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पाल/ नसें हमारे शरीर में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ रखती हैं। ये शरीर में मौजूद सà¤à¥€ अंगों तक परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में रकà¥à¤¤ संचारण करती हैं। शरीर को वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¿à¤¤ और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ बनाठरखने में नसों का बड़ा योगदान है। लेकिन, कà¥à¤› कारणों के चलते हमारी नसें कमजोर पड़ जाती हैं, जो शारिरिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण बन जाती हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ ही नसों का दरà¥à¤¦ यानी नरà¥à¤µ पेन कहा जाता है।
कà¥à¤¯à¤¾ कहते हैं à¤à¤•à¥à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸
हेलà¥à¤¥ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, नरà¥à¤µ पेन या नà¥à¤¯à¥‚रॉलà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ किसी खास नस या नरà¥à¤µ में होता है। वहीं नà¥à¤¯à¥‚रॉलà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ में जलन, संवेदनहीनता या à¤à¤• से अधिक नरà¥à¤µ में खिचाव या दरà¥à¤¦ फैलने से होता है। नà¥à¤¯à¥‚रॉलà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾ के कारण शरीर की कई नसें पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हो सकती है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ में इसका बेहतर इलाज है। आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦ चिकितà¥à¤¸à¤• डॉ. जय पà¥à¤°à¤•ाश के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, नसों के दरà¥à¤¦ के कई कारण होते हैं। इनमें से कई कारण तो à¤à¤¸à¥‡ à¤à¥€ हैं, जिनके बारे में समय पर पता ही नहीं चल पाता।
कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है नरà¥à¤µ पेन
डॉ. जय पà¥à¤°à¤•ाश के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, नरà¥à¤µ पेन à¤à¤• बहà¥à¤¤ ही गंà¤à¥€à¤° और कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ है, जिसमें वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• समसà¥à¤¯à¤¾ समापà¥à¤¤ हो जाने के बाद à¤à¥€ दरà¥à¤¦ सà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ रूप से बना रहता है। नरà¥à¤µ पेन में दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ होने और रोग की पहचान होने में कà¥à¤› दिन से लेकर कà¥à¤› महीने लग सकते हैं। नरà¥à¤µ को थोड़ा सा à¤à¥€ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चने पर या पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ चोट ठीक हो जाने पर à¤à¥€ दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ हो सकता है। सबसे पहले जान लेते हैं नसों के दरà¥à¤¦ के मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण।
ये हैं मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण
डà¥à¤°à¤—à¥à¤¸, रसायनों के कारण परेशानी, कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• रिनल इनसफिशिà¤à¤‚शी, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹, संकà¥à¤°à¤®à¤£ जैसे-शिंगलà¥à¤¸, सिफलिस और लाइम डिजीज, पॉरफाइरिया, नजदीकी अंगों (टà¥à¤¯à¥‚मर या रकà¥à¤¤ नलिकाà¤à¤‚) से नरà¥à¤µ पर दबाव पड़ना, नरà¥à¤µ में सूजन या तकलीफ, नरà¥à¤µ के लिठखतरे या गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚(इसमें शलà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शामिल है) के अलावा कई बार तो अधिकतर मामलों में कारण का पता नहीं चलता।
इस वजह से नसें हो जाती हैं कमजोर
- यदि आपकी याददासà¥à¤¤ घटने लगे तो समठलीजिये की आपकी नसें कमजोर पड़ने लगी हैं।
- चकà¥à¤•र आना à¤à¥€ à¤à¤• संकेत है कि आपकी नसें कमज़ोर है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि रकà¥à¤¤ संचारित नही हो पा रहा।
- रकà¥à¤¤ जब शरीर में सही ढंग से नही सरà¥à¤•à¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤Ÿ होता तो आंखों के आगे उठने-बैठने के समय अंधेरा छाने लगता है।
- अपच होना à¤à¥€ à¤à¤• संकेत है।
- अनिदà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ दरà¥à¤¶à¤¾à¤¤à¤¾ है आपके नसों की कमज़ोरी।
- हदय-सà¥à¤ªà¤‚दन
- खून की कमी।
मिलने लगते हैं ये संकेत
-गहरी टेंडन रिफà¥à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤¸ में कमी या मांसपेशियों का कम होना।
-पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में पसीना कम निकलना। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि, पसीना निकलना à¤à¥€ नरà¥à¤µ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ ही नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ होता है।
-नरà¥à¤µ के पास सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ से दरà¥à¤¦ या सूजन महसूस होना।
-टà¥à¤°à¤¿à¤—र पà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚ट या à¤à¤¸à¥‡ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° जहां हलà¥à¤•े से छू देने से à¤à¥€ दरà¥à¤¦ शà¥à¤°à¥‚ हो जाà¤à¥¤
-दांतों की जांच, जिसमें फेशियल पेन को जनà¥à¤® देने वाली दांतों की समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ शामिल नहीं हैं(जैसे-दांतों में à¤à¤¬à¤¸à¥‡à¤¸ या फोड़े)।
-पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° के लाल हो जाने या सूजन आने जैसे-लकà¥à¤·à¤£, जिससे संकà¥à¤°à¤®à¤£, ह़डà¥à¤¡à¥€ टूटने या रयूमेटॉइड अरà¥à¤¥à¤¾à¤°à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ की पहचान में सहायता मिले।
इन बातों का रखें खास धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
- दबी हà¥à¤ˆ नस को दबाने या मोड़ने से बचें।
- यदि सूजन हो तो सूजन कम करने के लिठबरà¥à¤« और गरà¥à¤® चीज़ों से बारी-बारी से मसाज करें।
- दरà¥à¤¦ के समय जितना हो सके आराम करें।
- आराम पाने के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दबाव न डालें हलà¥à¤•ी मालिश ही करें।
- अधिक दरà¥à¤¦ होने पर चिकितà¥à¤¸à¤•ीय परामरà¥à¤¶ के साथ दरà¥à¤¦ निवारक दवा लें, अथवा अपनी मरà¥à¤œà¥€ से कोई à¤à¥€ दवा लेने से बचें।
नसों के दरà¥à¤¦ का घरेलू इलाज
-पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ का तेल
यदि आपके नसों में बहà¥à¤¤ दरà¥à¤¦ होता है, तो दरà¥à¤¦ से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में पà¥à¤¦à¥€à¤¨à¥‡ के तेल से मालिश करें। इससे आपको नसों के दरà¥à¤¦ से राहत मिलेगी।
-सरसो का तेल
सरसों के तेल से नसों के दरà¥à¤¦ से छà¥à¤Ÿà¤•रा पाया जा सकता है। सरसों के तेल को गरम करके इससे मालिश करे। à¤à¤¸à¤¾ करने से आपको निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ ही लाठहोगा।
-लेवेंडर का फूल
लेवेंडर का फूल तथा सà¥à¤‡à¤¯à¤¾ को नहाने के पानी में मिला कर नहाà¤à¤‚ ।
-वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
यदि आपकी नसों में बहà¥à¤¤ दरà¥à¤¦ होता है तो आपको नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करना चाहिठजिससे नसों को बहà¥à¤¤ लाठहोता है और इसमें पड़ी हà¥à¤ˆ गांठà¤à¥€ धीरे-धीरे ठीक हो जाती है।
-मसाज
नस में होने वाले दरà¥à¤¦ पर दबाव डालने से तनाव को मà¥à¤•à¥à¤¤ करने और दरà¥à¤¦ कम करने में मदद मिल सकती है। पूरे शरीर की मालिश करने से सà¤à¥€ मांसपेशियों की शिथिलता को बढाने में और साथ ही पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हिसà¥à¤¸à¥‡ को आराम देने में हेलà¥à¤ª मिलती हैं।
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