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कà¥à¤¯à¤¾ आप à¤à¥€ पिलाती हैं अपने बचà¥à¤šà¥‡ को बोतल से दूध? जानिठइससे होने वाले नà¥à¤•सान और सावधानियां
शिशॠको बोतल से दूध पिलाने से डायरिया का à¤à¥€ खतरा हो सकता है। दरअसल, शिशॠके शरीर में कीटाणॠपहà¥à¤‚चने का सबसे बड़ा सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ बोतल का निपà¥à¤ªà¤² होता है। हेलà¥à¤¥ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ कहते हैं कि बोतल का निपà¥à¤ªà¤² में माइकà¥à¤°à¥‹ ऑरà¥à¤—ैनिसà¥à¤® चिपक सकते हैं, जो काफी छोटे होने के कारण नजर नहीं आते हैं।
ये तो आप जानते ही होंगे कि शिशॠको à¤à¤• तय उमà¥à¤° तक सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करना बेहद जरूरी होता है, लेकिन कà¥à¤¯à¤¾ आपको इस बात का अंदाजा है कि इसके बाद बोतल से दूध पिलाने का आपका चयन सही है? आमतौर पर à¤à¤¸à¤¾ देखा जाता है कि जब शिशॠको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करवाना बंद कर दिया जाता है तो उसे बोतल से दूध पिलाने की आदत डाल दी जाती है। हालांकि, इस तरह का निरà¥à¤£à¤¯ शिशॠके लिठकितना नà¥à¤•सानदायक हो सकता है इससे वो अंजान रहते हैं। अगर आप à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥€à¤‚ में से à¤à¤• हैं जिनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने अपने शिशॠको बोतल से दूध पीने की आदत डाल दी है तो इसे होने वाले नà¥à¤•सान को जानने के बाद आप à¤à¥€ गिलास, कप या कटोरी से ही अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाना पसंद करेंगे। आइठआपको बोतल से दूध पीने पर होने वाले कà¥à¤› नà¥à¤•सान और सावधानियों के बारे में विसà¥à¤¤à¤¾à¤° से बताते हैं...
1. इमà¥à¤¯à¥‚निटी सिसà¥à¤Ÿà¤® हो सकता है कमजोर
मां के दूध में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिन A और C आदि पाठजाते हैं, जिससे शिशॠका इमà¥à¤¯à¥‚निटी सिसà¥à¤Ÿà¤® बढ़ता है। हालांकि, जब शिशॠको बोतल से दूध पिलाया जाता है तो ये सà¤à¥€ नà¥à¤¯à¤Ÿà¥€à¤à¤‚ट फॉरà¥à¤®à¥‚ला खतà¥à¤® हो जाते हैं। कà¥à¤› महिलाà¤à¤‚ अपना दूध बोतल में डालकर अपने शिशॠको सेवन करवाती हैं। जिससे उनके शिशॠका लाठनहीं बलà¥à¤•ि नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चता है। दरअसल, बोतल से पीठगठदूध में हानिकारक ततà¥à¤µ मौजूद हो सकते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि दूध का पोषक ततà¥à¤µ बोतल में जाकर खतà¥à¤® हो जाता है। जिसके सेवन से बचà¥à¤šà¥‡ का इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤® धीमा होने के साथ कमजोर हो सकता है।
2. माइकà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• जोखिम
बेबी बोतल में जो निपà¥à¤ªà¤² होता है उसे पॉलीपà¥à¤°à¥‹à¤²à¥€à¤¨ से बनाया जाता है, जोकि थरà¥à¤®à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• पॉलिमर होता है। साल 2020 में शोधकरà¥à¤¤à¤¾à¤“ं ने बताया की बेबी बोतल से शिशॠको दूध पिलाने से माइकà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• à¤à¤•à¥à¤¸à¥à¤ªà¥‹à¤œà¤¼à¤° होने का खतरा है। बता दें कि शिशॠको दूध पिलाने वाली ये बोतलें à¤à¥€ पॉलीपà¥à¤°à¥‹à¤²à¥€à¤¨ से बनी होती है। à¤à¤¸à¥‡ में जब इसमें गरम दूध डाला जाता है तो इनसे माइकà¥à¤°à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रिलीज होता है। जोकि शिशॠके सेहत के लिठकाफी हानिकारक साबित हो सकता है।
3. डायरिया का खतरा
शिशॠको बोतल से दूध पिलाने से डायरिया का à¤à¥€ खतरा हो सकता है। दरअसल, शिशॠके शरीर में कीटाणॠपहà¥à¤‚चने का सबसे बड़ा सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ बोतल का निपà¥à¤ªà¤² होता है। हेलà¥à¤¥ à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿà¥à¤¸ कहते हैं कि बोतल का निपà¥à¤ªà¤² में माइकà¥à¤°à¥‹ ऑरà¥à¤—ैनिसà¥à¤® चिपक सकते हैं, जो काफी छोटे होने के कारण नजर नहीं आते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में जब शिशॠको बोतल से दूध पिला दिया जाता है तो निपà¥à¤ªà¤² के जरिठकीटाणॠशरीर के अंदर चले जाते हैं। जिसके कारण डायरिया का खतरा हो सकता है। अगर शिशॠअंडरवेट है या किसी अनà¥à¤¯ बीमारी का शिकार है तो उसके लिठडायरिया जानलेवा à¤à¥€ हो सकता है।
4. फेफड़ों में दिकà¥à¤•त
शिशॠको बोतल से दूध पिलाने के दौरान धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखना à¤à¥€ जरूरी है। अकà¥à¤¸à¤° कई लोग बचà¥à¤šà¥‡ के मà¥à¤‚ह में खाली बोतल लगी छोड़ देते हैं, जोकि बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत के लिठहानिकारक साबित होती है। दरअसल, दूध खतà¥à¤® हो जाने पर जब शिशॠके मà¥à¤‚ह में बरी बोतल लगी रहती है तो उनका दम घà¥à¤Ÿ सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में शिशॠके गले में दूध à¤à¥€ अटक कर हवा को बà¥à¤²à¥‰à¤• कर सकता है। जिससे उसे सांस लेने में समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। साथ ही फेफड़ों में à¤à¥€ दिकà¥à¤•त हो सकती है। इसलिठबचà¥à¤šà¥‡ को दूध पिलाने के दौरान बोतल को अपने हाथ से पकड़ें और खतà¥à¤® होते ही हटा दें।
इन बातों का रखें खास खà¥à¤¯à¤¾à¤²
- शिशॠको बोतल से दूध पिलाने की बजाठकप या कटोरी में दूध डालकर रूई की मदद से पिलाने की आदत डालें।
- पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• की बोतल की जगह कांच से बनी दूध की बोतल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करें।
- पà¥à¤²à¤¾à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• वाले दूध की बोतल में गरà¥à¤® दूध न डालें, इससे शिशॠकी सेहत को नà¥à¤•सान हो सकता है।
- दूध की बोतल को हलà¥à¤•े गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी से अचà¥à¤›à¥€ तरह धोने के बाद ही उसमें दूध डालें। इससे बोतल किसी à¤à¥€ तरह के कीटाणॠके संपरà¥à¤• में आने से बच सकती है।
- बोतल का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करने के बाद उसे धोकर और साफ करके पोछ दें। गीली बोतल रहने पर उसमें जरà¥à¤®à¥à¤¸ हो सकते हैं।
- हो सके तो बोतल से दूध पिलाने की आदत को छà¥à¤¡à¤¼à¤µà¤¾ दें, इससे बचà¥à¤šà¥‡ की सेहत सही रहेगी।
- शिशॠके मà¥à¤‚ह में कà¤à¥€ à¤à¥€ खाली निपà¥à¤ªà¤² न रहने दें, इससे दिमाग पर जोर पड़ता है।
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