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अपने बचà¥à¤šà¥‡ का वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° समà¤à¥‡à¤‚
माता-पिता के रूप में अकà¥à¤¸à¤° à¤à¤¸à¥‡ पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ आपके मन में आते हैं: "मेरे पड़ोसी के बचà¥à¤šà¥‡ की तरह, मेरा 2 साल का बचà¥à¤šà¤¾, आजà¥à¤žà¤¾à¤•ारी कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ नहीं है?†या "जब à¤à¥€ मैं फ़ोन कॉल पर हूà¤, मेरा बचà¥à¤šà¤¾ कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ अपने खिलोने हर तरफ फेंकर, रोता है '?
हालांकि हर बचà¥à¤šà¤¾ कई मायनों में अदà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ होता है, जबकि अधिकांश बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° देखे जाते हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सांà¤à¤¾ विचार पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं से जोड़ा जा सकता है। यह जितना à¤à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िल लगे, आपके बचà¥à¤šà¥‡ की परवरिश किसी à¤à¥€ तरह से जंगनहीं होनी चाहिà¤.आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को जितना अधिक समà¤à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ करेंगे,उनकी बड़े होने की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ उतनी ही अधिक मज़ेदार होगी! आपको आपके बचà¥à¤šà¥‡ के वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के कà¥à¤› पहलूओं को तेजी से समà¤à¤¨à¥‡ में हम आपकी सहायता के लिठहाज़िर हैं। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ उनके दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के इरादे और कारण को समà¤à¤¨à¥‡ से शà¥à¤°à¥‚ होती है। इसकी शà¥à¤°à¥‚आत के लिठहमें समà¤à¤¨à¤¾ होगाकि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° सापेकà¥à¤· और वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤ªà¤°à¤• होता है।इसीलिà¤, पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• माता-पिता की किसी विशेष वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¥€ अलग-अलग होती है।मिसाल के तौर पर, à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ का अपने खिलौने उठाने से इनकार करनाकिसी माता-पिता को मामूली दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° लग सकता है, लेकिन किसी दूसरे को यह असहनीय वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° लग सकता है। आप जानते होंगे कि शिशॠऔर छोटे बचà¥à¤šà¥‡ वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में विदà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ चीज़ों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देते हैं।जब बचà¥à¤šà¥‡ किसी चीज़ की मांग करते हैं तो चाहते है कि यह मांग उसी समय पूरी हो !या फिर वे चिलà¥à¤²à¤¾à¤¤à¥‡, काटते, लात मारते, या तंग करसकते हैं. वे अकà¥à¤¸à¤° अपने वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के दीरà¥à¤˜à¤•ालिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को नहीं समठसकते हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करने में 3 मà¥à¤–à¥à¤¯ अंतःसंबंधित कारकों की à¤à¥‚मिका है।आइà¤, हरेक पर नज़र डालते हैं:
1. सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ
सबसे पहले हम आनà¥à¤µà¤‚शिकता या बचà¥à¤šà¥‡ का सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ देखते हैं।
सà¥à¤µà¤à¤¾à¤µ या बचà¥à¤šà¥‡ की अनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक संरचना यह निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करती है उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤¨à¤¾ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के तौर पर कोई वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ किन विशेष ढंग से वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करता है।à¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¤à¥à¤®à¤•ता, गतिविधि के सà¥à¤¤à¤° और मिलनसारिता अवांछनीय वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के विकास सेसंबंधित पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होती है।
à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤•ता का अरà¥à¤¥ है - परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ में हो रहे घटनाकà¥à¤°à¤® के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ आपके बचà¥à¤šà¥‡ की पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¥¤à¤•िसी अजनबी को देखने या किसी अजनबी की बोली से कोई बचà¥à¤šà¤¾ परेशान हो सकता है लेकिन दूसरे पर इसका असर नहीं होता है।
गतिविधि सà¥à¤¤à¤° का अरà¥à¤¥ है - बलपूरà¥à¤µà¤• गमनागमन और गतिविधि में आपके बचà¥à¤šà¥‡ की ऊरà¥à¤œà¤¾ का पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨à¥¤à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¶à¥€à¤² बचà¥à¤šà¥‡ को कम गतिविधि सà¥à¤¤à¤° वाले शिशॠकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में माता-पिता और देखà¤à¤¾à¤² करने वालों दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ à¤à¥Œà¤¤à¤¿à¤•सीमाà¤à¤‚ सà¥à¤µà¥€à¤•ार करना अधिक मà¥à¤¶à¥à¤•िल लगता है।
मिलनसारिता का अरà¥à¤¥ है - आपके ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मà¥à¤¨à¥à¤¨à¥‡ का लोगों से मिलने जà¥à¤²à¤¨à¥‡ और बातचीत करने के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ à¤à¥à¤•ाव।अतà¥à¤¯à¤‚त मिलनसार बचà¥à¤šà¤¾, जो हर समय अपनी ओर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करना चाहता है,
उस शिशॠकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जो केवल à¤à¥‚खलगने या गीले होने पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करना चाहता है,अधिक सामाजिक संपरà¥à¤• चाहेगा।
2. पारिवारिक वातावरण
अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ पैदा करने वाला यह शायद सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ कारक है।
आपकी कारà¥à¤¯ सूची,वैवाहिक समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚,और परवरिश का तरीका अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के परिमाण,आवृतà¥à¤¤à¤¿ और तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकते हैं।
वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤ कामकाजी माता-पिता की नियमित शिकायत रही है। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहोता है,
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‡ निरंतर अपने माता-पिता का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करना चाहते हैं,
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि माता-पिता उनके पहले मितà¥à¤° होते हैं। कामकाजी माता-पिता के मामले में थकान के कारण समय की कमी और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ ना देना पà¥à¤°à¤®à¥à¤– कारक हैं।
निसà¥à¤¸à¤‚देह इसका अरà¥à¤¥ यह नहीं है कि आपको अपने वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ छोड़ देनी चाहिà¤à¥¤ दिन के समय में से कà¥à¤› घंटे निकाल कर पूरी तरह से अपने ननà¥à¤¹à¥‡à¤‚ मà¥à¤¨à¥à¤¨à¥‡ के लिठरखें।अपने जीवनसाथी के
साथ मिलकर à¤à¤¸à¥€ योजना बनाà¤à¤‚,
जिसमें आप दोनों में से कोई à¤à¤• दिन के किसी à¤à¥€ समय बचà¥à¤šà¥‡ के साथ समय बिता हो।
और यदि इनमें से कोई à¤à¥€ विकलà¥à¤ª वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¥à¤¯ नहीं है तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप अपने बचà¥à¤šà¥‡ को करीबी रिशà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥‹à¤‚ या दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के पास छोड़ें जहाठउन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाà¤!
3.सीखने और अनà¥à¤à¤µ की à¤à¥‚मिका
आपका बचà¥à¤šà¤¾ अनà¥à¤¯ लोगों और अपने आसपास के परà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤£ से बातचीत करना सीखेगा।
जीवन के पहले कà¥à¤› महीनों में देखà¤à¤¾à¤² करने वाले पà¥à¤°à¤®à¥à¤– लोगों और शिशà¥à¤“ं के बीच की बातचीत से यहअकà¥à¤¸à¤°à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ होता है कि वे आने वाले समय में अपने आसपास के अनà¥à¤¯ लोगों के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ कैसी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
और उनसे कैसे बातचीतकरेंगे।उदाहरण के लिà¤, यदि उनके तंग करने,
रोने या चीखने के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कोई मिठाई मिलती है तो
संà¤à¤µà¤¤à¤¯à¤¾ उनका अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° जारी रहेगा और बचà¥à¤šà¥‡ के विकास के
साथ साथ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ रूपों में नज़र आà¤à¤—ा।
जब बचà¥à¤šà¥‡ कोई गलत वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करते हैं तो समà¥à¤à¤µà¤¤à¤¯à¤¾ उनके अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के पीछे कोई न कोई सोच अवशà¥à¤¯ होती है।दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के पीछे चार मà¥à¤–à¥à¤¯ उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ होते हैं, और धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें, ये सारà¥à¤µà¤à¥Œà¤®à¤¿à¤• हैं।हर बचà¥à¤šà¤¾ à¤à¤¸à¥€ à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करताहै, इसलिठआप अकेले नहीं हैं!ये à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ हैं:
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने की इचà¥à¤›à¤¾: कà¤à¥€-कà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ आपका धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ अपनी ओर आकरà¥à¤·à¤¿à¤¤ करने के लिठदà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
बदला: बचà¥à¤šà¥‡ कपटपूरà¥à¤£ या हानिकारक चीजें कर के बदला ले सकते हैं।
अधिकार की इचà¥à¤›à¤¾: बचà¥à¤šà¥‡ अकà¥à¤¸à¤° अपने माता-पिता को अपनी अधिकार और नियंतà¥à¤°à¤£ की इचà¥à¤›à¤¾ पूरी करने की चà¥à¤¨à¥Œà¤¤à¥€ देते हैं।
लाचारी: जो बचà¥à¤šà¥‡ सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को नालायक समà¤à¤¤à¥‡ हैं या कोई काम नहीं कर पाते हैं, वे अकà¥à¤¸à¤° अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के रूप में अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ देते हैं।
अतिसंरकà¥à¤·à¤¿à¤¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के मामले में उनके निराश और असहाय होने की अधिक संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¹à¥‹à¤¤à¥€ है।
लेकिन दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° से कैसे निपटें?जब आप इसका तह तक जाते हैं तो आप देखेंगे कि यह वासà¥à¤¤à¤µ में इतना मà¥à¤¶à¥à¤•िल नहीं है।पहला कदम हमेशा अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° के उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ को पहचानने के लिठसीखना चाहिठ।इससे आपको यह समà¤à¤¨à¥‡ मेंमदद मिलेगी कि आपका बचà¥à¤šà¤¾ दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ करता है, और इसलिठतदनà¥à¤¸à¤¾à¤° उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित करें।
1.दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° को पहचानें कि आप इसके बारे में कैसा महसूस करते हैं।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की इचà¥à¤›à¤¾ आपको नाराज महसूस करवाती है।
अधिकार की तलाश आपको कà¥à¤°à¥‹à¤§à¤¿à¤¤ महसूस करवाती है।
बदला आपको चोट पहà¥à¤‚चाता है।
निसà¥à¤¸à¤¹à¤¾à¤¯à¤¤à¤¾ आपको निराशाजनक महसूस करवाती है।
देखें कि आप दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° पर कैसे पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ करते हैं।
2.धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की इचà¥à¤›à¤¾ आपको याद दिलाती है, मनाना, तंग करना और समà¤à¤¾à¤¨à¤¾à¥¤
अधिकार की मांग आपको लड़ने या हार मानना करवाती है।
असहायता आपको समसà¥à¤¯à¤¾ को हल करना बताती है।
3.दà¥à¤°à¥à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करने वाले बचà¥à¤šà¥‡ के परिणामों का निरीकà¥à¤·à¤£ करें।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देने की मांग लोगों को देखने और बचà¥à¤šà¥‡ से बात करने का कारण बनती है।
अधिकार की मांग लोगों को खड़े होने और बचà¥à¤šà¥‡ की निगरानी करने का कारण बनती है।
बदला लोगों को बचà¥à¤šà¥‡ को दंडित करने, या उनके साथ तरà¥à¤• करने का कारण बनती है।
असहायता लोगों को बचà¥à¤šà¥‡ की देखà¤à¤¾à¤² और रकà¥à¤·à¤¾ करने का कारण बनती है।
निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित परिदृशà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में, खà¥à¤¦ से पूछें कि आप माता-पिता के रूप में कैसा महसूस करते हैं, आप अपनी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बारे में कैसा महसूस करते हैं और बचà¥à¤šà¥‡ के अनà¥à¤šà¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ कà¥à¤¯à¤¾ है।
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