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डायबिटीज के रोगी बà¥à¤°à¥‹à¤•ली, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, टमाटर, पालक, गोà¤à¥€, पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€, हरी बीनà¥à¤¸, गाजर, खीरा, मशरूम, करेला, आदि सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का सेवन कर सकते हैं। इनका जीआई कम होता है और साथ ही इनमें विटामिनà¥à¤¸ और मिनरलà¥à¤¸ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाठजाते है। आलू और कॉरà¥à¤¨ जैसी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से डायबिटीज के रोगियों को परहेज करना चाहिà¤à¥¤
1.बà¥à¤°à¥‹à¤•ली
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगियों के लिठसबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में बà¥à¤°à¥‹à¤•ली सबसे अचà¥à¤›à¥€ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। अतः शà¥à¤—र में आप अपनी डाइट में बà¥à¤°à¥‹à¤•ली को शामिल कर सकते हैं। इसमें विटामिन-C के साथ फाइबर और आयरन के साथ सेलिनियम और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® à¤à¥€ पाया जाता है, जो डायबिटीज की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में फायदेमंद हो सकता है।
इसमें 'सलà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¾à¤«à¥‡à¤¨' (sulforaphane) नामक ततà¥à¤µ होता है। यह लिवर गà¥à¤²à¥‚कोज को कम करने में मदद करता है। इस पà¥à¤°à¤•ार यह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को कम कर सकता है। बता दें बà¥à¤°à¥‹à¤•ोली à¤à¤• लो कैलोरी, लो कारà¥à¤¬ सबà¥à¤œà¥€ है, जो डायबिटीज को मैनेज करने के साथ-साथ पूरे सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर सकारतà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकती है।
कैसे खाà¤à¤‚:
सà¥à¤Ÿà¥€à¤® करके उसमे कालीमिरà¥à¤š और थोड़ा बटर डालकर खा सकते हैं।
सबà¥à¤œà¥€ बनाकर खा सकते हैं।
रोसà¥à¤Ÿ करके सà¥à¤¨à¥ˆà¤•à¥à¤¸ के रूप में खा सकते हैं।
सावधानी:
बà¥à¤°à¥‹à¤•ली में छोटे-छोटे कीड़े हो सकते हैं, इसलिठइसे पकाने से पहले उबलते पानी में थोड़ी देर जरूर छोड़ दें ।
2.पालक
कà¥à¤› रिसरà¥à¤šà¤° बताते हैं कि पालक में विटामिन C होता है। ये à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट के रूप में काम करता है और इसमें à¤à¤‚टी इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होता है, जो डायबिटीज में सेलà¥à¤¸ के डैमेज को कम कर सकता है। इसमें पोषक ततà¥à¤µ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाठजाते हैं और यह डायबिटीज रोगियों के लिठलाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• होती है।
कैसे खाà¤à¤‚:
पालक की सबà¥à¤œà¥€ बनाकर सेवन कर सकते हैं।
घर में बना पालक का सूप पी सकते हैं।
दाल पालक का सेवन कर सकते हैं।
पालक पनीर खा सकते हैं।
कà¤à¥€-कà¤à¥€ पालक के पराठे à¤à¥€ खा सकते हैं।
सावधानी:
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि पà¥à¤°à¥‹à¤¸à¥‡à¤¸à¥à¤¡ या डिबà¥à¤¬à¤¾à¤¬à¤‚द पालक के सेवन से बचें। à¤à¤¸à¥‡ पालक का सेवन शà¥à¤—र में लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• नहीं होता है।
पालक को हमेशा अचà¥à¤›à¥‡ से धोकर पकाà¤à¤‚।
पालक को à¤à¥€ पहले थोड़ा गरà¥à¤® पानी में उबाल लें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि पालक में कीड़े होते हैं।
3.टमाटर
टमाटर में विटामिन सी, विटामिन ठऔर पोटैशियम à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है और इसमें कारà¥à¤¬à¥à¤¸ कम होता है। कैलोरीज़ à¤à¥€ कम होती है। इसका गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेसà¥à¤• à¤à¥€ कम होता है। ये आपके बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकता है। ये डायबिटीज वाले लोगों के लिठअचà¥à¤›à¤¾ होता है ।
बता दें टमाटर में लायकोपीन, लà¥à¤¯à¥‚टिन और बीटा कैरोटीन जैसे à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट à¤à¥€ होते हैं, जो आंखों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में सहायक हो सकते हैं। वहीं, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ का असर आंखों पर à¤à¥€ पड़ सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में डायबिटीज में आंखों को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने के लिठटमाटर का सेवन लाà¤à¤•ारी हो सकता है।
कैसे खाà¤à¤‚:
टमाटर को सबà¥à¤œà¥€ में डालकर सेवन कर सकते हैं।
टमाटर का सूप पी सकते हैं।
सलाद के साथ टमाटर का सेवन कर सकते हैं।
टमाटर का जूस à¤à¥€ पी सकते हैं।
सावधानी:
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि बाजार के पैकà¥à¤¡ टोमैटो पà¥à¤¯à¥‚री के सेवन से बचें। ये शà¥à¤—र पेशेंट के सेवन के लिठसही नहीं है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें पà¥à¤°à¤¿à¥›à¤°à¥à¤µà¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µà¥à¤¸ होते हैं।
हमेशा ताजे टमाटरों का उपयोग करने की कोशिश करें।
टमाटर को काटकर ज़à¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक न रखें, बलà¥à¤•ि तà¥à¤°à¤‚त उपयोग करें।
4.हरी बीनà¥à¤¸
बीनà¥à¤¸ में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और घà¥à¤²à¤¨à¤¶à¥€à¤² फाइबर होता है, जो आपके पेट को काफी देर à¤à¤°à¤¾ रखते हैं। इसके साथ इसमें à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट, पोटेशियम, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® आदि, पोषक ततà¥à¤µ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाठजाते हैं, जो डायबिटीज को मैनेज करने में महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¥‡ हैं।
हरे बीनà¥à¤¸ का गà¥à¤²à¤¿à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ à¤à¥€ कम होता है। साथ ही ये आपके वजन को संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रख सकते हैं। बता दें, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ में वजन बà¥à¤¨à¥‡ का जोखिम अधिक होता है, जिससे डायबिटीज में होने वाली जटिलताओं का जोखिम बॠजाता है।
कैसे खाà¤à¤‚:
बीनà¥à¤¸ की सबà¥à¤œà¥€ का सेवन कर सकते हैं।
बीनà¥à¤¸ को हलà¥à¤•े तेल में फà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करके मील के साथ ले सकते हैं।
मलà¥à¤Ÿà¥€à¤—à¥à¤°à¥ˆà¤¨ दलिया के साथ पकाकर à¤à¥€ खा सकते हैं।
सावधानी:
बीनà¥à¤¸ का सेवन मॉडरेट अमाउंट में करें, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• सेवन से आपको गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
बीनà¥à¤¸ को हमेशा पकाकर ही खाà¤à¤‚, कचà¥à¤šà¤¾ न खाà¤à¤‚। कचà¥à¤šà¥‡ बीनà¥à¤¸ खाने से मतली, उलà¥à¤Ÿà¥€, पेट में दरà¥à¤¦, गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
5.पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€
यदि आप अपने बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ रखना चाहते हैं तो पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª हो सकता है। इसमें कम कैलोरी होती है और यह फाइबर का अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है। इसमें à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट और à¤à¤‚टीहाइपरगà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• गà¥à¤£ à¤à¥€ होता है। इसलिठये मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगियों के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ होता है। साथ ही इसका गà¥à¤²à¤¿à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ à¤à¥€ कम होता है, जिस कारण यह डायबिटीज के लिठà¤à¤• परफेकà¥à¤Ÿ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ हो सकता है।
कैसे खाà¤à¤‚:
पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ को सबà¥à¤œà¥€ बनाकर खा सकते हैं।
सलाद के रूप में खा सकते हैं।
सूप में मिलाकर खा सकते हैं।
पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ को हलà¥à¤•ा फà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करके à¤à¥€ खा सकते हैं।
सावधानी:
पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€ खरीदते समय सावधानी बरतें, जिस पतà¥à¤¤à¤¾ गोà¤à¥€ में छोटे-छोटे छेद हों उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ न खरीदें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनमे कीड़े हो सकते हैं।
काटने के पहले और बाद में अचà¥à¤›à¥‡ से इसे धो लें।
पतà¥à¤¤à¤¾à¤—ोà¤à¥€ पकाने से पहले उसे गरà¥à¤® पानी में उबाल लें।
6.खीरा
खीरे में पानी की मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है जो हमें हाइडà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ रखता है। यह पैंकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤œ में इनà¥à¤¸à¥à¤²à¤¿à¤¨ को बनाने में मदद करता है। दरअसल, यह अगà¥à¤¨à¥à¤¯à¤¾à¤¶à¤¯ (pancreas) में बीटा सेलà¥à¤¸ को इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ करने में मदद कर सकता हैं। जिससे बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद मिल सकती है।
साथ ही इसका गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ कम होता है जिससे बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद मिलती है। इतना ही नहीं, इसमें फाइबर अधिक होता है जिससे यह पाचन को बेहतर कर सकता है।
कैसे खाà¤à¤‚:
इसे कचà¥à¤šà¤¾ खा सकते हैं।
सलाद के रूप में खा सकते हैं।
खीरे का रायता à¤à¥€ बनाकर खा सकते हैं।
सावधानी:
याद रखें बेसà¥à¤Ÿ रिजलà¥à¤Ÿ के लिठखीरे का सेवन सà¥à¤¬à¤¹ और दोपहर में ही करें।
इसे रात को खाने से बचें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ इसकी तासीर ठंडी होती है, तो रात को खाने से आपको सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम हो सकता है।
7.गाजर
डायबिटीज के पेशेंट को गाजर खाने की सलाह दी जाती है। इसमें विटामिन A, विटामिन B12, डाइटà¥à¤°à¥€ फाइबर होता है। साथ ही इसका जीआई à¤à¥€ कम होता है जो, बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकता है।
इसके अलावा, यह डायबिटिक नà¥à¤¯à¥‚रोपैथी के जोखिम को à¤à¥€ कम कर सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें विटामिन बी -6 मौजूद होता है। दरअसल, à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ में पाया गया कि टाइप 2 मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ वाले लोगों में विटामिन बी-1 और बी-6 की कमी आम है।
इसके अलावा, विटामिन बी -6 की कमी के कारण डायबिटिक नà¥à¤¯à¥‚रोपैथी का जोखिम अधिक हो सकता है। शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कम विटामिन बी-6 का सà¥à¤¤à¤° मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के परिणामों को नकारातà¥à¤®à¤• रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है।
बता दें डायबिटिक नà¥à¤¯à¥‚रोपैथी उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को कहते हैं, जब मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के कारण तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ाओं को कà¥à¤·à¤¤à¤¿ पहà¥à¤‚चती है। इससे अंगों में à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¥€, सà¥à¤¨à¥à¤¨à¤ªà¤¨ का à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में इस समसà¥à¤¯à¤¾ के जोखिम को कम करने के लिठगाजर का सेवन लाà¤à¤•ारी हो सकता है।
कैसे खाà¤à¤‚:
सलाद के साथ गाजर खा सकते हैं।
गाजर का सूप बनाकर सेवन कर सकते हैं।
गाजर को अनà¥à¤¯ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ मिकà¥à¤¸ वेज सबà¥à¤œà¥€ बनाकर खा सकते हैं।
सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में गाजर का जूस पी सकते हैं।
सावधानी:
अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में गाजर à¤à¤• साथ न खाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बहà¥à¤¤ अधिक गाजर à¤à¤• साथ खाने से आपके पेट में जलन हो सकती है।
कà¥à¤› लोगों में गाजर à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का कारण बन सकता है। इसलिठअगर पहली बार गाजर का सेवन कर रहे हैं, तो कम मातà¥à¤°à¤¾ में ही सेवन करें। अगर गाजर के सेवन के बाद थोड़ी à¤à¥€ असà¥à¤µà¤¿à¤§à¤¾ महसूस हो तो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में गाजर के जूस के सेवन से दांत खराब हो सकते हैं।
8.पà¥à¤¯à¤¾à¤œ
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ à¤à¤‚टी-ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। इसमें à¤à¤‚टी-डायबिटिक और à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ गà¥à¤£ होते हैं, जो डायबिटीज को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकते हैं। इसमें कारà¥à¤¬à¥à¤¸ कम होते है और इसका गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ à¤à¥€ कम होता है, जिस कारण यह डायबिटीज के लिठà¤à¤• बेहतर खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आता है।
कैसे खाà¤à¤‚:
सलाद में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का सेवन कर सकते हैं।
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के सूप में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ डाल सकते हैं, इससे टेसà¥à¤Ÿ à¤à¥€ बà¥à¥‡à¤—ा।
सबà¥à¤œà¥€ बनाने में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का उपयोग कर सकते हैं।
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का उतà¥à¤¤à¤ªà¤® या डोसा खा सकते हैं।
सैंडविच में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ डालकर खा सकते हैं।
ऑमलेट में पà¥à¤¯à¤¾à¤œ डालकर सेवन कर सकते हैं।
सावधानी:
पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का सेवन मॉडरेट अमाउंट में करें, अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• पà¥à¤¯à¤¾à¤œ खाने से आपको à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
सांसो से बदबू आने की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है।
9.à¤à¤¿à¤‚डी
à¤à¤¿à¤‚डी का गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ कम होता है। इसमें पोटेशियम, विटामिन बी और सी, फोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡, फाइबर और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® जैसे पोषक ततà¥à¤µ पाठजाते हैं। à¤à¤¿à¤‚डी में हाई डायटरी फाइबर खाने को धीरे-धीरे पचाता है। फिर ये बà¥à¤²à¤¡ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤® में गà¥à¤²à¥‚कोज को धीरे-धीरे छोड़ता है जिससे, डायबिटीज को मैनेज करने में मदद मिल सकती है।
इसके अलावा, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ रोगियों में तनाव व थकान की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¤¿à¤‚डी में मौजूद à¤à¤‚टी सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ और à¤à¤‚टी फेटिग गà¥à¤£ डायबिटीज में तनाव व थकान के जोखिम को à¤à¥€ कम कर सकता है।
कैसे खाà¤à¤‚:
à¤à¤¿à¤‚डी गà¥à¤°à¥‡à¤µà¥€ बनाकर सेवन कर सकते हैं।
हलà¥à¤•े तेल में à¤à¤¿à¤‚डी फà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करके खा सकते हैं।
à¤à¤¿à¤‚डी को सांà¤à¤° में डालकर खा सकते हैं।
सावधानी:
à¤à¤¿à¤‚डी को मॉडरेट अमाउंट में ही खाà¤à¤‚, कà¥à¤¯à¤¾à¥‡à¤‚कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में इसका सेवन करने से कबà¥à¤œ की समसà¥à¤¯à¤¾ हाे सकती है।
à¤à¤¿à¤‚डी में फ़à¥à¤°à¥à¤•à¥à¤Ÿà¥ˆà¤‚स (fructans), à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤¯à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ होता है। à¤à¤¸à¥‡ में इसके अधिक सेवन से मतली, उलटी, पेट दरà¥à¤¦, दसà¥à¤¤, गैस की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ किडनी सà¥à¤Ÿà¥‹à¤¨à¥à¤¸ की समसà¥à¤¯à¤¾ है वे डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के बाद ही à¤à¤¿à¤‚डी का सेवन करें।
10.मूली
मूली में फाइबर अधिक होता है जिसकी वजह से यह डायबिटीज रोगियों के लिठबहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¥€ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है। यह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद करती है। दरअसल, मूली में गà¥à¤²à¥‚कोसाइनोलेट और आइसोथियोसाइनेट (glucosinolate and isothiocyanate) जैसे रासायनिक यौगिक होते हैं, जो बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकते हैं।
मूली खाने से आपके शरीर का पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक à¤à¤¡à¤¿à¤ªà¥‹à¤¨à¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤¨ (adiponectin) उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ à¤à¥€ बढ़ता है। शरीर में इस हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§ से बचाव करने में मदद कर सकता है। मूली में कोà¤à¤‚जाइम Q10 (coenzyme Q10) नामक à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट है जो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के जोखिम को कम कर सकता है।
कैसे खाà¤à¤‚:
सबà¥à¤œà¥€ बनाकर खा सकते हैं।
सलाद में मूली डालकर खा सकते हैं
सूप बनाकर पी सकते हैं।
कम तेल में मूली के पराठे बनाकर खा सकते हैं।
सावधानी:
रात और खाली पेट मूली खाने से बचना चाहिà¤, इससे पेट दरà¥à¤¦ हो सकता है।
कà¥à¤› लोगों को मूली से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है।
मूली के अधिक सेवन से गैस, पेट फूलने जैसी परेशानी हो सकती है।
11.फूल गोà¤à¥€
डायबिटीज को मैनेज करने के लिठफूलगोà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª हो सकता है। इसमें कैलोरीज कम होती हैं। साथ ही इसमें फाइबर, विटामिन सी और फोलेट à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ में पाया जाता है। फूलगोà¤à¥€ में मौजूद हाई फाइबर, डाइजेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤µ सिसà¥à¤Ÿà¤® पर पड़ने वाले नकारातà¥à¤®à¤• पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ को कम कर सकता है। साथ ही अचानक बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र को बà¥à¤¨à¥‡ से रोकने में मदद करता है।
इसमें सलà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¾à¤«à¥‡à¤¨ (sulforaphane) नाम का यौगिक मौजूद होता है, जो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ में होने वाली जटिलताओं के जोखिम जैसे - किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾ से बचाव कर सकता है।
कैसे खाà¤à¤‚:
गà¥à¤°à¥‡à¤µà¥€ वाली करी या सूखी सबà¥à¤œà¥€ बनाकर खा सकते हैं।
कम तेल वाले पराठे बनाकर खा सकते हैं
सावधानी:
फूलगोà¤à¥€ में कीड़े होते हैं इसलिठबनाने से पहले कà¥à¤› देर उबलते पानी में डाल दें ।
फूलगोà¤à¥€ के अधिक सेवन से गैस और पेट संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है।
फूलगोà¤à¥€ में विटामिन के की अधिक मातà¥à¤°à¤¾ होती है, जो बà¥à¤²à¤¡ कà¥à¤²à¥‰à¤Ÿà¤¿à¤‚ग का कारण बन सकता है।
12.केल
आप केल को अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं। यह à¤à¤• गà¥à¤£à¤•ारी खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ है, जो à¤à¤‚टी-डायबिटिक गà¥à¤£à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। यह डायबिटीज को मैनेज करने में मदद कर सकता है। इसके साथ ही इसमें मौजूद विटामिन सी और अलà¥à¤«à¤¾ लिनोलेनिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ डायबिटीज की जटिलताओं के जोखिम को कम कर सकता है।
कैसे खाà¤à¤‚:
केल को सà¥à¤Ÿà¥€à¤® करके अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं।
केल को उबालकर सलाद के साथ खा सकते हैं।
केल का सूप बनाकर ले सकते हैं
केल का जूस पी सकते हैं।
केल की सà¥à¤®à¥‚दी बनाकर पी सकते हैं।
सावधानी:
केल खरीदते समय पीले या à¤à¥‚रे रंग के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ वाले केल न चà¥à¤¨à¥‡à¤‚।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे ताजा हरे पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ वाले ही केल खरीदें।
छोटे से मधà¥à¤¯à¤® आकार की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ वाले ही केल खरीदें।
आप पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• बैग में केल को फà¥à¤°à¥€à¤œà¤° में सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° कर सकते हैं।
13.मशरूम
मशरूम में विटामिन डी, सेलेनियम, जिंक, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚टà¥à¤¸, à¤à¤‚टी-डायबिटिक, à¤à¤‚टी वायरल, à¤à¤‚टी कैंसर और à¤à¤‚टी माइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ पाठजाते हैं। डायबिटीज के लिठमशरूम बहà¥à¤¤ अचà¥à¤›à¤¾ होता है। इसके सेवन से शरीर में बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है। दरअसल, मशरूम का गà¥à¤²à¤¿à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ कम होता है, जिस कारण यह बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल को अचानक बà¥à¤¨à¥‡ नहीं देता है।
कैसे खाà¤à¤‚:
मशरूम की गà¥à¤°à¥‡à¤µà¥€ वाली करी या सूखी सबà¥à¤œà¥€ बना सकते हैं।
मशरूम के सूप का सेवन कर सकते हैं
मशरूम सैंडविच बनाकर खा सकते हैं।
सावधानी:
फà¥à¤°à¥‡à¤¶ मशरूम का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करना चाहिठऔर बनाने से पहले गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से धो लेना चाहिà¤à¥¤
मशरूम का अधिक सेवन करने से पेट से जà¥à¥œà¥€ समसà¥à¤¯à¤¾, मतली, उलटी, थकावट जैसी सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है।
मशरूम से कà¥à¤› लोगों को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की à¤à¥€ शिकायत हो सकती है।
14.करेला
मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के लिठकरेला किसी रामबाण इलाज से कम नहीं है। दरअसल, करेले में पॉलीपेपà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¡-पी नामक यौगिक होते हैं, जो इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ के सà¥à¤¤à¤° को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकते हैं। पॉलीपेपà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¡-पी या पी-इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ à¤à¤• इंसà¥à¤²à¤¿à¤¨ जैसा हाइपोगà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ है, जिसका डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ में सकारातà¥à¤®à¤• असर देखा जा सकता है। अतः करेला डायबिटीज के मरीज के लिठबहà¥à¤¤ लाà¤à¤¦à¤¾à¤¯à¤• सबà¥à¤œà¥€ है।
कैसे खाà¤à¤‚:
करेले का जूस पी सकते हैं।
कम तेल मसाले की करेले की सबà¥à¤œà¥€ खा सकते हैं।
सूप के रूप में ले सकते हैं।
करेले को हलके तेल में फà¥à¤°à¤¾à¤ˆ करके खा सकते हैं।
सावधानी
करेले की सबà¥à¤œà¥€ खाने के बाद मूली का सेवन न करें। वरना आपको à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤Ÿà¥€ हो सकती है।
करेले की सबà¥à¤œà¥€ के सेवन के बाद दूध या दही न खाà¤à¤‚। वरना आपको सà¥à¤•िन रैशेज, पेट में दरà¥à¤¦ हो सकता है।
गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ करेले का सेवन करने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
करेला कà¥à¤› खास तरह की दवाइयों के साथ पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कर सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर आप किसी अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ के लिठकोई खास दवा ले रहे हैं तो बेहतर है इस बारे में à¤à¤• बार अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह लें।
करेले या करेले के बीज के अधिक सेवन से पेट दरà¥à¤¦, उलटी, मतली, बà¥à¤–ार, सिरदरà¥à¤¦ जैसी समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हो सकती है।
15.चà¥à¤•ंदर
डायबिटीज की समसà¥à¤¯à¤¾ में होने वाली जटिलताओं जैसे - तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा कà¥à¤·à¤¤à¤¿, हà¥à¤°à¤¦à¤¯ रोग, किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾ और आà¤à¤–ों से जà¥à¥œà¥€ परेशानियों से बचाव के लिठबीटरूट या चà¥à¤•ंदर काफी लाà¤à¤•ारी हो सकता है।
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ से पता चलता है कि चà¥à¤•ंदर में पाठजाने वाले à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट शरीर में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ और मà¥à¤•à¥à¤¤ कणों को कम कर सकते हैं। वहीं जब शरीर में मà¥à¤•à¥à¤¤ कण कम होते हैं तो मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ की जटिलताà¤à¤‚ à¤à¥€ कम हो सकती है।
यह विटामिन, मिनरलà¥à¤¸, फाइबर और फाइटोनà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होता है। इसमें कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है। ये डायबिटीज को नियंतà¥à¤°à¤¿à¤¤ करने में मदद कर सकती है, अगर इसका सेवन संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ रूप से किया जाये।
कैसे खाà¤à¤‚:
बीटरूट इडली का सेवन कर सकते हैं।
सलाद में चà¥à¤•ंदर खा सकते हैं।
चà¥à¤•ंदर सूप पी सकते हैं।
बीटरूट की सबà¥à¤œà¥€ या करी बनाकर सेवन कर सकते हैं।
सावधानी :
इसका गà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¸à¥‡à¤®à¤¿à¤• इंडेकà¥à¤¸ ऊपर दी अनà¥à¤¯ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से थोड़ा अधिक होता है, इसलिठबीटरूट का उपयोग मॉडरेट अमाउंट में करेंगे तो आपको बेसà¥à¤Ÿ रिजलà¥à¤Ÿ मिल सकते हैं।
कà¥à¤› लोगों को बीटरूट से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ à¤à¥€ हो सकती है।
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