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à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में कितनी बार संबंध बनाना चाहिà¤
हफà¥à¤¤à¥‡ में इतनी बार सेकà¥à¤¸ करना आप और आपके साथी के यौन जीवन में सà¥à¤§à¤¾à¤° करेगा जानिये à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में कितनी बार संबंध बनाना चाहिà¤à¥¤
जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेकà¥à¤¸ करने का मतलब हमेशा à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ रिशà¥à¤¤à¤¾ नहीं होता है बलà¥à¤•ि आपके साथी के साथ आपके संबंध, सेकà¥à¤¸ की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾, आप दोनों के रिशà¥à¤¤à¥‡ के लिठकà¥à¤¯à¤¾ बेहतर है यह जाने। इसलिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सेकà¥à¤¸ करने के बजाय हफà¥à¤¤à¥‡ में कितना सेकà¥à¤¸ करना चाहिठइस पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें। सेकà¥à¤¸ में आप दोनों कितने खà¥à¤¶ है यह जरà¥à¤°à¥€ है। आपके मन में à¤à¥€ अगर à¤à¤¸à¥‡ सवाल उठरहे है की आपको हफà¥à¤¤à¥‡ में कितनी बार यौन संबंध बनाना चाहिठतो जरूर इसके बारे में पूरी जानकारी पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करें।
à¤à¤• हफà¥à¤¤à¥‡ में कितनी बार संबंध बनाना चाहिà¤
आपको हफà¥à¤¤à¥‡ में कितनी बार सेकà¥à¤¸ करना चाहिठइसका कोई सही जवाब नहीं है आपको जो आपके रिशà¥à¤¤à¥‡ या सेकà¥à¤¸ लाइफ के लिठसही लगता है। उतना ही सही है।
लोगों के यौन वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° का अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ करने पर पाया गया कि औसत वयसà¥à¤• साल में ५४ बार या सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में औसतन लगà¤à¤— à¤à¤• बार सेकà¥à¤¸ करता है।
सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में à¤à¤• बार सेकà¥à¤¸ करना औसत हो सकता है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि यह सà¤à¥€ रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ के लिठसही मातà¥à¤°à¤¾ है। अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के तरà¥à¤• में सामने आया की सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में à¤à¤• बार सेकà¥à¤¸ करना बहà¥à¤¤ है और अनà¥à¤¯ ने तरà¥à¤• दिया की यह लगà¤à¤— परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं है।
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• जोड़े के लिठसेकà¥à¤¸ की कितनी मातà¥à¤°à¤¾ सही है यह मातà¥à¤°à¤¾ इस बात पर निरà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¿à¤¤ करती है जो उनके लिठसही है। बहà¥à¤¤ कम या बहà¥à¤¤ अधिक सेकà¥à¤¸ करना वासà¥à¤¤à¤µ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤ªà¤°à¤• और जोड़े पर निरà¥à¤à¤° करता है।
कारक जो à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ यौन जीवन में बाधा डाल सकते हैं -
अगर आपको कà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ लगता है की आप अपने और अपने साथी के सेकà¥à¤¸ की मातà¥à¤°à¤¾ से संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ नहीं हो पा रहे है तो इसके पीछे कà¥à¤› कारक होते है। आपको या आपके साथी के यौन जीवन को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले कारक नीचे बताये गठहै।
आपकी à¤à¤¸à¥€ दिनचरà¥à¤¯à¤¾ जो उबाऊ है।
किसी तरह का तनाव होना सामानà¥à¤¯ तौर पर या आपके रिशà¥à¤¤à¥‡ को लेकर।
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं की वजह से शरीर बदलाव होने की वजह से।
उमà¥à¤° बढ़ने का असर।
आपसी संवाद में कमी होना या à¤à¤• दूसरे के साथ संवाद करने में आप सहज नहीं है।
आपके साथी का या आपका उनकी तरफ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं होना उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ देखना या सà¥à¤¨à¤¨à¤¾ महसूस नहीं करना।
अपने जीवन में वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ होना जैसे : बचà¥à¤šà¥‹à¤‚, परिवार या करियर में।
आप और आपके साथी के यौन जीवन में सà¥à¤§à¤¾à¤° कैसे करें -
सेकà¥à¤¸ आनंददायक होना चाहिठà¤à¤¸à¤¾ नहीं जो तनाव पैदा करे। आपके यौन जीवन की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करने के कà¥à¤› तरीके यहाठदिठगठहै।
१. अपने शरीर को जाने
आपको आपके शरीर से परिचित होना होगा अगर आप सहज हैं तो अपने आप को शारीरिक रूप से जानें। इसके लिठहसà¥à¤¤à¤®à¥ˆà¤¥à¥à¤¨ कर सकते है की आपको कà¥à¤¯à¤¾ अचà¥à¤›à¤¾ लगता है। आपको जो संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ करता है उसे आप अपने साथी के साथ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ कर पाà¤à¤‚गे।
२. संवाद
अपने यौन जीवन को बदलने के लिठखà¥à¤²à¥‡ संचार की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। अपने साथी के साथ सेकà¥à¤¸ पर खà¥à¤²à¤•र चरà¥à¤šà¤¾ करे अपनी यौन आवशà¥à¤¯à¤•ताओं और सीमाओं को साà¤à¤¾ करें।
३. पहले फोरपà¥à¤²à¥‡ करें
फोरपà¥à¤²à¥‡ करना शारीरिक सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ या यौन कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤“ं से कहीं जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आपको साथी के करीब लाता है। अपने साथी के साथ फोरपà¥à¤²à¥‡ करें उनके सà¥à¤¨à¥‡à¤¹ और समà¥à¤®à¤¾à¤¨ के साथ वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤° करना सेकà¥à¤¸ के दौरान à¤à¤• गहरे संबंध के लिठà¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ बिंदॠपà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है।
४. तनाव ना लें
तनाव आपके यौन जीवन में बाधा डालता है। तनाव से वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अपनी कामेचà¥à¤›à¤¾ को कम कर देता है। अगर आपको लगता है की आप या आपका साथी तनाव में हैं तो इस बारे में à¤à¤•-दूसरे से बात करें।
५. कà¥à¤› नया करें
अपने साथी से पूछें कि उनका सबसे अचà¥à¤›à¤¾ यौन अनà¥à¤à¤µ कà¥à¤¯à¤¾ था, वे असंतà¥à¤·à¥à¤Ÿ कब महसूस करते थे, या à¤à¤¸à¤¾ कà¥à¤› जो वे हमेशा से करना चाहते थे। नई पोजीशन आजमाने से आपकी सेकà¥à¤¸ लाइफ में नई जान आ सकती है।
नियमित सेकà¥à¤¸ करने के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठ-
इससे à¤à¤• सà¥à¤–द शारीरिक à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ पैदा होती है।
नियमित सेकà¥à¤¸ साथी से अपने संबंध के अनà¥à¤à¤µ को वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने में मदद करता है।
ऑरà¥à¤—ेजà¥à¤® के दौरान डोपामाइन रिलीज होता है जिससे शांत और à¤à¤•-दूसरे के करीब आने में मदद मिलती है।
à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• बंधनों में मजबूती आती है।
नियमित सेकà¥à¤¸ करने से रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª कम होता है।
निषà¥à¤•रà¥à¤· :
सेकà¥à¤¸ सिरà¥à¤« शारीरिक संबंध ही नहीं होता बलà¥à¤•ि यह दो लोगों को à¤à¤•-दूसरे के करीब लाता है। यह जरà¥à¤°à¥€ नहीं की आप कितना सेकà¥à¤¸ करते है बलà¥à¤•ि आपके यौन संबंध की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ कितनी है और आप दोनों कितने संतà¥à¤·à¥à¤Ÿ है यह जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मायने रखता है।
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