Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
कà¥à¤¯à¤¾ दूसरी तिमाही में रकà¥à¤¤ के धबà¥à¤¬à¥‡ सामानà¥à¤¯ होते हैं
गरà¥à¤à¤•ाल में लगà¤à¤— हर महिला किसी न किसी परेशानी से गà¥à¥›à¤°à¤¤à¥€ ही है। कà¥à¤› महिलाओं को पहली तिमाही में रकà¥à¤¤ के कà¥à¤› धबà¥à¤¬à¥‡ या हलà¥à¤•ा सा रकà¥à¤¤à¥à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ दिखाई देता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° यह मानते हैं कि अगर इसके साथ कà¥à¤› और जटिलता नहीं है तब इसे सामानà¥à¤¯ बात माना जा सकता है। आमतौर पर पहली तिमाही के पूरे होने तक यह परेशानी दूर हो जाती है। लेकिन कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ à¤à¤¸à¥€ à¤à¥€ होती हैं जिनकी यह परेशानी दूसरी तिमाही में à¤à¥€ जारी रहती है। à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला यह नहीं समठपाती कि कà¥à¤¯à¤¾ पहली तिमाही कि à¤à¤¾à¤‚ति इस समय à¤à¥€ यह हलà¥à¤•े धबà¥à¤¬à¥‡ या रकà¥à¤¤à¥à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ को सामानà¥à¤¯ बात माना जा सकता है? हम आपकी मदद के लिठबताते हैं कि कà¥à¤¯à¤¾ दूसरी तिमाही में रकà¥à¤¤ के धबà¥à¤¬à¥‡ आना या रकà¥à¤¤à¥à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ सामानà¥à¤¯ होता है?
| --------------------------- | --------------------------- |