Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
à¤à¤• महिला में गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के दोनों तरफ दो अंडाशय होते हैं।
ओवरी कà¥à¤¯à¤¾ है (What is Ovary in Hindi?)
ओवरी महिलाओं की पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ अंगों का à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ है जो गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के दोनों पकà¥à¤· पर पेलà¥à¤µà¤¿à¤¸ में सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ होता है। à¤à¤• महिला में दो ओवरी होते हैं जिनका काम अंडे और à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¨ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करना है।
à¤à¤• ओवरी का आकार (Normal Ovary Size) लगà¤à¤— बादाम के आकार का होता है। पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• महीने, मासिक धरà¥à¤® के दौरान ओवरी में à¤à¤• अंडा बà¥à¤¤à¤¾ है। यह अंडा फॉलिकल नामक थैली में विकसित होता है। जब यह अंडा परिपकà¥à¤µ (मैचà¥à¤¯à¥‹à¤°) हो जाता है तो वह फॉलिकल को तोड़कर उससे बाहर निकल जाता है।
परिपकà¥à¤µ अंडा फैलोपियन टà¥à¤¯à¥‚ब में पà¥à¤°à¥à¤· सà¥à¤ªà¤°à¥à¤® के साथ फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ होता है। यह गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की सबसे शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ सà¥à¤Ÿà¥‡à¤œ है।
ओवरी से संबंधित कà¥à¤› मà¥à¤–à¥à¤¯ बिंदॠ(Facts about ovary size in Hindi)
गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करना हर महिला के लिठà¤à¤• सà¥à¤–द à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ होता है, लेकिन कई बार कà¥à¤› कारणों से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में परेशानी होती है। गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में ओवरी का आकार काफी महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है।
ओवरी का आकार महिला की उमà¥à¤° के साथ बदलता है।
मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° के दौरान महिला की ओवरी का आकार बदलता है।
ओवरी में किसी पà¥à¤°à¤•ार का गांठबनने से इसके आकार में बदलाव आता है।
मेनोपॉज शà¥à¤°à¥‚ होने के बाद ओवरी का आकार बà¥à¤¨à¥‡ के बजाय सिकà¥à¥œà¤¨à¥‡ लगता है।
तनाव के कारण महिला की ओवरी का आकार पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होता है।
जब à¤à¤• महिला तनाव में होती है तो उसकी ओवरी अंडों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ कम या बंद कर देती है।
जब ओवरी में अंडों का निरà¥à¤®à¤¾à¤£ हो रहा होता है तब इसका आकार लगà¤à¤— 5 सेंटीमीटर होता है।
ओवरी में बनने वाले गांठअधिकतर मामलों में कà¥à¤› महीनों के अंदर अपने आप ही ठीक हो जाते हैं।
ओवरी का आकार बदलने के कारण
ओवरी का आकार कई कारणों से बदलता है। यौवन (पà¥à¤¬à¤°à¥à¤Ÿà¥€) की उमà¥à¤° में पहà¥à¤‚चने से पहले और मेनोपॉज आने के बाद ओवरी का आकार छोटा होता है। उमà¥à¤° के अलावा, दूसरे à¤à¥€ à¤à¤¸à¥‡ अनेक कारक हैं जो ओवरी के आकार को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं।
पà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ उपचार और पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान à¤à¤µà¤‚ अंडाशय से जà¥à¥œà¥‡ विकारों के कारण ओवरी के आकार में बदलाव आता है। ओवरी के आकार का संबंध सीधा महिला के गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ से होता है। अंडों के फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œ होने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ à¤à¥€ ओवरी के आकार पर निरà¥à¤à¤° करता है।
अगर ओवरी का आकार सामानà¥à¤¯ से कम है तो महिला को गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में परेशानी हो सकती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में अंडा रिजरà¥à¤µ सामानà¥à¤¯ से कम होता है। अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड और खून की जांच से ओवरी के आकार की पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ की जा सकती है।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड से ओवरी में फॉलिकल की संखà¥à¤¯à¤¾ को गिना जा सकता है। फॉलिकल की संखà¥à¤¯à¤¾ से पता चल सकता है कि à¤à¤— रिजरà¥à¤µ कम है या सामानà¥à¤¯à¥¤ ओवरी का आकार बड़ा होने का मतलब यह नहीं है की à¤à¤— रिजरà¥à¤µ अधिक है।
विकार या टà¥à¤¯à¥‚मर के कारण ओवरी का आकार बॠसकता है। इस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में महिला सामानà¥à¤¯ रूप से ओवà¥à¤²à¥‡à¤Ÿ नहीं करती है। साथ ही, गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में परेशानी होती है। अगर आपको पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से गरà¥à¤à¤§à¤¾à¤°à¤£ करने में परेशानी हो रही है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से परामरà¥à¤¶ करें।
| --------------------------- | --------------------------- |