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पीरियडà¥à¤¸ की डेट नहीं है, लेकिन हो रही है सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग? जानिठबेवकà¥à¤¤ सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग के 6 गंà¤à¥€à¤° कारण
पीरियडà¥à¤¸ के अतिरिकà¥à¤¤ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होना सामानà¥à¤¯ नहीं है, बलà¥à¤•ि कई गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का लकà¥à¤·à¤£ à¤à¥€ हो सकता है।
जानिठबेवकà¥à¤¤ सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग के 6 गमà¥à¤à¥€à¤° कारण.
सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग का अरà¥à¤¥ है वेजाइना से बहà¥à¤¤ कम खून निकलना, खासकर आपके पीरियडà¥à¤¸ न होने पर। यह हलà¥à¤•ी बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होती है, जिसके लिठआपको पैड या टैमà¥à¤ªà¥‰à¤¨à¥à¤¸ की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती। हालांकि सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग हर बार परेशानी का विषय नहीं होती, लेकिन कई बार इसके पीछे गंà¤à¥€à¤° बीमारी हो सकती है।
à¤à¤¸à¥‡ में आपको जानकारी होनी चाहिठकि कौन सी बीमारियों का खतरा पैदा कर सकती है सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग।
1. पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी
अगर पीरियडà¥à¤¸ की डेट से पहले ही सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होने लगे तो यह पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की निशानी हो सकती है।
जब आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट होती हैं, तो सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® और à¤à¤— से मिलकर à¤à¤• जाइगोट बनता है। यह जाइगोट आपके यूटेरस की लेयर में जà¥à¥œà¤¤à¤¾ है जिससे बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग होती है। अगर आपको सनà¥à¤¦à¥‡à¤¹ है तो आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी टेसà¥à¤Ÿ घर पर ही करके देख सकती हैं।
पीरियडà¥à¤¸ की डेट से पहले ही सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होने लगे तो यह पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी की निशानी हो सकती है
इसके अतिरिकà¥à¤¤ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ नाजà¥à¤• होना, उलà¤à¤¨ और उलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होना, बार-बार पेशाब जाना और थकान के लकà¥à¤·à¤£ होते हैं। शà¥à¤¯à¥‹à¤° होने के लिठआप पीरियडà¥à¤¸ मिस होने तक इंतजार कर सकती हैं।
2. सेकà¥à¤¸à¥à¤…ली टà¥à¤°à¤¾à¤‚समिटेड इंफेकà¥à¤¶à¤¨
पबमेड सेंटà¥à¤°à¤² जरà¥à¤¨à¤² के सà¥à¤Ÿà¤¡à¥€ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कà¥à¤²à¥ˆà¤®à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ और गोनोरिया होने पर महीने में किसी à¤à¥€ वकà¥à¤¤ वेजाइना से खून निकलने लगता है। यह इंफेकà¥à¤¶à¤¨ किसी à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के शारीरिक संबंध जैसे इंटरकोरà¥à¤¸ या ओरल सेकà¥à¤¸ से फैलता है।
इन इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨ का इलाज à¤à¤¨à¥à¤Ÿà¥€ बायोटिक दवाओं से होता है।
बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग और सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग के साथ-साथ सेकà¥à¤¸ के दौरान दरà¥à¤¦, पेशाब करते वकà¥à¤¤ जलन और बà¥à¤–ार जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ आती हैं।
3. पेलà¥à¤µà¤¿à¤• इनà¥à¤«à¥à¤²à¤¾à¤®à¥‡à¤Ÿà¥à¤°à¥€ डिसीज (PID)
में इंफेकà¥à¤¶à¤¨ वेजाइना से बà¥à¤•र पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ तंतà¥à¤° तक पहà¥à¤‚च जाता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में पेलà¥à¤µà¤¿à¤• à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में सूजन और दरà¥à¤¦ होता है। अगर इस बीमारी का समय पर इलाज नहीं किया गया तो इनà¥à¤«à¤°à¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ à¤à¥€ हो सकती है।
इस बीमारी में अकà¥à¤¸à¤° सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होती है, साथ ही सेकà¥à¤¸ के बाद à¤à¥€ बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है।
4. अंडर वेट होना
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• वजन होना खतरनाक है, लेकिन उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अंडर वेट होना à¤à¥€ उतना खतरनाक है। अंडर वेट होने पर हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥à¤¸ असंतà¥à¤²à¤¨ होता है जिससे ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ अनियमित हो जाता है। इससे पीरियडà¥à¤¸ मिस होते हैं, लेकिन बीच-बीच में सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग होती रहती है।
सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग के साथ-साथ बाल à¤à¥œà¤¨à¤¾, सर दरà¥à¤¦, à¤à¤•à¥à¤¨à¥‡ और वेजाइना से सफेद डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ à¤à¥€ होता है।
अगर बिना पीरियडà¥à¤¸ के खून निकले तो कà¥à¤¯à¤¾ करना चाहिà¤? चितà¥à¤°- शटरसà¥à¤Ÿà¥‰à¤•।
5. अमेनोरिया
अमेनोरिया वह मेडिकल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जिसमें आपके à¤à¤• या उससे अधिक पीरियडà¥à¤¸ मिस हो जाते हैं। इसका कारण होता है बहà¥à¤¤ अधिक à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ जिससे ओवà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤¶à¤¨ रà¥à¤• जाता है। यह ‘फीमेल à¤à¤¥à¤²à¤¿à¤Ÿ टà¥à¤°à¤¾à¤¯à¤¡â€™ डिसॉरà¥à¤¡à¤° का à¤à¤• चरण होता है। इस डिसॉरà¥à¤¡à¤° में तीन बीमारियां- ईटिंग डिसॉरà¥à¤¡à¤°, अमेनोरिया और ओà¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ होता है।
6. थायराइड
ऑफिस ऑफ वà¥à¤®à¥‡à¤¨ हेलà¥à¤¥ के डेटा के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° हर आठमें से à¤à¤• महिला थायराइड समà¥à¤¬à¤‚धी बीमारी की शिकार होती है। थायराइड का मà¥à¤–à¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£ है अनियमित पीरियडà¥à¤¸, लेकिन कई बार पीरियडà¥à¤¸ के बीच मे सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग à¤à¥€ होती है।
थायराइड हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ की कमी को हाइपोथयरोइडिसà¥à¤® और उसके बà¥à¤¨à¥‡ को हाइपरथयरोइडिसà¥à¤® कहा जाता है। दोनों ही बीमारियों में सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग की शिकायत होती है। इसके साथ ही अनचाहा वेट लॉस या वेट गेन à¤à¥€ होता है।
बेवकà¥à¤¤ सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग अगर à¤à¤• दिन से अधिक रहे, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाà¤à¤‚। यही नहीं, अगर हर महीने पीरियडà¥à¤¸ के बीच इस तरह की सà¥à¤ªà¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग हो रही है, तो चिंता का विषय है। इंटिमेट हेलà¥à¤¥ को लेकर बिलà¥à¤•à¥à¤² लापरवाही न करें। डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लेना ही सबसे सही उपाय होता है।
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