Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शिशà¥à¤“ं के कबà¥â€à¤œ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ à¤à¤• बहà¥à¤¤ की कॉमन समसà¥â€à¤¯à¤¾ है. यह समसà¥â€à¤¯à¤¾ उन बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखने को मिलती है जो मां का दूध नहीं पीते और पाउडर मिलà¥â€à¤• पर निरà¥à¤à¤° हैं. दरअसल बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ मिलà¥â€à¤• यानी मां के दूध को बचà¥â€à¤šà¥‡ आसानी से पचा लेते हैं और इससे पेट à¤à¥€ बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ का आसानी से साफ हो जाता है. à¤à¤¸à¥‡ में इन शिशà¥à¤“ं (Babies) में कबà¥â€à¤œ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ कम देखी जाती है. अगर आपके शिशॠको कबà¥â€à¤œ (Constipation) की शिकायत है तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° à¤à¥€ किसी तरह की दवा देने से परहेज करते हैं. à¤à¤¸à¥‡ में ननà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ शिशà¥à¤“ं को इस समसà¥â€à¤¯à¤¾ से निकालने के लिठआप घरेलू उपायों (Home Remedies) की मदद ले सकते हैं .आइठजानते हैं किन उपायों से आप शिशà¥à¤“ं की कबà¥â€à¤œ को दूर कर सकते हैं.
1.वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कराà¤à¤‚
शिशॠके पैरों को हलà¥â€à¤•े हलà¥â€à¤•े उपर नीचे, आगे पीछे हिलाà¤à¤‚, इसके बाद सावधानी से उनके पैरों को साइकिल की तरह गोल गोल घà¥à¤®à¤¾à¤à¤‚. à¤à¤¸à¤¾ करने से उनà¥â€à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° बनता है और कबà¥â€à¤œ से राहत मिलती है.
2.गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहलाà¤à¤‚
गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से नहाने से शिशॠके शरीर की मांसपेशियों को आराम मिलता है. पेट और इंटसटाइन व पॉटी à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में à¤à¥€ आराम मिलता है और वे पॉटी के लिठतैयार हो जाते हैं. कबà¥â€à¤œ से हो रही परेशानी à¤à¥€ कम होती है.
3.नारियल तेल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—
कबà¥â€à¤œ से बचाने के लिठआप नारियल तेल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं. अगर बचà¥â€à¤šà¤¾ 6 महीने से छोटा है तो उसके पॉटी à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ यानी गà¥à¤¦à¤¾ के आसपास नारियल तेल लगाà¤à¤‚.
4.सौंफ का पानी
सौंफ à¤à¥€ पाचन संबंधित समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤“ं के इलाज में बहà¥à¤¤ फायदेमंद है. आप à¤à¤• चमà¥â€à¤®à¤š सौंफ को à¤à¤• कप पानी में उबालकर ठंडा करें और छान कर रखें और दिन में तीन से चार बार शिशॠको चमà¥â€à¤®à¤š से पिलाà¤à¤‚.
5.तरल पदारà¥à¤¥ का सेवन
शरीर में पानी की कमी के कारण à¤à¥€ कबà¥â€à¤œ होती है. अगर बचà¥â€à¤šà¤¾ छह महीने से अधिक उमà¥à¤° का है तो उसके सूप, फलों का रस, दूध और पानी आदी खूब दें.
6.मालिश जरूरी
बचà¥â€à¤šà¥‡ के पेट और निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ की हलà¥â€à¤•ी मालिश करें. à¤à¤¸à¤¾ करने से à¤à¥€ कबà¥â€à¤œ दूर हो सकती है.
7.फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की पà¥â€à¤¯à¥‚री दें
अगर बचà¥â€à¤šà¤¾ छह महीने से बड़ा है तो उसे फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को उबालकर और पीस कर खिलाà¤à¤‚. इनमें फाइबर à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं जिससे कबà¥â€à¤œ दूर होता है.
| --------------------------- | --------------------------- |