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सà¤à¥€ पोषक ततà¥â€à¤µ मौजूद होते हैं
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि मां का दूध (सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨) बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसबसे अचà¥à¤›à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ है. इसमें कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ, वसा, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, खनिज लवण जैसे ततà¥à¤µ बिलà¥à¤•à¥à¤² सही मातà¥à¤°à¤¾ में मौजूद रहते हैं. उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि मां का दूध पीने वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बचपन में निमोनिया जैसी बीमारी होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ नहीं रहती है.
शिशॠके लिठजरूरी बताया गया है मां का दूध, जानें इससे मिलने वाले 8 जबरदसà¥à¤¤ फायदे
मां का दूध शिशॠके लिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ है अहम, इसे पीने से होते हैं ताकतवर
सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž बताती है कि मां के दूध पर शिशॠका पूरà¥à¤£ रूप से अधिकार होता है। हर à¤à¤• शिशॠको मां का दूध मिलना चाहिà¤à¥¤ मां के दूध से कई पà¥à¤°à¤•ार के फायदे मिलते हैं, जैसे
1. जिंक, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिनà¥à¤¸ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है दूध
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताती हैं कि मां के दूध में सही मातà¥à¤°à¤¾ में जिंक, मलà¥à¤Ÿà¥€ विटामिन, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फैट, सॉलà¥à¤Ÿà¥à¤¸, आयरन तमाम पोषक ततà¥à¤µ मौजूद होते हैं। जैसे ही शिशॠकी उमà¥à¤° बढ़ती है वैसे ही मां के दूध में मौजूद ये पोषक ततà¥à¤µ बदलते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में यदि शिशॠको सिरà¥à¤« मां का दूध ही समय पर दिया जाठतो उसे अनà¥à¤¯ पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की आवशà¥à¤¯à¤•ता ही नहीं पड़ेगी। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मां के दूध में मौजूद पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से उसकी पूरà¥à¤¤à¤¿ हो जाà¤à¤—ी।
2. टीकाकरण का असर और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ अचà¥à¤›à¤¾ होता है
शिशॠके जनà¥à¤® के बाद उसे कई टीका दिया जाता है। ताकि बीमारियों से उसे बचाया जा सके। यदि शिशॠमां का दूध सही समय पर पी रहा है व नियमित मातà¥à¤°à¤¾ में पी रहा है तो टीका का उसपर अचà¥à¤›à¤¾ असर होगा और वो बीमारियों से लड़ने में सकà¥à¤·à¤® होगा।
3. चेहरे व दांतों की रचना अचà¥à¤›à¥€ होती है
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताती हैं कि वैसी माताà¤à¤‚ जो शिशॠको नियमित तौर पर सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करातीं हैं उनके बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के चेहरे और दांत की संरचना अचà¥à¤›à¥€ होती है। दांतों में सड़न व अनà¥à¤¯ परेशानियां à¤à¥€ नहीं होती हैं।
4. à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨, à¤à¤•à¥à¤œà¥€à¤®à¤¾ जैसी बीमारियों से लड़ने में सहायक
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° जो शिशॠमां का दूध पीते हैं उनको कई पà¥à¤°à¤•ार की बीमारी जैसे à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¤¿à¤• रिà¤à¤•à¥à¤¶à¤¨ और à¤à¤•à¥à¤œà¥€à¤®à¤¾ की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह बीमारी शिशà¥à¤“ं में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखने को मिलती है। वहीं वैसी माताà¤à¤‚ जो शिशॠको किसी कारण से दूध नहीं पिलाती हैं या बॉटल मिलà¥à¤• देती हैं उनको यह बीमारी होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ अधिक होती है।
5. शिशॠआसानी से पचा लेता है
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताती हैं कि मां के दूध में यह खासियत होती है कि शिशॠउसे काफी जलà¥à¤¦à¥€ पचा लेता है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मां के दूध में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में पाचक ततà¥à¤µ होते हैं। यही वजह है कि शिशॠको शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ छह महीनों में सिरà¥à¤« व सिरà¥à¤« मां का दूध ही देना चाहिà¤à¥¤
6. सामानà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में मजबूत होती है इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताती हैं कि सामानà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जो शिशॠमां का दूध नियमित तौर पर सेवन करते हैं उनमें रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। उनकी इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ इतनी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज होती है कि वो छोटी मोटी बीमारियों से जलà¥à¤¦à¥€ बीमार नहीं पड़ते हैं। मां के दूध में परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में à¤à¤‚टीबॉडी, लेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤«à¥‡à¤°à¥‰à¤¨ और डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚बीसी होता है। यही कारण है कि शिशॠबीमारियों से लड़ पाता है। ये शिशॠबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और वायरल इंफेकà¥à¤¶à¤¨ से लड़ सकते हैं। यदि आपने हाल ही में शिशॠको जनà¥à¤® दिया है कि कोशिश करें कि शिशॠको फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• देने की बजाय मां का गाढ़ा पीला दूध ही दें। ताकि वो बाहर से ही नहीं बलà¥à¤•ि अंदर से à¤à¥€ मजबूत हो।
7. सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले शिशॠहोते हैं अधिक तेज
à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ बताती हैं कि जो शिशॠसà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करते हैं वो दूसरों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में अधिक तेज होते हैं। सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करने वाले या फिर फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥à¤• लेने वाले शिशॠका इंजेलिजेंस लेवल अलग अलग होता है। जो शिशॠसिरà¥à¤« व सिरà¥à¤« मां का दूध पीते हैं वो सामानà¥à¤¯ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज होते हैं। शिशॠके मषà¥à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤• का विकास शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ के छह महीनों में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। वहीं कà¥à¤² दो साल तक शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• का विकास होता है। à¤à¤¸à¥‡ में शिशॠके लिठमां का दूध काफी जरूरी है।
8. बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कैंसर होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ कम होती है
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताती हैं कि मां का दूध पीने वाले शिशॠमें देखा गया है कि उनको लिंफोमा कैंसर की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है। वहीं जैसे जैसे उमà¥à¤° बढ़ती है उनमें कई अनà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤•ार के कैंसर होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ कम होती है। इसलिठमाताओं को शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने की सलाह दी जाती है।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ मिलà¥à¤• की खासियत
शिशॠके जनà¥à¤® के साथ साथ जैसे जैसे वो बड़ा होता है ठीक उसी पà¥à¤°à¤•ार मां के दूध में मौजूद ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ में बदलाव आता है। डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताती हैं कि यदि शिशॠपà¥à¤°à¥€à¤®à¥‡à¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° हà¥à¤† तो मां का दूध थोड़ा अलग होता है, ताकि शिशॠउसे आसानी से पचा सके। जैसे शिशॠकी उमà¥à¤° बढ़ती है ठीक उसी पà¥à¤°à¤•ार मां के दूध की मातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥€ बढ़ती है। उसमें मौजूद पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ बढ़ते हैं।
लंबे समय तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने से ये दिखते हैं लाà¤
शिशॠमें टाइट टू डायबिटीज होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है
कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² और बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की समसà¥à¤¯à¤¾ कम होती है
लंबे समय तक मां का दूध पीने वाले शिशॠमें वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤• होने पर मोटापे की शिकायत कम देखने को मिलती है
इन फायदों को उठाने के लिठशिशॠको कराà¤à¤‚ मां के दूध का सेवन
इन तमाम फायदों को उठाने के लिठशिशॠके जनà¥à¤® के बाद उसे मां का गाढ़ा पीला दूध ही पिलाना चाहिà¤à¥¤ ताकि इससे शिशॠशारिरिक और मानसिक तौर पर सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ रह सके। अधिक जानकारी के लिठआप अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° या फिर सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ रोग विशेषजà¥à¤ž की सलाह ले सकती हैं।
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