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à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ खाना पकाने के लिठकौन सा खाना पकाने का तेल सबसे अचà¥à¤›à¤¾ है?
खाना पकाने का तेल à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ वà¥à¤¯à¤‚जनों का à¤à¤• अà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हिसà¥à¤¸à¤¾ है। आज के समय में सोशल मीडिया और टेलीमारà¥à¤•ेटिंग पर दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में कई तरह के खादà¥à¤¯ तेलों को दिखाया जाता है जिसमें हर तरह के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संबंधी दावे किठजाते हैं। खादà¥à¤¯ तेल का सही चयन आवशà¥à¤¯à¤• है, विशेष रूप से à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ संदरà¥à¤ में जहां खाना पकाने के तरीके पशà¥à¤šà¤¿à¤® से अलग हैं।
सबसे पहले आइठइन तेलों के पीछे के विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ को समà¤à¥‡à¤‚।
खादà¥à¤¯ तेलों में कई वसायà¥à¤•à¥à¤¤ अमà¥à¤² होते हैं जो मानव चयापचय(मेटाबोलिजà¥à¤®) में अपना कारà¥à¤¯ करते हैं। इन वसा वाले अमà¥à¤² को तीन वरà¥à¤—ों में बाà¤à¤Ÿà¤¾ जा सकता है:
संतृपà¥à¤¤ वसा अमà¥à¤² (उपसमूह-à¤) छोटी शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला बी) मधà¥à¤¯à¤®-शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला सी) दीरà¥à¤˜-शà¥à¤°à¥ƒà¤‚खला à¤à¤¸à¤à¤«à¤)
मोनोअनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ (à¤à¤®à¤¯à¥à¤à¤«à¤)
पॉली अनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ (पीयà¥à¤à¤«à¤) (इसे लिनोलेनिक और अलà¥à¤«à¤¾-लिनोलेनिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ और टà¥à¤°à¤¾à¤‚स वसा वाले अमà¥à¤² में विà¤à¤¾à¤œà¤¿à¤¤ किया जाता है)
इसके अलावा खादà¥à¤¯ तेलों में कई à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट होते हैं जैसे टोकोफेरोलà¥à¤¸, ओरीज़ानोल, कैरोटेनॉइडà¥à¤¸, टोकोटà¥à¤°à¤¿à¤¨à¥‹à¤², फाइटोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤² और माइकà¥à¤°à¥‹à¤¨à¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸à¥¤
पॉलीअनसेचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ वसा वाले अमà¥à¤² और मोनोअनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ वसा दोनों को अगर संतà¥à¤²à¤¨ में खाया जाता है और संतृपà¥à¤¤ या टà¥à¤°à¤¾à¤‚स वसा के पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨ के रूप में उपयोग किया जाता है तो कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के सà¥à¤¤à¤° को कम करने और हृदय रोगों के जोखिम को कम करने में मदद मिलती है।
सà¥à¤®à¥‹à¤• पॉइंट कà¥à¤¯à¤¾ है और यह कैसे काम करता है?
हर तेल में सà¥à¤®à¥‹à¤• पॉइंट की सीमा होती है। यदि इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ गरà¥à¤® किया जाता है, तो तेल टूटना शà¥à¤°à¥‚ कर देता है और हानिकारक रसायनों को छोड़ता है जो न केवल à¤à¥‹à¤œà¤¨ के सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है बलà¥à¤•ि खाने के लिठà¤à¥€ हानिकारक होता है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में खाना पकाने के तेल को गहरे तलने के लिठतापमान बहà¥à¤¤ अधिक जैसे 170 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ से ऊपर तक जा सकता है। यह दिखाया गया है कि कà¥à¤› तेल खास कर के रिफाइंड तेल जिसमें उचà¥à¤š मातà¥à¤°à¤¾ में पीयूà¤à¤«à¤ होता है वो जहरीले कणों जैसे फà¥à¤°à¥€ रेडिकलà¥à¤¸, टà¥à¤°à¤¾à¤‚स वसा जैसे मेलोनडीà¤à¤²à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤¹à¤¾à¤ˆà¤¡ आदि में टूट जाते हैं जो संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ रूप से कोशिका के डीà¤à¤¨à¤ को बदलने वाले और धमनियों में वसा जमा होने को बà¥à¤¾à¤µà¤¾ देने वाले होते हैं।
इसके अतिरिकà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में हमें तेल को बार-बार तलने में उपयोग करने की आदत है। यह घटकों को और नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकता है और अधिक विषाकà¥à¤¤ यौगिकों का उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¤¨ कर सकता है जो हृदय के लिठअतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• हानिकारक हैं। à¤à¤• ही तेल का बार-बार उपयोग करना (तलने के लिठउदाहरण) का विशà¥à¤²à¥‡à¤·à¤£ किया गया है और उचà¥à¤š टीà¤à¤«à¤ (टà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤«à¥à¤²à¥‚रो à¤à¤¸à¤¿à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤¸à¤¿à¤¡) को दिखाया गया है।
इसलिठà¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ खाना पकाने के लिठनारियल तेल (विशेषतः शà¥à¤¦à¥à¤§ नारियल तेल), सरसों का तेल, मूंगफली का तेल या शà¥à¤¦à¥à¤§ देसी घी का उपयोग कर सकते हैं। जैतून का तेल जो सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤¦ तेलों में से à¤à¤• है, सलाद और हलà¥à¤•ा à¤à¥à¤¨à¤¨à¥‡ के लिठअचà¥à¤›à¤¾ है और बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तलने के लिठअनà¥à¤¶à¤‚सित नहीं है जो à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ शैली के खाना पकाने का à¤à¤• अà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अंग है।
कà¥à¤¯à¤¾ आपको पता था? तेलों को मिलाना बेहतर है
इन तेलों का उपयोग करने के अलावा आदरà¥à¤¶ संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार में वसा में पीयूà¤à¤«à¤/à¤à¤¸à¤à¤«à¤ 0.81 से 1.0 के बीच और लिनोलेनिक और अलà¥à¤«à¤¾ लिनोलेनिक अमà¥à¤² 5-10 होती है। खाना पकाने के तेल के à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का उपयोग करके इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं किया जा सकता है कि पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• तेल में दूसरे किसी आवशà¥à¤¯à¤• वसा वाले अमà¥à¤² की कमी हो जाती है। इसलिठसीरियल-आधारित आहार में वसा वाले अमà¥à¤² के उचित संतà¥à¤²à¤¨ को सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठअलà¥à¤«à¤¾-लिनोलेनिक अमà¥à¤² का सेवन बढ़ाना आवशà¥à¤¯à¤• है और खाना पकाने के तेल में लिनोलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ की मातà¥à¤°à¤¾ को कम करना चाहिà¤à¥¤
तेलों को मिलाने से 2 या अधिक अलग तेलों की दकà¥à¤·à¤¤à¤¾ बढ़ सकती है जिससे वसायà¥à¤•à¥à¤¤ अमà¥à¤² और à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट का बेहतरीन संतà¥à¤²à¤¨ मिलेगा। इस तरीके का उपयोग तेलों के ऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ और थरà¥à¤®à¤² सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ को बढ़ाने के लिठà¤à¥€ किया जाता है। 70:30 के मिशà¥à¤°à¤£ में चावल की à¤à¥‚सी का तेल और कà¥à¤¸à¥à¤® तेल जिसमे à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¤¿à¤¡à¥‡à¤‚ट मिलाठजाते हैं से कथित तौर पर कई चरà¥à¤¬à¥€ वाले मापदंडों और कà¥à¤› सूजन वाले कारकों में सà¥à¤§à¤¾à¤° किया है। इसी तरह कैनोला (à¤à¤•ल) या अलसी के तेल के मिलाने से सीरम कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और à¤à¤²à¤¡à¥€à¤à¤² को कम करने की बात सामने आई है। इसलिठकैनोला का आम तौर पर खाठजाने वाले वसा के तौर पर पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨ – अलसी का तेल या विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार के तेलों का समà¥à¤®à¤¿à¤¶à¥à¤°à¤£ à¤à¤• वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• विकलà¥à¤ª है जिससे अनà¥à¤¶à¤‚षित आदरà¥à¤¶ आहार पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ किया जा सकता है।
खाना पकाने के तेलों के समà¥à¤®à¤¿à¤¶à¥à¤°à¤£ का à¤à¤• सरल और वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¿à¤• संशोधन à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ खाना पकाने की विधि/सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ किठबिना à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ परिणाम दे सकता है।
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