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à¤à¥à¤°à¥‚ण सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरण पशॠपà¥à¤°à¤œà¤¨à¤¨ की à¤à¤• नवीन तकनीक है जिससे उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ के दà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‚ पशॠà¤à¤µà¤‚ उचà¥à¤š कोटि के सांड का नसà¥à¤² सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठउपयोग किया जाता है, जिससे दà¥à¤—à¥à¤§ उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ बढ़ता है। इस विधि से उतà¥à¤¤à¤® नसà¥à¤² की गाय या à¤à¥ˆà¤‚स अपने, जीवनकाल में 50 से 100 बचà¥à¤šà¥‡ पैदा कर सकती हैं, जबकि सामानà¥à¤¯ रूप से à¤à¤• दà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‚ पशॠपà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीके से 8 से 10 बचà¥à¤šà¥‡ ही पैदा सकती है, । इस विधि में बूचड़खाने से अचà¥à¤›à¥€ नसà¥à¤² के अंडाशयों से , अविकसित अंडे लाकर पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला में पकाकर à¤à¤µà¤‚ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤—शाला में वीरà¥à¤¯ के साथ मिलाप करवा कर à¤à¥à¤°à¥‚ण तैयार किठजाते हैं। à¤à¥à¤°à¥‚ण को दो या चार हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में काटकर à¤à¤• à¤à¥à¤°à¥‚ण से 4 à¤à¥à¤°à¥‚ण à¤à¥€ बनाठजा सकते हैं। इस तकनीक से निमà¥à¤¨ कोटि के पशॠसे à¤à¥€ उचà¥à¤š कोटि की नसà¥à¤² के बचà¥à¤šà¥‡ पैदा कर सकते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि जब à¤à¥à¤°à¥‚ण को à¤à¤¸à¥‡ पशॠके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में रख दिया जाता है तो वह उसे पालकर उचà¥à¤š नसà¥à¤² का बचà¥à¤šà¤¾ पैदा करती हैं। à¤à¥à¤°à¥‚ण सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरण कृतà¥à¤°à¤¿à¤® गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ का विकलà¥à¤ª तो नहीं है, मगर उसके साथ à¤à¤• नवीन à¤à¤µà¤‚ सहयोगी तकनीक है। इसमें पशॠको हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का टीका लगाकर à¤à¤• से अधिक अंडे उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ किठजाते हैं,जबकि पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तरीके से à¤à¤• बार में केवल à¤à¤• अंडा ही उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होता है फिर उस पशॠका कृतà¥à¤°à¤¿à¤® गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ कराया जाता है ततà¥à¤ªà¤¶à¥à¤šà¤¾à¤¤ à¤à¥à¤°à¥‚ण को बिना चीर फाड़ के तरल माधà¥à¤¯à¤® के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ से बाहर निकाला जाता है à¤à¤µà¤‚ तरल नतà¥à¤°à¤œà¤¨ गैस में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ किया जाता है। जब कोई दूसरा पशॠगरà¥à¤®à¥€ में आता है तो उसमें बिना चीर फाड़ के उसके गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में रख दिया जाता है। इससे वह गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में पलकर बड़ा होता है।यह विधि, सांड या सांड की माताà¤à¤‚ उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने के लिठà¤à¤µà¤‚ उनकी नसà¥à¤² सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठमददगार साबित होगी।
à¤à¥à¤°à¥‚ण देने वाले पशॠका चà¥à¤¨à¤¾à¤µ:
à¤à¥à¤°à¥‚ण उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने वाले दà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‚ पशॠका चà¥à¤¨à¤¾à¤µ पशॠचिकितà¥à¤¸à¤• दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उसके जनन अंगों की जांच à¤à¤µà¤‚ निरीकà¥à¤·à¤£ करके किया जाता है। चà¥à¤¨à¤¾à¤µ किठहà¥à¤ पशॠको à¤à¤• निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ समय पर गरà¥à¤®à¥€ में लाने के लिठ10 से 11 दिन के अंतराल पर पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤¾à¤—à¥à¤²à¥ˆà¤‚डिन के टीके मांसपेशियों में लगाठजाते हैं।
अंडाशय में à¤à¤• से अधिक अंडे पैदा करना:
चà¥à¤¨à¤¾à¤µ किठहà¥à¤ पशॠसे अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में अंडे लेने के लिठà¤à¤«à¤¼ à¤à¤¸. à¤à¤š. के टीके 4 दिन पà¥à¤°à¤¾à¤¤à¤ƒ à¤à¤µà¤‚ सायं लगाठजाते हैं। यह टीके गरà¥à¤®à¥€ में आने के दसवें दिन से शà¥à¤°à¥‚ किठजाते हैं।
à¤à¥à¤°à¥‚ण उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने वाले à¤à¤µà¤‚ à¤à¥à¤°à¥‚ण गà¥à¤°à¤¹à¤£ करने वाले पशॠकी गरà¥à¤®à¥€ का नियंतà¥à¤°à¤£ करना:
à¤à¥à¤°à¥‚ण उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने वाले पशà¥à¤“ं में पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤Ÿà¤¾à¤—à¥à¤²à¥ˆà¤‚डिन के दो टीके ,à¤à¤«.à¤à¤¸.à¤à¤š. के टीके के बाद तीसरे दिन à¤à¤µà¤‚ चौथे दिन लगाठजाते हैं। à¤à¤¸à¥‡ ही à¤à¥à¤°à¥‚ण गà¥à¤°à¤¹à¤£ करने वाले पशॠमें यह टीका 11 दिन के अंतराल पर दो बार à¤à¥à¤°à¥‚ण देने वाले पशॠसे 12 घंटे पहले लगाते हैं।
गरà¥à¤®à¥€ की पहचान करना à¤à¤µà¤‚ कृतà¥à¤°à¤¿à¤® गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨:
सà¤à¥€ , à¤à¥à¤°à¥‚ण उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने वाले à¤à¤µà¤‚ à¤à¥à¤°à¥‚ण पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने वाले पशà¥à¤“ं की गरà¥à¤®à¥€ को ढूंढने के लिठटीजर बà¥à¤² को चकà¥à¤•र लगवा कर पता लगाया जा सकता है। यह पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ 1 दिन में तीन से चार बार दोहराई जाती है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ गरà¥à¤®à¥€ के लिठपशà¥à¤“ं पर 24 घंटे नजर रखें। à¤à¥à¤°à¥‚ण उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ करने वाले पशॠको उचà¥à¤š कोटि की किसà¥à¤® के वीरà¥à¤¯ दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ कृतà¥à¤°à¤¿à¤® गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ कराà¤à¤‚ à¤à¤µà¤‚ à¤à¥à¤°à¥‚ण गà¥à¤°à¤¹à¤£ करने वाले पशॠका à¤à¤²à¥€-à¤à¤¾à¤‚ति परीकà¥à¤·à¤£ करें कि उसकी जेरी( गरà¥à¤®à¥€ का लकà¥à¤·à¤£) सà¥à¤µà¤šà¥à¤› à¤à¤µà¤‚ पारदरà¥à¤¶à¥€ है इसलिठगरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ à¤à¥€ अंदर से सेहतमंद à¤à¤µà¤‚ सामानà¥à¤¯ होगा।
à¤à¥à¤°à¥‚ण à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ करना:
à¤à¥à¤°à¥‚ण देने वाले पशà¥à¤“ं से à¤à¥à¤°à¥‚ण छठे से सातवें दिन निकाले जाते हैं। इसके लिठदो रासà¥à¤¤à¥‡ वाली नली( फोलेज कैथेटर) à¤à¤µà¤‚ à¤à¥à¤°à¥‚ण फिलà¥à¤Ÿà¤° का उपयोग किया जाता है। गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के दोनों हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚( गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की सींगो/हॉरन) में कम से कम आधे-आधे लीटर बोवाइन सिरम à¤à¤²à¥à¤¬à¥à¤®à¤¿à¤¨ यà¥à¤•à¥à¤¤ फासà¥à¤«à¥‡à¤Ÿ बफर सलाइन माधà¥à¤¯à¤® के साथ धोकर à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जाता है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण की जांच परख à¤à¤µà¤‚ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरण:
पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• फ़à¥à¤²à¤¶, ( धोने) के बाद निकाले हà¥à¤ माधà¥à¤¯à¤® को गà¥à¤°à¤¿à¤¡ यà¥à¤•à¥à¤¤ पेटà¥à¤°à¥€ डिश में डालकर ज़ूम सà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¥‹ माइकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥à¤•ोप के नीचे देखा जाता है à¤à¤µà¤‚ à¤à¥à¤°à¥‚ण ढूंढे जाते हैं। फिर इन à¤à¥à¤°à¥‚णों को छोटी कलà¥à¤šà¤° पà¥à¤²à¥‡à¤Ÿà¥‹à¤‚ में फ़à¥à¤²à¤¶ माधà¥à¤¯à¤® में रखा जाता है। हर à¤à¤• à¤à¥à¤°à¥‚ण की बाहरी बनावट की सारी जांच पड़ताल की जाती है ताकि अचà¥à¤›à¤¾ à¤à¥à¤°à¥‚ण ढूंढा à¤à¤µà¤‚ परखा जा सके। निमà¥à¤¨ कोटि के à¤à¥à¤°à¥‚ण फेंक दिठजाते हैं तथा अचà¥à¤›à¥€ गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ के à¤à¥à¤°à¥‚ण को à¤à¥à¤°à¥‚ण सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरण गन दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ à¤à¥à¤°à¥‚ण पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने वाले पशॠमें बिना चीर फाड़ के गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ में रख देते हैं। à¤à¥à¤°à¥‚ण पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने वाले पशॠकी 60 à¤à¤µà¤‚ 90 दिनों पर गरठकी जांच करवाà¤à¤‚। जो à¤à¥à¤°à¥‚ण उपयोग ना हो सके उनको तरल नतà¥à¤°à¤œà¤¨ गैस में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रख ले। गरà¥à¤®à¥€ में आठहà¥à¤ पशà¥à¤“ं में à¤à¥à¤°à¥‚ण को उसी तरह रखा जाता है जैसे कृतà¥à¤°à¤¿à¤® गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ किया जाता है मगर à¤à¥à¤°à¥‚ण सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¾à¤‚तरण गन कृतà¥à¤°à¤¿à¤® गरà¥à¤à¤¾à¤§à¤¾à¤¨ गन से à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ होती है।
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