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फेफड़े मानव शरीर में वकà¥à¤·à¥€à¤¯ गà¥à¤¹à¤¾ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होते हैं।
वे वकà¥à¤· गà¥à¤¹à¤¾ में उरोसà¥à¤¥à¤¿ के दोनों ओर सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होते हैं और पांच मà¥à¤–à¥à¤¯ खंडों (पालियों) में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ होते हैं।
वकà¥à¤·à¥€à¤¯ गà¥à¤¹à¤¾, जिसे वकà¥à¤· गà¥à¤¹à¤¾ à¤à¥€ कहा जाता है, शरीर का दूसरा सबसे बड़ा खोखला सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ है।
वायॠमें सांस लेने वाले पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का मà¥à¤–à¥à¤¯ सांस लेने के अंग फेफड़ा या फà¥à¤ªà¥à¤«à¥à¤¸ (जैसा कि इसे वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• या चिकितà¥à¤¸à¥€à¤¯ à¤à¤¾à¤·à¤¾ मे कहा जाता है) होता है। यह पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤• जोडे़ के रूप मे उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है। फेफड़े की दीवार असंखà¥à¤¯ गà¥à¤¹à¤¿à¤•ाओं की उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के कारण सà¥à¤ªà¤‚जी होती है। यह वकà¥à¤· गà¥à¤¹à¤¾ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है। इसमें रकà¥à¤¤ का शà¥à¤¦à¥à¤§à¥€à¤•रण होता है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• फेफड़ा में à¤à¤• फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸à¥€à¤¯ धमनीहृदय से अशà¥à¤¦à¥à¤§ रकà¥à¤¤ लाती है। फेफड़े में रकà¥à¤¤ का शà¥à¤¦à¥à¤§à¥€à¤•रण होता है। रकà¥à¤¤ में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ का मिशà¥à¤°à¤£ होता है। फेफडो़ं का मà¥à¤–à¥à¤¯ काम वातावरण से पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤µà¤¾à¤¯à¥ लेकर उसे रकà¥à¤¤ परिसंचरण मे पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ (मिलाना) करना और रकà¥à¤¤ से कारà¥à¤¬à¤¨ डाइऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ को अवशोषित कर उसे वातावरण में छोड़ना है। गैसों का यह विनिमय असंखà¥à¤¯ छोटे छोटे पतली-दीवारों वाली वायॠपà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ाओं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अलà¥à¤µà¤¿à¤¯à¥‹à¤²à¥€ कहा जाता है, मे होता है। यह शà¥à¤¦à¥à¤§ रकà¥à¤¤ फà¥à¤«à¥à¤«à¥à¤¸à¥€à¤¯ शिरा दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ हृदय में पहà¥à¤à¤šà¤¤à¤¾ है, जहां से यह फिर से शरीर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अंगों मे पमà¥à¤ª किया जाता है।
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