Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में अचानक होने वाले दरà¥à¤¦ से डरें नहीं, जानें कà¥à¤¯à¤¾ हैं कारण और कैसे मिलेगी राहत
आजकल बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में हलà¥à¤•ा सा à¤à¥€ दरà¥à¤¦ हो तो मन में सबसे पहला खà¥à¤¯à¤¾à¤² बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ कैंसर का आता है। अगर आपने à¤à¥€ कà¤à¥€ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में हलà¥à¤•ा या तेज दरà¥à¤¦ महसूस किया है और बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ कैंसर होने का डर आपके दिमाग में आया हो, तो जानिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होता है बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में पेन और इससे जà¥à¤¡à¤¼à¥€ सà¤à¥€ बातें।
कà¥à¤¯à¤¾ है बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ पेन
पà¥à¤¯à¥‚बरà¥à¤Ÿà¥€ के दौरान शरीर में à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¤¨ में वृदà¥à¤§à¤¿ होने लगती और इसी वजह से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ (सà¥à¤¤à¤¨) विकसित होते हैं। मेनà¥à¤¸à¤Ÿà¥à¤°à¥à¤…ल साइकल ( मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤°) के दौरान कई तरह के हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की वजह से बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ टिशू (ऊतकों ) में बदलाव आते हैं जिससे कà¥à¤› महिलाओं को दरà¥à¤¦ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है। इसलिठकà¤à¥€-कà¤à¥€ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में होने वाले दरà¥à¤¦ को आम माना गया है। बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ पेन को मासà¥à¤Ÿà¤²à¤—िया के नाम से à¤à¥€ जाना जाता है। इसमें बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में हलà¥à¤•ा-हलà¥à¤•ा दरà¥à¤¦, छूने पर दरà¥à¤¦, चà¥à¤à¤¨ या तीखा दरà¥à¤¦ महिलाओं में à¤à¤• सामानà¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ है। मसà¥à¤¤à¤¾à¤²à¤—िया की तीवà¥à¤°à¤¤à¤¾ तेज दरà¥à¤¦ से लेकर हलà¥à¤•ी à¤à¥à¤¨à¤à¥à¤¨à¥€ तक à¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हो सकती है। कà¥à¤› महिलाओं को सà¥à¤¤à¤¨ कोमलता का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है, या उनके सà¥à¤¤à¤¨ सामानà¥à¤¯ से अधिक à¤à¤°à¥‡ हà¥à¤ महसूस कर सकते हैं।
दो तरह के होते हैं ये दरà¥à¤¦
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में होने वाले दरà¥à¤¦ को आमतौर पर साइकà¥à¤²à¤¿à¤• या नॉन साइकà¥à¤²à¤¿à¤• के रूप में बांटा गया है।
1. साइकà¥à¤²à¤¿à¤•(चकà¥à¤°à¥€à¤¯)
साइकà¥à¤²à¤¿à¤• दरà¥à¤¦ का मतलब है कि दरà¥à¤¦ आपके मासिक धरà¥à¤® से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ है। मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° से जà¥à¤¡à¤¼à¤¾ दरà¥à¤¦ आपकी पीरियड के दौरान या बाद में कम हो जाता है।
2. नॉ
न साइकà¥à¤²à¤¿à¤• (गैर-चकà¥à¤°à¥€à¤¯)
नॉन साइकà¥à¤²à¤¿à¤• दरà¥à¤¦ के कई कारण हो सकते हैं, जिसमें सà¥à¤¤à¤¨ पर चोट लगना à¤à¥€ शामिल है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ à¤à¤¸à¤¾ दरà¥à¤¦ बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ के बजाय आसपास की मांसपेशियों या टिशू से आ सकता है।साइकà¥à¤²à¤¿à¤• दरà¥à¤¦ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में à¤à¤¸à¤¾ दरà¥à¤¦ हमेशा नहीं होता, और अगर हो रहा है तो इसके कारणों की पहचान करना कठिन हो सकता है।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में दरà¥à¤¦ के कारण
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ में होने वाले दरà¥à¤¦ के कई कारण हो सकते हैं। हालांकि इसके लिठदो मà¥à¤–à¥à¤¯ कारण हैं। पहला है हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° घटना बढ़ना और दूसरा है फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¥¤
1. हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ की वजह से परेशानी
मासिक धरà¥à¤® की वजह से महिलाओं के शरीर में पà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤°à¥‰à¤¨ और à¤à¤¸à¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤œà¥‡à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° घटने-बढ़ने लगता है। ये दोनोà¥à¤‚ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ महिलाओं में बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ के सूजन, गांठबनने या दरà¥à¤¦ का कारण बन जाते हैं। उमà¥à¤° बढ़ने के साथ महिलाओं में ये दरà¥à¤¦ बढ़ने की आशंका रहती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उमà¥à¤° के साथ शरीर हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के अधिक या कम होने पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ संवेदनशील हो जाता है। कई बार इस तरह का दरà¥à¤¦ मेनोपॉज के बाद बंद हो जाता है।
यदि सà¥à¤¤à¤¨ दरà¥à¤¦ हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ के उतार-चढ़ाव के कारण होता है, तो आप आमतौर पर अपने मासिक धरà¥à¤® से दो से तीन दिन पहले ये दरà¥à¤¦ बढ़ सकता है। कà¤à¥€-कà¤à¥€ दरà¥à¤¦ आपके पूरे मासिक धरà¥à¤® के दौरान बना रह सकता है।
कà¥à¤¯à¤¾ कर सकते हैं-
यह समà¤à¤¨à¥‡ के लिठकि सà¥à¤¤à¤¨ दरà¥à¤¦ का कारण मासिक धरà¥à¤® चकà¥à¤° है या नहीं, अपने मासिक धरà¥à¤® का à¤à¤• लॉग मेंटेन करना चाहिठऔर नोट करें कि आपको पूरे महीने दरà¥à¤¦ कब- कब होता है। à¤à¤• या दो चकà¥à¤° के बाद ही आपको दरà¥à¤¦ का पैटरà¥à¤¨ समठमें आ जाà¤à¤—ा।
शरीर में किसी à¤à¥€ तरह का बदलाव जैसे पà¥à¤¯à¥‚बरà¥à¤Ÿà¥€ (यौवन), गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ और मेनोपॉज़ मासिक धरà¥à¤® को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करता है और इसका असर बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ टिशू पर पड़ता है और दरà¥à¤¦ हो सकता है।
2. सिसà¥à¤Ÿ
महिलाओं की उमà¥à¤° बढ़ने के साथ, उनके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में परिवरà¥à¤¤à¤¨ होने लगता है, इसे इनवॉलà¥à¤¯à¥‚शन कहा जाता है। यह तब होता है जब सà¥à¤¤à¤¨ के टिशू की जगह फैट ले लेता है। इसके साइड इफेकà¥à¤Ÿ के रूप में बà¥à¤°à¤¸à¥à¤Ÿ में सिसà¥à¤Ÿ बनते हैं और अधिक रेशेदार टिशू का विकास होने लगता है। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• चेंज या फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ टिशू कहा जाता है। हालांकि फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ की वजह से दरà¥à¤¦ हो ये जरूरी नहीं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये उमà¥à¤° के साथ होने वाले बदलावों में शामिल है। लेकिन कà¤à¥€-कà¤à¥€ ये दरà¥à¤¦ का कारण बन सकते हैं।
फाइबà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤¿à¤• बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ गांठकी तरह महसूस हो सकते हैं या छूने पर कोमल महसूस हो सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ के ऊपरी या बाहरी हिसà¥à¤¸à¥‹à¤‚ में होता है। ये गांठमासिक घरà¥à¤® के समय आकार में बड़े à¤à¥€ हो सकते हैं।
बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿà¤«à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग से à¤à¥€ होता है दरà¥à¤¦
सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ आपके शिशॠको खिलाने का à¤à¤• पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• तरीका है, लेकिन इसके कई नà¥à¤•सान à¤à¥€ हैं। आप कई कारणों से सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करते समय सà¥à¤¤à¤¨ में दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ कर सकती हैं। इस दरà¥à¤¦ के ये कारण हो सकते हैं-
1. सà¥à¤¤à¤¨ में सूजन
सà¥à¤¤à¤¨ में सूजन, जिसे मासà¥à¤Ÿà¤¿à¤Ÿà¤¿à¤¸ à¤à¥€ कहा जाता है, दूध नलिकाओं का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है। इसमें गंà¤à¥€à¤° और तेज दरà¥à¤¦ के साथ-साथ निपलà¥à¤¸ का फटना, खà¥à¤œà¤²à¥€, जलन या फफोले हो सकते हैं। अनà¥à¤¯ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ में सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ पर लाल धारियां, बà¥à¤–ार और ठंड लगना शामिल हैं। आप डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¤‚टीबायोटिक दवाà¤à¤‚ लेकर इनका इलाज करवा सकती हैं।
2. इंगोरà¥à¤œà¤®à¥‡à¤‚ट यानी सà¥à¤¤à¤¨ का पूरी तरह से à¤à¤°à¤¾ होना-
जब बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ पूरी तरह से à¤à¤° जाते हैं तो इंगोरà¥à¤œà¤®à¥‡à¤‚ट होता है। सà¥à¤¤à¤¨ बढ़े हà¥à¤ दिखाई देने लगते हैं और तà¥à¤µà¤šà¤¾ टाइट हो जाती है।दरà¥à¤¦ à¤à¥€ होने लगता है। यदि आप जलà¥à¤¦ ही अपने बचà¥à¤šà¥‡ को दूध नहीं पिला सकती हैं, तो आप अपने दूध को पंप करके या मैनà¥à¤¯à¥à¤…ल रूप से दूध निकालने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें।
3. गलत तरीके से बचà¥à¤šà¥‡ का निपलà¥à¤¸ पकड़ना
यदि आपका शिशॠआपके निपà¥à¤ªà¤² को ठीक से नहीं पकड़ रहा है, तो आपको सà¥à¤¤à¤¨ दरà¥à¤¦ का अनà¥à¤à¤µ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है। हो सकता है कि आपका शिशॠठीक तरह से लैच नहीं कर रहा हो, इसके संकेतों में निपà¥à¤ªà¤² का फटना और निपà¥à¤ªà¤² में दरà¥à¤¦ शामिल हैं।
याद रखें कि सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ सही तरह से कराने से किसी तरह से चोट नहीं लगती। अगर आपको सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने में दिकà¥à¤•त आ रही हो, तो घर में किसी बड़े-बà¥à¤œà¥à¤°à¥à¤— की सहायता लें। आप अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° या किसी पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नरà¥à¤¸ से à¤à¥€ मदद मांग सकती हैं।
अनà¥à¤¯ कारण
1.आहार
à¤à¤• महिला जो खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खाती है वह सà¥à¤¤à¤¨ दरà¥à¤¦ में योगदान कर सकती है। जो महिलाà¤à¤‚ असà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤•र आहार लेती हैं, जैसे कि वसा और परिषà¥à¤•ृत कारà¥à¤¬à¥à¤¸ में उचà¥à¤š, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ à¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨ दरà¥à¤¦ का अधिक खतरा हो सकता है।
2. छाती, हाथ या पीà¤
कà¤à¥€-कà¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨ दरà¥à¤¦ सà¥à¤¤à¤¨ की किसी परेशानी की वजह से न होकर छाती, हाथ या पीठकी मांसपेशियों में परेशानी के कारण होता है। यदि आप रेकिंग, रोइंग, फावड़ा और वाटरसà¥à¤•ीइंग जैसी à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ करते हैं तो यह सामानà¥à¤¯ है।
3. सà¥à¤¤à¤¨ का आकार
बड़े आकार के बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤Ÿ होने पर शरीर के आकार की मातà¥à¤°à¤¾ में बड़े सà¥à¤¤à¤¨ होने पर महिलाओं को गरà¥à¤¦à¤¨ और कंधों में परेशानी का अनà¥à¤à¤µ हो सकता है।
4. सà¥à¤¤à¤¨ सरà¥à¤œà¤°à¥€
यदि आपके सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ की सरà¥à¤œà¤°à¥€ हà¥à¤ˆ है, तो सà¥à¤Ÿà¤¿à¤š के ठीक होने के बाद जो सà¥à¤•ार टिशू होते हैं वो दरà¥à¤¦ का कारण बन सकते है।
5. दवाà¤à¤‚
à¤à¤‚टीडिपà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥‡à¤‚ट, हारà¥à¤®à¥‹à¤¨ थेरेपी, à¤à¤‚टीबायोटिकà¥à¤¸ और हृदय रोग की दवाà¤à¤‚ सà¤à¥€ सà¥à¤¤à¤¨ दरà¥à¤¦ में योगदान कर सकती हैं। जबकि आपको सà¥à¤¤à¤¨ दरà¥à¤¦ होने पर इन दवाओं को लेना बंद नहीं करना चाहिà¤, विकलà¥à¤ª की उपलबà¥à¤§à¤¤à¤¾ पर अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
6. धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨-
धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से सà¥à¤¤à¤¨ के टिशू में à¤à¤ªà¤¿à¤¨à¥‡à¤«à¥à¤°à¥€à¤¨ का सà¥à¤¤à¤° बढ़ जाता है। इससे महिला के सà¥à¤¤à¤¨à¥‹à¤‚ में दरà¥à¤¦ होने लगता है।
| --------------------------- | --------------------------- |