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Chest infection à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का सांस से संबंधित संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जिसका पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ शà¥â€à¤µà¤¸à¤¨ मारà¥à¤— के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ पर पड़ता है। शà¥â€à¤µà¤¸à¤¨ मारà¥à¤— के निचले हिसà¥â€à¤¸à¥‡ में शà¥â€à¤µà¤¾à¤¸ नली, बà¥à¤°à¥‹à¤‚काई और फेफड़े आते हैं। दो मà¥à¤–à¥â€à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार के चेसà¥â€à¤Ÿ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ होते हैं जिनमें निमोनिया और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस शामिल हैं। हलà¥â€à¤•े से लेकर गंà¤à¥€à¤° चेसà¥â€à¤Ÿ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो सकता है।
चेसà¥â€à¤Ÿ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£
चेसà¥â€à¤Ÿ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सूखी या बलगम वाली खांसी, घरघराहट, पीला या हरे रंग का बलगम आना, सांस फूलना, सीने में दिकà¥â€à¤•त महसूस होना, बà¥à¤–ार, सिरदरà¥à¤¦, मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ और थकान शामिल हैं।
चेसà¥â€à¤Ÿ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के कारण
बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² या वायरल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के कारण चेसà¥â€à¤Ÿ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो सकता है। संकà¥à¤°à¤®à¤£ के पà¥à¤°à¤•ार पर ही इसका कारण निरà¥à¤à¤° करता है। उदाहरण के लिठबà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस वायरस की वजह से होता है जबकि निमोनिया के अधिकतर मामलों में बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कारण होता है।
चेसà¥â€à¤Ÿ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ वà¥â€à¤¯à¤•à¥â€à¤¤à¤¿ के खांसने या छींकने पर निकली संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ बूंदों के संपरà¥à¤• में आने पर आप à¤à¥€ इस संकà¥à¤°à¤®à¤£ से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ हो सकते हैं।
इसके अलावा वायरस या बैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से संकà¥à¤°à¤®à¤£ जगहों पर जाने के बाद मà¥à¤‚ह या चेहरे को छूने पर संकà¥à¤°à¤®à¤£ फैल सकता है। बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— वà¥â€à¤¯à¤•à¥â€à¤¤à¤¿, गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला, शिशॠया बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚, सिगरेट पीने वालों या किसी गंà¤à¥€à¤° सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ वà¥â€à¤¯à¤•à¥â€à¤¤à¤¿ जैसे कि कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• ओबà¥â€à¤¸à¥â€à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पलà¥â€à¤®à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ डिसà¥â€à¤‘रà¥à¤¡à¤°, असà¥â€à¤¥à¤®à¤¾ या डायबिटीज के मरीजों में चेसà¥â€à¤Ÿ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ का खतरा जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है।
चेसà¥â€à¤Ÿ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के घरेलू उपाय
चेसà¥â€à¤Ÿ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत पाने के लिठआप नीचे बताठगठघरेलू उपाय अपना सकते हैं :
बà¥à¤–ार को कम करने और दरà¥à¤¦ से राहत पाने के लिठइबूपà¥à¤°à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ या à¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‹à¤«à¥‡à¤¨ ले सकते हैं।
बलगम को ढीला कर उस शरीर से बाहर निकालने के लिठकफ-निसà¥â€à¤¸à¤¾à¤°à¤• दवाà¤à¤‚ ली जा सकती हैं।
चेसà¥â€à¤Ÿ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ होने पर परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ करना जरूरी है।
शरीर को हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿ रखने और बलगम को ढीला कर बाहर निकालने के लिठपरà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥â€à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पानी और पेय पदारà¥à¤¥ पिà¤à¤‚।
सीधा लेटने से बचें। à¤à¤¸à¤¾ करने से बलगम छाती में जमा हो सकता है। पीठको तकिठका सहारा देकर सिर को थोड़ा ऊपर उठाकर लेटें।
खांसी से राहत पाने के लिठहà¥à¤¯à¥‚मिडिफायर या इनहेल सà¥â€à¤Ÿà¥€à¤® वेपर का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
अगर बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ खांसी की वजह से गले में खराश हो गई है तो गरà¥à¤® पानी में शहद और नींबू डालकर पिà¤à¤‚।
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ न करें और à¤à¤¸à¤¾ करने वाले लोगों से à¤à¥€ दूर रहें।
खांसी को दबाने वाली दवाओं का सेवन न करें। दरअसल, खांसने से फेफड़ों से बलगम बाहर निकल पाता है और अगर आप खांसी ही रोक देंगें तो इससे बलगम जमा होने लगेगा।
बचाव के तरीके
हाथों को साफ रखें, खासतौर पर खाने से पहले और चेहरे या मà¥à¤‚ह को छूने से पहले।
संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार लें। इससे इमà¥â€à¤¯à¥‚न सिसà¥â€à¤Ÿà¤® मजबूत होता है और आपको संकà¥à¤°à¤®à¤£ का खतरा कम रहता है।
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने से बचें और शराब का सेवन à¤à¥€ कम करें।
अगर आपको चेसà¥â€à¤Ÿ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो गया है तो खांसते या छींकते समय रूमाल से मà¥à¤‚ह को जरूर ढकें।
अधिकतर मामलों में चेसà¥â€à¤Ÿ इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ के लकà¥à¤·à¤£ 7 से 10 दिनों के अंदर चले जाते हैं। हालांकि, खांसी तीन हफà¥à¤¤à¥‡ तक रह सकती है। अगर आपको लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सà¥à¤§à¤¾à¤° नहीं दिख रहा है या आपकी सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गंà¤à¥€à¤° हो रही है तो डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को जरूर दिखाà¤à¤‚।
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