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मसलà¥à¤¸ रिकवरी बढ़ाने वाले 5 विटामिन, इस तरह अपनी डाइट में शामिल करें
वरà¥à¤•आउट और à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ (Workout and Exercise) के बाद हेलà¥à¤¦à¥€ मील (Healthy meal) लेना जरूरी होता है। इससे शरीर को गà¥à¤°à¥‹à¤¥ करने में काफी मदद मिलती है।
पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ (Proteins), कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ (Carbohydrates), आवशà¥à¤¯à¤• फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (Essential fatty acids), इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¥à¤¸ (Electrolytes) और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट (Antioxidants) से à¤à¤°à¤ªà¥‚र मील खाने से शरीर को काफी फायदा मिलता है।
मसलà¥à¤¸ रिकवरी के लिठहाई पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ फूड (High protein foods for muscle recovery) की जरूरत होती है। वहीं जिम में कà¥à¤› गलतियां à¤à¥€ करने से बचना चाहिठ(Muscle building mistakes to avoid)।
मसलà¥à¤¸ रिकवरी और गà¥à¤°à¥‹à¤¥ के लिठगहरी नींद (Deep sleep for muscle recovery) के साथ विटामिन की à¤à¥€ जरूरत होती है।
यदि कोई विटामिन-मिनरलà¥à¤¸ से यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ का सेवन नहीं करता तो वरà¥à¤•आउट के बाद मसलà¥à¤¸ में दरà¥à¤¦ यानी सोरनेस (Pain in muscles after workouts aks soreness) होने लगती है।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से मसलà¥à¤¸ से गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤•ोजन (Glycogen) डिपà¥à¤²à¥€à¤Ÿ हो जाता है, जो कि गà¥à¤²à¥‚कोज और कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ (Glucose and carbohydrate) से बनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤°à¥à¤¡ à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ होती है।
यदि गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤•ोजन की अधिक कमी होगी तो मसलà¥à¤¸ टिशà¥à¤¯à¥‚ज रिपेयर (Muscle tissues repair) नहीं होते, जिससे सोरनेस बढ़ जाती है और मसलà¥à¤¸ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ à¤à¥€ रà¥à¤• जाती है।
इसलिठसेलà¥à¤²à¤° सिंथेसिस और टिशà¥à¤¯à¥‚ज की मरमà¥à¤®à¤¤ (Cellular synthesis and tissue repair) के लिठविटामिन और मिनरल (Vitamins and mineral) से यà¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ करना चाहिà¤à¥¤
हालांकि विटामिन आमतौर पर बैलेंस डाइट में पाठजाते हैं। लेकिन अकà¥à¤¸à¤° कà¥à¤› विटामिन की कमी के कारण मसलà¥à¤¸ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ या रिकवरी रà¥à¤• जाती है। इसलिठआज हम कà¥à¤› à¤à¤¸à¥‡ विटामिन और उनके सोरà¥à¤¸ के बारे में बताà¤à¤‚गे, जो मसलà¥à¤¸ रिकवरी को तेज (Vitamins to Aid Muscle Recovery) करते हैं। आइठजानते हैं…
1. विटामिन सी (Vitamin C)
विटामिन सी शरीर के लिठबहà¥à¤¤ जरूरी है। कोरोना वायरस (Corona virus) में इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ बढ़ाने के लिठविटामिन सी रिच फूड का सेवन करने की सलाह दी गई। जब किसी को कोलà¥à¤¡ या अनà¥à¤¯ मौसमी बीमारियां होती हैं तब à¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° विटामिन सी के सेवन की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ाने की सलाह देते हैं।
विटामिन सी à¤à¤• शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट (Powerful antioxidants) में से à¤à¤• है, जो मसलà¥à¤¸ सेलà¥à¤¸ को फà¥à¤°à¥€-रेडिकलà¥à¤¸ से नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाने से बचाता है। इसके अलावा, यह टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ (Testosterone) और अनà¥à¤¯ à¤à¤¨à¤¾à¤¬à¥‰à¤²à¤¿à¤• हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ (Anabolic hormones) के निरà¥à¤®à¤¾à¤£ में सहायता करने का à¤à¥€ काम करता है।
विटामिन सी कोलेजन बनाने में à¤à¥€ सहायक है। शायद आपको हो कि कोलेजन, कनेकà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ टिशà¥à¤¯à¥‚ज (connective tissue) का पà¥à¤°à¤¾à¤¥à¤®à¤¿à¤• घटक है। इसलिठहडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और मांसपेशियों (bones and muscles) को चोट से बचाने में मदद करता है। इससे आप हैवी लिफà¥à¤Ÿ कर सकते हैं, जिससे चोट लगने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ कम होती है।
उतà¥à¤¤à¤°à¥€ कैरोलिना विशà¥à¤µà¤µà¤¿à¤¦à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ (University of North Carolina) की रिसरà¥à¤š के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग से पहले और बाद में विटामिन सी सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट लेने से मसलà¥à¤¸ सोरनेस कम होती है और गà¥à¤²à¥‚टाथियोन (Glutathion) का ऑकà¥à¤¸à¥€à¤•रण अचà¥à¤›à¥‡ से होता है, यह बहà¥à¤¤ शकà¥à¤¤à¤¿à¤¶à¤¾à¤²à¥€ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट है।
खटà¥à¤Ÿà¥‡ फल, टमाटर, आलू, लाल मिरà¥à¤š, संतरा, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ और पालक विटामिन सी के सोरà¥à¤¸ हैं। चाहें तो लिमसी (limcee tablet) या फिर सेलिन (celin tablet) टैबलेट डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह पर ले सकते हैं।
2. विटामिन ई (Vitamin E)
विटामिन ई à¤à¥€ शरीर के लिठजरूरी विटामिन है। इसका यूज अकà¥à¤¸à¤° सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤š मारà¥à¤• और सà¥à¤•िन पà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥à¤²à¤® (stretch marks and skin problems) के इलाज में किया जाता है।Â
यह अचà¥à¤›à¤¾ à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट है, जो शरीर में मसलà¥à¤¸ सेलà¥à¤¸ की इंटेगà¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ (Integrity of cells) की सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ करने का काम करता है। à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ और इंटेंस टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग शरीर में फà¥à¤°à¥€ रेडिकलà¥à¤¸ का पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ करते हैं, जो सेलà¥à¤²à¤° शà¥à¤µà¤¸à¤¨ के लिठगलत होता है।Â
जैसे ही ये फà¥à¤°à¥€ रेडिकलà¥à¤¸ जमा होने लगते हैं शरीर विषाकà¥à¤¤ होने लगता है, जिससे परफॉरà¥à¤®à¥‡à¤‚स बिगड़ जाती है। मसलà¥à¤¸ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ नहीं होती और इमà¥à¤¯à¥‚निटी कमजोर हो जाती है।
इसलिठविटामिन ई सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट या फूड का सेवन करना मसलà¥à¤¸ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ के लिठफायदेमंद है। विटामिन ई लेने के लिठडाइट में बादाम (Almonds), मूंगफली (Nuts) और हेजलनटà¥à¤¸ (Hazelnuts), सूरजमà¥à¤–ी के बीज (Sunflower Seeds), गेहूं (Wheat), कà¥à¤¸à¥à¤® (Safflower), मकà¥à¤•ा (Corn), पालक (Spinach) और बà¥à¤°à¥‹à¤•ली (Broccoli) आदि को शामिल कर सकते हैं।
3. विटामिन डी (Vitamin D)
मसलà¥à¤¸ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ और रिकवरी के लिठविटामिन डी जरूरी होता है। इस विटामिन को लेने के लिठआपको फूड और सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट की अतिरिकà¥à¤¤ आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती, इसे धूप में बैठकर लिया जा सकता है।
विटामिन डी रोग को दूर रखने के लिठजरूरी है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में लगà¤à¤— 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ लोगों में विटामिन-डी की कमी है। यह सà¤à¥€ विटामिनों में सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है। विटामिन डी पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ में à¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है, जिससे टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ (Testosterone production) में à¤à¥€ मदद मिलती है।
कम टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ वाले पà¥à¤°à¥à¤·à¥‹à¤‚ पर किठगठअधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• जिन लोगों ने विटामिन डी सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट (Supplementation with vitamin D) का सेवन किया, उनके टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ में 20% का इजाफा हà¥à¤†à¥¤
टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ और मसलà¥à¤¸ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ के अलावा विटामिन डी हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ में à¤à¥€ सà¥à¤§à¤¾à¤° करता है, यह कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® (Calcium and magnesium) के साथ मिलकर काम करता है।
विटामिन डी की 1000 से 4000 IU मातà¥à¤°à¤¾ हेलà¥à¤¦à¥€ रहने के लिठकाफी है। अंडे की जरà¥à¤¦à¥€, मशरूम, मछली, सोया मिलà¥à¤•, बादाम मिलà¥à¤•, फà¥à¤°à¥‚ट जूस, अनाज, दही, टोफू और सी-फूडà¥à¤¸ से विटामिन डी ले सकते हैं।
4. बी विटामिन (बी 6, फोलेट और बी 12) (B Vitamins (B6, Folate & B12)
विटामिन बी 6, फोलेट और बी12 में सबसे महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ 'बी विटामिन' हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह मसलà¥à¤¸ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ और रिकवरी के लिठजरूरी है। विटामिन बी 6 और बी12 (vitamins B6 and B12) दोनों विटामिन पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ मेटाबॉलिजà¥à¤® में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
साथ ही विटामिन बी लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं (Red blood cells) में आवशà¥à¤¯à¤• हैं, जो मांसपेशियों की वृदà¥à¤§à¤¿ और मरमà¥à¤®à¤¤ के लिठजरूरी है।
विटामिन बी 6 और बी 12 के संयोजन में फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ (विटामिन बी 9) लेना होमोसिसà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ लेवल (homocysteine level) को कम कर सकता है और नाइटà¥à¤°à¤¿à¤• ऑकà¥à¤¸à¤¾à¤‡à¤¡ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ (nitric oxide production) और à¤à¤‚डोथेलियल फंकà¥à¤¶à¤¨ ( endothelial function) में सà¥à¤§à¤¾à¤° कर सकता है। बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, दूध, अंडा, पनीर या फिर बीकॉमà¥à¤ªà¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टो को डाइट में à¤à¤¡ कर सकते हैं।
5. विटामिन ठ(Vitamin A)
विटामिन ठउन विटामिनों में से à¤à¤• है जो आंखों की रोशनी (Eye health) में फायदा पहà¥à¤‚चाता है। इसके अलावा à¤à¥€ इसके कई फायदे होते हैं। à¤à¤¥à¤²à¥€à¤Ÿ और बॉडी बिलà¥à¤¡à¤°à¥à¤¸ के लिठविटामिन ठबहà¥à¤¤ जरूरी है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि यह à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ संशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ में मदद करता है, जो कि मसलà¥à¤¸ गà¥à¤°à¥‹à¤¥ के लिठजरूरी होते हैं।
मांसपेशियों की मरमà¥à¤®à¤¤ के दौरान पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के टूटने के लिठविटामिन ठकी आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है। इसका टेसà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤¨ पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤¶à¤¨ पर à¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ फायदा पहà¥à¤‚चता है। इसलिठइसका सेवन करना अचà¥à¤›à¤¾ रहता है।
विटामिन ठके सेवन के लिठडाइट में सà¥à¤µà¥€à¤Ÿ पौटेटो, गाजर, मिरà¥à¤š, अंडे, मछली, दही, चिकन आदि का सेवन करना चाहिà¤à¥¤
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