Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
शिशॠके पेट में कीड़े होने का कà¥à¤¯à¤¾ मतलब है?
इसका मतलब है कि आपके शिशॠकी आंतों में कीड़े या कृमि का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है।
हो सकता है आपके शिशॠके शरीर में ये कीड़े किसी दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से, संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मिटà¥à¤Ÿà¥€ में नंगे पैर चलने से, दूषित पानी में खेलने से या फिर अशà¥à¤¦à¥à¤§ à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाने से आ गठहों।
जब इन अंडों में से कीड़े निकलते हैं, तो ये और बढ़ जाते हैं और शिशॠके शरीर में और अंडे दे देते हैं।
शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होना कितना आम है?
कीड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ काफी आम हैं और आसानी से फैलता है। हालांकि, यह बता पाना मà¥à¤¶à¥à¤•िल है कि ये इनफेकà¥à¤¶à¤¨â€‹ कितने आम हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनके अकà¥à¤¸à¤° कोई लकà¥à¤·à¤£ नहीं होते और इनके बारे में सूचना à¤à¥€ नहीं मिल पाती।
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤®à¤¾à¤¨ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤¾à¤°à¤¤ में रहने वाले हर पांच में से à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ को कम से कम à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का कीड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ अवशà¥à¤¯ होता है। वहीं, छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में तो यह इससे à¤à¥€ अधिक आम माना जाता है।
कीड़ों के अलग-अलग तरह के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होते हैं। पिनवरà¥à¤® जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® à¤à¥€ कहा जाता है छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करने वाले सबसे आम पà¥à¤°à¤•ार के कीड़ें हैं। ये मोटे धागे के टà¥à¤•ड़े जैसे दिखते हैं, इनकी लंबाई करीब सà¥à¤Ÿà¥‡à¤ªà¤² पिन जितनी, तीन मि.मी. से 10 मि.मी. तक लंबी हो सकती है।
हà¥à¤•वरà¥à¤®, राउंडवरà¥à¤® और वà¥à¤¹à¤¿à¤ªà¤µà¤°à¥à¤® इनफेकà¥à¤¶à¤¨ à¤à¥€ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में आम हैं। शिशॠमें कीड़ों के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ का पता चलना काफी परेशान कर देने वाला हो सकता है। सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤µà¤¶, इन कीड़ों से पीछा छà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤¨à¤¾ काफी आसान है और इसमें अपेकà¥à¤·à¤¾à¤•ृत कम समय लगता है।
कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने के कà¥à¤¯à¤¾ लकà¥à¤·à¤£ हैं?
अधिकांशत: कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने के कोई लकà¥à¤·à¤£ दिखाई नहीं देते। या फिर हो सकता है कि ये लकà¥à¤·à¤£ इतने हलà¥à¤•े हों, कि उन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ ही न जाà¤à¥¤
शिशॠको कीड़ों का कौन सा संकà¥à¤°à¤®à¤£ हà¥à¤† है और यह कितना गंà¤à¥€à¤° है, इसे देखते हà¥à¤ बचà¥à¤šà¥‡ में कà¥à¤› आम संकेत या लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं। अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ को इनमें से कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हो, तो उसे तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास ले जाà¤à¤‚:
पेट में दरà¥à¤¦à¥¤
वजन घटना।
चिड़चिड़ापन।
मिचली।
मल में खून आना।
उलà¥à¤Ÿà¥€ या खांसी, संà¤à¤µ है कि खांसी या उलà¥à¤Ÿà¥€ के जरिये कीड़ा बाहर निकल आà¤à¥¤
गà¥à¤¦à¤¾ के आसपास खà¥à¤œà¤²à¥€ या दरà¥à¤¦, जहां से कीड़े अंदर दाखिल हà¥à¤à¥¤ यह खासकर पिन वरà¥à¤® के मामलों में होता है।
खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ की वजह से ठीक से नींद न आना।
मूतà¥à¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤— संकà¥à¤°à¤®à¤£ (यू.टी.आई.) की वजह से बार-बार पेशाब जाना। यह लड़कियों में अधिक आम है।
आंतरिक रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ जिससे की आयरन की कमी और à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾, पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ का सही अवशोषण न होना, दसà¥à¤¤ (डायरिया) और à¤à¥‚ख न लगना जैसी परेशानियां हो सकती हैं।
अगर, बहà¥à¤¤ सारे कीड़े हों, तो आंतों में अवरोध à¤à¥€ हो सकता है, मगर à¤à¤¸à¤¾ बहà¥à¤¤ ही दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है। कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में उलà¥à¤Ÿà¥€ के साथ कीड़े निकल सकते हैं (आमतौर पर राउंड वरà¥à¤® जो कि अरà¥à¤¥à¤µà¤°à¥à¤® जैसे दिखते हैं)।
गंà¤à¥€à¤° टेपवरà¥à¤® इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से दौरे à¤à¥€ पड़ सकते हैं।
पाइका (न खाने योगà¥à¤¯, अपौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• चीजें जैसे कि मिटà¥à¤Ÿà¥€, चॉक, कागज आदि खाना) à¤à¥€ कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का à¤à¤• अनà¥à¤¯ संकेत है।
कà¥à¤› डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ का कहना है कि दांत पीसना à¤à¥€ कीड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ होने का संकेत हो सकता है। मगर इस विषय पर शोध​करà¥à¤¤à¤¾à¤“ं की राय अलग-अलग है।
अगर, आपके शिशॠको थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® का हलà¥à¤•ा संकà¥à¤°à¤®à¤£ हो, तो हो सकता है उसे कोई लकà¥à¤·à¤£ न हों। वह नितंबों में खà¥à¤œà¤²à¥€ होने की शिकायत कर सकता है, खासकर कि रात में।
शिशॠके सो जाने के बाद रात को उसके नितंब देखें। उसके दोनों नितंबों को थोड़ा अलग करते हà¥à¤, टॉरà¥à¤š की रोशनी से उसकी गà¥à¤¦à¤¾ के आसपास की जगह देखें।
अगर, उसे थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® हà¥à¤ तो, आपको à¤à¤• या इससे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कीड़े बाहर निकलते हà¥à¤, या शिशॠके पायजामे और चादर पर दिख सकते हैं। शिशॠके मल में à¤à¥€ आपको ये थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® दिख सकते हैं।
यदि आपके शिशॠको हà¥à¤•वरà¥à¤® से इनफेकà¥à¤¶à¤¨ हà¥à¤† है, तो उसे निमà¥à¤¨ लकà¥à¤·à¤£ हो सकते हैं:
जिस जगह से कीड़ों ने तà¥à¤µà¤šà¤¾ में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ किया है, उस सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर चकतà¥à¤¤à¥‡ और खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ हो सकती है, विशेषकर पितà¥à¤¤à¥€ ​(हाइवà¥à¤¸-आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ेरिया)
à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾
अगर आपके शिशॠको à¤à¤¸à¥‡ कोई à¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£ हों, तो अधिक जानकारी व उपचार के लिठअपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें।
मेरे शिशॠको कीड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ कैसे हà¥à¤†?
आपके शिशॠको यह इनफेकà¥à¤¶à¤¨ निमà¥à¤¨ तरीकों से हो सकता है:
संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मिटà¥à¤Ÿà¥€
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में हà¥à¤•वरà¥à¤®, राउंडवरà¥à¤®, टेपवरà¥à¤® और वà¥à¤¹à¤¿à¤ªà¤µà¤°à¥à¤® होने का यह सबसे आम तरीका है।
यदि कोई संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ मिटà¥à¤Ÿà¥€ मे मलतà¥à¤¯à¤¾à¤— करें, तो वहां कीड़ों के अंडे जमा हो जाते हैं, जो बाद में छोटे अविकसित कीड़े बन जाते हैं। इसके बाद लारà¥à¤µà¤¾ विकसित होता है। संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मिटà¥à¤Ÿà¥€ में नंगे पैर चलने या घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल चलने से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को हà¥à¤•वरà¥à¤® इनफेकà¥à¤¶à¤¨ हो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि लारà¥à¤µà¤¾ पैर की तà¥à¤µà¤šà¤¾ के à¤à¥€à¤¤à¤° घà¥à¤¸ सकते हैं।
संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ मिटà¥à¤Ÿà¥€ को हाथों में लेने या नाखूनों में जमा होने के बाद इनà¥à¤¹à¥€à¤‚ गंदे हाथों को मà¥à¤‚ह में लेने से अनà¥à¤¯ कीड़े शरीर में पà¥à¤°à¤µà¥‡à¤¶ करते हैं।
गंदे या संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ पानी की जगह
कà¥à¤› तरह के कीड़े पानी में पनपते हैं। ये à¤à¥€à¤²à¥‹à¤‚, बांधों और कीचड़ में पाठजा सकते हैं। इन जगहों पर खेलने, नहाने या तैराकी करने से या फिर à¤à¤¸à¤¾ पानी पीने से या इस पानी से दूषित à¤à¥‹à¤œà¤¨ के सेवन से कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ हो सकता है।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को यह इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का खतरा इसलिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ (इमà¥à¤¯à¥‚न सिसà¥à¤Ÿà¤®) वयसà¥à¤•ों की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कमजोर होती है।
अधपका या संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨
हà¥à¤•वरà¥à¤®, वà¥à¤¹à¤¿à¤ªà¤µà¤°à¥à¤® और राउंडवरà¥à¤® के अंडे à¤à¤¸à¥‡ पौधे और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में लगे रह सकते हैं, जो मल से दूषित मिटà¥à¤Ÿà¥€ में उगाठगठहों। अगर इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अचà¥à¤›à¥€ तरह धोया न जाà¤, तो ये सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ पर ही चिपके रह जाते हैं। à¤à¤¸à¥€ सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ खाने पर हमें इनफेकà¥à¤¶à¤¨ हो सकता है।
पानी के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ के पास रहने वाले जानवर, जैसे कि मछली और पशà¥-मवेशी à¤à¥€ कीड़ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ जैसे कि टेपवरà¥à¤® इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से बीमार हो सकते हैंं। इसलिठमांस और कचà¥à¤šà¥€ या अधपकी मछलियों में कीड़े हो सकते हैं।
संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• में आना
अगर, आपका शिशॠकिसी à¤à¤¸à¥‡ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के संपरà¥à¤• में है, जिसे कीड़े हों और वे उचित साफ-सफाई पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ न दें, तो यह इनफेकà¥à¤¶à¤¨ आपके शिशॠतक à¤à¥€ पहà¥à¤‚च सकता है। पिनवरà¥à¤® à¤à¤¸à¥‡ ही शिशॠतक पहà¥à¤‚चते हैं।
कीड़ों के अंडे नाखूनों के नीचे या फिर अचà¥à¤›à¥€ तरह साफ न किठगठहाथों में जीवित रह सकते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में वे आपके शिशॠके खिलौनों या फिर सीधे उसके मà¥à¤‚ह तक पहà¥à¤‚च सकते हैं। थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® चादरों या कपड़ों में तीन हफà¥à¤¤à¥‹à¤‚ तक जिंदा रह सकते हैं।
कीड़े मेरे शिशॠके विकास को किस तरह पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ करते हैं?
थोड़े समय के लिà¤, कीड़ों के कà¥à¤› संकà¥à¤°à¤®à¤£ बीमारी की बजाय खिजलाहट का कारण हो सकते हैं। मगर, यदि इनका उपचार न किया जाà¤, तो ये गंà¤à¥€à¤° समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कीड़े की वजह से आंतों में रकà¥à¤¤à¤¸à¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤µ हो सकता है। इसकी वजह से कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£, वजन घटना और à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ जैसी जटिलता उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ हो सकती है।
संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को बीमारियां होने का खतरा à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनकी पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤£ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ कà¥à¤·à¤¤à¤¿à¤—à¥à¤°à¤¸à¥à¤¤ होती है। यदि टेपवरà¥à¤® इनफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• में गांठे बनने लगें तो यह काफी गंà¤à¥€à¤° हो सकता हैं। हालांकि, à¤à¤¸à¤¾ होना काफी दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है, मगर डॉकà¥à¤Ÿà¤° को दिखा लेना जरà¥à¤°à¥€ है, ताकि सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ हो सके।
लंबे समय के लिà¤, कीड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ बचà¥à¤šà¥‡ के à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ के शारीरिक और दिमागी विकास को à¤à¥€ नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकते हैं, जिससे विकास में देरी और मानसिक कारà¥à¤¯à¤ªà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ पर असर पड़ता है। खासकर कि यदि संकà¥à¤°à¤®à¤£ से à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ और कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ हो रहा हो तो। अचà¥à¤›à¥€ बात है कि समय पर उपचार किठजाने से इस इनफेकà¥à¤¶à¤¨ से बचा जा सकता है।
कीड़ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ का पता लगाने के लिठकौन सी जांचें कराई जाती हैं?
शिशॠमें कीड़ों का पता लगाने का सबसे बेहतर तरीका यही है कि उसकी जांच डॉकà¥à¤Ÿà¤° से करवाई जाà¤à¥¤ डॉकà¥à¤Ÿà¤° नीचे दी गई जांचों में से à¤à¤• जांच करवाने के लिठकह सकते हैं, जिससे शिशॠमें कीड़ों के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ का पता चल सके:
मल की जांच। डॉकà¥à¤Ÿà¤° आपके शिशॠके मल का नमूना लेने के लिठà¤à¥€ कह सकते हैं। इस नमूने को जांच के लिठलैब में à¤à¥‡à¤œà¤¾ जाà¤à¤—ा, ताकि कीड़ों या कीड़ों के अंडों का पता लगाया जा सके।
सà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ी टेप टेसà¥à¤Ÿà¥¤ यह जांच थà¥à¤°à¥‡à¤¡à¤µà¤°à¥à¤® के लिठकी जाती है, और इसमें शिशॠके नितंबों के आसपास टेप का à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा चिपकाया जाता है, ताकि संà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कीड़ों के अंडों को इकटà¥à¤ ा किया जा सके। इस टेप को फिर लैब में जांच के लिठà¤à¥‡à¤œà¤¾ जाता है।
नाखूनों के नीचे देखना। डॉकà¥à¤Ÿà¤° शिशॠके नाखूनों के नीचे कीड़ों के अंडे होने की जांच कर सकते हैं।
रà¥à¤ˆ के फाहे (कॉटन-बड सà¥à¤µà¥‰à¤¬) से जांच। डॉकà¥à¤Ÿà¤° या नरà¥à¤¸ शिशॠके नितंबों के आसपास रà¥à¤ˆ के फाहे से पौंछकर कीड़े होने का पता लगा सकते हैं।
अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड जांच। यह आमतौर पर तब कराया जाता है, जब शिशॠके शरीर में बहà¥à¤¤ सारे कीड़े हों। अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड में डॉकà¥à¤Ÿà¤° कीड़ों की वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ का पता लगाà¤à¤‚गे।
शिशॠमें कीड़ों के इनफेकà¥à¤¶à¤¨ का उपचार कैसे करà¥à¤‚?
सौà¤à¤¾à¤—à¥à¤¯à¤µà¤¶, कीड़ों के लगà¤à¤— सà¤à¥€ संकà¥à¤°à¤®à¤£à¥‹à¤‚ का उपचार मà¥à¤‚ह से लेने वाली (ओरल) दवाओं से किया जा सकता है। आपके बचà¥à¤šà¥‡ को किस तरह का संकà¥à¤°à¤®à¤£ है, उसके आधार पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° दवाà¤à¤‚ या कीड़ों को खतà¥à¤® करने का उपचार (डीवरà¥à¤®à¤¿à¤‚ग) शà¥à¤°à¥ करेंगे। बचà¥à¤šà¥‡ को यदि à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ हो तो उसे आयरन अनà¥à¤ªà¥‚रक लेने की à¤à¥€ जरà¥à¤°à¤¤ होगी।
कीड़ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° की परà¥à¤šà¥€ के बिना मिलने वाली कोई à¤à¥€ दवा या औषधि न लें। कà¥à¤› à¤à¤‚टी-वरà¥à¤® दवाà¤à¤‚ दो साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठउचित नहीं होती हैं।
हो सकता है आप वैकलà¥à¤ªà¤¿à¤• उपचारों जैसे कि जड़ी-बूटी या आयà¥à¤°à¥à¤µà¥‡à¤¦à¤¿à¤• उपचार अपनाना चाहें। इनकी पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¥€à¤²à¤¤à¤¾ के बारे मे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£ उपलबà¥à¤§ नहीं है। बेहतर यही है कि कà¥à¤› à¤à¥€ उपचार आजमाने से पहले अपने डॉकà¥à¤Ÿà¤° से अवशà¥à¤¯ बात करें।
कीड़ों का संकà¥à¤°à¤®à¤£ आसानी से फैलता है और इसका दोबारा हो जाना à¤à¥€ काफी आम है। à¤à¤¹à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤ के लिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° शायद आपके पूरे परिवार को कीड़ों को खतà¥à¤® करने का उपचार करवाने की सलाह दे सकते हैं, चाहे फिर अनà¥à¤¯ किसी को कीड़े हों या न हों।
मैं शिशॠको कीड़े होने से बचाने के लिठकà¥à¤¯à¤¾ कर सकती हूं?
विशà¥à¤µ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ संगठन (डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚.à¤à¤š.ओ.) की सलाह है कि पà¥à¤°à¥€à¤¸à¥à¤•ूल के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को नियमित रूप से कीड़ों को खतà¥à¤® करने का उपचार दिया जाà¤à¥¤ शिशॠके à¤à¤• साल का हो जाने के बाद से डॉकà¥à¤Ÿà¤° हर छह महीने में उसे डीवरà¥à¤®à¤¿à¤‚ग उपचार देने की सलाह देते हैं।
जब आपका ननà¥à¤¹à¤¾ शिशॠचलने लग जाता है, तो उसे कीड़ों का इनफेकà¥à¤¶à¤¨ होने का खतरा शà¥à¤°à¥ हो जाता है। अपने बचà¥à¤šà¥‡ को नियमित तौर पर डॉकà¥à¤Ÿà¤° के पास जांच के लिठले जाà¤à¤‚ और नियत समय पर कीड़ों को खतà¥à¤® करने का उपचार करवाà¤à¤‚।
निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित सà¥à¤à¤¾à¤µà¥‹à¤‚ को अपनाकर आप उसे कीड़ों के संकà¥à¤°à¤®à¤£ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रख सकती हैं:
शिशॠकी लंगोट (नैपी) नियमित रूप से बदलती रहें और इसके बाद अपने हाथों को अचà¥à¤›à¥‡ से धो लें।
अपने घर को अकà¥à¤¸à¤° अचà¥à¤›à¥‡ कीटनाशक से साफ करती रहें
जब आपका शिशॠचलना शà¥à¤°à¥ कर देता है, तो उसे पैरों को ढक लेने वाले जूते पहनाà¤à¤‚। सà¥â€‹à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि बाहर खेलते समय बचà¥à¤šà¤¾ ये जूते अवशà¥à¤¯ पहने। घर आने के बाद उसके हाथों और पैरों को अवशà¥à¤¯ धो दें।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€à¤²à¥‹à¤‚, बांधों और कीचड़ से दूर रहकर ही खेलने दें।
शिशॠको कीचड़ वाली जगहों, नमी वाले रेत की टीलों और मिटà¥à¤Ÿà¥€ से दूर रखें। मानसून के दिनों में विशेष धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें, जब अकà¥à¤¸à¤° पानी जमा हो जाता है। दूषित पानी कहीं से à¤à¥€ आ सकता है।
हमेशा धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि शिशॠसाफ और सूखी जगह पर ही खेले।
अपने बचà¥à¤šà¥‡ को पानी की जगहों पर जैसे कि कीचड़, गढà¥à¤¢à¤¼à¥‹à¤‚, à¤à¥€à¤²à¥‹à¤‚ या बांधों के आसपास न खेलने दें।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि शिशॠपेशाब या शौच के लिठसà¥à¤µà¤šà¥à¤› शौचालय का ही इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² करे।
अपने शौचालय को साफ रखें। हर बार पेशाब करने या मल तà¥à¤¯à¤¾à¤— के बाद शिशॠके नितंबों को धो दें। इसके बाद अपने हाथों को à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ तरफ धोà¤à¤‚। यदि आपका शिशॠबड़ा है तो आप उसे हर बार शौचालय के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के बाद हाथ धोने के बारे में सिखाà¤à¤‚।
सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आपके परिवार के सदसà¥à¤¯ खाने से पहले और शौचालय के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² के बाद अपने हाथ साबà¥à¤¨ से अवशà¥à¤¯ धोà¤à¤‚।
बचà¥à¤šà¥‡ के नाखून छोटे और साफ रखें। कीड़ों के अंडे लंबे नाखूनों में फंस सकते हैं और पूरे घर में फैल सकते हैं।
हमेशा साफ पानी पीà¤à¤‚। आप पानी को उबाल सकते हैं या फिर फिलà¥à¤Ÿà¤° कर सकती है।
फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को साफ पानी में अचà¥à¤›à¥‡ से धोà¤à¤‚। हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को धोते समय विशेष सावधानी बरतें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनमें मिटà¥à¤Ÿà¥€ और धूल लगी रह सकती है।
खाना बनाने से पहले देख लें कि मांस और मछली ताजा हो। मांस और मांस और मछली को अचà¥à¤›à¥€ तरह पकाà¤à¤‚, ताकि वह कचà¥à¤šà¤¾ न रहे।
अगर आपके घर में कामवाली या आया शिशॠकी देखà¤à¤¾à¤² करती है, तो सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि वह साफ-सà¥à¤¥à¤°à¥€ रहती हो। परिवार के अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ ​के साथ-साथ घर में काम करने वाली कामवाली को à¤à¥€ कीड़े खतà¥à¤® करने की दवाई दिलवाना सही रहता है।
| --------------------------- | --------------------------- |