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à¤à¥à¤°à¥‚ण को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ देने वाली à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ को लेकर à¤à¤• अहम शोध हà¥à¤† है। लंदन की कà¥à¤µà¥€à¤¨ मैरी यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ के शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने साबित किया है कि यह à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ किसी कारणवश कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होने पर खà¥à¤¦ ही उसे ठीक कर लेती है। शोध का यह निषà¥à¤•रà¥à¤· साइंटिफिक रिपोरà¥à¤Ÿà¥à¤¸ जरà¥à¤¨à¤² में पà¥à¤°à¤•ाशित हà¥à¤† है।
बता दें कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान à¤à¥à¤°à¥‚ण का आवरण बनकर उसे सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ देने वाली इस à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ की अखंडता à¤à¥à¤°à¥‚ण के सामानà¥à¤¯ विकास में काफी अहम होता है। लेकिन यह à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£, रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ या यहां तक कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान होने वाली कई तरह की जांच के दौरान à¤à¥€ कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ हो जाती है। फिलहाल इस à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ में होने वाले घाव के à¤à¤°à¤¨à¥‡ या उसकी मरमà¥à¤®à¤¤ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ तेज करने की कोई कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤•ल विधि उपलबà¥à¤§ नहीं है। इसके साथ ही यह à¤à¥€ पता नहीं था कि यदि इस à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ में छोटी सी à¤à¥€ छेद हो जाठतो वह उसे à¤à¤°à¤¨à¥‡ में खà¥à¤¦ ही सकà¥à¤·à¤® है। अब इस शोध से उसकी खà¥à¤¦ मरमà¥à¤®à¤¤ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को जानकर उसे और अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ बनाया जा सकता है।
इसकी पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जानने के लिठनानयांग टेकà¥à¤¨à¤¿à¤²à¤¾à¤œà¤¿à¤•ल यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€, सिंगापà¥à¤° तथा यूनिवरà¥à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ हासà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤²à¥à¤¸ लà¥à¤¯à¥‚वेन, बेलà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤® के शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं की à¤à¤• अंतरराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ टीम ने दान में मिली à¤à¤• इंसानी à¤à¥à¤°à¥‚ण की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ के ऊतà¥à¤¤à¤•ों में सूई के जरिये à¤à¤• छोटा सा घाव पैदा किया। इसके कà¥à¤› दिनों के बाद शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने पाया कि घाव à¤à¤°à¤¨à¥‡ में अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¨à¥‡ वाली कोशिकाओं, जिसे मायोफिबà¥à¤°à¥‹à¤¬à¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿ (à¤à¤®à¤à¤«à¤à¤¸) कहते हैं, की आबादी वहां अचानक से बढ़ गई और घाव को à¤à¤°à¤¨à¥‡ के लिठउसकी तरफ अगà¥à¤°à¤¸à¤° हो रही थीं। इन कोशिकाओं से पैदा हà¥à¤ कोलाजेन ने जखà¥à¤® वाले किनारे को खींचना और ऊतà¥à¤¤à¤•ों को सिकà¥à¤¡à¤¼à¤¨à¤¾ शà¥à¤°à¥‚ कर दिया, जिससे घाव à¤à¤°à¤¨à¥‡ लगे।
यह निषà¥à¤•रà¥à¤· इस मामले में पहले किठगठà¤à¤• शोध के संदरà¥à¤ में था। उसमें जखà¥à¤® à¤à¤°à¤¨à¥‡ की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में कोनà¥à¤¨à¥‡à¤•à¥à¤¸à¤¿à¤¨ 43 (सीà¤à¤•à¥à¤¸43) की अहमियत को दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ गया था। लेकिन ताजा शोध में यह दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ गया कि सीà¤à¤•à¥à¤¸43 की अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ दो तरह की कोशिकाओं- à¤à¤®à¤¨à¤¿à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤• मेसेनकाइमल सेल (à¤à¤à¤®à¤¸à¥€) तथा à¤à¤à¤«à¤à¤¸ के जरिये होती है और इनमें सीà¤à¤•à¥à¤¸43 का सà¥à¤¤à¤° अलग-अलग था। यह à¤à¥€ पाया गया कि इस पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होने से कोशिकाओं के जखà¥à¤® वाले सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ तक पहà¥à¤‚चने तथा घाव à¤à¤°à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होती है।
कà¥à¤µà¥€à¤¨ मैरी में रीजेनेरेटिव मेडिसिन की सीनियर लेकà¥à¤šà¤°à¤° डाकà¥à¤Ÿà¤° टीना चौधरी ने बताया कि हम अकà¥à¤¸à¤° सोचते थे कि इंसानों की à¤à¥à¤°à¥‚ण à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ में छोटा सा à¤à¥€ घाव हो जाने से उसका खà¥à¤¦ से à¤à¤°à¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ ही कम होता है, लेकिन इस शोध ने दरà¥à¤¶à¤¾à¤¯à¤¾ है कि उन ऊतà¥à¤¤à¤•ों में जखà¥à¤® à¤à¤°à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होती है।
उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बताया कि यह पाया गया कि सीà¤à¤•à¥à¤¸43 का à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ में पाठजाने वाली कोशिकाओं की आबादी पर अलग-अलग तरह से असर पड़ता है तथा à¤à¤à¤®à¤¸à¥€ को à¤à¤®à¤à¤«à¤¸à¥€ में बदलने में तेजी लाने के साथ ही à¤à¥à¤°à¥‚ण की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ की तरफ बढ़ने और जखà¥à¤® को à¤à¤°à¤¨à¥‡ में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है।
à¤à¥à¤°à¥‚ण की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ का समय से पहले ही फटने को पà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤°à¥à¤® पà¥à¤°à¥€à¤²à¥‡à¤¬à¤° रपà¥à¤šà¤° आफ मेंबà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤¸ (पीपीआरओà¤à¤®) कहते हैं और यह समय पूरà¥à¤µ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के जनà¥à¤® का à¤à¤• बड़ा कारण है और नवजात मृतà¥à¤¯à¥à¤¦à¤° में इसका हिसà¥à¤¸à¤¾ 40 फीसद तक होता है। इसलिठà¤à¥à¤°à¥‚ण की à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ की सफल मरमà¥à¤®à¤¤ पà¥à¤°à¤¸à¤µ संबंधी जटिलताओं की जोखिम को कम कर सकता है।
शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं का कहना है कि à¤à¥à¤°à¥‚ण à¤à¤¿à¤²à¥à¤²à¥€ में खà¥à¤¦ की मरमà¥à¤®à¤¤ या जखà¥à¤® à¤à¤°à¤¨à¥‡ की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ होने का यह निषà¥à¤•रà¥à¤· पीपीआरओà¤à¤® का इलाज विकसित करने की दिशा में à¤à¤• बड़ा कदम है। इससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के समय पूरà¥à¤µ जनà¥à¤® को रोकने की दिशा में बड़ी सफलता की उमà¥à¤®à¥€à¤¦ की जा सकती है।
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