ब्लड प्रेशर की दवा दिन या रात लेने का सबसे अच्छा समय कब है?HealthPlanet

Posted on Thu 1st Dec 2022 : 09:32

क्या हाई ब्लड प्रेशर की दवाओं को खाने का कोई बेहतरीन समय होता है?

हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि बहुत से लोग यह जान भी नहीं पाते कि उन्हें हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है. इसके लक्षण शुरू में फ़ौरन दिखाई नहीं देते इसलिए कभी-कभी सही समय पर सही कदम उठाने में देरी भी हो जाती है. हालांकि, अगर इसका इलाज ना किया जाए, तो इससे प्रभावित लोग बहुत ज़्यादा बीमार हो सकते हैं और इससे मौत भी हो सकती है. हाई ब्लड प्रेशर से इनमें से कोई भी समस्या हो सकती है:

स्ट्रोक
हार्ट अटैक
किडनी फ़ेलियर
अंधापन

हालांकि, लाइफ़-सेविंग दवाओं के रूप में एक उम्मीद जागी है. जो लोग एक्सरसाइज़ करते हैं, सेहतमंद खाना खाते हैं और इसके साथ रोज़ाना अपनी दवाएं लेते हैं, वे अपना ब्लड प्रेशर कंट्रोल में रख सकते हैं. दुनिया भर में क़रीब 1 अरब 13 करोड़ लोग हाई ब्लड प्रेशर की चपेट में हैं. पर क्या आप जानते हैं कि इनमें शायद पांच में से एक व्यक्ति ही इसे कंट्रोल में रख पाता है?2

क्या ब्लड प्रेशर की दवाएं खाने का समय बदलने से इसे बेहतरीन तरीके से कंट्रोल में रखने में मदद मिल सकती है? एक नई स्टडी के मुताबिक़, ब्लड प्रेशर की दवाएं सुबह के बजाए रात में खाने से हाई ब्लड प्रेशर से जुड़े रिस्क को लगभग आधा किया जा सकता है.3
जानें, रिसर्च क्या कहती है?

स्पेन में 2008 और 2018 के बीच 40 प्राइमरी केयर क्लिनिक्स में एक स्टडी की गई. हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित क़रीब 19,000 लोगों ने इसमें हिस्सा लिया, जिनकी औसत उम्र 60 साल थी. इन सभी को दो ग्रुप में बांटा गया. एक ग्रुप से उनकी ब्लड प्रेशर की दवाएं सुबह लेने को कहा गया, दूसरे ग्रुप को रात में. इनमें से हर एक व्यक्ति पर औसतन क़रीब 6 साल नज़र रखी गई. हर किसी की सेहत की साल में कम से कम एक बार जांच की गई और इनके ब्लड प्रेशर पर 48 घंटे नज़र रखी गई. इनमें से किसी के साथ भी नीचे दी गई घटनाओं में से कोई घटना घटी, तो रिसर्चर्स ने उसे रिकॉर्ड किया.

स्ट्रोक
हार्ट फ़ेलियर
हार्ट अटैक
बंद या संकरी हो चुकी हार्ट आर्टरीज़ को फैलाने के लिए किया गया प्रोसीजर
दिल की बीमारियों की वजह से हुई मौत

स्टडी के आख़िर में स्टडी में हिस्सा लेने वालों में से 9% ने ऊपर दी गईं घटनाओं में से एक या ज़्यादा का सामना किया. स्टडी में पाया गया कि इसमें हिस्सा लेने वालों में से जिन लोगों ने रात के समय दवा ली, उन्हें ऊपर दी गई कंडीशंस में से कोई भी समस्या होने की संभावना 45% कम हो गई थी. रिसर्चर्स ने यह भी पाया कि हाई ब्लड प्रेशर की दवाएं रात के समय लेने से किडनी का कामकाज भी बेहतर हुआ और ब्लड में ख़राब कोलेस्ट्रॉल का लेवल काफ़ी हद तक कम हुआ.3

सेहतमंद लोगों के साथ-साथ ब्लड प्रेशर के कुछ पेशेंट्स में भी ब्लड प्रेशर एक सर्कैडियन रिदम दिखाता है. यह एक ऐसी रिदम है जो हर 24 घंटे में खुद को दोहराती है, जैसे कि ब्लड प्रेशर रात में कम रहता है, सुबह तेजी से बढ़ता है और आमतौर पर दोपहर के बाद सबसे ज़्यादा बढ़ा हुआ होता है.4
हालांकि, हाई ब्लड प्रेशर वाले कुछ लोगों में रात के समय ब्लड प्रेशर कम नहीं होता है.5 इसकी वजह यह हो सकती है कि उनकी ब्लड प्रेशर की दवाओं का असर ज़रूरत के मुताबिक़ समय तक बना नहीं रह पाता. यानी सुबह में ली जाने वाली दवाओं का असर शायद रात तक नहीं रह जाता, जिस वजह से ब्लड प्रेशर शरीर के आराम करने के दौरान भी कम नहीं होता.6 कई स्टडीज़ से पता चलता है कि ऐसे लोगों में ब्लड प्रेशर 24 घंटे से ज़्यादा समय हाई रहता है और इनमें हाई ब्लड प्रेशर की वजह से होने वाले जोख़िमों का ख़तरा भी बढ़ जाता है.
सुझाव

जैसा कि कई स्टडीज़ में देखा गया है, अगर सोते समय ब्लड प्रेशर की दवाएं ली जाएं, तो लंबे समय तक हाई ब्लड प्रेशर रहने की वजह से होने वाली परेशानियों से बचा जा सकता है.5 वैसे, अपनी ब्लड प्रेशर की दवाएं लेने के रुटीन में कोई भी बदलाव करने से पहले अपने डॉक्टर का सुझाव ज़रूर लें.7

और हां, सिर्फ़ दवाएं लेना ही काफ़ी नहीं है. अगर दवाओं के साथ सेहतमंद खानपान और एक्टिव लाइफ़स्टाइल भी अपनाई जाए, तो आपका शरीर लंबे समय तक सेहतमंद रहेगा. इसलिए, अपनी सेहत का ख़ास ख़याल रखें. ऐसा करके ही आप एक सेहतमंद और खुशहाल ज़िंदगी बिता सकते हैं.

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