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बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठहेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸: 10 सबसे अचà¥à¤›à¥‡ व 5 नà¥à¤•सानदेह पेय
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अकà¥à¤¸à¤° बाहर के खाने-पीने की चीजें पसंद आती है। इनमें जंक फूडà¥à¤¸ के साथ-साथ आजकल बाजार में मिलने वाले कà¥à¤› पैकà¥à¤¡ जूस और सॉफà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ à¤à¥€ शामिल हैं। इनका सà¥à¤µà¤¾à¤¦ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को ही नहीं, बलà¥à¤•ि बड़ों को à¤à¥€ पसंद आता है। हालांकि, सà¥à¤µà¤¾à¤¦ में à¤à¤²à¥‡ ही ये अचà¥à¤›à¥‡ हो, लेकिन इनके नà¥à¤•सान à¤à¥€ कई सारे हैं, जिस कारण इनके सेवन से बड़ों और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ दोनों को ही बचना चाहिà¤à¥¤ à¤à¤¸à¥‡ में अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ बाजार के बने पेय पीने की आदत है, तो आप उसकी इस अनहेलà¥à¤¦à¥€ आदत को हेलà¥à¤¦à¥€ बना सकती हैं। मॉमजंकà¥à¤¶à¤¨ के इस लेख में हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठहेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ बता रहे हैं, जो उनके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठलाà¤à¤•ारी हो सकते हैं।
सबसे पहले जानते हैं बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठटॉप 10 हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ के नाम और उनके फायदे।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठ10 सबसे अचà¥à¤›à¥‡ व हेलà¥à¤¦à¥€ पेय | Best Health drink for Kids in Hindi
यहां हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठहेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ और उनके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठबता रहे हैं। बचà¥à¤šà¥‡ की पसंद के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ उनके आहार में शामिल किया जा सकता है और उनके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को बेहतर बनाया जा सकता है।
1. नारियल पानी
हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क फॉर किडà¥à¤¸ में सबसे पहला नाम है नारियल पानी का। यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ पेय पदारà¥à¤¥ है, जो बचà¥à¤šà¥‡ में गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤à¤‚टेरिटिस (Gastroenteritis – पेट और आंतों में सूजन संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾) यानी पेट के फà¥à¤²à¥‚ की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर कर सकता है। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ (National Center for Biotechnology Information) की वेबसाइट पर पà¥à¤°à¤•ाशित शोध में बताया गया है कि नारियल पानी शरीर में तरल पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सà¥à¤¤à¤° बनाठरखने में मदद कर सकता है। जिस वजह से इसे होम गà¥à¤²à¥‚कोज इलेकà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤²à¤¾à¤‡à¤Ÿ के रूप में इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जा सकता है। जो बचà¥à¤šà¥‡ में दसà¥à¤¤ और डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ (बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में पानी की कमी) के उपचार में लाà¤à¤•ारी हो सकता है। हालांकि, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि गंà¤à¥€à¤° डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨, गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ से संबंधित समसà¥à¤¯à¤¾ या हैजा (Cholera) के गंà¤à¥€à¤° लकà¥à¤·à¤£ होने पर नारियल पानी का सेवन न कराà¤à¤‚ (1)। गंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ होने पर मेडिकल टà¥à¤°à¥€à¤Ÿà¤®à¥‡à¤‚ट का ही विकलà¥à¤ª चà¥à¤¨à¥‡à¤‚।
2. नींबू पानी
बचà¥à¤šà¥‡ के लिठनींबू पानी के फायदे की बात करें, तो नींबू में मौजूद विटामिन सी à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट गà¥à¤£à¥‹à¤‚ वाला होता है। साथ ही इसमें à¤à¤‚टीबैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और à¤à¤‚टीवायरल गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं, जो बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² और वायरल संकà¥à¤°à¤®à¤£ से बचाव करने में मदद कर सकते हैं। इससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ को कà¥à¤› हद तक बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। वहीं, नींबू और शहद का मिशà¥à¤°à¤£ हलà¥à¤•ी-फà¥à¤²à¥à¤•ी सरà¥à¤¦à¥€-जà¥à¤•ाम और अचà¥à¤›à¥€ नींद में सहायक हो सकता है (2)। इससे यह पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ होती है कि बचà¥à¤šà¥‡ को नींबू पानी पिलाने के फायदे में बेहतर इमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ शामिल है।
हालांकि, धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शहद बिलà¥à¤•à¥à¤² न दें। à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ को शहद देने से बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ के कारण इनà¥à¤«à¥‡à¤‚ट बॉटà¥à¤²à¤¿à¤œà¥à¤® की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (3)। यह शिशॠके गैसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‹à¤‡à¤‚टेसà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤¨à¤² टà¥à¤°à¥ˆà¤•à¥à¤Ÿ (जठरांतà¥à¤° मारà¥à¤—) को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾ का कारण बन सकता है (4)।
3. पानी
हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ के तौर पर बचà¥à¤šà¥‡ को पानी पीने के फायदे à¤à¥€ हो सकते हैं। दरअसल, पानी न सिरà¥à¤« बचà¥à¤šà¥‡ की पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ बà¥à¤à¤¾ सकती है, बलà¥à¤•ि उनका जà¥à¤žà¤¾à¤¨ संबंधी विकास à¤à¥€ बेहतर कर सकता है। इसकी पà¥à¤·à¥à¤Ÿà¤¿ खà¥à¤¦ à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ का यह शोध करता है। शोध के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, अगर बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर में पानी की पूरà¥à¤¤à¤¿ सही से हो, तो उसके याददाशà¥à¤¤ में सà¥à¤§à¤¾à¤° हो सकता है। साथ ही बचà¥à¤šà¥‡ में निरà¥à¤œà¤²à¥€à¤•रण और थकान (Fatigue) जैसी समसà¥à¤¯à¤¾ का जोखिम à¤à¥€ कम हो सकता है (5)। इतना ही नहीं, पानी पीने से बचà¥à¤šà¥‡ और किशोर के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वजन के साथ ही दांतों से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ परेशानियों से बचाव करने में à¤à¥€ मदद मिल सकती है (6)।
à¤à¤• दिन में बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर को कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में पानी की आवशà¥à¤¯à¤•ता होती है, यह हम नीचे बचà¥à¤šà¥‡ के उमà¥à¤° के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° कà¥à¤°à¤®à¤µà¤¾à¤° बता रहे हैं (7):
1 से 3 साल के बचà¥à¤šà¥‡ – पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 6 कप पानी (1300 मिलीलीटर)
4 से 8 साल के बचà¥à¤šà¥‡ – पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 7 कप पानी (1700 मिलीलीटर)
9 से 13 साल के लड़के – पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 10 कप पानी (2400 मिलीलीटर)
9 से 13 साल की लड़कियां – पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 8-9 कप पानी (2100 मिलीलीटर)
14 से 18 साल के लड़के – पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 15 कप पानी (3300 मिलीलीटर)
14 से 18 साल की लड़कियां – पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 9 कप पानी (2300 मिलीलीटर)
19 व इससे बड़े उमà¥à¤° के पà¥à¤°à¥à¤· – पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 18 कप पानी (3700 मिलीलीटर)
19 व इससे बड़ी उमà¥à¤° की महिलाà¤à¤‚ – पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ 12 कप पानी (2700 मिलीलीटर)
4. संतरे का रस
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठहेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ में अगली जानकारी संतरे के रस की है। संतरे के जूस के फायदे से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• शोध से पता चलता है कि बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में संतरे का जूस शामिल करने से शरीर में आयरन के अवशोषण को बढ़ाया जा सकता है (8)। इससे बचà¥à¤šà¥‡ में à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ का जोखिम कम किया जा सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ यानी खून की कमी का सबसे आम कारण शरीर में आयरन की कमी को माना जाता है (9)।
नोट : फलों के मà¥à¤•ाबले फलों के रस में फाइबर और पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है। साथ ही इसमें शà¥à¤—र की à¤à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ अधिक होती है, जो वजन बढ़ने का कारण à¤à¥€ बन सकते हैं (10)। à¤à¤¸à¥‡ में फलों के जूस का सेवन संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में करना चाहिà¤à¥¤
5. दूध से बने हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸
बचà¥à¤šà¥‡ के लिठदूध à¤à¥€ à¤à¤• महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क होता है। दूध में कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, विटामिन à¤, डी होने के साथ-साथ अनà¥à¤¯ कई पोषक ततà¥à¤µ मौजूद हैं। ये बचà¥à¤šà¥‡ की हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को मजबूत बनाने और पोषण देने में मदद कर सकते हैं (11)। इसलिà¤, 12 माह से बड़े उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को गाय का पाशà¥à¤šà¤°à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ दूध पीने की सलाह दी जाती है (12)। हालांकि, यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में दूध यà¥à¤•à¥à¤¤ पेय पदारà¥à¤¥ पीने से बचà¥à¤šà¥‡ का पेट जलà¥à¤¦à¥€ à¤à¤° सकता है, जिससे वह अनà¥à¤¯ आहार खाने में कमी कर सकते हैं (13)।
वहीं, à¤à¤• साल से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं को गाय का दूध न दें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गाय के दूध में मौजूद पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और वसा को शिशॠपचा नहीं पाते हैं। इससे बचà¥à¤šà¥‡ में पेट संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। साथ ही उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गाय के दूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ का जोखिम à¤à¥€ हो सकता है (14) ।
6. ओटà¥à¤¸ मिलà¥à¤• (दलिया से बने हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क)
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठहेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ में ओटà¥à¤¸ यानी दलिया के दूध से बने पेय à¤à¥€ शामिल कर सकते हैं। ओटà¥à¤¸ मिलà¥à¤• कई तरह के डायटरी फाइबर, फाइटोकेमिकलà¥à¤¸ और उचà¥à¤š पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से समृदà¥à¤§ होता है। इसमें हाइपोकोलेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤°à¥‹à¤²à¥‡à¤®à¤¿à¤• (Hypocholesterolemic – कोलसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² बढ़ने से रोकने वाला) और à¤à¤‚टी कैंसर गà¥à¤£ à¤à¥€ होते हैं। इसका सेवन हानिकारक कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² और खून में शà¥à¤—र की मातà¥à¤°à¤¾ को कम करने में सहायक हो सकता है। इसके साथ इसमें पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, फाइबर और à¤à¤®à¤¿à¤¨à¥‹ à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होते हैं, जो सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठलाà¤à¤•ारी हो सकते हैं (15)। इन गà¥à¤£à¥‹à¤‚ और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ के आधार पर कहा जा सकता है कि ओटà¥à¤¸ के फायदे में कैंसर, मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ व कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² का जोखिम कम करना शामिल है। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में इन बीमारियों का जोखिम कम करने के लिठओटà¥à¤¸ मिलà¥à¤• अचà¥à¤›à¤¾ विकलà¥à¤ª हो सकता है।
7. सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का रस
सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के रस को à¤à¥€ हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क फॉर किडà¥à¤¸ की लिसà¥à¤Ÿ में शामिल कर सकते हैं। दरअसल, फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¶à¤¾à¤²à¥€ पॉलीफेनोलà¥à¤¸ होते हैं, जो à¤à¤‚टीऑकà¥à¤¸à¥€à¤¡à¥‡à¤‚ट, इमà¥à¤¯à¥‚नोमॉडà¥à¤¯à¥‚लेटरी और à¤à¤‚टीमाइकà¥à¤°à¥‹à¤¬à¤¿à¤¯à¤² गतिविधि पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¿à¤¤ करते हैं। इनमें मौजूद फाइबर हृदय रोग, कैंसर और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मधà¥à¤®à¥‡à¤¹ के जोखिम कम कर सकते हैं (16)। साथ ही यह बचà¥à¤šà¥‡ के पेट को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ रखने में à¤à¥€ उपयोगी हो सकते हैं। पाचन à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ के आहार में सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ का ताजा रस à¤à¥€ शामिल करना लाà¤à¤•ारी माना जा सकता है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि बचà¥à¤šà¥‡ को फल या सबà¥à¤œà¥€ का जूस कम चीनी बिना कलर के मिलावट के ही दें।
8. सोया मिलà¥à¤• (सोयाबीन से बना गैर-डेयरी पेय)
कहा जाता है कि सोया मिलà¥à¤• की उतà¥à¤ªà¤¤à¥à¤¤à¤¿ 2 हजार साल पहले चीन में हà¥à¤ˆ थी। इसका उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ उन इलाकों में पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ की पूरà¥à¤¤à¤¿ करनी थी, जहां पर दूध की पूरà¥à¤¤à¤¿ बहà¥à¤¤ कम थी। सोयाबीन से बना दूध à¤à¥€ पà¥à¤²à¤¾à¤‚ट बेसà¥à¤¡ मिलà¥à¤• होता है। इसका मतलब है कि à¤à¤¸à¥‡ बचà¥à¤šà¥‡ जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पशॠदूध से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ है, वे सोया मिलà¥à¤• पी सकते हैं। इसमें आवशà¥à¤¯à¤• मोनोअनसैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ और पॉलीअनसेचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होते हैं। साथ ही इसमें आइसोफà¥à¤²à¥‡à¤µà¥‹à¤‚स (Isoflavones – à¤à¤• सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ घटक) à¤à¥€ होता है, जो हृदय रोग, कैंसर और ऑसà¥à¤Ÿà¤¿à¤¯à¥‹à¤ªà¥‹à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ (कमजोर हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ की बीमारी) से बचाव कर सकता है। साथ ही इसका सेवन कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² के जोखिम को à¤à¥€ कम कर सकता है (15)। इस लिहाज से हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क फॉर किडà¥à¤¸ में सोया मिलà¥à¤• को à¤à¥€ शामिल किया जा सकता है।
धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में सोया दूध या सोया से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ जैसे – खà¥à¤œà¤²à¥€, मतली, चकà¥à¤•र आना, तà¥à¤µà¤šà¤¾ का लाल होने की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है (17)। à¤à¤¸à¥‡ में उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ इसका सेवन कराने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ सलाह जरूर लें।
9. हलà¥à¤¦à¥€ दूध
हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क फॉर किडà¥à¤¸ के तौर पर बचà¥à¤šà¥‡ को हलà¥à¤¦à¥€ दूध à¤à¥€ पीने के लिठदिया जा सकता है। à¤à¤• अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤•, हलà¥à¤¦à¥€ का à¤à¤‚टी-इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में इंफà¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ बाउल डिजीज (Inflammatory bowel disease – पाचन तंतà¥à¤° संबंधी परेशानी) की समसà¥à¤¯à¤¾ को कà¥à¤› हद तक कम कर सकता है। हलांकी, इसके साथ दवाइयों के सेवन की बात à¤à¥€ शोध में कही गई है (18)। इसके अलावा, हलà¥à¤¦à¥€ में à¤à¤‚टीसेपà¥à¤Ÿà¤¿à¤• (antiseptic) पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ à¤à¥€ होता है, जो लंबे समय से हो रही खांसी और गले में खराश की समसà¥à¤¯à¤¾ से राहत दिला सकता है। इसके लिठà¤à¤• कप गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ दूध में चà¥à¤Ÿà¤•ीà¤à¤° या आधा चमà¥à¤®à¤š हलà¥à¤¦à¥€ मिलाकर पीना लाà¤à¤•ारी हो सकता है (19)। बता दें कि बचà¥à¤šà¥‡ के कमà¥à¤ªà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टरी फूड में हलà¥à¤¦à¥€ को शामिल किया जा सकता है (20)। बचà¥à¤šà¥‡ के 6 महीने के होने के बाद दी जाने वाले थोड़े बहà¥à¤¤ ठोस आहार को कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤®à¥‡à¤‚टरी फूड कहते हैं (21)। वहीं, हलà¥à¤¦à¥€ यà¥à¤•à¥à¤¤ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ से à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में बेहतर है डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ परामरà¥à¤¶ à¤à¥€ ली जाà¤à¥¤
10. नारियल के दूध से बने पेय
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठहेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ में नारियल का दूध à¤à¥€ शामिल किया जा सकता है। यह फैट, फाइबर और विटामिन ई व सी के साथ ही आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, पोटेशियम, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और जिंक जैसे मिनरलà¥à¤¸ से à¤à¥€ समृदà¥à¤§ होता है (22)। साथ ही इसमें सैचà¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥‡à¤¡ फैट और लॉरिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ à¤à¥€ होता है, जो मां के दूध में à¤à¥€ होता है। इसमें मौजूद ये मà¥à¤–à¥à¤¯ ततà¥à¤µ बचà¥à¤šà¥‡ के मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास, रोग पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¥‹à¤§à¤• कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ व रकà¥à¤¤ वाहिकाओं की इलासà¥à¤Ÿà¤¿à¤¸à¤¿à¤Ÿà¥€ (Elasticity) बढ़ाने में à¤à¥€ मदद कर सकता है। इसके अलावा यह पाचन में à¤à¥€ मदद कर सकता है। इसके साथ ही इसमें मौजूद विटामिन ई तà¥à¤µà¤šà¤¾ को पोषण पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ कर सकता है (15)।
नोट : बचà¥à¤šà¥‡ को हर दिन à¤à¤• कप तक हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क दी जा सकती है। हालांकि, बचà¥à¤šà¥‡ को देने वाली हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क की मातà¥à¤°à¤¾ उनके उमà¥à¤° और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° अलग-अलग हो सकती है। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ को कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क देना है, इसकी जानकारी शिशॠविशेषजà¥à¤ž जरूर लें।
हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क फॉर किडà¥à¤¸ जानने के बाद अब हम बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठनà¥à¤•सानदेह पेय की à¤à¥€ जानकारी दे रहे हैं।
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठ5 नà¥à¤•सानदेह पेय | Unhealthy Drinks for Kids in Hindi
अब पढ़ें बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठनà¥à¤•सानदेह पेय पदारà¥à¤¥à¥¤ यहां हम à¤à¤¸à¥‡ 5 पेय पदारà¥à¤¥ बता रहे हैं, जिनका सेवन बचà¥à¤šà¥‡ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के लिठहानिकारक हो सकता है।
1. कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ / सोडायà¥à¤•à¥à¤¤ पेय
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठनà¥à¤•सानदेह पेय में कोलà¥à¤¡ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ जैसे पेय पदारà¥à¤¥ à¤à¥€ शामिल किठजा सकते हैं। सोडा या à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क में चीनी के साथ कैलोरी और कैफीन की à¤à¥€ à¤à¤°à¤ªà¥‚र मातà¥à¤°à¤¾ होती है। इसके अलावा, इनमें पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ न के बराबर होते हैं। जिस वजह से इनका सेवन कम से कम करना चाहिठ(23)। साथ ही इनमें मौजूद अधिक कैलोरी वजन à¤à¥€ बढ़ा सकती है (24)। जिस वजह से बचà¥à¤šà¥‡ में वजन बढ़ने का जोखिम हो सकता है।
2. मीठे पेय पदारà¥à¤¥
मीठे पेय यानी शà¥à¤—र का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठहà¥à¤ पेय या डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ पीना बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के आहार की गà¥à¤£à¤µà¤¤à¥à¤¤à¤¾ को घटा सकता है। इस तरह के सॉफà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ में शà¥à¤—र यानी आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² सà¥à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° (Artificial Sweeteners) का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होता है, जो बचà¥à¤šà¥‡ के वजन बढ़ने और खराब ओरल हेलà¥à¤¥ के जोखिम को बढ़ा सकता है। साथ ही यह बचà¥à¤šà¥‡ में मीठे पेय पीने की आदत का कारण à¤à¥€ बन सकता है (25)। यही वजह है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को अतिरिकà¥à¤¤ शà¥à¤—र या आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² सà¥à¤µà¥€à¤Ÿà¤¨à¤° के इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² से बने मीठे पेय पीने से बचाव करना चाहिà¤à¥¤
3. कैफीन यà¥à¤•à¥à¤¤ पेय (चाय/कॉफी)
कैफीन का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² कई तरह के पेय बनाने में किठजाते हैं, जिनमें चाय, कॉफी और कई तरह के सॉफà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ शामिल हैं। इनमें à¤à¤¸à¥‡ कई पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ होते हैं, जो कà¥à¤› हद तक à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ बढ़ा सकते हैं। हालांकि, इसके कà¥à¤› दà¥à¤·à¥à¤ªà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ जैसे – कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® के अवशोषण में बाधा, सीने में जलन (Heartburn), उचà¥à¤š रकà¥à¤¤à¤šà¤¾à¤ª का जोखिम à¤à¥€ हो सकता है। इसके अलावा, अधिक मातà¥à¤°à¤¾ में इनका सेवन करने से नीचे बताई गई समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ à¤à¥€ हो सकती है, जो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (26):
बेचैनी होना।
अनिदà¥à¤°à¤¾ की समसà¥à¤¯à¤¾ होना।
सिरदरà¥à¤¦ की समसà¥à¤¯à¤¾à¥¤
चकà¥à¤•र आना।
हà¥à¤°à¤¦à¤¯ की गति असामानà¥à¤¯ होना।
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ होना।
चिंता या घबराहट होना।
4. à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क
बाजार में शरीर की ऊरà¥à¤œà¤¾ बढ़ाने वाले कई तरह के पेय उपलबà¥à¤§ हैं। इनमें कई तरह के ततà¥à¤µ जैसे – कैफीन, शà¥à¤—र मौजूद होते हैं। à¤à¤¸à¥‡ में इनका सेवन करना बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठनà¥à¤•सानदायक हो सकता है। दरअसल, à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क ऊरà¥à¤œà¤¾ तो बढ़ा सकते हैं, लेकिन बाद में ये तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° पर हानिकारक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ डाल सकते हैं। इतना ही नहीं, à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क से कà¥à¤› अनà¥à¤¯ नà¥à¤•सान à¤à¥€ हो सकते हैं, जो कà¥à¤› इस पà¥à¤°à¤•ार हैं (27):
डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨ होना।
अनियमित हà¥à¤°à¤¦à¤¯ गति होना।
चिंता होना।
सोने में परेशानी होना।
इस वजह से à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ को à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठनà¥à¤•सानदेह पेय की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में रखना गलत नहीं होगा।
5. फà¥à¤²à¥‡à¤µà¤°à¥à¤¡ मिलà¥à¤•
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठनà¥à¤•सानदेह पेय में फà¥à¤²à¥‡à¤µà¤°à¥à¤¡ मिलà¥à¤• à¤à¥€ शामिल है। दरअसल, लेख में बताठगठअनà¥à¤¯ नà¥à¤•सानदायक पेय की ही तरह इनमें à¤à¥€ अतिरिकà¥à¤¤ शà¥à¤—र होता है। à¤à¤¨à¤¸à¥€à¤¬à¥€à¤†à¤ˆ की वेबसाइट पर मौजूद à¤à¤• शोध से यह पता चलता है कि अधिकतर बचà¥à¤šà¥‡ सादे दूध की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में फà¥à¤²à¥‡à¤µà¤°à¥à¤¡ मिलà¥à¤• पीना अधिक पसंद करते हैं। इतना ही नहीं, इस शोध में यह à¤à¥€ बताया गया है कि फà¥à¤²à¥‡à¤µà¤°à¥à¤¡ मिलà¥à¤• पीना अधिक वजन वाले बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठचिंता का विषय à¤à¥€ बन सकता है (28)। वहीं, à¤à¤• अनà¥à¤¯ शोध बताता है कि फà¥à¤²à¥‡à¤µà¤°à¥à¤¡ मिलà¥à¤• पीने से वजन, फैट बढ़ने (Adiposity Risk) या मोटापे का जोखिम बढ़ सकता है 29। यही वजह है कि बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इस तरह के दूध या जूस पीने के लिठकम से कम देना चाहिà¤à¥¤
आशा है कि इस लेख से आपको अपने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठहेलà¥à¤¦à¥€ और अनहेलà¥à¤¦à¥€ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क के बीच छिपे अंतर को पहचानने में मदद मिली होगी। à¤à¤¸à¥‡ में बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क देने के लिठआप इस लेख में बताठगठविà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ हेलà¥à¤¦à¥€ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ को घर में बनाकर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ दे सकते हैं। हालांकि, इनकी à¤à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ सीमित ही रखें, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि किसी à¤à¥€ खादà¥à¤¯ या चीज की अधिकता नà¥à¤•सानदायक होती है। जरूरत पड़े तो शिशॠविशेषजà¥à¤ž से इस बारे में जानकारी लें। यहां बताठगठहेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क फॉर किडà¥à¤¸ बड़ो के लिठà¤à¥€ लाà¤à¤•ारी हो सकते हैं। उमà¥à¤®à¥€à¤¦ करते हैं यह लेख आपके लिठउपयोगी होगा। इस लेख को अनà¥à¤¯ लोगों के साथ शेयर कर हर किसी को हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क फॉर किडà¥à¤¸ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ जानकारियों से अवगत कराà¤à¤‚।
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