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बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को जà¥à¤•ाम होने पर नाक बंद होना या नाक बहने की शिकायत हो जाती है जो पैरेंटà¥à¤¸ के लिठà¤à¥€ चिंता का विषय होता है। नाक को साफ करने के लिठशिशॠया बचà¥â€à¤šà¥‡ कà¥à¤› नहीं कर पाते हैं और अमेरिकन à¤à¤•ेडमी ऑफ पीडियाटà¥à¤°à¤¿à¤•à¥â€à¤¸ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, चार साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‡ को डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° के परà¥à¤šà¥‡ के बिना मिलने वाली खांसी और जà¥à¤•ाम की दवाà¤à¤‚ नहीं देनी चाहिà¤à¥¤
वहीं, 4 से 6 साल के बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¥€ ये दवाà¤à¤‚ देने के लिठमना किया जाता है। इनकी वजह से शिशॠको साइड इफेकà¥à¤Ÿà¥à¤¸ हो सकते हैं, इसलिठबचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ में बहती नाक को रोकने के लिठघरेलू उपायों का इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रहता है।
नाक बहने के कारण शिशॠको मà¥à¤‚ह से सांस लेनी पड़ सकती है। मà¥à¤‚ह से सांस लेने पर शिशॠको बà¥à¤°à¥€à¤¦à¤¿à¤‚ग डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ हो सकती है। इसलिठशिशॠको बà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥â€à¤Ÿ या फॉरà¥à¤®à¥‚ला मिलà¥â€à¤• जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पिलाà¤à¤‚। छह महीने से अधिक उमà¥à¤° के बचà¥â€à¤šà¥‡ को पानी और अनà¥â€à¤¯ तरल पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ दे सकती हैं।
शिशॠकी सरसों के तेल से करेंगी मालिश तो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होंगी मजबूत, जान लें मालिश का तरीका
- सरसों का तेल रकà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को बेहतर करता है और शिशॠकी संपूरà¥à¤£ सेहत में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाता है। शिशॠकी रोज मालिश करने से शरीर सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और मजबूत बनता है। इसके अलावा शरीर में गरमाई रखने में सरसों का तेल बहà¥à¤¤ मदद करता है। यही वजह है कि ठंड के मौसम और ठंडे इलाकों में शिशॠको गरम रखने के लिठसरसों के तेल का ही इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
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लहसà¥à¤¨ की कà¥à¤› कलियां लें और उसे सरसों के तेल में डालकर हलà¥â€à¤•ा गरà¥à¤® कर लें। अब तेल के थोड़ा ठंडा होने पर शिशॠकी छाती पर लगाà¤à¤‚। इस तरह शिशॠमें खांसी और जà¥à¤•ाम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसमें आप लहसà¥à¤¨ की जगह तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ डाल सकते हैं।
सरसों के तेल में à¤à¤‚टीफंगल और à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं। इससे मालिश करने पर बचà¥â€à¤šà¥‡ को तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मिलती है। सरसों का तेल शिशॠको कई तरह के सà¥à¤•िन इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ से बचाने में मदद करता शिशॠके बालों की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठसरसों का तेल बहà¥à¤¤ असरकारी होता है। रोज बालों और सिर की इस तेल से मालिश करने से बालों की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ अचà¥â€à¤›à¥€ होती है।
सरसों का तेल बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को मचà¥â€à¤›à¤°à¥‹à¤‚ के काटने से à¤à¥€ बचाता है। इस तेल की तेज गंध शिशॠको मचà¥â€à¤›à¤°à¥‹à¤‚ से दूर रखती है। सरसों के तेल में कई à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ मौजूद हैं और यही वजह है कि इस तेल की मालिश से बचà¥â€à¤šà¥‡ की सà¥à¤•िन सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रहती है और तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ पर किसी तरह का कोई संकà¥à¤°à¤®à¤£ नहीं होता है।
शिशॠको अकà¥â€à¤¸à¤° फंगल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो जाता है जाे कि बहà¥à¤¤ परेशानी पैदा करता है। अगर आप अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ की सरसों के तेल से मालिश करते हैं तो फंगल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
आप शिशॠको इस तेल का जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लाठदिलाने के लिठनिमà¥â€à¤¨ तरीकों से पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं।
पहले तेल को उबाल लें और फिर उसे ठंडा कर के à¤à¤• बोतल में à¤à¤° लें। नहाने से पहले रोज इस तेल से शिशॠके सिर और शरीर की मसाज करें।आप चाहें तो इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से कà¥à¤› मिनट पहले आवशà¥â€à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° तेल गरà¥à¤® कर के à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकती हैं।सरसों के तेल में अजवाइन उबालकर उसे ठंडा होने दें। अब इसे तेल से शिशॠकी मालिश करें।आप सरसों के तेल में लहसà¥à¤¨ की कलियां या तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ डालकर à¤à¥€ गरà¥à¤® करके इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
लेटना
लेटने से शिशॠकी नाक में कंजेशन और बढ़ सकता है। इससे उसे सोने में à¤à¥€ दिकà¥â€à¤•त हो सकती है। शिशॠके शरीर के ऊपरी हिसà¥â€à¤¸à¥‡ को ऊंचा कर के लिटाà¤à¤‚। इससे कंजेशन कम करने में मदद मिल सकती है।
पेटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¤® जैली
नाक के लगातार गीले रहने की वजह से बचà¥â€à¤šà¥‡ को नाक में दरà¥à¤¦ महसूस हो सकता है और इसकी वजह से उसकी सà¥à¤•िन पर à¤à¥€ जलन हो सकती है। इस हिसà¥â€à¤¸à¥‡ को सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ रखने के लिठपेटà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¿à¤¯à¤® जैली की à¤à¤• परत लगाà¤à¤‚। बचà¥â€à¤šà¥‡ को वेपर रब न लगाà¤à¤‚ कà¥â€à¤¯à¥‹à¤‚कि इसकी वजह से जलन या सांस लेने में दिकà¥â€à¤•त हो सकती है।
शिशॠकी सरसों के तेल से करेंगी मालिश तो हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ होंगी मजबूत, जान लें मालिश का तरीका
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सरसों का तेल रकà¥â€à¤¤ पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ को बेहतर करता है और शिशॠकी संपूरà¥à¤£ सेहत में सà¥à¤§à¤¾à¤° लाता है। शिशॠकी रोज मालिश करने से शरीर सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ और मजबूत बनता है। इसके अलावा शरीर में गरमाई रखने में सरसों का तेल बहà¥à¤¤ मदद करता है। यही वजह है कि ठंड के मौसम और ठंडे इलाकों में शिशॠको गरम रखने के लिठसरसों के तेल का ही इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाता है।
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लहसà¥à¤¨ की कà¥à¤› कलियां लें और उसे सरसों के तेल में डालकर हलà¥â€à¤•ा गरà¥à¤® कर लें। अब तेल के थोड़ा ठंडा होने पर शिशॠकी छाती पर लगाà¤à¤‚। इस तरह शिशॠमें खांसी और जà¥à¤•ाम को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसमें आप लहसà¥à¤¨ की जगह तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¥€ डाल सकते हैं।
सरसों के तेल में à¤à¤‚टीफंगल और à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ होते हैं। इससे मालिश करने पर बचà¥â€à¤šà¥‡ को तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ संकà¥à¤°à¤®à¤£ से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ मिलती है। सरसों का तेल शिशॠको कई तरह के सà¥à¤•िन इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ से बचाने में मदद करता है।
शिशॠके बालों की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ में सà¥à¤§à¤¾à¤° के लिठसरसों का तेल बहà¥à¤¤ असरकारी होता है। रोज बालों और सिर की इस तेल से मालिश करने से बालों की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ अचà¥â€à¤›à¥€ होती है।
सरसों का तेल बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ को मचà¥â€à¤›à¤°à¥‹à¤‚ के काटने से à¤à¥€ बचाता है। इस तेल की तेज गंध शिशॠको मचà¥â€à¤›à¤°à¥‹à¤‚ से दूर रखती है।
सरसों के तेल में कई à¤à¤‚टीबैकà¥â€à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² गà¥à¤£ मौजूद हैं और यही वजह है कि इस तेल की मालिश से बचà¥â€à¤šà¥‡ की सà¥à¤•िन सà¥â€à¤µà¤¸à¥â€à¤¥ रहती है और तà¥â€à¤µà¤šà¤¾ पर किसी तरह का कोई संकà¥à¤°à¤®à¤£ नहीं होता है।
शिशॠको अकà¥â€à¤¸à¤° फंगल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ हो जाता है जाे कि बहà¥à¤¤ परेशानी पैदा करता है। अगर आप अपने बचà¥â€à¤šà¥‡ की सरसों के तेल से मालिश करते हैं तो फंगल इंफेकà¥â€à¤¶à¤¨ का खतरा काफी हद तक कम हो जाता है।
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आप शिशॠको इस तेल का जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ से जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ लाठदिलाने के लिठनिमà¥â€à¤¨ तरीकों से पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं।
पहले तेल को उबाल लें और फिर उसे ठंडा कर के à¤à¤• बोतल में à¤à¤° लें। नहाने से पहले रोज इस तेल से शिशॠके सिर और शरीर की मसाज करें।आप चाहें तो इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से कà¥à¤› मिनट पहले आवशà¥â€à¤¯à¤•तानà¥à¤¸à¤¾à¤° तेल गरà¥à¤® कर के à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकती हैं।सरसों के तेल में अजवाइन उबालकर उसे ठंडा होने दें। अब इसे तेल से शिशॠकी मालिश करें।आप सरसों के तेल में लहसà¥à¤¨ की कलियां या तà¥à¤²à¤¸à¥€ की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ डालकर à¤à¥€ गरà¥à¤® करके इसà¥â€à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कर सकती हैं।
अदरक और शहद
बहती नाक को ठीक करने के लिठअदरक और शहद बहà¥à¤¤ असरकारी नà¥à¤¸à¥â€à¤–ा है। अदरक का à¤à¤• टà¥à¤•ड़ा लें और उसे घिसकर उसका रस निकाल लें। अब इसमें शहद मिलाà¤à¤‚ और इस मिशà¥à¤°à¤£ काे बचà¥â€à¤šà¥‡ को दिन में दाे से तीन बार लें।
सरसों का तेल
बचà¥â€à¤šà¥‹à¤‚ की बहती नाक को रोकने के लिठसरसों का तेल à¤à¥€ अचà¥â€à¤›à¤¾ उपाय है। सरसों के तेल को हींग, लहसà¥à¤¨ की कली और अजवाइन के साथ हलà¥â€à¤•ा गरà¥à¤® कर लें। इससे शिशॠकी पीठऔर छाती की मालिश करें। à¤à¤• दो बार मालिश करने से ही शिशॠको आराम मिल जाà¤à¤—ा।
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नारियल तेल और कपूर
शिशॠमें बहती नाक से छà¥à¤Ÿà¤•ारा पाने का सबसे असरकारी उपाय नारियल तेल और कपूर à¤à¥€ है। नारियल तेल में कपूर डालकर गरà¥à¤® करें। इस तेल को शिशॠकी छाती, पीठऔर गरà¥à¤¦à¤¨ पर लगाà¤à¤‚। इससे न सिरà¥à¤« नाक में जमा कफ साफ होगा बलà¥à¤•ि बहती नाक à¤à¥€ रà¥à¤•ेगी और बचà¥â€à¤šà¤¾ चैन की नींद ले पाà¤à¤—ा।
जायफल
बहती नाक को बंद करने के लिठजायफल के साथ दूध पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ नà¥à¤¸à¥â€à¤–ा है। à¤à¤• चà¥à¤Ÿà¤•ी जायफल में कà¥à¤› चमà¥â€à¤®à¤š दूध डालें। इसे उबालकर हलà¥â€à¤•ा ठंडा होने दें। अब इसे शिशॠकी पीठपर लगाà¤à¤‚। ये बंद नाक से तà¥à¤°à¤‚त राहत दिलाता है।
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