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à¤à¤• कहावत है कि “सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ ही धन है।†आज के वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ समय में हमारे शरीर और उसके महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंगों को बीमारियों से बचाने के लिठà¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ जीवन शैली को बनाठरखना अधिक महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हो गया है।
आसान इंटरनेट à¤à¤•à¥à¤¸à¥‡à¤¸ रोगियों को उनके लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ का सà¥à¤µ-मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚कन करने और तà¥à¤°à¤‚त सही चिकितà¥à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ करने में मदद करता है, खासकर यदि लकà¥à¤·à¤£ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ अंगों से संबंधित हैं। शरीर में à¤à¤¸à¤¾ ही à¤à¤• अंग है फेफड़ों का जोड़ा। फेफड़े शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ हैं जिसके माधà¥à¤¯à¤® से शरीर बाहरी वातावरण के संपरà¥à¤• में आता है। इसलिà¤, सिसà¥à¤Ÿà¤® संकà¥à¤°à¤®à¤£ की चपेट में आ सकता है।
फेफड़ों की दो पà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¦à¥à¤§ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस और निमोनिया हैं। जबकि दोनों सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ शà¥à¤µà¤¸à¤¨ पथ में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होती हैं और समान लकà¥à¤·à¤£ हो सकती हैं, उनका पूरà¥à¤µà¤¾à¤¨à¥à¤®à¤¾à¤¨ बहà¥à¤¤ अलग है।
निमोनिया और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के बीच बà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ अंतर
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस और निमोनिया दोनों समान लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ वाले शà¥à¤µà¤¸à¤¨ तंतà¥à¤° में उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होते हैं। हालांकि, बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस बà¥à¤°à¥‹à¤‚ची के संकà¥à¤°à¤®à¤£ और सूजन के परिणामसà¥à¤µà¤°à¥‚प होता है, जो नलिकाà¤à¤‚ फेफड़ों में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ ले जाती हैं। इसके विपरीत, निमोनिया फेफड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, जहां फेफड़ों के अंदर की वायॠथैली संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाती है।
दूसरा अंतर यह है कि बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और वायरस के कारण हो सकता है, जबकि निमोनिया जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण होता है।
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस और निमोनिया के पà¥à¤°à¤•ार कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
à¤à¤• रोगी के रूप में, इन दोनों रोगों के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ारों को समà¤à¤¨à¥‡ से आपको अपने लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ की पहचान करने और शीघà¥à¤° कारà¥à¤°à¤µà¤¾à¤ˆ करने में मदद मिलेगी।
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस दो पà¥à¤°à¤•ार का होता है:
तीवà¥à¤° बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस : यह बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस का सबसे आम रूप है। यह 14 से 15 दिनों की अलà¥à¤ªà¤¾à¤µà¤§à¤¿ तक रहता है, जबकि लकà¥à¤·à¤£ तीन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक बढ़ सकते हैं। तीवà¥à¤° बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस का इलाज घरेलू उपचार से किया जा सकता है, लेकिन à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸, दà¥à¤°à¥à¤à¤¾à¤—à¥à¤¯ से, मदद नहीं करते हैं।
कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस : यह बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस का अधिक गंà¤à¥€à¤° रूप है। ‘कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤•’ शबà¥à¤¦ का अरà¥à¤¥ à¤à¤• à¤à¤¸à¥€ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है जो लंबे समय तक बनी रहती है। कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के मरीजों को लगातार खांसी और बलगम का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ होता है।
निमोनिया को कई पà¥à¤°à¤•ारों (उनके कारण से) में वरà¥à¤—ीकृत किया गया है:
बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया : जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤Ÿà¥‹à¤•ोकस नà¥à¤¯à¥‚मोनिया के कारण होता है।
वायरल निमोनिया : विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ वायरस के कारण जो फà¥à¤²à¥‚ जैसे लकà¥à¤·à¤£ दिखाते हैं। वायरल निमोनिया से बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया à¤à¥€ हो सकता है।
अनà¥à¤¯ : कà¥à¤› पà¥à¤°à¤•ार के निमोनिया कवक के कारण à¤à¥€ हो सकते हैं।
आपको किन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिà¤?
निमोनिया और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस दोनों में कà¥à¤› अनà¥à¤¯ सामानà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ के साथ-साथ सरà¥à¤¦à¥€ और फà¥à¤²à¥‚ जैसे लकà¥à¤·à¤£ होते हैं। आइठहम उन विसà¥à¤¤à¥ƒà¤¤ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को देखें जिनसे आपको सावधान रहना चाहिà¤à¥¤
यहाठबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया के लकà¥à¤·à¤£ हैं:
होंठऔर नाखूनों के रंग में परिवरà¥à¤¤à¤¨
à¤à¥‚ख में कमी
खांसी जो पीले या हरे रंग का बलगम पैदा करती है बलगम में
रकà¥à¤¤
à¤à¤¾à¤°à¥€ शà¥à¤µà¤¾à¤¸ या सांस लेने में परेशानी
अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पसीना
सिरदरà¥à¤¦
यहाठबà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के लकà¥à¤·à¤£ देखने के लिठहैं:
थूक के साथ खांसी बà¥à¤–ार सीने में दरà¥à¤¦
शरीर में दरà¥à¤¦ सांस की तकलीफ, विशेष रूप से शारीरिक गतिविधि में लगे रहने के दौरान घरघराहट की आवाज थकान
आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास कब जाना चाहिà¤?
उपरोकà¥à¤¤ सà¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस या निमोनिया की ओर इशारा नहीं करेंगे कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कई अनà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ आम हैं। मà¥à¤–à¥à¤¯ बात यह है कि घबराà¤à¤‚ नहीं और जानें कि डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जाने का सही समय कब है।
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के लिà¤à¥¤
घरेलू उपचार से लकà¥à¤·à¤£ 1 से 2 सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में ठीक हो जाते हैं। लेकिन अगर उनमें सà¥à¤§à¤¾à¤° नहीं होता है, अगर आपको लगता है कि उपचार के बावजूद बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस फिर से पà¥à¤°à¤•ट हो रहा है, या यदि आपका बà¥à¤–ार 100F से ऊपर है और कम नहीं होता है, तो यह कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤•, अधिक गंà¤à¥€à¤° बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस का संकेत हो सकता है। कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤•ाइटिस को केवल घरेलू उपचार की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में à¤à¤• मजबूत उपचार पाठà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤® की आवशà¥à¤¯à¤•ता होगी, और डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलना अनिवारà¥à¤¯ होगा।
निमोनिया के लिà¤à¥¤
जैसा कि पहले उलà¥à¤²à¥‡à¤– किया गया है, निमोनिया के कई लकà¥à¤·à¤£ फà¥à¤²à¥‚ और सरà¥à¤¦à¥€ के साथ आम हैं। हालांकि, अगर आपको लंबे समय तक खांसी, खांसी के दौरान मवाद बहना, ठंड लगने के साथ बहà¥à¤¤ तेज बà¥à¤–ार और सांस लेने में तकलीफ हो, तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस और निमोनिया के संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कारण कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के कारण।
तीवà¥à¤° बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के 90% से अधिक मामले जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ के कारण होते हैं। वायरल और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ में, विदेशी शरीर फेफड़ों के वायॠमारà¥à¤— में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हैं और अड़चन के रूप में कारà¥à¤¯ करते हैं, जिससे संकà¥à¤°à¤®à¤£ होता है। कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस विशेष रूप से सिगरेट के धà¥à¤à¤‚, पà¥à¤°à¤¦à¥‚षण और धूल जैसे फेफड़ों में जलन के कारण होता है।
निमोनिया के कारण।
निमोनिया बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, वायरल, या फंगल संकà¥à¤°à¤®à¤£ के साथ-साथ जलन पैदा करने के कारण à¤à¥€ हो सकता है। फेफड़ों के अंदर हवा की थैली (à¤à¤²à¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥€) संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ हो जाती है, जिससे निमोनिया हो जाता है। वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‚à¤à¤‚जा वायरस के कारण होता है ।
निमोनिया और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के विकास में जोखिम कारक कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
आइठहम उन टà¥à¤°à¤¿à¤—रà¥à¤¸ को देखें जो संकà¥à¤°à¤®à¤£ का कारण बनते हैं, जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ जोखिम कारक कहा जा सकता है।
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के लिठजोखिम कारक।
पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• जोखिम कारक धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ और पूरà¥à¤µ धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने वालों में कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस विकसित होने का बहà¥à¤¤ अधिक जोखिम होता है।
निषà¥à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯ धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨, निरंतर वायॠपà¥à¤°à¤¦à¥‚षण, धूल और धà¥à¤à¤‚ सहित अड़चनों के लंबे समय तक संपरà¥à¤• à¤à¤• पà¥à¤°à¤®à¥à¤– जोखिम कारक है।
जो लोग 40 वरà¥à¤· और उससे अधिक आयॠके हैं, उनमें कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस होने का खतरा अधिक होता है।
यदि आपका किसी à¤à¥€ पीढ़ी में बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस या कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• ऑबà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µ पलà¥à¤®à¥‹à¤¨à¤°à¥€ डिजीज का पारिवारिक इतिहास है , तो आपको कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस होने का खतरा है।
निमोनिया के लिठजोखिम कारक
कमजोर जनसंखà¥à¤¯à¤¾à¥¤ 2 साल और उससे कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ और 65+ वयसà¥à¤•ों को निमोनिया होने का खतरा अधिक होता है।
वेंटिलेटर का उपयोग। यदि आपको असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² में à¤à¤°à¥à¤¤à¥€ कराया गया है और आपने वेंटिलेटर का उपयोग किया है, तो आप जोखिम में हैं।
सहवरà¥à¤¤à¥€ रोग। इसका मतलब है कि अगर आपको असà¥à¤¥à¤®à¤¾ या सीओपीडी जैसी मौजूदा सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हैं , तो आप जोखिम में हैं।
कम पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾à¥¤ हमने देखा है कि कम पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ बीमारियों का à¤à¤• निरंतर कारण रहा है, नवीनतम कोविड 19 है। यह निमोनिया के लिठà¤à¤• जोखिम कारक à¤à¥€ है।
निमोनिया और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के लिठउपचार के विकलà¥à¤ª कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
निमोनिया और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस दोनों उपचार योगà¥à¤¯ हैं; यहाठउनके उपचार के विकलà¥à¤ª हैं:
निमोनिया के लिठइलाज
निमोनिया के लिठउपचार का विकलà¥à¤ª इसके कारण पर निरà¥à¤à¤° करेगा। बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² निमोनिया का इलाज à¤à¤‚टीबायोटिक दवाओं से किया जा सकता है। वायरल निमोनिया आमतौर पर अपने आप ठीक हो जाता है। निमोनिया के हलà¥à¤•े मामलों का इलाज घर पर निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ दवाओं से किया जा सकता है।
यदि आपको बà¥à¤–ार है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° इसे पà¥à¤°à¤¬à¤‚धित करने के लिठदवाà¤à¤‚ लिखेंगे, और यदि आपको खांसी हो रही है, तो आप खांसी को कम करने वाली दवाओं की कोशिश कर सकते हैं।
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के लिठइलाज
डॉकà¥à¤Ÿà¤° सà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‰à¤¯à¤¡ लिखेंगे जो फेफड़ों में जा सकते हैं और कà¥à¤°à¥‹à¤¨à¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के लिठसांस लेने के उपचार की सलाह देते हैं। यदि आवशà¥à¤¯à¤• हो, तो सांस लेने में समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° पूरक ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ à¤à¥€ लिख सकते हैं।
निमोनिया और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के कारण होने वाली जटिलताà¤à¤‚ कà¥à¤¯à¤¾ हैं?
यदि उपचार में देरी हो जाती है या गलत उपचार दिया जाता है तो जटिलताà¤à¤‚ होती हैं।
यहाठनिमोनिया की जटिलताà¤à¤ हैं:
फेफड़े की विफलता
फेफड़ों में मवाद का बनना
रकà¥à¤¤ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करने वाला संकà¥à¤°à¤®à¤£ जो अंग की विफलता का कारण बन सकता है।
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस की जटिलताà¤à¤‚ हैं: यदि अनà¥à¤ªà¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤¤ किया जाता है, तो यह निमोनिया और सीओपीडी का कारण बन सकता है।
बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस और निमोनिया को कैसे रोकें:
निमोनिया और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस दोनों के लिà¤, धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• जोखिम कारक है; इसलिठधूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ने की सलाह दी जाती है। अनà¥à¤¯ उपायों में जलन, पà¥à¤°à¤¦à¥‚षकों, धà¥à¤à¤‚ और धूल के संपरà¥à¤• में आने से बचने के लिठमà¥à¤‚ह को ढंकना शामिल है।
निषà¥à¤•रà¥à¤·:
निमोनिया और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस दोनों का इलाज संà¤à¤µ है। यदि आपके कोई लकà¥à¤·à¤£ हैं जो बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस या निमोनिया की ओर इशारा कर सकते हैं, तो घबराà¤à¤‚ नहीं। यदि वे गंà¤à¥€à¤° नहीं हैं, तो पहले घरेलू उपचार के लिठजाà¤à¤‚। यदि आपको लगता है कि लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ से राहत नहीं मिल रही है, तो किसी अचà¥à¤›à¥‡ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें और उपचार के सà¤à¥€ विकलà¥à¤ªà¥‹à¤‚ पर विचार करें।
अकà¥à¤¸à¤° पूछे जाने वाले पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ (à¤à¤«à¤à¤•à¥à¤¯à¥‚):
1) कà¥à¤¯à¤¾ निमोनिया और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस संकà¥à¤°à¤¾à¤®à¤• हैं?
चूंकि बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ या वायरस दोनों का कारण बनते हैं, वे छींकने और खांसने या बरà¥à¤¤à¤¨ साà¤à¤¾ करने के माधà¥à¤¯à¤® से हवा के माधà¥à¤¯à¤® से फैल सकते हैं। मरीजों को हमेशा अपना मà¥à¤‚ह ढकने का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना चाहिà¤à¥¤
2) कà¥à¤¯à¤¾ बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस और निमोनिया से फेफड़ों का कैंसर हो सकता है?
à¤à¤¸à¤¾ कोई डेटा नहीं है जो बताता हो कि निमोनिया और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ या इतिहास फेफड़ों के कैंसर का कारण होगा। हालांकि, चूंकि जोखिम कारक समान हैं, जैसे कि सिगरेट पीना, फेफड़ों के कैंसर के रोगी निमोनिया और बà¥à¤°à¥‹à¤‚काइटिस के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अधिक संवेदनशील होते हैं।
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