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ये 7 बीमारियां पहà¥à¤‚चाती हैं आंतों के बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को नà¥à¤•सान, जानें सेहत के लिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ जरूरी हैं गट बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
गट बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हमारे पेट के लिठकाफी अचà¥à¤›à¤¾ होता है। लेकिन कà¥à¤› बीमारियां हैं जो उसे नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चाती है। à¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से जानने के लिठपढ़ें ये आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल।
हमारे शरीर में आंत सबसे अहम अंगों में से à¤à¤• होता है, जहां सबसे अधिक बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पाठजाते हैं। इनमें कà¥à¤› अचà¥à¤›à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होते हैं तो कà¥à¤› बà¥à¤°à¥‡à¥¤ आज के इस आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल में हम आपको शरीर में मौजूद इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ अचà¥à¤›à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बारे में बताà¤à¤‚गे, वहीं बताà¤à¤‚गे कि किन-किन बीमारियों से उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चता है। जमशेदपà¥à¤° के डिमना रोड के गेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤°à¥à¤œà¤¨ डॉ. à¤à¤¨ सिंह से बात कर बीमारी के बारे में जानेंगे। इसके बारे में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जानने के लिठपढ़ें ये आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ल।
गट बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शरीर को कैसे करता है पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि वैसे तो हमारे पूरे शरीर में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होते हैं। हमारे शरीर में जितने सेलà¥à¤¸ व कोशिकाà¤à¤‚ होती हैं उनसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संखà¥à¤¯à¤¾ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की होती है। जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ आंत में पाठजाते हैं। ये खाने को बà¥à¤°à¥‡à¤• डाउन कर उसे पचाने में मदद करते हैं। ये हमारे शारिरिक व मानसिक सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठकाफी लाà¤à¤•ारी होते हैं। इंटेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨ को देखें तो इसमें सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ पाठजाते हैं। इनका काम है ये खाने को तोड़ें, उसमें से निकले नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ को शरीर में à¤à¥‡à¤œà¤¤à¤¾ है। ताकि उन नà¥à¤¯à¥‚टà¥à¤°à¤¿à¤à¤‚टà¥à¤¸ को हमारा शरीर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सके।
दो तरह के हैं बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾, पहला गà¥à¤¡ और दूसरा बैड
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि गà¥à¤¡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ खाने को पचाने में मदद करने के साथ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को शरीर के अनà¥à¤¯ हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ तक पहà¥à¤‚चाते हैं। बैड बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ शरीर के लिठकाफी हानिकारक होता है। इसके कारण कई पà¥à¤°à¤•ार की बीमारी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ à¤à¥€ रहती है। गà¥à¤¡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ काफी मातà¥à¤°à¤¾ में होते हैं, इंटेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨ में इनकी कोशिश यही होती है कि बैड बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को पनपने से रोकें। à¤à¤• समय के बाद गà¥à¤¡ और बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के बीच सामंजसà¥à¤¯ बन जाता है, जिसमें अधिक मातà¥à¤°à¤¾ गà¥à¤¡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की होती है। गà¥à¤¡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हमेशा बैड बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को नियंतà¥à¤°à¤£ में रखते हैं ताकि बीमारी न हो।
इंटेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨ में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से पूरा शरीर होता है पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि इंटेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨ में बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ है तो à¤à¤¸à¤¾ नहीं है कि समसà¥à¤¯à¤¾ व बीमारी का खतरा सिरà¥à¤« इंटेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨ में ही है। बलà¥à¤•ि पूरे शरीर में बीमारी का खतरा रहता है।
गà¥à¤¡ और बैड बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का बैलेंस बिगड़ने पर होती है ये बीमारियां
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि गà¥à¤¡ और बैड बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का बैलेंस बिगड़ने पर कई पà¥à¤°à¤•ार की परेशानियां होती हैं। यदि अनहेलà¥à¤¦à¥€ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पनपने लगे तो उस सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में कई पà¥à¤°à¤•ार की बीमारी हो सकती है। जिसके कारण अंतड़ियों में बीमारी होती है।
1. इरीटेबल बॉवेल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® का खतरा
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ असमानताओं के होने के कारण इरीटेबल बॉवेल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® का खतरा रहता है।
2. अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस का है खतरा
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में असमानताओं की वजह से अलà¥à¤¸à¤°à¥‡à¤Ÿà¤¿à¤µ कोलाइटिस की समसà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥€ हो सकती है। ये बीमारी ऑटो इमà¥à¤®à¤¯à¥‚न डिजीज की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आने वाली बीमारी है।
3. कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤¸ डिजीज की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से लोगों को कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¥à¤¸ डिजीज होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ होती है। ये बीमारी à¤à¥€ ऑटो इमà¥à¤®à¤¯à¥‚न डिजीज की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आती है। अगर बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ अनहेलà¥à¤¦à¥€ रूप से पनप रहे हैं तो निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ तौर पर ये बीमारी होगी।
4. बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से दिल की बीमारी का खतरा
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि इन बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से दिल की बीमारी का खतरा रहता है। हारà¥à¤Ÿ में सबसे अधिक समसà¥à¤¯à¤¾ कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² जनà¥à¤® देता है, कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² पà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ बनाता है और अंतत: हारà¥à¤Ÿ डिजीज का कारण बनता है। à¤à¤¸à¥‡ में वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ जो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ मातà¥à¤°à¤¾ में अंडे, मीट आदि का सेवन करते हैं तो उससे à¤à¤• खास पà¥à¤°à¤•ार का कैमिकल रिलीज होता है, जिसे टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ मिथाइल अमीन ऑकà¥à¤¸à¥€ नेट (टेमो), यही टेमो कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² को हारà¥à¤Ÿ में ले जाने का काम करता है। à¤à¤¸à¥‡ में आपने इन चीजों को खाया, फिर टेमो जेनरेट हà¥à¤† और टेमो ने हारà¥à¤Ÿ की कोशिकाओं तक कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² पहà¥à¤‚चाने का काम किया।
टेमो कम करने के लिठजानें कà¥à¤¯à¤¾ करें
टेमो कम करने के लिठà¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ हेलà¥à¤¦à¥€ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ का सेवन करने की सलाह देते हैं। उसमें खासतौर पर ऑलिवà¥à¤¸, गà¥à¤°à¥‡à¤ªà¥à¤¸ फूड आदि। इसका सेवन करने से डीà¤à¤®à¤¬à¥€ नामक कैमिकल का रिसाव होता है। ये डीà¤à¤®à¤¬à¥€ टेमो को नियंतà¥à¤°à¤£ में रखता है। à¤à¤¸à¥‡ में आपके दिल की कोशिकाओं में कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤² को जमने से ये रोकता है।
5. किडनी को à¤à¥€ पहà¥à¤‚चाते हैं नà¥à¤•सान
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि जिस मरीज के शरीर में टेमो जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होगा तो उसे कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• किडनी डिजीज होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ होती है।
6. दिमाग में à¤à¥€ हो सकती है बीमारी
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि गट बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ में इंबैलेंस की वजह से दिमाग की बीमारी के होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ रहती है। कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये आपके इमोशन पर असर डालता है। समसà¥à¤¯à¤¾ होने के कारण ये पूरà¥à¤µ की à¤à¤¾à¤‚ति काम नहीं करती है। साइंटफिकली à¤à¤¸à¤¾ माना जाता है कि कà¥à¤› समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ हैं, जैसे ऑटिजà¥à¤®, à¤à¤‚जायटी नà¥à¤¯à¥‚रोसिस, डिपà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ और कà¥à¤°à¥‰à¤¨à¤¿à¤• पेन जैसी बीमारियों का कारण à¤à¥€ गट बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¥‡à¤¯à¤¾ में अनियमितता हो सकती है।
7. मोटापे का है सीधा संबंध
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि गट बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¥‡à¤¯à¤¾ में अनियमितता के कारण ये हमारे दिमाग को सही-सही सिगà¥à¤¨à¤² नहीं à¤à¥‡à¤œà¥‡à¤¤à¥‡ हैं। इससे लोगों को यह पता नहीं चलता है कि हमें à¤à¥‚ख लगी है à¤à¥€ या नहीं। इस वजह से लोग मोटापे का शिकार होते हैं। इतना ही नहीं ये दिमाग में मौजूद पिटà¥à¤¯à¥à¤°à¤¿à¤Ÿà¥€ गà¥à¤²à¥ˆà¤‚ड को à¤à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है। पिटà¥à¤¯à¥à¤°à¤¿à¥‡à¤Ÿà¥€ कई पà¥à¤°à¤•ार हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ बनाती है। यदि इसमें गड़बड़ी हà¥à¤ˆ शरीर पर असर दिखेगा।
जानें ये बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ कहां से आते हैं
शिशॠके जनà¥à¤® के समय मां से आते ये बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¥¤
आसपास के वातावरण से आते हैं बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¥à¤¯à¤¾
आप कà¥à¤¯à¤¾ खाते हैं, कितना खाते हैं, कितना बैलेंस डाइट लेते हैं उसपर à¤à¥€ ये बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ निरà¥à¤à¤° करता है
आप कहां रहते हैं व नहीं उसपर à¤à¥€ निरà¥à¤à¤° करता है बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ हैं गà¥à¤¡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
ये गà¥à¤¡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ होते हैं। ये कई पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं। ये अलग अलग तरीकों से काम कर डायेशन को ठीक करते हैं। शरीर को सà¥à¤šà¤¾à¤°à¥‚ रूप से चलाने में मदद करते हैं। पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक तौर पर हासिल करने के लिठडेयरी पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤¸ में दही, à¤à¤œà¥‡à¤¡ चीज, फरà¥à¤®à¥‡à¤‚टेड वेजिटेबल का सेवन करने से, सीजनल पिकलà¥à¤¸ वेजिटेबलà¥à¤¸ का सेवन करने से पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ हासिल कर सकते हैं।
पà¥à¤°à¥€à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ का है खाना
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि पà¥à¤°à¥€à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ à¤à¥€ हमें कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन करने से हासिल होता है, जिसमें केला, पà¥à¤¯à¤¾à¤œ, अदरक, सोयाबीन, लीकà¥à¤¸ और अनाज शामिल है। इनका सेवन करने से पà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¾à¤¯à¥‹à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤¸ में बढ़ोतरी होती है, अंतत: शरीर में अचà¥à¤›à¥‡ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की अधिकता रहता है।
टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट पर दें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि आज के दौर में जितने à¤à¥€ पà¥à¤°à¤•ार के टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है उसमें बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है। à¤à¤¸à¤¾ इन बीमारियों को ठीक करने के लिठकिया जाता है। इसके लिठजरूरी है कि आप डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लें व खानपान व अनà¥à¤¯ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देकर उसे फॉलो करें।
खानपान पर दें धà¥à¤¯à¤¾à¤¨, à¤à¤¸à¥€ बीमारी होने पर लें डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह
डॉकà¥à¤Ÿà¤° बताते हैं कि इसलिठहमें खाने में पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• व संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार का ही सेवन करना चाहिà¤à¥¤ वहीं बताई गई बीमारी होने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह लेना चाहिà¤à¥¤
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