बच्चों को मां का दूध कितने दिन तक पिलाना चाहिए?HealthPlanet

Posted on Wed 19th Oct 2022 : 10:01

कहते हैं कि शिशु के लिए मां का दूध अमृत के समान होता है, लेकिन अगर अधिक उम्र तक बच्‍चे को स्‍तनपान करवाया जाए तो क्‍या तब भी शिशु को इसके फायदे मिलते हैं?

शिशु के लिए 6 महीने की उम्र तक मां का दूध सबसे ज्‍यादा जरूरी होता है। 6 माह तक शिशु के पोषण का एकमात्र जरिया सिर्फ मां का दूध ही होता है। इसके बाद शिशु को ठोस आहार देना शुरू किया जाता है और मां के दूध पर उसकी निर्भरता कम होती चली जाती है। कहते हैं कि एक साल की उम्र तक बच्‍चे को मां का दूध पिलाना चाहिए, लेकिन कुछ मांएं इसके बाद भी बच्‍चे को दूध पिलाना जारी रखती हैं।

कुछ मांएं बच्‍चों को 6 महीने या एक साल के बाद ही दूध पिलाना बंद कर देती हैं जबकि कुछ 3, 4 या यहां तक कि पांच साल की उम्र तक दूध पिलाती हैं। लगभग 25 फीसदी महिलाएं अपने बच्‍चों को 24 महीने या इससे ज्‍यादा समय तक अपना दूध पिलाती हैं। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के अनुसार, 6 महीने तक ही शिशु को मां का दूध पिलाना चाहिए और इसके बाद दो साल की उम्र तक उसे धीरे-धीरे ठोस आहार देना शुरू करना चाहिए।

स्‍तनपान करवाने वाली महिलाएं क्‍यों लगाती हैं अपनी ब्रेस्‍ट पर पत्ता गोभी

निप्‍पल में आई दरार से बैक्‍टीरिया के स्‍तनों के अंदर जाने पर सूजन और ब्रेस्‍ट टिश्‍यू में संक्रमण होने को मैस्टाइटिस कहते हैं। बच्‍चे को लंबे समय तक दूध पिलाने और दूध पिलाने के बीच में ब्रेस्‍ट को आराम न देने की वजह से भी ऐसा हो सकता है।

मैस्टाइटिस एक बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन है जिसे आमतौर पर एंटीबायोटिक ट्रीटमेंट से ठीक किया जाता है, लेकिन दर्द और सूजन को कम करने के लिए आप पत्तागोभी भी इस्‍तेमाल कर सकती हैं।

साफ, सूखी और ठंडी बंदगोभी की कुछ पत्तियां लें और उन्‍हें अपनी ब्रेस्‍ट पर लगाएं। इन पत्‍तों से आपको अपनी पूरी ब्रेस्‍ट को कवर करना है। अगर निप्पल पर दर्द, दरार या ब्‍लीडिंग है तो इसे न ढकें।
जब पत्तियां गर्म हो जाएं या 20 मिनट के बाद इन्‍हें हटा दें। आप चाहें तो हल्‍के हाथों से ब्रेस्‍ट को धो सकती हैं। दोबारा इस नुस्‍खे को करने पर इस्‍तेमाल की गई पत्तियों का ही प्रयोग न करें।

अगर आपने दूध पिलाना बंद कर दिया है तो दिन में तीन बार 20-20 मिनट के लिए आप इस उपाय को कर सकती हैं। इस बात का ध्‍यान रखें कि इसके अधिक इस्‍तेमाल के कारण स्‍तनों में दूध की आपूर्ति कम हो सकती है।
कई बार बच्‍चे को स्‍तनपान बंद करवाने के बाद भी ब्रेस्‍ट में दूध आता रहता है और महिलाएं स्‍तनों में दूध सुखाने के उपाय ढूंढने लगती हैं। आपको बता दें कि पत्ता गोभी भी ब्रेस्‍ट के दूध को सुखाने का कारगर उपाय है। स्‍तनों में दूध कम करने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए आप पत्ता गोभी का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं।

मैस्‍टाइटिस की तरह ही दूध सुखाने के लिए आपको पत्ता गोभी का इस्‍तेमाल करना है। पत्ता गोभी को गर्म होने तक ब्रेस्‍ट पर लगाए रखें। आप अपनी मर्जी से दिन में कई बार इस प्रक्रिया को दोहरा सकती हैं।

इस नुस्‍खे से दूध को सुखाने में कुछ दिनों का समय लग सकता है। इसके साथ आप ब्रेस्‍ट का दूध सुखाने के लिए और भी कई तरह के घरेलू नुस्‍खे आजमा सकती हैं।

2012 की स्‍टडी रिव्‍यू के अनुसार, एंगॉर्जमेंट से राहत पाने में पत्ता गोभी एक असरकारी नुस्‍खा है। इस रिव्‍यू में पाया गया कि पत्ता गोभीसे दर्द और ब्रेस्‍ट की हार्डनेस को कम किया जा सकता है और इसकी मदद से महिलाएं लंबे समय तक अपने शिशु को दूध पिला सकती हैं।

लंबे समय तक स्तनपान करवाने के फायदे
यदि आप दो साल की उम्र के बाद भी अपने बच्‍चे को दूध पिलाती हैं तो इससे मां और बच्‍चे को कई फायदे मिलते हैं।

पोषण मिलता है : कई लोगों को मानना है कि लंबे समय तक शिशु काे दूध पिलाने से कोई जरूरी पोषण नहीं मिलता है जबकि ये पूरा सच नहीं है। मां के दूध में मौजूद कैल्शियम, फैट, प्रोटीन, विटामिन ए और अन्‍य पोषण तत्‍व होते हैं जो बच्‍चे के विकास में मदद करते हैं और वो जो भी खाते हैं, उसके लाभ को दोगुना करने में भी मदद करते हैं।
शिशु स्‍वस्‍थ रहता है : माना जाता है कि बच्‍चा जितने लंबे समय तक मां का दूध पीता है, वो बीमारियों से उतने ही अधिक समय तक बचा रहता है। इन बच्‍चों में कान का संक्रमण और श्‍वसन मार्ग के ऊपरी हिस्‍से में संक्रमण का खतरा कम पाया जाता है। मां का दूध बीमारियों के प्रति बच्‍चे की इम्‍यूनिटी को बढ़ाता है।
मस्तिष्‍क का विकास : शिशु के मस्तिष्‍क का विकास लगभग 3 साल की उम्र तक हो जाता है और ब्रेस्‍ट मिल्‍क इस विकास को बढ़ावा देता है। 2011 में हुई एक स्‍टडी वेस्‍टर्न ऑस्‍ट्रेलियन प्रेगनेंसी कोहोर्ट के अनुसार, अधिक समय तक मां का दूध पीने वाले बच्‍चे पढ़ाई में तेज थे। इस स्‍टडी में स्‍कूल जाने वाले 10 साल की उम्र के बच्‍चों को शामिल किया गया था।
ब्रेस्‍ट कैंसर का खतरा : कई रिसर्चों और अध्‍ययनों में सामने आया है कि स्‍तनपान से बच्‍चे ही नहीं बल्कि मां को भी कई लाभ मिलते हैं। स्‍तनपान करवाने से महिलाओं में ब्रेस्‍ट कैंसर, ओवरी कैंसर और एंडोमेट्रियल कैंसर का खतरा कम हो जाता है।
वेट कंट्रोल : प्रेगनेंसी के बाद महिलाओं का वजन काफी बढ़ जाता है और शिशु की परवरिश में उन्‍हें एक्‍सरसाइज करने का समय ही नहीं मिल पाता है। स्‍तनपान करवाने में कैलोरी लगती है जो कि प्राकृतिक रूप से वजन घटाने में मददगार है।

स्‍तनपान करवाने वाली महिलाएं क्‍यों लगाती हैं अपनी ब्रेस्‍ट पर पत्ता गोभी

- निप्‍पल में आई दरार से बैक्‍टीरिया के स्‍तनों के अंदर जाने पर सूजन और ब्रेस्‍ट टिश्‍यू में संक्रमण होने को मैस्टाइटिस कहते हैं। बच्‍चे को लंबे समय तक दूध पिलाने और दूध पिलाने के बीच में ब्रेस्‍ट को आराम न देने की वजह से भी ऐसा हो सकता है।

मैस्टाइटिस एक बैक्‍टीरियल इंफेक्‍शन है जिसे आमतौर पर एंटीबायोटिक ट्रीटमेंट से ठीक किया जाता है, लेकिन दर्द और सूजन को कम करने के लिए आप पत्तागोभी भी इस्‍तेमाल कर सकती हैं।

साफ, सूखी और ठंडी बंदगोभी की कुछ पत्तियां लें और उन्‍हें अपनी ब्रेस्‍ट पर लगाएं। इन पत्‍तों से आपको अपनी पूरी ब्रेस्‍ट को कवर करना है। अगर निप्पल पर दर्द, दरार या ब्‍लीडिंग है तो इसे न ढकें।
जब पत्तियां गर्म हो जाएं या 20 मिनट के बाद इन्‍हें हटा दें। आप चाहें तो हल्‍के हाथों से ब्रेस्‍ट को धो सकती हैं। दोबारा इस नुस्‍खे को करने पर इस्‍तेमाल की गई पत्तियों का ही प्रयोग न करें।

अगर आपने दूध पिलाना बंद कर दिया है तो दिन में तीन बार 20-20 मिनट के लिए आप इस उपाय को कर सकती हैं। इस बात का ध्‍यान रखें कि इसके अधिक इस्‍तेमाल के कारण स्‍तनों में दूध की आपूर्ति कम हो सकती है।
कई बार बच्‍चे को स्‍तनपान बंद करवाने के बाद भी ब्रेस्‍ट में दूध आता रहता है और महिलाएं स्‍तनों में दूध सुखाने के उपाय ढूंढने लगती हैं। आपको बता दें कि पत्ता गोभी भी ब्रेस्‍ट के दूध को सुखाने का कारगर उपाय है। स्‍तनों में दूध कम करने की प्रक्रिया को तेज करने के लिए आप पत्ता गोभी का इस्‍तेमाल भी कर सकते हैं।

मैस्‍टाइटिस की तरह ही दूध सुखाने के लिए आपको पत्ता गोभी का इस्‍तेमाल करना है। पत्ता गोभी को गर्म होने तक ब्रेस्‍ट पर लगाए रखें। आप अपनी मर्जी से दिन में कई बार इस प्रक्रिया को दोहरा सकती हैं।

इस नुस्‍खे से दूध को सुखाने में कुछ दिनों का समय लग सकता है। इसके साथ आप ब्रेस्‍ट का दूध सुखाने के लिए और भी कई तरह के घरेलू नुस्‍खे आजमा सकती हैं।
एंगॉर्जमेंट से राहत पाने में पत्ता गोभी एक असरकारी नुस्‍खा है। इस रिव्‍यू में पाया गया कि पत्ता गोभीसे दर्द और ब्रेस्‍ट की हार्डनेस को कम किया जा सकता है और इसकी मदद से महिलाएं लंबे समय तक अपने शिशु को दूध पिला सकती हैआपको अपने बच्‍चे को किस उम्र तक स्‍तनपान करवाना है, ये पूरी तरह से आपका निर्णय होना चाहिए। हालांकि, इतना कहा जा सकता है कि लंबे समय तक दूध पिलाना बच्‍चे को फायदा ही पहुंचाता है।

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wordpress 3 years ago 5 Answer
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