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अब आप नहीं चाहतीं बचà¥â€à¤šà¤¾, तो जान लें गरà¥à¤ निरोधक का परमानेंट तरीका
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी को रोकने का परमानेंट तरीका है टà¥à¤¯à¥‚बेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ जैसे देशों में गरà¥à¤ निरोधक का ये तरीका बहà¥à¤¤ पà¥à¤°à¤šà¤²à¤¿à¤¤ है।
अब आप नहीं चाहतीं बचà¥â€à¤šà¤¾, तो जान लें गरà¥à¤ निरोधक का परमानेंट तरीका
अब परिवार नियोजन के बारे में लोग जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जागरूक होने लगे हैं। अब सिरà¥à¤« à¤à¤• या दो ही बचà¥â€à¤šà¥‡ पैदा करने का चलन है। परिवार नियोजन के लिठमहिला नसबंदी को सबसे कारगर तरीका माना जाता है और इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में हम आपको महिला नसबंदी यानी टà¥à¤¯à¥‚बल लिगेशन के बारे में बता रहे हैं।
​महिला नसबंदी कà¥â€à¤¯à¤¾ है
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी को रोकने की यह à¤à¤• परमानेंट पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है। इसमें फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब को बà¥â€à¤²à¥‰à¤• कर दिया जाता है जिससे महिला कंसीव नहीं करती है। 40 से 44 साल की महिलाà¤à¤‚ नसबंदी अधिक करवाती हैं। इसमें दो तरह से नसबंदी की जाती है सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल और नॉन सरà¥à¤œà¤¿à¤•ल।
कब करवाà¤à¤‚ महिला नसबंदी
यदि आप पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट नहीं होना चाहती हैं और गरà¥à¤â€ निरोधक का कोई परमानेंट तरीका ढूंढ रही हैं या मां बनने के बाद अब बचà¥â€à¤šà¤¾ नहीं चाहती हैं तो आप नसबंदी करवा सकती हैं।
इसके अलावा पैंतीस से अधिक उमà¥à¤° की महिलाà¤à¤‚ जिनमें हाई रिसà¥â€à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का खतरा हो या जो हाई बà¥â€à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° जैसी किसी सà¥â€à¤µà¤¾à¤¸à¥â€à¤¥à¥â€à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ हों, तो इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में महिला को नसबंदी करवानी होती है।
​महिला नसबंदी कैसे की जाती है
नसबंदी करने से पहले डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° पेट और पेलà¥à¤µà¤¿à¤• हिसà¥â€à¤¸à¥‡ की जांच करते हैं कि कहीं महिला को पीसीओडी जैसी कोई समसà¥â€à¤¯à¤¾ तो नहीं है। इसका इलाज होने तक सरà¥à¤œà¤°à¥€ को रोका जा सकता है।
टà¥à¤¯à¥‚बेकà¥à¤Ÿà¥‹à¤®à¥€ में नाà¤à¤¿ के आसपास à¤à¤• छोटा कट लगाया जाता है और फिर à¤à¤• पतली सी सà¥à¤Ÿà¤¿à¤• पर लगे कैमरे को à¤à¤• कट से अंदर डाला जाता है। इस उपकरण को लैपà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥â€à¤•ोप कहते हैं।
इस सà¥à¤Ÿà¤¿à¤• पर लगे कैमरे से डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° को फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚बदेखने में मदद मिलती है। डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚बको आधा काटकर उसे दोनों सिरों से à¤à¤•साथ बांध सकते हैं। कà¥â€à¤²à¤¿à¤ª के जरिठà¤à¥€ फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚बको à¤à¤• साथ बांधकर बà¥â€à¤²à¥‰à¤• किया जा सकता है। कà¥à¤› सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में हो सकता है कि डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° पूरी फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब को ही निकाल दें।
​महिला नसबंदी के लाठऔर जोखिम कारक
गरà¥à¤ निरोधक गोलियों के साइड इफेकà¥â€à¤Ÿ होते हैं और अनà¥â€à¤¯ गरà¥à¤ निरोधक के तरीकों की à¤à¥€ कोई गारंटी नहीं होती है। à¤à¤¸à¥‡ में टà¥à¤¯à¥‚बल लिगेशन सबसे कारगर तरीका है। इसका महिलाओं की सेकà¥â€à¤¸ डà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µ और हारà¥à¤®à¥‹à¤‚स पर कोई असर नहीं पड़ता है। जो महिलाà¤à¤‚ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी नहीं चाहती हैं, वो नसबंदी करवा सकती हैं और इसके बाद आपको गरà¥à¤ निरोधक गोली लेने या कंडोम का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने की à¤à¥€ जरूरत नहीं है।
इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का कोई जोखिम कारक नहीं है लेकिन फिर à¤à¥€ सरà¥à¤œà¤°à¥€ की वजह से कà¥à¤› समसà¥â€à¤¯à¤¾à¤à¤‚ आ सकती हैं, जैसे कि पेट में बहà¥à¤¤ तेज दरà¥à¤¦ होना, टांके वाली जगह से खून आना, योनि से डिसà¥â€à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ होना, बà¥à¤–ार, सांस लेने में दिकà¥â€à¤•त आदि।
​महिला नसबंदी के नà¥à¤•सान
हर चीज के फायदे और नà¥à¤•सान दोनों होते हैं। इसी तरह महिला नसबंदी के à¤à¥€ कà¥à¤› नà¥à¤•सान हो सकते हैं। चूंकि, ये पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी को रोकने की परमानेंट पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है, इसलिठमहिलाà¤à¤‚ इस ऑपरेशन के बाद मां नहीं बन सकती हैं। à¤à¤¸à¤¾ न हो कि नसबंदी के बाद आपको पछतावा हो।
अगर नसबंदी के बाद à¤à¥€ महिला पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंट हो जाती है, तो उनमें à¤à¤•à¥â€à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी का खतरा बहà¥à¤¤ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है।
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