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बà¥à¤–ारी दौरे (फेबà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤² कनवलà¥à¤œà¤¨) कà¥à¤¯à¤¾ होते हैं?
बà¥à¤–ारी दौरे (फेबà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤² कनवलà¥à¤œà¤¨) शिशà¥à¤“ं या छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में 100.4 डिगà¥à¤°à¥€ फेहरनहाइट या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज बà¥à¤–ार होने पर हो सकते हैं। अंगà¥à¤°à¥‡à¤œà¥€ के फेबà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤² शबà¥à¤¦ का मतलब बà¥à¤–ार संबंधी होता है।
ये जà¥à¤µà¤° या बà¥à¤–ारी दौरे छह महीने से पांच साल तक की उमà¥à¤° के बीच सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ आम होते हैं। 18 महीने की उमà¥à¤° के करीब इनके होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है। हालांकि, अधिकांश बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को फेबà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤² कनवलà¥à¤œà¤¨ कà¤à¥€ नहीं होते।
यदि आपके शिशॠको दौरा पड़ा हो, तो इससे उसे शायद कोई नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चेगा, मगर अपने शिशॠको à¤à¤¸à¥‡ देखकर आप काफी घबरा सकती हैं।
अधिकांश जà¥à¤µà¤° दौरे पांच मिनट से à¤à¥€ कम समय के लिठहोते हैं। मगर, यदि आपके शिशॠके साथ à¤à¤¸à¤¾ हो, तो ये पांच मिनट à¤à¥€ आपको बहà¥à¤¤ लंबे लग सकते हैं। शिशॠको दौरा पड़ने पर आप शायद पाà¤à¤‚गी कि:
वह बाजà¥à¤à¤‚ और टांगे तेजी से à¤à¤Ÿà¤• रहा है
वह बेहोश सा हो रहा है
उसका चेहरा असà¥à¤µà¥ˆà¤šà¥à¤›à¤¿à¤• ढंग से फड़क रहा है
उसकी आंखे फिर रही हैं या वह घूर रहा है
उसका शरीर अकड़ रहा है
उसे उलà¥à¤Ÿà¥€ हो रही है या मà¥à¤‚ह से à¤à¤¾à¤— निकल रहा है
यदि शिशॠको दौरा पड़े तो आप निमà¥à¤¨ तरीके आजमाà¤à¤‚:
कोशिश करें कि आप घबराठनहीं और शांत रहें
दौरा कब शà¥à¤°à¥ हà¥à¤† यह लिख लें
शिशॠके सिर के नीचे अपने हाथ या फिर कोई मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤® चीज लगा दें, ताकि उसे चोट न लगे
उसके आपसपास से कोई कठोर या à¤à¤¾à¤°à¥€ चीज हटा दें या फिर जरà¥à¤°à¤¤ हो तो उसे फरà¥à¤¶ पर किसी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ जगह पर ले जाà¤à¤‚।
यदि आपके साथ कोई हो और à¤à¤¸à¤¾ कर पाना संà¤à¤µ हो तो शिशॠके दौरे का विडियो बना लें। इससे डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ को रोग की पहचान में मदद मिलेगी।
शिशॠको कसकर न थामें और न ही उसे कोई दवा दें।
जब दौरा बंद हो जाà¤, तो शिशॠका वायà¥à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— जांचें और सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि वह सही से सांस ले रहा है या नहीं। यदि उसके मà¥à¤‚ह में कà¥à¤› हो, जैसे उलà¥à¤Ÿà¥€ आदि तो इसे आराम से साफ कर दें। इसके बाद उसे करवट लेकर लिटाà¤à¤‚ और उसे सहारा दें ताकि वह पलटे नहीं। दौरा पड़ने के बाद शिशॠका उनींदा होकर à¤à¤• घंटे तक सोना सामानà¥à¤¯ है।
बà¥à¤–ारी दौरे के दौरान बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करके खà¥à¤¦ को गंदा कर लेना आम है।इसलिठजब शिशॠथोड़ा सामानà¥à¤¯ हो जाठतो आप उसकी लंगोट (नैपी) देखकर जांच कर लें।
आपके शिशॠका बà¥à¤–ारी दौरा शायद à¤à¤• बार का ही होगा। हालांकि, शिशॠको दौरा पड़ने पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह अवशà¥à¤¯ लें। शिशॠको डॉकà¥à¤Ÿà¤° को तà¥à¤°à¤‚त दिखाà¤à¤‚ या फिर कà¥à¤› समय बाद, यह इस बात पर निरà¥à¤à¤° करता है कि दौरा किस तरह का है और कितनी बार पड़ रहा है।
यदि शिशॠको पहले à¤à¥€ दौरा पड़ चà¥à¤•ा है तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात अवशà¥à¤¯ करें, फिर चाहे अà¤à¥€ का दौरा केवल पांच मिनट से à¤à¥€ कम हो पड़ा हो तो à¤à¥€à¥¤
निमà¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में अपने शिशॠको नजदीकी असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² ले जाà¤à¤‚ या à¤à¤®à¥à¤¬à¥à¤²à¥‡à¤‚स बà¥à¤²à¤¾à¤à¤‚:
आपके शिशॠको पहली बार दौरा पड़ा है
दौरा पांच मिनट से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लंबा चला है
आप चिंतित हैं कि यह दौरा किसी गंà¤à¥€à¤° बीमारी जैसे कि मेंनिंजाइटिस आदि की वजह से तो नहीं है
शिशॠको सांस लेने में परेशानी हो रही है
सामानà¥à¤¯à¤¤: जिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दौरा पड़ता है उनमें करीब तीन में से à¤à¤• को ही दूसरा दौरा पड़ता है। आमतौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के लिठदौरे का कारण पता लगाना आसान होता है। à¤à¤¸à¤¾ संà¤à¤µà¤¤à¤¯à¤¾ वायरल बीमारियों जैसे कि कान के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ या तà¥à¤£à¥à¤¡à¤¿à¤•ा-शोथ (टॉनà¥à¤¸à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ बà¥à¤–ार की वजह से होता है।
दौरे मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£ (यूटीआई) या दसà¥à¤¤ (डायरिया) या उलà¥à¤Ÿà¥€ की वजह से निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) होने पर à¤à¥€ पड़ सकते हैं।
फेबà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤² कनà¥à¤µà¤²à¤œà¤¨ आनà¥à¤µà¤¾à¤‚शिक à¤à¥€ हो सकते हैं। यदि परिवार के किसी नजदीकी सदसà¥à¤¯ को बà¥à¤–ारी दौरे पड़ते हों तो शिशॠको à¤à¥€ दौरे पड़ने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है।
दà¥à¤°à¥à¤²à¤ मामलों में नियमित टीकाकरण की वजह से à¤à¥€ दौरे पड़ सकते हैं। पशà¥à¤šà¤¿à¤®à¥€ देशों में हà¥à¤ अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• 3000 से 4000 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में से à¤à¤• को à¤à¤®à¤à¤®à¤†à¤° का टीका लगवाने के बाद दौरा पड़ता है। डीटीà¤à¤ªà¥€/आईपीवी/à¤à¤šà¤†à¤ˆà¤¬à¥€ टीके के मामले में à¤à¤¸à¤¾ होना और à¤à¥€ दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है,11000 से 16000 बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में से किसी à¤à¤• को दौरे पड़ने का खतरा रहता है। आपके शिशॠके साथ à¤à¤¸à¤¾ होने की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बहà¥à¤¤ ही कम होती है, इसलिठशिशॠको टीके लगवाकर बीमारियों से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ करना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरà¥à¤°à¥€ है। दौरे पड़ने के डर से टीके न लगवाना बिलकà¥à¤² उचित नहीं है।
यदि डॉकà¥à¤Ÿà¤° को लगे कि शिशॠकी आगे और जांच करने की जरà¥à¤°à¤¤ है, तो वे उसके और टेसà¥à¤Ÿ करवा सकते हैं। खून की जांच और पेशाब की जांच से पता चल सकता है कि शिशॠकी बीमारी का कारण कà¥à¤¯à¤¾ है।
कई बार, दौरे और जटिल होते हैं और 15 मिनट से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ के लिठजारी रहते हैं। इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ फेबà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤² कनà¥à¤µà¤²à¤œà¤¨ कहते हैं। इसके निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं:
शिशॠके शरीर के à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¥‡ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं
24 घंटे में à¤à¤• से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बार होते हैं
शिशॠके बीमार होने के दौरान कई बार ये दौरे पड़ते हैं
इनसे उबरने में à¤à¤• घंटे से à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ का समय लगता है
यदि आपके शिशॠया बचà¥à¤šà¥‡ को कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ फेबà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤² कनà¥à¤µà¤²à¤œà¤¨ हो तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° अतिरिकà¥à¤¤ जांच और निगरानी की सलाह देंगे। कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ दौरे के बाद à¤à¥€ शिशॠके à¤à¤•दम ठीक रहने की पूरी संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ रहती है।
बहà¥à¤¤ से माता-पिता को चिंता रहती है कि बà¥à¤–ारी दौरे के बाद शिशॠको मिरà¥à¤—ी के दौरे पड़ने शà¥à¤°à¥ हो सकते हैं। à¤à¤¸à¤¾ होने का खतरा बहà¥à¤¤ कम होता है, मगर शिशॠको कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¥‡à¤•à¥à¤¸ दौरा पड़ने पर इसकी आशंका थोड़ी जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होती है।
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