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पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ देखà¤à¤¾à¤²
पà¥à¤°à¤¸à¥‚तिपूरà¥à¤µ देखà¤à¤¾à¤² (Prenatal care) सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ की à¤à¤• निरोधक देखà¤à¤¾à¤² है। इसके अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤—त अनेक गतिविधियाठआतीं हैं, जैसे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ परीकà¥à¤·à¤£, सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवनशैली से समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¤¿à¤¤ सà¥à¤à¤¾à¤µ, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होने वाले शारीरिक परिवरà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ से समà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¤¿à¤¤ जानकारी देना, जनà¥à¤®à¤ªà¥‚रà¥à¤µ पोषण (विटामिन आदि की जानकारी), आदि। पà¥à¤°à¤¸à¥‚तिपूरà¥à¤µ देखà¤à¤¾à¤² से अनेक लाठहोते हैं, जैसे गरà¥à¤à¤¿à¤£à¥€ की मृतà¥à¤¯à¥ से बचाव, गरà¥à¤à¤¸à¥à¤°à¤¾à¤µ से बचाव, जनà¥à¤® के समय कम à¤à¤¾à¤°, आदि से बचाव।
उचà¥à¤š आय वाले देशों में परमà¥à¤ªà¤°à¤¾à¤—त रूप से निमà¥à¤¨à¤²à¤¿à¤–ित कारà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¸à¥‚तिपूरà¥à¤µ देखà¤à¤¾à¤² के अनà¥à¤¤à¤°à¥à¤—त आते हैं-
पà¥à¤°à¤¥à¤® सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से लेकर २८वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक हर माह डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलना
२८वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ से ३६वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक हर १५ दिन बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना
३६वें सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद से पà¥à¤°à¤¸à¤µ तक हर सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखाना
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ देखà¤à¤¾à¤²
यह लेख सूची के रूप में है। इसे गदà¥à¤¯ के रूप में बेहतर दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ जा सकता है। कृपया इसे सूची से गदà¥à¤¯ रूप में ढाल कर इसे बेहतर बनाने में मदद करें।
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ देखà¤à¤¾à¤², गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ जटिलताओं की जांच के लिठमहतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। इसके लिठशारीरिक और नियमित पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के लिठनियमित रूप से परीकà¥à¤·à¤£ सà¥à¤¥à¤² जाना पड़ता है:
पहली तिमाही
पूरà¥à¤£ रकà¥à¤¤ गणना (कमà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤Ÿ बà¥à¤²à¤¡ काउंट) (सीबीसी (CBC))
रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤•ार (बà¥à¤²à¤¡ टाइप)
à¤à¤šà¤¡à¥€à¤à¤¨ (HDN) के लिठसामानà¥à¤¯ रोग-पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ारक की जांच (अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· कूमà¥à¤¬à¥à¤¸ परीकà¥à¤·à¤£)
आरà¤à¤š डी (Rh D) नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ रोगियों को आरà¤à¤š (Rh) रोग की रोकथाम करने के लिठ28 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में रोगैम (RhoGam) लेना चाहिà¤à¥¤
दà¥à¤°à¥à¤¤ पà¥à¤²à¤¾à¤œà¥à¤®à¤¾ अà¤à¤¿à¤•रà¥à¤®à¤• (आरपीआर (RPR)) जो उपदंश की जांच करता है
रूबेला रोगपà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•ारक जांच
हेपटाइटिस बी सतह पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤œà¤¨
सूजाक और कà¥à¤²à¤¾à¤®à¥€à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾ संवरà¥à¤§
तपेदिक (टीबी) के लिठपीपीडी (PPD)
पैप सà¥à¤®à¥€à¤¯à¤°
मूतà¥à¤°-विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ और संवरà¥à¤§
à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤µà¥€ (HIV) की जांच
गà¥à¤°à¥à¤ª बी गोलाणॠकी जांच - सकारातà¥à¤®à¤• होने पर आइवी पेनिसिलिन (IV penicillin) या à¤à¤®à¥à¤ªà¥€à¤¸à¤¿à¤²à¥€à¤¨ (यह बहà¥à¤¤ ससà¥à¤¤à¤¾ होता है और यह कई जगह उपलबà¥à¤§ होता है) दिया जाà¤à¤—ा (यदि माता को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होती हो तो वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• चिकितà¥à¤¸à¤¾ के रूप में आइवी कà¥à¤²à¤¿à¤‚डामाइसिन (IV clindamycin) और आइवी वैंकोमाइसिन (IV vancomycin) दिया जाता है)
डाउंस सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® (तà¥à¤°à¤¿à¤—à¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ 21) और तà¥à¤°à¤¿à¤—à¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ 18 की आनà¥à¤µà¤‚शिक जांच आम तौर पर 16-18 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ की अवधि वाली दूसरी तिमाही में किया जाने वाले डाउंस सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® की à¤à¤à¤«à¤ªà¥€-कà¥à¤µà¥ˆà¤¡ (AFP-Quad) जांच से संयà¥à¤•à¥à¤¤ राजà¥à¤¯ अमेरिका में राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मानक बड़ी तेज़ी से विकास हो रहा है। à¤à¥à¤°à¥‚ण की गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ (मोटी तà¥à¤µà¤šà¤¾ ठीक नहीं होती है) और दो रसायन (विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¥à¤¯ पदारà¥à¤¥) पैप-ठ(Papp-a) और बीà¤à¤šà¤¸à¥€à¤œà¥€ (bhcg) (सà¥à¤µà¤¯à¤‚ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ सà¥à¤¤à¤°) के अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड के साथ 10 से 13 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के बाद नवीन à¤à¤•ीकृत जांच (जिसे पहले फासà¥à¤Ÿà¤° (F.A.S.T.E.R) कहा जाता था, जो फरà¥à¤¸à¥à¤Ÿ à¤à¤£à¥à¤¡ सेकणà¥à¤¡ टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤° अरà¥à¤²à¥€ रिज़लà¥à¤Ÿà¥à¤¸ अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ पहली और दूसरी तिमाही के आरंà¤à¤¿à¤• परिणाम का संकà¥à¤·à¤¿à¤ª रूप है) की जा सकती है। यह बहà¥à¤¤ जलà¥à¤¦ à¤à¤• सटीक जोखिम पà¥à¤°à¥‹à¤«à¤¼à¤¾à¤‡à¤² पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है। उसके बाद 15 से 20 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में दूसरी बार खून की जांच की जाती है जिससे जोखिम के बारे में और अधिक सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ जानकारी पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होती है। अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड और दà¥à¤µà¤¿à¤¤à¥€à¤¯ रकà¥à¤¤ परीकà¥à¤·à¤£ की वजह से इसका खरà¥à¤š, à¤à¤à¤«à¤ªà¥€-कà¥à¤µà¥ˆà¤¡ जांच से अधिक होता है लेकिन देखा गया है कि इसके पीछे खरà¥à¤š करने की दर 92% है।
दूसरी तिमाही
à¤à¤®à¤à¤¸à¤à¤à¤«à¤ªà¥€/कà¥à¤µà¥ˆà¤¡ (MSAFP/quad) जांच (à¤à¤• साथ चार बार खून की जांच) (मातृ सीरम अलà¥à¤«à¤¾-à¤à¥à¤°à¥‚णपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨; इनहिबिन; à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¿à¤¯à¥‰à¤²; बीà¤à¤šà¤¸à¥€à¤œà¥€ या मà¥à¤«à¥à¤¤ बीà¤à¤šà¤¸à¥€à¤œà¥€) - उतà¥à¤¥à¤¾à¤¨, कम संखà¥à¤¯à¤¾ या विषम पदà¥à¤§à¤¤à¤¿ जो तà¥à¤°à¤¿à¤—à¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ 18 या तà¥à¤°à¤¿à¤—à¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤°à¤¤à¤¾ 21 के बढ़े हà¥à¤ जोखिम और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा नली दोष के जोखिम से सहसमà¥à¤¬à¤¨à¥à¤§à¤¿à¤¤ है
गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ गà¥à¤°à¥€à¤µà¤¾, गरà¥à¤à¤¨à¤¾à¤², तरल पदारà¥à¤¥ और बचà¥à¤šà¥‡ का मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करने के लिठपेट या पारयोनि का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड
उलà¥à¤µà¤µà¥‡à¤§à¤¨ (गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की जांच) उन महिलाओं के लिठराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ मानक है जिनकी उमà¥à¤° 35 से अधिक है या जो मधà¥à¤¯ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ तक 35 की हो जाती हैं या जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पारिवारिक इतिहास या जनà¥à¤® पूरà¥à¤µ इतिहास की दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरा होता है।
तीसरी तिमाही
लोहितकोशिकामापी (दिठहà¥à¤ रकà¥à¤¤ में लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं की आयतन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤à¤¤à¤¾) (कम होने पर माता को लौह अनà¥à¤ªà¥‚रण दिया जाà¤à¤—ा)
गà¥à¤²à¥‚कोज़ à¤à¤°à¤£ परीकà¥à¤·à¤£ (जीà¤à¤²à¤Ÿà¥€ (GLT)) - गरà¥à¤à¤•ालीन मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की जांच; 140 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿ डेसीलिटर से अधिक होने पर गà¥à¤²à¥‚कोज़ सहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ परीकà¥à¤·à¤£ (जीटीटी (GTT)) किया जाता है; गà¥à¤²à¥‚कोज़ की मातà¥à¤°à¤¾ 105 मिलीगà¥à¤°à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¤à¤¿ डेसीलिटर से अधिक होने पर गरà¥à¤à¤•ालीन मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ होने का संकेत मिलता है।
अधिकांश डॉकà¥à¤Ÿà¤° कोला, नींबू या संतरे में 50 गà¥à¤°à¤¾à¤® गà¥à¤²à¥‚कोज़ के à¤à¤• पेय के रूप में सà¥à¤—र (शरà¥à¤•रा) à¤à¤°à¤¤à¥‡ हैं और à¤à¤• घंटे (5 मिनट आगे या पीछे) बाद रकà¥à¤¤ निकालते हैं; 1980 के दशक के अंतिम दौर के बाद से मानक संशोधित मानदंड को कम करके 135 कर दिया गया है
पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ रिकॉरà¥à¤¡
पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति-विशेषजà¥à¤ž या पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति-सहायिका से पहली मà¥à¤²à¤¾à¤•़ात के समय गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला को पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ रिकॉरà¥à¤¡ को साथ लाने के लिठकहा जाता है, जिसमें उसकी चिकितà¥à¤¸à¤¾ का इतिहास और शारीरिक परीकà¥à¤·à¤¾ की रिपोरà¥à¤Ÿ शामिल रहती है। उसके बाद जितनी बार वह डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलने जाती है, उतनी बार उसके गरà¥à¤ की आयॠकी जांच की जाती है।
सिमà¥à¤«à¤¾à¤‡à¤¸à¤¿à¤¸-फंडल हाईट या असà¥à¤¥à¤¿à¤¸à¤‚योजिका-बà¥à¤§à¥â€à¤¨à¤ªà¤°à¤• ऊंचाई (जिसे संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में à¤à¤¸à¤à¤«à¤à¤š या SFH कहा जाता है और सेंटीमीटर में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ किया जाता है), गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ के 20 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ बाद गरà¥à¤ की आयॠके बराबर होनी चाहिठऔर à¤à¥à¤°à¥‚ण की वृदà¥à¤§à¤¿ को पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ मà¥à¤²à¤¾à¤•़ात के दौरान à¤à¤• वकà¥à¤° पर दरà¥à¤¶à¤¾à¤¨à¤¾ चाहिà¤à¥¤ गरà¥à¤ के अनà¥à¤¦à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाने के लिठपà¥à¤°à¤¸à¥‚ति-सहायिका या पà¥à¤°à¤¸à¥‚ति-विशेषजà¥à¤ž, लियोपोलà¥à¤¡ कौशल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करके छूकर बचà¥à¤šà¥‡ का परीकà¥à¤·à¤£ करते हैं। रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª पर à¤à¥€ नज़र रखी जानी चाहिठजो सामानà¥à¤¯ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ में 140/90 तक हो सकता है। उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª (हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤°) से अतिरकà¥à¤¤à¤¦à¤¾à¤¬ (हाइपरटेंशन) का संकेत मिलता है और अगर गंà¤à¥€à¤° सूजन (à¤à¤¡à¥€à¤®à¤¾ अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ शोफ़ अरà¥à¤¥à¤¾à¤¤à¥ पानी वाला सूजन) होती है और पेशाब के माधà¥à¤¯à¤® से पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ à¤à¥€ निकलता है, तो शायद पूरà¥à¤µ-पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤¾à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª होने का à¤à¥€ संकेत मिलता है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण की जीवन-कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ के साथ-साथ जनà¥à¤®à¤œà¤¾à¤¤ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के आकलन में मदद करने के लिठà¤à¥à¤°à¥‚ण की जांच à¤à¥€ की जाती है। आनà¥à¤µà¤‚शिक दशा वाले शिशॠका धारण करने में जिन परिवारों को जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खतरा होने की समà¥à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है, उन परिवारों को अकà¥à¤¸à¤° आनà¥à¤µà¤‚शिक परामरà¥à¤¶ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ किया जाता है। à¤à¥à¤°à¥‚ण में डाउंस सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® और अनà¥à¤¯ गà¥à¤£à¤¸à¥‚तà¥à¤° असामानà¥à¤¯à¤¤à¤¾à¤“ं की जांच करने के लिठ35 या उससे अधिक उमà¥à¤° की महिलाओं के लिठकà¤à¥€-कà¤à¥€ 20 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ के आसपास उलà¥à¤µà¤µà¥‡à¤§à¤¨ किया जाता है।
उलà¥à¤µà¤µà¥‡à¤§à¤¨ करने से à¤à¥€ पहले डाउन सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® जैसे विकारों की जांच करने के लिठà¤à¥€ माता को तà¥à¤°à¤¿à¤—à¥à¤£ परीकà¥à¤·à¤£, पशà¥à¤šà¤—à¥à¤°à¥€à¤µà¤¾ की जांच, नाक की हडà¥à¤¡à¥€, अलà¥à¤«à¤¾-à¤à¥à¤°à¥‚णपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की जांच और जरायà¥à¤—त अंकà¥à¤° नमूना लेना जैसे परीकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को से गà¥à¤œà¤°à¤¨à¤¾ पड़ सकता है। उलà¥à¤µà¤µà¥‡à¤§à¤¨, à¤à¥à¤°à¥‚ण की à¤à¤• पà¥à¤°à¤¸à¤µ पूरà¥à¤µ आनà¥à¤µà¤‚शिक जांच है, जिसके तहत गरà¥à¤à¥‹à¤¦à¤• से à¤à¥à¤°à¥‚ण के डीà¤à¤¨à¤ (DNA) निकालने के लिठमाता के पेट की दीवार और गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार में à¤à¤• सà¥à¤ˆ घà¥à¤¸à¤¾à¤¯à¤¾ जाता है। इस उलà¥à¤µà¤µà¥‡à¤§à¤¨ की कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ और à¤à¥à¤°à¥‚ण की कà¥à¤·à¤¤à¤¿ होने का खतरा रहता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके तहत शिशॠधारित गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ का वेधन किया जाता है।
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