाने के लिठयूरिन à¤à¤¨à¤¾à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¸ à¤à¤• महतà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ पà¥à¤°à¤•िया है
पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला जांच के मामले में, यूरिन à¤à¤¨à¤¾à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¸ चिकितà¥à¤¸à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ सलाह दी जाने वाली तीसरी पà¥à¤°à¤®à¥à¤– जांच है। यह à¤à¤¨à¤¾à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¸ आम तौर पर किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ में होने वाली सामानà¥à¤¯ और असामानà¥à¤¯ शारीरिक पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प यूरिन के माधà¥à¤¯à¤® से निकलने वाले विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ बायपà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¤¸ का पता लगाने और उनकी जांच करने के लिठकिया जाता है। यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ के लिठचिकितà¥à¤¸à¤• जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° इसकी सलाह देते हैं। इसके अलावा, यह इसलिठरिकमेंड किया जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह आसानी से कम समय में किया जा सकता है।
यूरिन डीटेलà¥à¤¡ रिपोरà¥à¤Ÿ, जिसे चिकितà¥à¤¸à¤•ों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ यूरिन डी/आर à¤à¥€ कहा जाता है, कई रोगों की जांच के लिठà¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ और पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• लैबोरेटà¥à¤°à¥€ इनà¥à¤µà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤—ेशन है। यूरिन डी/आर à¤à¥€ संदिगà¥à¤§ लोअर यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ लकà¥à¤·à¤£ (à¤à¤²à¤¯à¥‚टीà¤à¤¸) या उंडिगनोसेड फिबरायल बीमारियों वाले रोगियों के लिठà¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤°à¤‚à¤à¤¿à¤• और बेसिक à¤à¤¸à¥‡à¤¸à¤®à¥‡à¤‚ट है। यूरिन à¤à¤¨à¤¾à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¸ में पस सैलà¥à¤¸ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को पà¥à¤¯à¥‚रिया कहते हैं। पà¥à¤¯à¥‚रिया को बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¥‚रिया à¤à¥€ कहा जाता है। यह पà¥à¤¯à¥‚रिया या पस सेलà¥à¤¸ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ à¤à¤¸à¤¿à¤‚पà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• हो सकती है या यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ (यूटीआई) का संकेत दे सकती है। पà¥à¤¯à¥‚रिया को महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ माना जाता है यदि पस सैलà¥à¤¸ की संखà¥à¤¯à¤¾ हाय फीलà¥à¤¡ माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ यूरिन के à¤à¤• सेंटà¥à¤°à¥€à¤«à¥à¤¯à¥‚ज सैंपल में 4 से अधिक पाई जाती है। विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, पà¥à¤¯à¥‚रिया का लोअर यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ मे मिलना, यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इंफेकà¥à¤¶à¤¨ के रूप में देखा जाता है। à¤à¤• और दिलचसà¥à¤ª शबà¥à¤¦ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¤¾à¤‡à¤² पà¥à¤¯à¥‚रिया है, जो यूरिन कलà¥à¤šà¤° के बाद उसमें पस सैलà¥à¤¸ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को इंडिकेट करता है। चिकितà¥à¤¸à¤• अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला और डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• इंटरवेंशंस के संदरà¥à¤ में इस तरह के à¤à¤¨à¤¾à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¸ की जांच करते है।
यूरिन में पस सेलà¥à¤¸ की नारà¥à¤®à¤² रेंज
यूरिन मे पस सैलà¥à¤¸ की नारà¥à¤®à¤² रेंज 0-5 है। 8-10 पस सेलà¥à¤¸ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का संकेत देती है, जिसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° यूरिन टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनफेकà¥à¤¶à¤¨ (यूटीआई) के रूप में डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸ किया जाता है। चिकितà¥à¤¸à¤• à¤à¤• और सलाह देते हैं कि पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं का निरà¥à¤£à¤¯ लेने के लिठयूरिन का à¤à¤• कलà¥à¤šà¤° टेसà¥à¤Ÿ जी करवा लेना चाहिà¤à¥¤
यूरिन में पस सेलà¥à¤¸ और उसका वयसà¥à¤•ों में संकेत
वयसà¥à¤•ों में यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ में यूरिन पस सेलà¥à¤¸ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ ≥ 5 पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¤šà¤ªà¥€à¤à¤« (हाई पावर फीलà¥à¤¡ माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप) होना।
यूरिन में पस सेलà¥à¤¸ और उसका बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में संकेत
यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनफेकà¥à¤¶à¤¨ (यूटीआई) माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¥à¤¸ से होने वाला संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, यह सबसे अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ है जो चिकितà¥à¤¸à¤• यूरिन में पस सैलà¥à¤¸ से पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करते हैं। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मामले में, यदि बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥à¤¶à¤¨ का पता चलता है, तो चिकितà¥à¤¸à¤• तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का अधिक सेवन करने का सà¥à¤à¤¾à¤µ देते हैं। ये बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤¸à¥‡ जीव हैं जो माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप के बिना देखे जाने के लिठबहà¥à¤¤ छोटे हैं, इसलिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¤• हाई फीलà¥à¤¡ माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ देखा जाता है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° मामलों में, यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ इनफेकà¥à¤¶à¤¨ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होता है लेकिन फंगल और वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ देखे गठहैं। à¤à¤¸à¥‡ केसिस में चिकितà¥à¤¸à¤• à¤à¤‚टीबायोटिक लेने और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी पीने की सलाह देते हैं जोकि 3•5 ली/डे होता है।
यूरिन में पस सेलà¥à¤¸ और उसका गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में संकेत
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में यूरिनरी टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ में फिजियोलॉजिकल और à¤à¤¨à¤¾à¤Ÿà¥‰à¤®à¤¿à¤•ल परिवरà¥à¤¤à¤¨ होते हैं जिसके परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का विकास होता है जो सिंपà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• या à¤à¤¸à¤¿à¤‚पà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• हो सकते हैं। यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाता है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान गरà¥à¤ में à¤à¥à¤°à¥‚ण के कारण पà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ की मातà¥à¤°à¤¾ में शारीरिक वृदà¥à¤§à¤¿ यूरिन में कमी का कारण बन सकती है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में गà¥à¤²à¥‚कोसà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ यूरिन में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के विकास के महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारणों में से à¤à¤• है। à¤à¤¸à¤¿à¤‚पà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¥‚रिया, जिसे यूरिन और यूरिन कलà¥à¤šà¤° में 105 बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾/à¤à¤®à¤à¤² के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है, लेकिन कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते इसलिठउसे à¤à¤¸à¤¿à¤‚पà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• बोला जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में यूरिन में पस सैलà¥à¤¸ की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ यूटीआई को इंडिकेट करती है, और चिकितà¥à¤¸à¤• कà¥à¤²à¥€à¤¨à¤¿à¤•ल कॉनà¥à¤Ÿà¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ के बेसिस पर टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करते हैं।
यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाना चाहिठकि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में à¤à¤¸à¤¿à¤‚पà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¥‚रिया का वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¨ है। यह रेंज 1.6-86% के बीच होती है। यह अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ लगाया गया है कि लगà¤à¤— 30-40% गलत तरीके से डायगà¥à¤¨à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ और अनà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में à¤à¤¸à¤¿à¤‚पà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤• बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¥‚रिया होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंतिम चरण में तीवà¥à¤° पाइलोनेफà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ विकसित होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। पाइलोनेफà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान मां और बढ़ते à¤à¥à¤°à¥‚ण दोनों के लिठखतरनाक हो सकता है। इसलिà¤, चिकितà¥à¤¸à¤•ों के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¥‚रिया की शीघà¥à¤° जांच और उपचार के लिठनियमित यूरिन à¤à¤¨à¤¾à¤²à¤¿à¤¸à¤¿à¤¸ करें। à¤à¤²à¥‡ ही लकà¥à¤·à¤£ बने न रहें, यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में किसी à¤à¥€ जटिलता को दूर करने में मदद करेगा।
यूरिन में अनà¥à¤¯ रोग और पस सेलà¥à¤¸
यूटीआई के अलावा कà¥à¤› संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ के कारण पेशाब में पस सैलà¥à¤¸ दिखाई देने लगते हैं। इसमें टà¥à¤¯à¥‚बरकà¥à¤²à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸, ऑटोइमà¥à¤¯à¥‚न रोग, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारियां आदि शामिल हैं।
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