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कैसे रहे बीपी कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में
जब सबकà¥à¤› सही रहता है तो हमारी खून की नलियों में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° 120/80 होता है। लेकिन खून की नलियों में फैट जमा होने, किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾ होने, तंबाकू आदि के सेवन की वजह से नलियों का रासà¥à¤¤à¤¾ संकरा हो जाता है या नलियों का लचीलापन कम हो जाता है।
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शरीर के लिठबà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का होना बहà¥à¤¤ जरूरी है, लेकिन बीपी मशीन पर इसकी रीडिंग का सही रेंज में होना à¤à¥€ जरूरी है। अगर मशीन ने बीपी सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ दरà¥à¤œ किया है तो सचेत होने की जरूरत है। अगर यह सामानà¥à¤¯ से कम है तो à¤à¥€ आपको सावधान रहना चाहिà¤à¥¤ कैसे रहे बीपी कंटà¥à¤°à¥‹à¤² में, à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ से बात कर पूरी जानकारी दे रहे हैं लोकेश के. à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤…मन à¤à¤• मलà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥ˆà¤¶à¤¨à¤² कंपनी में मारà¥à¤•ेटिंग मैनेजर हैं। काम का पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° तो उन पर रहता ही है, लेकिन पिछले कà¥à¤› समय से वह à¤à¤• नई समसà¥à¤¯à¤¾ से परेशान हैं। उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सरदरà¥à¤¦ और थकान की शिकायत रहने लगी है। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने इसे हलà¥à¤•े में लिया और दरà¥à¤¦ से राहत के लिठपेनकिलर लेते रहे। जब तक पेनकिलर का असर रहता, सरदरà¥à¤¦ से राहत रहती, लेकिन थकान में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फरà¥à¤• नहीं पड़ रहा था। आखिरकार उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात की। डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने उनसे उनकी फैमिली बैकगà¥à¤°à¤¾à¤‰à¤‚ड के बारे में पूछा कि कहीं पैरंटà¥à¤¸ को तो हाई बीपी या हाइपरटेंशन की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं है? अमन का जवाब हां में आया तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फौरन ही बीपी टेसà¥à¤Ÿ करवाने की सलाह दी। चूंकि अमन के पैरंटà¥à¤¸ को बीपी की परेशानी थी, इसलिठà¤à¤• बीपी मशीन घर पर ही थी। अमन ने पहली बार उस बीपी मशीन को गौर से देखा। उनके पैरंटà¥à¤¸ पहले à¤à¥€ कहते थे कि à¤à¤• बार अपना बीपी देख लो, लेकिन उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इसकी जरूरत ही महसूस नहीं होती थी। हालांकि वह डरते à¤à¥€ थे कि कहीं हाई बीपी हो गया तो कà¥à¤¯à¤¾ होगा! खैर जब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने बीपी जांचा तो उनके होश उड़ गà¤à¥¤ उनका बीपी 177/109 था। जब उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने डॉकà¥à¤Ÿà¤° को यह बात बताई तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° ने लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² और खानपान के बारे में पूछा और फिर खानपान को लेकर कà¥à¤› सलाह दी। साथ ही, बीपी की à¤à¤• दवा à¤à¥€ शà¥à¤°à¥‚ की, लेकिन इस हिदायत के साथ कि वह हर दिन जॉगिंग करेंगे और à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करेंगे। बेशक अमन को बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ पिछले ढाई महीने से ही नहीं थी। डॉकà¥à¤Ÿà¤° का अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ है कि बीपी शायद à¤à¤• या दो साल से बढ़ा हà¥à¤† था, लेकिन उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कà¤à¥€ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ नहीं दिया।कà¥à¤¯à¤¾ है हाई बीपी या हाइपरटेंशन
हाइपरटेंशन का सीधा संबंध दिल से है। दरअसल, शरीर के सà¤à¥€ अंगों या कोशिकाओं तक साफ खून पहà¥à¤‚चाने और फिर साफ खून का उपयोग अंगों या कोशिकाओं दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ करने के बाद खराब खून वापस किडनी और लंगà¥à¤¸ में à¤à¥‡à¤œà¤¨à¥‡ का काम दिल का ही होता है। दिल 1 मिनट में यह काम अमूमन 70 से 75 बार करता है। जब सबकà¥à¤› सही रहता है तो हमारी खून की नलियों में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° 120/80 होता है। लेकिन खून की नलियों में फैट जमा होने, किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾ होने, तंबाकू आदि के सेवन की वजह से नलियों का रासà¥à¤¤à¤¾ संकरा हो जाता है या नलियों का लचीलापन कम हो जाता है। इस वजह से दिल को विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अंगों या कोशिकाओं तक खून पहà¥à¤‚चाने और वापस लाने में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जोर लगाना पड़ता है। यहीं से हाई बीपी या हाइपरटेंशन की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ होती है।बीपी की रीडिंग
सामानà¥à¤¯ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾- 130/90
फौरन हॉसà¥à¤ªà¤¿à¤Ÿà¤² जाà¤à¤‚-180/120
कà¥à¤¯à¤¾ हैं हाइपरटेंशन के लकà¥à¤·à¤£
-सर दरà¥à¤¦ या सर में à¤à¤¾à¤°à¥€à¤ªà¤¨
-थकावट
-चिड़चिड़ापन या जलà¥à¤¦à¥€ और तेज गà¥à¤¸à¥à¤¸à¤¾ आना-आंखों में परेशानी
-सीने में दरà¥à¤¦
-सांस लेने में परेशानी
-अनियमित धड़कन
-धड़कनों का बढ़ जाना (टà¥à¤°à¥ˆà¤•ी कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾)
-कानों में सनसनाहट
-जबड़ों में जकड़न
-कà¥à¤› मामलों में पेशाब में खून
-सांस फूलना
हाइपरटेंशन के कारण
खानदानी बीमारी
हाइपरटेंशन का बहà¥à¤¤ बड़ा कारण आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक होता है यानी अगर पैरंटà¥à¤¸ को हाइपरटेंशन की शिकायत रही है तो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में à¤à¥€ यह परेशानी हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में सवाल जरूर उठता है कि कà¥à¤¯à¤¾ इससे बचने का कोई उपाय नहीं है? उपाय जरूर है। अगर हम रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ और लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² को दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ रखें तो हाइपरटेंशन की समसà¥à¤¯à¤¾ से बच सकते हैं।
खराब लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤²
आजकल हाइपरटेंशन के मामले में खराब लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² का रोल सबसे बड़ा होता है। रात में देर तक जगना, सà¥à¤¬à¤¹ देर तक सोना, न जॉगिंग, न फिजिकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ, सूरज की रोशनी से दूरी, मेहनत से पसीना न निकालना… à¤à¤¸à¥‡ तमाम कारणों से हमारी लाइफ पूरी तरह से डिसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¬ हो जाती है। नतीजा होता है हाइपरटेंशन।फिजिकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ कम
अगर पैरंटà¥à¤¸ से हम तक हाइपरटेंशन की परेशानी पहà¥à¤‚चने का खतरा है तो हम फिजिकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ इसे काफी हद तक कम कर सकते हैं। अगर यह खतरा नहीं à¤à¥€ है तो à¤à¥€ हमें फिजिकल à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ को नजरअंदाज नहीं करना चाहिà¤à¥¤ सच तो यह है कि जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोग न तो जॉगिंग करते हैं, न योग और न ही à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œà¥¤ à¤à¤¸à¥‡ में मोटापा और बीपी का बढ़ जाना आम है।मोटापा
यह जेनेटिक à¤à¥€ हो सकता है और लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² की वजह से à¤à¥€à¥¤ अगर जेनेटिक है तो à¤à¥€ लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² को दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ करके मोटापा से बच सकते हैं। सच तो यह है कि मोटापा सीधे तौर पर कोई बीमारी नहीं है, लेकिन इसकी वजह से शरीर बीमारियों का घर जरूर बन जाता है। हाइपरटेंशन के मामले में तो यह और à¤à¥€ खतरनाक हो जाता है। दरअसल, मोटापे की वजह से शरीर में वसा या कॉलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² सिरà¥à¤« सà¥à¤•िन के नीचे ही जमा नहीं होता बलà¥à¤•ि यह शरीर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अंगों तक खून लाने और ले जाने वाली नलियों में à¤à¥€ जमा हो जाता है।
नींद पूरी न होना
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शरीर के लिठनींद का पूरा होना जरूरी है। हमारा रिलैकà¥à¤¸ होना हमारे अंगों को ऊरà¥à¤œà¤¾ से à¤à¤° देता है। दरअसल, जब हम नींद में होते हैं तो हमारे सà¤à¥€ अंग पूरी तरह से आराम कर रहे होते हैं। जब हम नींद पूरी नहीं करते तो हमारे अंगों को अतिरिकà¥à¤¤ काम करना पड़ता है और नतीजा होता है अतिरिकà¥à¤¤ दबाव।किडनी की समसà¥à¤¯à¤¾
कई बार बीपी बढ़ने की वजह किडनी à¤à¥€ होती है। किडनी से रेनिन à¤à¤‚जियोटेंसिन सिसà¥à¤Ÿà¤® (Renin angiotensin system) के दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ शरीर में बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° को रेगà¥à¤¯à¥à¤²à¥‡à¤Ÿ किया जाता है। साथ ही, यह फà¥à¤²à¥‚ड और इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ के बैलेंस में à¤à¥€ अहम à¤à¥‚मिका निà¤à¤¾à¤¤à¤¾ है। à¤à¤¸à¥‡ में जब किडनी में समसà¥à¤¯à¤¾ होती है तो इस सिसà¥à¤Ÿà¤® पर à¤à¥€ असर होता है और नतीजा होता है बीपी का बढ़ जाना। यही कारण है कि जिनकी किडनी में समसà¥à¤¯à¤¾ होती है, उनमें अमूमन बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ हो ही जाती है। अगर अचानक बीपी बढ़ गया हो और कोई कारण समठमें नहीं आ रहा हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से किडनी का अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड करवाना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤• बात और, अगर बीपी किडनी की परेशानी की वजह से नहीं बढ़ा हो, किसी और वजह से बढ़ा हो तो à¤à¥€ किडनी का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना जरूरी हो जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि हाइपरटेंशन का सीधा असर किडनी पर पड़ता है।नमक जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लेना
शरीर के लिठनमक जरूरी है, लेकिन जब इसकी मातà¥à¤°à¤¾ शरीर में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो जाठतो बीपी बढ़ जाता है। दरअसल, इसकी वजह यह है कि खून में सोडियम की जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मौजूदगी खून के संतà¥à¤²à¤¨ को बिगाड़ देती है और किडनी की कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को घटा देती है। इससे किडनी खून में मौजूद पानी को पूरी तरह से नहीं छान पाती। फिर शरीर में पानी की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाती है। इससे दिल पर अतिरिकà¥à¤¤ दबाव पड़ता है और बीपी बढ़ जाता है।नॉन-वेज जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लेना
मांसाहारी à¤à¥‹à¤œà¤¨ में वसा की मातà¥à¤°à¤¾ अमूमन जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। वहीं इसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तापमान और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ चिकनाई में पकाना à¤à¥€ पड़ता है। इस वजह से इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाने से हाई बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ होने का खतरा बना रहता है।
शराब, तंबाकू आदि
इन सà¤à¥€ नशीली पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन से खून का रासायनिक संतà¥à¤²à¤¨ बिगड़ जाता है। बीपी बढ़ जाता है।तनाव है बड़ी वजह
तनाव सà¤à¥€ बीमारियों की जड़ है। इसलिठहमें चिंता नहीं, चिंतन करना चाहिà¤à¥¤ तनाव की वजह से हमारी नींद खराब होती है। तनाव से हाइपरटेंशन और इससे शà¥à¤—र और दूसरी बीमारियां होती हैं।
हाइपरटेंशन का नतीजा
-दिल का कमजोर होना
-रकà¥à¤¤ नलिकाओं का कमजोर होना
-हारà¥à¤Ÿ अटैक का खतरा
-बà¥à¤°à¥‡à¤¨ सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤• का खतरा
-पैरों की नसें खराब होना
-पैरों में सूजन
-आंखों की परेशानी
-किडनी की परेशानी
-नींद में कमी
लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² करें दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤
रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¥‡à¤‚- हाइपरटेंशन को काबू में रखने के लिठयह जरूरी है कि हम लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² को बेहतर बनाà¤à¤‚। इसके लिठà¤à¤• सही रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ को फॉलो करें। सà¥à¤¬à¤¹ उठने से लेकर रात में सोने तक की टाइमिंग सही हो।
-ऑफिस की टेंशन को ऑफिस में छोड़ें और घर पर फà¥à¤°à¥€ होकर लौटें। वैसे आजकल जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° लोगों का वरà¥à¤• फà¥à¤°à¥‰à¤® होम है, à¤à¤¸à¥‡ में इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना और à¤à¥€ जरूरी है।
-इंसान के हाथ में सबकà¥à¤› नहीं होता, यह सोचकर आगे बढ़ना चाहिà¤à¥¤
-पिछली गलतियों को सà¥à¤§à¤¾à¤°à¤¾ नहीं जा सकता, लेकिन इससे सीखकर आगे की गलती से बच सकते हैं। पछताने से कोई फायदा नहीं होता। à¤à¤¸à¤¾ सोचने से तनाव जरूर कम होता है। इससे पॉजिटिविटी डिवेलप होती है।-सà¥à¤¬à¤¹ में हर दिन 10 से 15 मिनट मेडिटेशन करने से तनाव काफी कम होता है। यह हमें आपात सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को à¤à¥€ बेहतर तरीके से संà¤à¤¾à¤²à¤¨à¥‡ में सकà¥à¤·à¤® बनाता है। मेडिटेशन सबà¥à¤° रखने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को à¤à¥€ बढ़ाता है।
राइट डायट
मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® वाला à¤à¥‹à¤œà¤¨à¤à¤¸à¥‡ फूड का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करें, जिनमें मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की मातà¥à¤°à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो। मसलन: सà¤à¥€ तरह के सीडà¥à¤¸ (लौकी के बीज, फà¥à¤²à¥ˆà¤•à¥à¤¸ सीड आदि), काजू और हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚। हर दिन अगर हम à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š लौकी के बीज या 2 से 3 काजू की कली खाà¤à¤‚ तो हमारा काम चल जाà¤à¤—ा। वहीं हरी सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ के हिसाब से ही 1 कटोरी हर दिन खाने से मैगà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी नहीं होगी। अगर किसी के शरीर में मैगà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤® की कमी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हो गई है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से मैगà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤® का सपà¥à¤²à¤¿à¤®à¥‡à¤‚ट ले सकते हैं। मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® à¤à¤• नेचà¥à¤°à¤² à¤à¤‚टी-डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤‚ट à¤à¤œà¥‡à¤‚ट है। नींद लाने में à¤à¥€ मदद करता है।
चिकनाई कम
हाइपरटेंशन को कम करने में हमारे खानपान का काफी अहम रोल होता है। अगर हाइपरटेंशन से बचना है तो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ फैट (घी, रिफाइंड और तेल) और मसाले वाले खाने से जरूर बचें। जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इस परेशानी ने घेर लिया है, उनके लिठतो चिकनाई वाला खाना 15 दिन में à¤à¤• बार ही होना चाहिà¤à¥¤à¤¨à¤®à¤• बहà¥à¤¤ कम
खाने में ऊपर से नमक लेकर खाने की आदत जरूर बंद दें। जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ हाइपरटेंशन की समसà¥à¤¯à¤¾ है, उनके लिठतो यह जरूरी है कि नमक सामानà¥à¤¯ से à¤à¥€ कम लें। हर दिन 3 से 5 गà¥à¤°à¤¾à¤® (लगà¤à¤— 1 छोटा चमà¥à¤®à¤š) नमक काफी है। कई लोग ऊपर से नमक लेते हैं, यह हानिकारक है। नमकीन, मिकà¥à¤¸à¤šà¤° को न कहें। सेंधा नमक दूसरे नमक की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कà¥à¤› बेहतर हो सकता है।
हरी सबà¥à¤œà¥€, फल की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ाà¤à¤‚
हर दिन सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ और फलों का सेवन करें। सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पालक और दूसरे साग, बंद गोà¤à¥€ आदि का सेवन खूब करें।
'आयà¥à¤·' तरीके से इलाज
होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥à¥€
1. पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ हाइपरटेंशन
à¤à¤¸à¥‡ मरीजों में परिवार की हाइपरटेंशन की हिसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€ होती है, लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² डिसऑरà¥à¤¡à¤° और मोटापे की समसà¥à¤¯à¤¾ होती है। पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ हाइपरटेंशन के मरीजों को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से ही दवाई देने की जरूरत नहीं होती। à¤à¤¸à¥‡ मरीजों को लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² करेकà¥à¤¶à¤¨ के बारे में बताया जाता है यानी कि वे रोजाना कसरत करें, à¤à¥‹à¤œà¤¨ में नमक कम खाà¤à¤‚ और और वजन कम करने के लिठà¤à¥‹à¤œà¤¨ में सà¥à¤§à¤¾à¤° करें। अगर यह सब करने के बाद à¤à¥€ हाई बीपी काबू में नहीं आता, तब दवा दी जाती है। à¤à¤¸à¥‡ लोग जिनके परिवार में हाइपरटेंशन की बीमारी है, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कम उमà¥à¤° से ही लाइफसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤² करेकà¥à¤¶à¤¨ करना चाहिà¤à¥¤
2. सेकंडरी हाइपरटेंशन
इसमें शरीर के कà¥à¤› अंग ठीक से काम नहीं करते, मसलन गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ की बीमारी, लिवर की बीमारी आदि। à¤à¤¸à¥‡ मरीजों के इलाज के लिठपहले शरीर के पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ अंगों का इलाज किया जाता है। इसीलिठजब à¤à¥€ कोई मरीज हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की परेशानी लेकर आता है तो होमà¥à¤¯à¥‹à¤ªà¥ˆà¤¥ उसे फà¥à¤² बॉडी चेकअप की राय देते हैं। इसमें खून की जांच जैसे: कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤², किडनी फंकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ, लिवर फंकà¥à¤¶à¤¨ टेसà¥à¤Ÿ, यूरिन टेसà¥à¤Ÿ, अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड, चेसà¥à¤Ÿ à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¥‡, ईसीजी और इको-कारà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤—à¥à¤°à¤«à¥€ कराई जाती है। इन जांच के बाद डॉकà¥à¤Ÿà¤° निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से कह सकते हैं कि मरीज को पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ हाइपरटेंशन है या सेकंडरी।पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤®à¤°à¥€ हाइपरटेंशन के लिठदवाई
Rauwolfia serpentina
Glonoinum
Belladonna
Nux vomica
सेकंडरी हाइपरटेंशन के लिठदवाई
Apis
Lycopus Virginicus
Baryta mur
Natrum Muriaticum
दवा कैसे लें
कोई à¤à¤• दवा को 30 C पोटेंसी में लें। 4-4 गोली, दिन में 3 बार। दवा डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह से ही लें।
नेचरोपैथी
नेचरोपैथी के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, जब हम जनà¥à¤® लेते हैं तो अमूमन हमें बीपी की समसà¥à¤¯à¤¾ नहीं होती। लाखों में कोई à¤à¤• बचà¥à¤šà¤¾ होगा, जिसे पैदाइशी बीपी की परेशानी हो। आगे à¤à¥€ जब तक हम सही à¤à¥‹à¤œà¤¨ करते रहते हैं तो à¤à¤¸à¥€ परेशानियां नहीं आतीं। लेकिन जैसे ही हमारे à¤à¥‹à¤œà¤¨ में अनहेलà¥à¤¦à¥€ चीजें शामिल होने लगती हैं, à¤à¤¸à¥€ परेशानियां पैदा होने लगती हैं। तब हमारा खून गंदा होता जाता है और बीपी की परेशानी होने लगती है। अमूमन डॉकà¥à¤Ÿà¤° उसे खून पतला करने की दवा देता है, न कि खून साफ करने की। 10 से 15 बरसों तक à¤à¤¸à¥€ दवाओं से काम चलता है, फिर दवा à¤à¥€ ठीक से काम नहीं करती।
इलाज
इसके लिठअलग से बहà¥à¤¤ कà¥à¤› करने की जरूरत नहीं। हम खानपान और रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ में थोड़ा बदलाव कर लें तो हाइपरटेंशन की परेशानी से निकल सकते हैं।
सà¥à¤¬à¤¹ 6 से 8 के बीच
पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®: 30 मिनट, मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग वॉक: 30 मिनट सन बाथ:
30 मिनट
खानपान
8 बजे: 250 à¤à¤®à¤à¤² अलà¥à¤•लाइन जूस (à¤à¤• नारियल पानी या सफेद पेठे का रस)
10 बजे: 400 गà¥à¤°à¤¾à¤® à¤à¤• ही तरह का फल जैसे तरबूज या खरबूजा या सेब
लंच
2 बजे: इसमें वही खाना खाना है जो रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ में खाते आठहैं। मसलन चपाती, दाल, कम तेल वाली सबà¥à¤œà¥€ आदि। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि जब तक इस डायट को फॉलो कर रहे हैं, मांसाहार न करना ही बेहतर है।
5 बजे: कोई à¤à¥€ रोसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¡ नटà¥à¤¸ (à¤à¥à¤¨à¤¾ चना आदि)
7-8 बजे: डिनर में à¤à¥€ रà¥à¤Ÿà¥€à¤¨ का खाना
à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤• खाना बंद
इस डायट के साथ किसी à¤à¥€ तरह का à¤à¤¸à¤¿à¤¡à¤¿à¤• खाना बंद कर दें, जैसे: चाय, कॉफी, कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क आदि। साथ ही, जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नमक वाली चींजें à¤à¥€ बंद कर दें।
इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अपनाने से 10 से 15 दिनों में फायदा दिखने लगेगा।
12 बजे: 400-500 गà¥à¤°à¤¾à¤® देसी खीरा या देसी टमाटर। इसमें नीबू-नमक नहीं डालना।
आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦
दिल के संकà¥à¤šà¤¿à¤¤ होने से धमनियों (आरटà¥à¤°à¥€à¤œ) के माधà¥à¤¯à¤® से खून पूरे शरीर में पहà¥à¤‚चता है और दिल के शिथिल होने से शिराओं (वेनà¥à¤¸) के माधà¥à¤¯à¤® से शरीर से वापस दिल में पहà¥à¤‚चता है। दिल के संकà¥à¤šà¤¨ के समय आरटà¥à¤°à¥€à¤œ में जो पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° होता है, उसे सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कहते हैं और शिथिलता के समय जो दबाव वेनà¥à¤¸ में होता है, उसे डायसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤•। सिसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° का सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¤à¤° 120 माना गया है जबकि डायसà¥à¤Ÿà¥‹à¤²à¤¿à¤• का 80, जिसे हम 120/80 के रूप में लिखते या पढ़ते हैं। जब रीडिंग इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आती हो तो हाइपरटेंशन का केस माना जाता है।
उपाय
-लहसà¥à¤¨ की à¤à¤• कली सà¥à¤¬à¤¹ खाली पेट पानी के साथ लें।
-दिन में कà¤à¥€ à¤à¥€ पà¥à¤¯à¤¾à¤œ का रस और शहद बराबर मातà¥à¤°à¤¾ में मिलाकर à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š लें।
-दो कचà¥à¤šà¥‡ आंवले सà¥à¤¬à¤¹-शाम चबाà¤à¤‚ या à¤à¤•-à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š आंवले का चूरà¥à¤£ सà¥à¤¬à¤¹-शाम पानी के साथ लें। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ खाली पेट न लें।
-अरà¥à¤œà¥à¤¨ की छाल या छाल का चूरà¥à¤£ à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š पानी में
उबालकर लें।
-à¤à¤• à¤à¤¾à¤— अरà¥à¤œà¥à¤¨ छाल, चार à¤à¤¾à¤— दूध और 16 à¤à¤¾à¤— पानी मिलाकर तब तक उबालें जब तक कि यह à¤à¤• चौथाई न रह जाà¤à¥¤ लगà¤à¤— 200 मिलीलीटर यह दूध शकà¥à¤•र या मिशà¥à¤°à¥€ मिलाकर दिन में दो बार लें।
-अरंडी के तेल में à¤à¥à¤¨à¥€ हà¥à¤ˆ छोटी हरड़ (बचà¥à¤šà¥‡ 1 और बड़े 2) 1 चमà¥à¤®à¤š शकà¥à¤•र के साथ मिलाकर, सà¥à¤¬à¤¹-शाम लें।
सेकà¥à¤¸ में रखें ये सावधानियां
यह सच है कि हाई बीपी या हाइपरटेंशन की समसà¥à¤¯à¤¾ से सेकà¥à¤¸ पावर पर असर पड़ता है। इसे à¤à¤¸à¥‡ समठसकते हैं कि जब शरीर में खून की नलियां फैट आदि के जमा होने से संकरी और कड़ी हो जाती हैं तो खून का दौरा कम होता है। यह सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ पारà¥à¤Ÿ तक खून पहà¥à¤‚चाने वाली नलियों के साथ à¤à¥€ होती है। वहां कम मातà¥à¤°à¤¾ में खून पहà¥à¤‚चता है और इससे पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ पारà¥à¤Ÿ में कड़ापन कम आता है। साथ ही, थकावट, सरदरà¥à¤¦ आदि होने से शरीर साथ नहीं देता और कामेचà¥à¤›à¤¾ à¤à¥€ कम होती है। वहीं, जब हम बीपी कम करने की दवा खाते हैं तो पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ ठीक होता है, लेकिन कई बार खून में दबाव कम हो जाता है। यही वजह है कि कà¥à¤› दवा की वजह से पà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤µà¥‡à¤Ÿ पारà¥à¤Ÿ के कड़ेपन में कमी आ सकती है। जब खून में पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° कम हो तो अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बातकर दवा बदलवा सकते हैं।
à¤à¤• और बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ जरूर रखें, अगर किसी को यह à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ हो कि उसका बीपी बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बढ़ा हà¥à¤† है तो उसे फौरन ही बीपी की जांच करनी चाहिà¤à¥¤ अगर रीडिंग 140/90 से ऊपर आठतो सहवास को टाल देना चाहिà¤à¥¤ जब बीपी नॉरà¥à¤®à¤² हो जाठतब सहवास ठीक रहेगा। इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ महिलाओं को à¤à¥€ रखना चाहिठकि बीपी बढ़ा हà¥à¤† हो तो सहवास न करें। नॉरà¥à¤®à¤² होने पर ही करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि सहवास के दौरान बीपी बढ़ जाती है। वैसे, आज तक शायद ही à¤à¤¸à¤¾ कोई मामला हà¥à¤† हो जब कोई शखà¥à¤¸ सहवास करते हà¥à¤ मरा हो। फिर à¤à¥€ सचेत तो रहना ही चाहिà¤à¥¤
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