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1 बचà¥à¤šà¥‡ को उसके बà¥à¤°à¥‡ कामों के लिठडांटते समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें, कि उसे हमेशा गलती करते वकà¥à¤¤ ही डांटें। à¤à¤• या दो दिन बाद नहीं। à¤à¤• या दो दिन बाद बचà¥à¤šà¥‡ पर डांट या सजा का असर नहीं होता, बलà¥à¤•ि वह उलà¥à¤Ÿà¤¾ चिढ़ जाता है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आजà¥à¤žà¤¾à¤•ारी बनाने के लिठसजा देते समय धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें, कि उसका आतà¥à¤® समà¥à¤®à¤¾à¤¨ नषà¥à¤Ÿ न हो। वरना उसमें हीनता की à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ पैदा हो जाà¤à¤—ी।
2 अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आजà¥à¤žà¤¾à¤•ारी बनाने के लिठसहयोग की आदत डालें। देखा जाता है, कि अकà¥à¤¸à¤° बचà¥à¤šà¥‡ अपने माता-पिता के अलावा किसी और का कहना नहीं मानते। ये आदत बहà¥à¤¤ बà¥à¤°à¥€ है। à¤à¤¸à¤¾ करके बचà¥à¤šà¥‡ अपने बड़ों का अनादर करते हैं। माता-पिता होने के नाते आपका फरà¥à¤œ है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सहयोग और मिलकर काम करने की आदत डालें। बचà¥à¤šà¤¾ केवल इस à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से काम न करे कि माता-पिता उसकी तारीफ करेंगे, बलà¥à¤•ि इस à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ से करे कि ये करना ठीक है।
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