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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गोरा करने वाला तेल: जब किसी घर में नवजात शिशॠका जनà¥à¤® होता है, उसी पल से उसकी माठको शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ à¤à¤µà¤‚ बेहतर देखà¤à¤¾à¤² की चिंता सताने लगती है। वो बचà¥à¤šà¥‡ की हर छोटी बड़ी ज़रूरत का संपूरà¥à¤£ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखती है और अपने बचà¥à¤šà¥‡ की परवरिश में कोई कसर नही छोड़ना चाहती, इसके लिठवह हर मà¥à¤®à¤•िन कोशिश करती हैं जिससे उनका बचà¥à¤šà¤¾ चà¥à¤¸à¥à¤¤ à¤à¤µà¤‚ तंदरà¥à¤¸à¥à¤¤ रहे।
जैसा कि हम जानते हैं की बचà¥à¤šà¥‡ छोटे होते है तो वह कà¥à¤› à¤à¥€ बताने में असमरà¥à¤¥ रहते हैं किनà¥à¤¤à¥ रोने से वह अपनी परेशानी ज़ाहिर करते हैं।
à¤à¤• औरत जब माठहो जाने के à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ से परिचित हो जाती है तो उसके à¤à¥€à¤¤à¤° मातृतà¥à¤µ शकà¥à¤¤à¤¿ आ जाती है à¤à¤µà¤‚ उसका रोम रोम ममता से à¤à¤° जाता है। इस मातृतà¥à¤µ शकà¥à¤¤à¤¿ के माधà¥à¤¯à¤® से उसे उस ननà¥à¤¹à¥€ सी जान के रोने à¤à¤° से आà¤à¤¾à¤¸ हो जाता है की उसका बचà¥à¤šà¤¾ तकलीफ में है।
à¤à¤¸à¥€ अवसà¥à¤¥à¤¾ मे हर माठअपने शिशॠकी ज़रूरत का पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• सामान काफी सोच समठकर और बेसà¥à¤Ÿ खरीदना चाहती हैं ताकि उसकी नाज़à¥à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ को कोई हानि न पहà¥à¤à¤šà¥‡à¥¤ वैसे तो बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर पर इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किये जाने वाला पà¥à¤°à¥‹à¤¡à¤•à¥à¤Ÿ पाउडर à¤à¥€ होता है à¤à¤µà¤‚ तेल à¤à¥€ और इस लेख में आज हम बेबी ऑयल के विषय पर बात करने वाले हैं।
इसलिठआज के इस Article मे हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसबसे अचà¥à¤›à¤¾ तेल से संबंधित समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ जानकारी पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने वाले है। इससे संबंधित समà¥à¤ªà¥‚रà¥à¤£ जानकारी पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ करने हेतॠहमारे आज के इस Article को अंत तक जरूर पढ़े। तो चलिठशà¥à¤°à¥‚ करते है। –
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मालिश की आवशà¥à¤¯à¤•ता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है? –
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मालिश के लिठकिस तरह के तेल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना चाहिà¤? –
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मालिश कब और कितनी बार करनी चाहिà¤? –
नवजात शिशॠके लिठबेहतरीन मसाज आयल –
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मालिश की आवशà¥à¤¯à¤•ता कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ होती है? –
छोटे बचà¥à¤šà¥‡ की सà¥à¤•िन बहà¥à¤¤ सेंसिटिव होती है जिसके कारण उसे मालिश की आवशà¥à¤¯à¤¤à¤¾ होती है । मालिश करने से शिशॠके शारीरिक विकास में वृदà¥à¤§à¤¿ होती है à¤à¤µà¤‚ शरीर मजबूत रहता है और बचà¥à¤šà¥‡ का रंग à¤à¥€ साफ होता है।
कà¥à¤› अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ में ये बात सामने आई है की मसाज थेरेपी के अà¤à¤¾à¤µ में शिशॠका शरीर कमज़ोर हो जाता है à¤à¤µà¤‚ उसका विकास à¤à¥€ रà¥à¤• जाता है।
तो à¤à¤¸à¤¾ न हो इसके लिठà¤à¤• अचà¥à¤›à¥‡ तेल से नवजात शिशॠकी मालिश अति आवशà¥à¤¯à¤• है। मालिश करते समय जब जब माठअपने बचà¥à¤šà¥‡ का सà¥à¤ªà¤°à¥à¤¶ करती है तो बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ इसका à¤à¤¹à¤¸à¤¾à¤¸ होता है à¤à¤µà¤‚ अपनी माठका छà¥à¤µà¤¨ को वो à¤à¤Ÿ से पहचान लेता है।
इससे वह अपने आप को मेहफ़ूज़ मानता है à¤à¤µà¤‚ मालिश कराते समय शिशॠको सà¥à¤–द अनà¥à¤à¥‚ति होती है जिससे उसके रकà¥à¤¤ संचार में वृदà¥à¤§à¤¿ होती है। मालिश करने से बचà¥à¤šà¥‡ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ à¤à¤µà¤‚ मांसपेशियां मजबूत होती है और उनà¥à¤¹à¥‡ बढ़ने में à¤à¥€ मदद मिलती है।
अगर आप ने किसी बचà¥à¤šà¥‡ की परवरिश उसके जनà¥à¤® से देखा होगा तो ये ज़रूर नोटिस किया होगा की दादी, नानी हर रोज़ सà¥à¤¬à¤¹ शाम उसकी मालिश ज़रूर करती है। शिशॠकी मालिश की ये परंपरा कोई नई नही है बलà¥à¤•ि सदियों से चली आ रही है, जिसे इस यà¥à¤— की माताओं ने à¤à¥€ बरकरार रखा है।
फरà¥à¤• बस इतना है की पहले के दौर में में उतनी उपलà¤à¤¦à¤¤à¤¾ नहीं थी जो अब हैं। आधà¥à¤¨à¤¿à¤• यà¥à¤— में मारà¥à¤•ेट में तमाम तरह के बेबी आयल उपलबà¥à¤§ हैं जो नमà¥à¤¬à¤° वन कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ के हैं।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मालिश के लिठकिस तरह के तेल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना चाहिà¤? –
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के तेल का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ करते समय माओं को हमेशा सचेत रहना चाहीठà¤à¤µà¤‚ बà¥à¤°à¤¾à¤‚डेड ऑयल का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— करना चाहिये। कà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤Ÿà¥€ आयल को यà¥à¤¸ करने से पहले तो इसके कोई साइड इफेकà¥à¤Ÿ नहीं होते à¤à¤µà¤‚ ये तेल शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ को कोई नà¥à¤•सान नही पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¤à¥‡à¥¤
नवजात की लिठतेल का चयन करते समय आप à¤à¤• बार डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सर à¤à¥€ परामरà¥à¤¶ कर सकते हैं या किसी à¤à¥€ तेल को इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² में लाने से पूरà¥à¤µ उसके बारे में अचà¥à¤›à¥‡ से जाच पड़ताल कर सकते हैं. तेल के बारे में पहले से हि जान लेने से आपके मन में आयल को लेकर जो à¤à¥à¤°à¤® की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ पैदा हà¥à¤ˆ है वो à¤à¥€ दूर हो जायेगी तथा आपको अपने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसà¥à¤²à¤ आयल मिल जायेगा।
आपने ये तो ज़रूर देखा होगा की जब बचà¥à¤šà¥‡ की मालिश की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ समापà¥à¤¤ हो जाती है तो उसे तà¥à¤°à¤‚त नींद आ जाती है, à¤à¤µà¤‚ छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठजà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नींद बेहद ज़रूरी होती है à¤à¤¸à¥‡ में à¤à¤• अचà¥à¤›à¥‡ मसाज आयल का चà¥à¤¨à¤¾à¤µ आपके बचà¥à¤šà¥‡ की अचà¥à¤›à¥‡ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ à¤à¤µà¤‚ à¤à¤°à¤ªà¥‚र नींद में सहायक है।
जब à¤à¥€ आप अपने शिशॠके लिठतेल खरीदने जाये तो जान ले की तेल हलà¥à¤•ा हो à¤à¤µà¤‚ उसकी खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तेज न हो कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अधिक जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ महक वाला तेल हर किसी को सूट नही करता साथ ही साथ इससे सर à¤à¤¾à¤°à¥€ हो जाता है।
तो à¤à¤¸à¤¾ न हो इसके लिठहमेशा नॉरà¥à¤®à¤² या कम खà¥à¤¶à¤¬à¥‚ वाला तेल ही खरीदें à¤à¤µà¤‚ ये à¤à¥€ देख ले की तेल तà¥à¤µà¤šà¤¾ को नमी पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करने में कारगर है या नही कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠकी तà¥à¤µà¤šà¤¾ शà¥à¤·à¥à¤• होती है और उसके लिठउसे नमी की आवशà¥à¤¯à¤•ता पड़ती है। आगे हम जानेंगे उन आयलसॠके नाम जो आपके नवजात के लिठबेहतरीन विकलà¥à¤ª है।
छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मालिश कब और कितनी बार करनी चाहिà¤? –
वैसे तो छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को मालिश कब करनी चाहिठये निशà¥à¤šà¤¿à¤¤ रूप से तय नही है लेकिन कà¥à¤› विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है की मासाज के लिठशिशॠके जनà¥à¤® से 10 से 15 दिनों तक रà¥à¤•ना चाहिठऔर उसके बाद इस पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का आरमà¥à¤ करना चाहिà¤à¥¤
आप चाहे तो जनà¥à¤® के बाद ही मसाज करना शà¥à¤°à¥‚ कर सकते हैं, बस धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे अपने शिशॠके बेहतर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥ के लिठअचà¥à¤›à¥‡ तेल का चयन करे। आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ चà¥à¤¨à¥‡ गठबेसà¥à¤Ÿ तेल आपके बचà¥à¤šà¥‡ का पूरा खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखेंगे à¤à¤µà¤‚ उनके शरीरिक à¤à¤µà¤‚ मानसिक विकास में वृदà¥à¤§à¤¿ होगी।
अब सवाल आता हैं की पूरà¥à¤£ रूप से आपको मालिश कब कब करनी चाहिà¤à¥¤ आप चाहें तो दिन में दो बार à¤à¥€ शिशॠको मसाज थेरेपी दे सकते हैं, नियमित रूप से à¤à¥€ दे सकती हैं और सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में 3,4 बार à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ का मसाज कर सकती हैं।
वैसे तो बचà¥à¤šà¤¾ जब छोटा होता है तो उसकी मालिश पर जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दिया जाता है पर धीरे धीरे जब वह बड़ा होने लगता है तो अधिकतर लोग नियमित रूप से मालिश की पà¥à¤°à¤•à¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ जारी नही रखते।
वे कà¤à¥€ कà¤à¤¾à¤° बचà¥à¤šà¥‡ का मसाज कर देते हैं à¤à¤µà¤‚ 6,7 वरà¥à¤· का होने पर बचà¥à¤šà¤¾ अपने बालà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में होता है और अपने छोटे मोटे काम खà¥à¤¦ कर लेता है और अगर मालिश की बात करे तो वह तेल या लोशन के जरिये अपना मसाज खà¥à¤¦ कर लेता है।
अधिकतम 3 से 4 सालों तक माà¤à¤ अपने बचà¥à¤šà¥‡ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की मालिश अवशà¥à¤¯ करती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये à¤à¥€ उनके शरीर की ज़रूरतों का à¤à¤• हिसाब है à¤à¤µà¤‚ मालिश करना बचà¥à¤šà¥‡ के लिठकाफी फायदेमंद होता है इससे वह बड़ा होकर कमज़ोर नही महसूस करता बलà¥à¤•ि मजबूत à¤à¤µà¤‚ फà¥à¤°à¥à¤¤à¥€à¤²à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤¤ होता है।
और à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ हर à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤œ में पारà¥à¤Ÿ लेने में रà¥à¤šà¤¿ दिखाते हैं, उनका वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤¤ आलसà¥à¤¯ से à¤à¤°à¤¾ नजर नही आता अपितॠवे हर कà¥à¤·à¤£ ऊरà¥à¤œà¤¾à¤µà¤¾à¤¨ नजर आते हैं।
नवजात शिशॠके लिठबेहतरीन मसाज आयल –
1. Goodness Me Certified Paediatrician Newborns GREENLIFE
अगर आप अपने लाडले या लाडली की नाज़à¥à¤• तà¥à¤µà¤šà¤¾ कि देखà¤à¤¾à¤² में कोई कमी नही रखना चाहते और उसके शरीर के लिठबेहतरीन तेल की तलाश में हैं तो Goodness Me Certified Paediatrician Newborns GREENLIFE आपके लिया à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª है।
इस तेल में बादाम, जैतून, होहोबा, तिल का तेल, आरà¥à¤—न, सूरà¥à¤¯à¤®à¥à¤–ी जैसे गà¥à¤£ शामिल हैं जो आपके शिशॠकी पोषण के लिठमददगार हैं। ये तेल parabens, alcohol, petroleum, synthetic fragrance, mineral तेल और silicone से फà¥à¤°à¥€ है जो इस आयल को पूरà¥à¤£ रूप से सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ बनाता है à¤à¤µà¤‚ ये Paediatrician Certified à¤à¥€ है।
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