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उमà¥à¤° के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• वजन
जनà¥à¤® के बाद तीन महीने तक 175 से 200 गà¥à¤°à¤¾à¤® के बीच वजन बढ़ना
5 महीने बाद जनà¥à¤® के वकà¥à¤¤ से दौ गà¥à¤¨à¤¾ वजन होना
à¤à¤• साल तक हर महीने 400 गà¥à¤°à¤¾à¤® तक वजन बढ़ना
1 साल की उमà¥à¤° तक जनà¥à¤® के वकà¥à¤¤ के वजन का तीन गà¥à¤¨à¤¾ होना
2 साल की उमà¥à¤° तक जनà¥à¤® के वकà¥à¤¤ के वजन का चार गà¥à¤¨à¤¾ होना
3 साल की उमà¥à¤° तक जनà¥à¤® के वकà¥à¤¤ के वजन का 5 गà¥à¤¨à¤¾
5 साल की उमà¥à¤° में जनà¥à¤® के वकà¥à¤¤ के वजन का 6 गà¥à¤¨à¤¾
7 साल की उमà¥à¤° में जनà¥à¤® के वकà¥à¤¤ के वजन का 7 गà¥à¤¨à¤¾
10 साल की उमà¥à¤° में जनà¥à¤® के वकà¥à¤¤ के वजन का 10 गà¥à¤¨à¤¾ होना
सामानà¥à¤¯ तौर पर à¤à¤• बचà¥à¤šà¥‡ का 3 से 7 साल की उमà¥à¤° के बीच हर साल 2 किलो तक वजन बढ़ता है. इसके बाद बचà¥à¤šà¥‡ का वजन हर साल 3 किलो बढ़ता है जब तक उसकी यà¥à¤µà¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ नहीं होती. हालांकि, इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि ये à¤à¤• जेनरिक चारà¥à¤Ÿ है और आपके बचà¥à¤šà¥‡ की पीडियाटà¥à¤°à¤¿à¤¶à¤¨ आपके बचà¥à¤šà¥‡ के केस को हैंडल करने के लिठसबसे बेहतरीन इंसान है. यह जानने के लिठडबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ मानक ऊंचाई और वजन चारà¥à¤Ÿ देखें कि कà¥à¤¯à¤¾ आपके बचà¥à¤šà¥‡ की वृदà¥à¤§à¤¿ सामानà¥à¤¯ सीमा के à¤à¥€à¤¤à¤° बढ़ रही है.
अगर आपके बचà¥à¤šà¥‡ का वजन वाकई कम है
शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ वाले 20 सà¥à¤ªà¤° फ़ूड
कà¥à¤› मामलों में, विशेष रूप से यदि बचà¥à¤šà¥‡ का वजन तीन पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से कम है, तो वजन न बढ़ना वासà¥à¤¤à¤µà¤¿à¤• चिंता हो सकती है. à¤à¤¸à¥‡ परिदृशà¥à¤¯ में, डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह का पालन करना सबसे पहला काम है. वजन न बढ़ने के कई कारण हो सकते हैं
डॉकà¥à¤Ÿà¤° की सलाह के साथ, यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि बचà¥à¤šà¥‡ को उचà¥à¤š कैलोरी आहार दिया जाà¤. इसका कारण यह है कि परिशà¥à¤°à¤® के दौरान कैलरी जल जाती हैं, जिसके बाद अतिरिकà¥à¤¤ कैलरी वजन बढ़ाने में मदद करती है. अपने बचà¥à¤šà¥‡ के लिठउचà¥à¤š कैलरी आहार की योजना बनाते समय, यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करना बेहद महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है कि इसमें खाली कैलरी से à¤à¤°à¥‡ à¤à¤¾à¤°à¥€ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की बजाय सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ और पोषक à¤à¥‹à¤œà¤¨ शामिल हो.
असà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤•र उचà¥à¤š कैलरी खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ वजन में कà¥à¤› लाठपैदा कर सकते हैं, लेकिन इससे शिशà¥à¤“ं को पोषक ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ नहीं होते। इसके अलावा, जब बचà¥à¤šà¥‡ का पेट असà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤•र à¤à¥‹à¤œà¤¨ से à¤à¤°à¤¾ होता है, तो उसे सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की à¤à¥‚ख नहीं होगी. इससे शिशॠको उचà¥à¤š चीनी या संसाधित खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की लत à¤à¥€ लग सकती है जो खतरनाक है और विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ जीवनशैली रोगों का कारण बन सकती है। साथ ही, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ की अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ को शामिल करना à¤à¥€ महतà¥à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ है, ताकि अतिरिकà¥à¤¤ कैलरी मांसपेशी दà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¨ के रूप में हो और वसा के रूप में जमा न हो.
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ वाले खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ को बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को देने के बारे में सामानà¥à¤¯ उपाय
हर हफà¥à¤¤à¥‡ शिशà¥à¤“ं को à¤à¤• नठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खिलाà¤à¤‚ और यह जानने के लिठकि उसे इससे कोई à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ या परेशानी है या नहीं , तीन दिन नियम को अपनाà¤à¤‚.
शिशॠको 6 महीने तक अपना ही दूध पिलाà¤à¤‚ और इसके बाद à¤à¥€ जब तक हो सके मां का दूध ही पिलाà¤à¤‚.
शिशà¥à¤“ं को नीचे दिठगठखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ तब ही खिलाना शà¥à¤°à¥‚ करें जब वो इस तरह के पदारà¥à¤¥ खाना शà¥à¤°à¥‚ करें. सामानà¥à¤¯ रूप से 6 महीने बाद.
शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का वजन बà¥à¤¾à¤¨à¥‡ वाले 20 सà¥à¤ªà¤° फ़ूड
1 . मां का दूध
मां का दूध à¤à¤• वरà¥à¤· तक के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठवजन बढ़ाने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है. पहले छह महीनों के लिठविशेष रूप से अपने बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ कराने की डबà¥à¤²à¥à¤¯à¥‚à¤à¤šà¤“ की सिफारिश का पालन करें और इसके बाद à¤à¥€ रोजाना सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ करें. सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करें कि आप आगे बढ़ने से पहले पूरी तरह से बचà¥à¤šà¥‡ को सà¥à¤¤à¤¨ का दूध पिलाà¤à¤‚. à¤à¤¸à¤¾ इसलिठहै कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‡ को खिलाने की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में दूध मिलता है जो पतला अगà¥à¤° दूध होता है, और उसके बाद वसा यà¥à¤•à¥à¤¤ दूध आता है.
पारंपरिक à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ बेबी फू़डà¥à¤¸
आपको अपने à¤à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ का पारंपरिक खाना अपने शिशॠको खिलाना चाहिà¤. इससे शिशà¥à¤“ं का वजन बढ़ने में मदद मिलती है. नीचे दी गई सूची में शिशà¥à¤“ं के वजन को बढ़ाने के लिठसबसे मशहूर खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के बारे में बताया गया है.
2 . रागी
रागी à¤à¤• पारंपरिक बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का à¤à¥‹à¤œà¤¨ है जो दकà¥à¤·à¤¿à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤ में काफी मशहूर है. à¤à¤• ओर जहां ये पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® से à¤à¤°à¤ªà¥à¤° है तो वहीं दूसरी ओर ये शिशà¥à¤“ं के वजन को बढ़ाने में à¤à¥€ योगदान देता है. रागी फाइबर, पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और विटामिन बी 1, बी 2 और बी 6 का à¤à¥€ à¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है.
ये वà¥à¤¯à¤‚जन आपके बचà¥à¤šà¥‡ को रागी खिलाने के लिठअचà¥à¤›à¥‡ हैं –
रागी दलीया
सेब और रागी दलीया
रागी केक
रागी डोसा
रागी इडली
रागी खीर
रागी लडà¥à¤¡à¥‚
रागी रोटी
रागी कà¥à¤•ीज
अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ रागी पाउडर दोगà¥à¤¨à¤¾ पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ रागी पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को अधिक जैव-उपलबà¥à¤§ बनाता है, जिसका अरà¥à¤¥ है कि आपके बचà¥à¤šà¥‡ का शरीर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बेहतर अवशोषित कर पाà¤à¤—ा.
3 . हेलà¥à¤¥ मिकà¥à¤¸ (सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ मिशà¥à¤°à¤£)
हमारी दादी घर में बने सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ मिशà¥à¤°à¤£à¥‹à¤‚ पर à¤à¤°à¥‹à¤¸à¤¾ करती हैं, विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ पà¥à¤°à¤•ार की अचà¥à¤›à¥€ सामगà¥à¤°à¥€ को अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ करके, à¤à¥‚न कर उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ पीसा जाता है. जैसा कि आप कलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ कर सकते हैं, ये सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ दोनों में ही बाजार में उपलबà¥à¤§ शिशॠखादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से अचà¥à¤›à¥‡ होते हैं. ये बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को वजन बढ़ाने में मदद करने में à¤à¥€ अधिक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¥€ होते हैं. ये मिशà¥à¤°à¤£ अनाज, नट और दालें के पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को à¤à¤• साथ मिलाते हैं, और अलग अलग तरह के वà¥à¤¯à¤‚जन बनाने के लिठअलग अलग पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का मिशà¥à¤°à¤£ बनाया जा सकता है.
मिलेट (बाजरा )सतà¥à¤¥à¥à¤®à¤¾à¤µà¥‚ मिकà¥à¤¸ (घर पर बना सेरेलक) में कई सारे मिलेटà¥à¤¸ (बाजरे की किसà¥à¤® )को à¤à¤• साथ मिलाया जाता है बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के वजन को बढ़ाने का अचà¥à¤›à¤¾ उपाय है. यह मिकà¥à¤¸ आरà¥à¤¡à¤° करने के लिठयहाठकà¥à¤²à¤¿à¤• करें ।
4 . केरल के केले
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ उचà¥à¤š कैलरी खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ की तलाश करते समय, आपको केरल के केले या हरी पौधों की के अलावा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कà¥à¤› तलाश करने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं है. ये पोटेशियम, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ में à¤à¥€ समृदà¥à¤§ हैं और इसमें पाचन के साथ साथ आहार फाइबर की à¤à¥€ अचà¥à¤›à¥€ मातà¥à¤°à¤¾ होती है. ये केले बहà¥à¤®à¥à¤–ी हैं, और कचà¥à¤šà¥‡ और परिपकà¥à¤µ दोनों संसà¥à¤•रणों में से कई केरल केले वà¥à¤¯à¤‚जनों को आप बना सकते हैं.
अगर आप जà¥à¤–ाम के वकà¥à¤¤ अपने शिशà¥à¤“ं को केला देने से डर रहे हैं तो आप रॉ केरला बनाना (केले)पाउडर को टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ कर सकते हैं. अगर आपको इन केलों को ढूंढने में परेशानी हो रही है और इसे बनाने का आपके पास वकà¥à¤¤ नहीं है तो आप हमारे रॉ केरल बनाना पाउडर को टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ कर सकते हैं. रॉ केरल बनाना पाउडर ( केरला के कचà¥à¤šà¥‡ केलों का पाउडर ) खरीदने के लिठयहाठकà¥à¤²à¤¿à¤• करें।
यहां देखें कचà¥à¤šà¥‡ केरल बनाना (केला) पाउडर दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ आसानी से बना सकने वाले कà¥à¤› वà¥à¤¯à¤‚जन
शिशà¥à¤“ं के लिठकेले का हलवा
शिशà¥à¤“ं और छोटे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकेले के पकोड़े
बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठनारियल केला खीर / पायसम
5 . नाशपाती
सेब के साथ साथ शिशà¥à¤“ं को नाशपाती à¤à¥€ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में खिलाया जा सकता है. नाशपाती से शिशà¥à¤“ं का वजन बढ़ने में मदद तो मिलती ही है लेकिन साथ ही इससे शिशà¥à¤“ं को आयरन, विटामिन बी6 और विटामिन सी जैसे पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होते हैं.
आप अपने शिशà¥à¤“ं को नाशपाती पà¥à¤¯à¥‚री या सेब और नाशपाती की पà¥à¤¯à¥‚री के रूप में दे सकते हैं. 8 महीने के बाद आप शिशॠको ये फल के रूप में à¤à¥€ खिला सकते हैं.
6 . केले
केले विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ कारणों से बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठपहले सबसे लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• हैं. ये सà¥à¤µà¤¾à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤• रूप से मीठे हैं, किसी à¤à¥€ उपकरण के बिना मैश किठजा सकते हैं इसे पकाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं है. ये शिशà¥à¤“ं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¥€ à¤à¤• उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ यातà¥à¤°à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ हैं. à¤à¤• ऊरà¥à¤œà¤¾ वरà¥à¤§à¤• फल होने से यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को वजन बढ़ाने में मदद करता है, और यह आहार फाइबर, पोटेशियम के साथ अनà¥à¤¯ खनिज और विटामिन à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करता है.
6 महीने से अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को केले खिलाने का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ तरीका केले की पà¥à¤¯à¥‚री है. केले को सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤¬à¥‡à¤°à¥€ या कीवी जैसे अनà¥à¤¯ फल पà¥à¤¯à¥‚री में मिला कर à¤à¥€ दिया जा सकता है. 8 महीने के बाद इसे पेनकेकà¥à¤¸ के रूप में दिया जा सकता है या दलिया में मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ किया जा सकता है.
à¤à¤• वरà¥à¤· के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को आप कई तरह से केले से बने वà¥à¤¯à¤‚जन दे सकते हैं
केला सतà¥à¤¥à¥à¤®à¤¾à¤µà¥‚ (सेरेलक) मफिनà¥à¤¸
केले का ओमलेट
रागी और केले के पैनकेक
केला, नारियल ओटà¥à¤¸ दलीया
केला ओटà¥à¤¸ पैनकेक
बनाना बà¥à¤°à¥‡à¤•फासà¥à¤Ÿ बारà¥à¤¸
बनाना ओटमील कà¥à¤•ीज
7 .à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो
जबकि à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो à¤à¤¾à¤°à¤¤ का पारंपरिक खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ नहीं है लेकिन आज यह कई à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ घरों में काफी लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ है. यह मकà¥à¤–न या माखन फल के रूप में à¤à¥€ जाना जाता है, à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाà¤à¥‹à¤‚ वाला फल है, यही कारण है कि दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में पोषण विशेषजà¥à¤ž इसे खाने की सलाह देते हैं. इसकी मलाईदार बनावट बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठइसे सà¥à¤–द बनाती है और सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वसा अचà¥à¤›à¥€ वृदà¥à¤§à¤¿ और विकास को पà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करती है. à¤à¤µà¥‹à¤•ाडो , 6 महीने की उमà¥à¤° के बाद पà¥à¤¯à¥‚री के रूप में पेश किया जा सकता है, और 1 साल के बाद मिलà¥à¤•शेक और सà¥à¤®à¥‚थीज के रूप में.
8 .मटर
मटर सबसे पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ 6 महीने से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ ठोस à¤à¥‹à¤œà¤¨ के रूप में दे सकते हो. यह आहार फाइबर, थियामीन, विटामिन सी और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, नियासिन, फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ और विटामिन à¤, बी 6 में उचà¥à¤š है.
मटर आप मटर पà¥à¤¯à¥‚री, मटर खिचड़ी और सबà¥à¤œà¥€ के सूप के रूप में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दे सकते हैं.
9 .आलू
आलू बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• उतà¥à¤•ृषà¥à¤Ÿ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ है. इसमें नरम सà¥à¤¥à¤¿à¤°à¤¤à¤¾ है, आसानी से मैशेबल है और इससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ नहीं होती. थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ के साथ शà¥à¤°à¥‚ करें कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‡ पेट में गैस के कारण परेशान हो सकते हैं.
आलू खनिज, विटामिन और कैरोटीनोइड और पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक फिनोल जैसे फाइटोकेमिकलà¥à¤¸ के वरà¥à¤—ीकरण में समृदà¥à¤§ है. आलू अपने कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿ सामगà¥à¤°à¥€ के लिठसबसे अचà¥à¤›à¥€ तरह से जाना जाता है.
आप शिशà¥à¤“ं को पà¥à¤¯à¥‚री, खिचड़ी और सूप के रूप में आलू दे सकते हैं.
10 . शकà¥à¤•रकंद
शकà¥à¤•रकंद शिशà¥à¤“ं के लिठà¤à¤• अचà¥à¤›à¤¾ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ à¤à¥‹à¤œà¤¨ है. ये 6 महीने से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दिया जा सकता है.
शकà¥à¤•रकंद संतृपà¥à¤¤ वसा में बहà¥à¤¤ कम होते हैं, ये फाइबर में उचà¥à¤š, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और पोटेशियम, विटामिन बी 6 और विटामिन ठऔर सी से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं. शिशà¥à¤“ं को ये शà¥à¤¦à¥à¤§, शकरगंदी की खिचड़ी, पैनकेक और सूप के रूप में दिया जा सकता है.
11 . डà¥à¤°à¤¾à¤¯ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸
डà¥à¤°à¤¾à¤¯ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ में बादाम, पिसà¥à¤¤à¤¾, काजू जैसे खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ शामिल हैं.
आप डà¥à¤°à¤¾à¤¯ फà¥à¤°à¥‚टà¥à¤¸ को पाउडर के रूप में मिकà¥à¤¸ करके या अनà¥à¤¯ रूप में à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दे सकते हैं. जैसे बादाम दूध, डà¥à¤°à¤¾à¤¯ फà¥à¤°à¥‚ट सà¥à¤¨à¥ˆà¤• बार, डà¥à¤°à¤¾à¤¯ फà¥à¤°à¥‚ट के लडà¥à¤¡à¥‚.
आप चाहें तो घर में ही डà¥à¤°à¤¾à¤¯ फà¥à¤°à¥‚ट पाउडर बना सकते हैं या आप इसे ओनलाइन à¤à¥€ ओरà¥à¤¡à¤° कर सकते हैं. आरà¥à¤¡à¤° करने के लिठयहाठकà¥à¤²à¤¿à¤• करें।
इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि कà¥à¤› बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को इससे à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ हो सकती है इसलिठ3 दिन के रूल को फॉलो करें.
12 . गाय का दूध (1 साल से अधिक उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिà¤)
दूध बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठसà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ à¤à¥‹à¤œà¤¨ में से à¤à¤• होता है. केवल à¤à¤• कप दूध से ही बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को कई सारे पोषक ततà¥à¤µ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होते हैं. इस बात का धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि 1 साल से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ इस दूध को पचा नहीं पाते हैं. शिशà¥à¤“ं को दो साल की उमà¥à¤° के बाद पूरà¥à¤£ दूध देना जरूरी है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उचित शारीरिक और मानसिक विकास के लिठवसा आवशà¥à¤¯à¤• है. चार से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठà¤à¤• दिन में लगà¤à¤— दो बार दूध देना चाहिà¤.
पनीर, दही और अनà¥à¤¯ डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ à¤à¥€ वजन बढ़ाने में मदद करते हैं, अगर उचित रूप से इसका इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाà¤. यहां हमारे घरों में सबसे अधिक इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किठजाने वाले डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ पर à¤à¤• नजर डालें.
13. घी
देसी घी कई अनà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाà¤à¥‹à¤‚ के साथ-साथ वजन बढ़ाने के लिठसबसे अचà¥à¤›à¥‡ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में से à¤à¤• है. पारंपरिक दवा इषà¥à¤Ÿà¤¤à¤® सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• à¤à¤• दिन में à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š घी खाना फायदेमंद होता है. घी 32% à¤à¤®à¤¯à¥‚à¤à¤«à¤, या सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वसा है जो बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास को बढ़ावा देने में मदद करता है. यह à¤à¤• मजबूत पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤°à¤•à¥à¤·à¤¾ पà¥à¤°à¤£à¤¾à¤²à¥€ के लिठà¤à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ है.
à¤à¤• बार बचà¥à¤šà¥‡ के 7 महीने पूरे होने के बाद घी को बचà¥à¤šà¥‡ के à¤à¥‹à¤œà¤¨ में शामिल किया जा सकता है. पहले घी की कà¥à¤› बूंदों से शà¥à¤°à¥‚ करें और धीरे-धीरे मातà¥à¤°à¤¾ में वृदà¥à¤§à¤¿ करें, इसे रोजाना à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š तक ले जाà¤à¤‚. घी कà¤à¥€-कà¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ के लिठबहà¥à¤¤ à¤à¤¾à¤°à¥€ हो सकती है, इसलिठकृपया इसका उपयोग करते वकà¥à¤¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें. सरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤® परिणामों के लिà¤, घर का बना घी ही बचà¥à¤šà¥‡ को दें जो संरकà¥à¤·à¤• और रसायनों से मà¥à¤•à¥à¤¤ हो. आप हमारी घी की रेसिपी à¤à¥€ टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ कर सकते हैं.
14 .पनीर
पनीर à¤à¤• तरह का à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ चीज है और à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ घरों में à¤à¤• पोपà¥à¤²à¤° पदारà¥à¤¥ है. खासकर à¤à¤¨à¤¿à¤®à¤² पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ का बेहतरीन विकलà¥à¤ª है. हर तरह का चीज बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के वजन को बढ़ाने में सहायक होता है. इसके साथ ही इससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को फोसफोरस, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤® और सेलेनियम जैसे पोषक ततà¥à¤µ à¤à¥€ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ होते हैं.
8 महीने से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठपनीर सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ अहार है. आप इसे सामानà¥à¤¯ रूप में ही बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दे सकते हैं और इसे फलों या सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ मिला सकते हैं. इसके अलावा आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को पनीर की पà¥à¤¯à¥‚री, पनीर कà¥à¤¯à¥‚ब, फà¥à¤°à¥‚टी पनीर पà¥à¤¯à¥‚री और सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ पनीर कà¥à¤¯à¥‚बà¥à¤¸. अचà¥à¤›à¥‡ रिजलà¥à¤Ÿ के लिठघर पर ही पनीर बनाà¤à¤‚.
सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯à¤µà¤°à¥à¤§à¤• तेल
अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨à¥‹à¤‚ से पता चलता है कि बचà¥à¤šà¥‡ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान उपà¤à¥‹à¤— की जाने वाले सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ से अधिक परिचित हैं, इसलिठअपने बचà¥à¤šà¥‡ को वही खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ खिलाकर उसे बेहतर तरीके से पचाने में मदद मिलती है. यही कारण है कि आपके कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में जो à¤à¥€ तेल आम हैं, उनका उपयोग करना चाहिà¤, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि ये मौसम और आपके बचà¥à¤šà¥‡ के शरीर के लिठआदरà¥à¤¶ हैं.मिसाल के तौर पर, तमिलनाडॠमें जिनà¥à¤—ीली तेल लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯ है, केरल में नारियल का तेल, पशà¥à¤šà¤¿à¤® बंगाल में सरसों का तेल या पंजाब में सूरजमà¥à¤–ी के तेल. आपके घर में आमतौर पर उपयोग किया जाने वाला तेल आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठसबसे अचà¥à¤›à¤¾ खाना पकाने का तेल है, इससे वजन बढ़ाने और आसान पाचन में मदद मिलती है.
हम आपके बचà¥à¤šà¥‡ के लिठऔर पूरे परिवार के लिठखाना पकाने के दौरान कोलà¥à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° तेलों का उपयोग करने की सलाह देते हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि परिषà¥à¤•ृत तेल अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• संसाधित होते हैं और बहà¥à¤¤ सारे पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को हटा देते हैं. यहां आपके दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ उपयोग किठजाने वाले तेलों के कà¥à¤› संसà¥à¤•रण दिठगठहैं:
कोलà¥à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤¸à¥‡à¤¡ वरजिन कोकोनट (नारियल ) आयल (तेल)
कोलà¥à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤¸à¥‡à¤¡ ओरगेनिक मसà¥à¤Ÿà¤°à¥à¤¡ (सरसों) आयल (तेल)
कोलà¥à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤¸à¥‡à¤¡ सेसमें (तिल)आयल (तेल)
कोलà¥à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥à¤¸à¥‡à¤¡ ओरगेनिक सनफà¥à¤²à¥‰à¤µà¤° आयल (तेल)
16 . हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸
जब सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पेय की बात आती है तो बहà¥à¤¤ सारे सà¥à¤Ÿà¥‹à¤° के नाम आपके मन में आते हैं. वासà¥à¤¤à¤µ में यह अपने आप में à¤à¤• पूरा उदà¥à¤¯à¥‹à¤— है. हालांकि, आप सà¥à¤ªà¤°à¤®à¤¾à¤°à¥à¤•ेट में देखे जाने वाले लगà¤à¤— सà¤à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पेय पाउडर को अतिरिकà¥à¤¤ चीनी, कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सà¥à¤µà¤¾à¤¦ और आरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¿à¤¶à¤¿à¤¯à¤² सà¥à¤µà¤¾à¤¦ से à¤à¤°à¤¾ हà¥à¤† देखें. हालांकि ये असà¥à¤¥à¤¾à¤¯à¥€ तौर पर वजन बढ़ाने में सहायता कर सकते हैं, लेकिन इससे बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पर à¤à¥€ कई हानिकारक पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ पड़ते हैं.
इन से दूर रहें और अनाज और मसूर के साथ बने à¤à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पेय पाउडर का चयन करें जो हानिकारक additives और preservatives से पूरी तरह से मà¥à¤•à¥à¤¤ है. न केवल इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वजन बढ़ाने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करते हैं और बढ़ते बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठऊरà¥à¤œà¤¾ पà¥à¤°à¤¦à¤¾à¤¨ करते हैं, ये सà¥à¤µà¤¾à¤¦ को à¤à¥€ बढ़ाते हैं और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को दूध पीने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करते हैं. इनमें से कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ पेय में अतिरिकà¥à¤¤ सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठà¤à¥€ होते हैं जैसे खांसी और ठंड के दौरान उपचार को ठीक करना. à¤à¤¸à¥‡ कई विकलà¥à¤ª हैं जिनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ आप आजमा सकते हैं:
मलà¥à¤Ÿà¥€à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¨ हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क पाउडर
बनाना मलà¥à¤Ÿà¥€à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¨ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क
इमà¥à¤¯à¥‚नबूसà¥à¤Ÿà¤° डà¥à¤°à¤¿à¤‚क
अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ रागी मलà¥à¤Ÿ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क
खजूर सà¥à¤®à¥‚धी मिकà¥à¤¸
पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक सूखे खजूर का पाउडर
मसाला मिकà¥à¤¸ मैजिक
हलà¥à¤¦à¥€ मिलà¥à¤• मसाला
आप इन हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚कà¥à¤¸ के साथ ये आसान रेसिपी à¤à¥€ टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ कर सकते हैं. नीचे à¤à¤¸à¥€ कà¥à¤› आसान रैसिपी दी गई हैं जो आप मलà¥à¤Ÿà¤¿à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¨ हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क पाउडर से बना सकते हैं-
घर पर बना चोकलेट मलà¥à¤Ÿà¤¿à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¨ हेलà¥à¤¥ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क
हनी ओटà¥à¤¸ मलà¥à¤Ÿà¤¿à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¨ पोरडिज
बनाना मलà¥à¤Ÿà¤¿à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¨ मिलà¥à¤•शेक
मैंगो मलà¥à¤Ÿà¤¿à¤—à¥à¤°à¥‡à¤¨ मिलà¥à¤•शेक
होरà¥à¤²à¤¿à¤•à¥à¤¸ जैसी सà¥à¤ªà¤° à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ डà¥à¤°à¤¿à¤‚क
17. अंडे
अंडे
आप अपने शिशà¥à¤“ं के 8 महीने के होने के बाद उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अंडे दे सकते हैं और ये पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र होते हैं. à¤à¤• अंडे में ही बहà¥à¤¤ सारा पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, आयरन, कोलीन, वसा और कई अनà¥à¤¯ विटामिन और मिनरलà¥à¤¸ होते हैं जो आपके बचà¥à¤šà¥‡ की गà¥à¤°à¥‹à¤¥ और डेपलपà¥à¤®à¥‡à¤‚ट में सहायह होते हैं. कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि अंडे के सफेद हिसà¥à¤¸à¥‡ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° à¤à¤²à¤°à¥à¤œà¥€ होने का खतरा रहता है इसलिठशिशà¥à¤“ं को शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में अंडे का पीला à¤à¤¾à¤— खिलाà¤à¤‚.
अंडे की सबसे अचà¥à¤›à¥€ बात ये है कि यह जलà¥à¤¦à¥€ से बन जाता है और इससे कई सारी रेसिपी बनाई जा सकती है. अंडों में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ और संतृपà¥à¤¤ वसा अधिक होती है. अंडो को उबला हà¥à¤† या सà¥à¤•ैमà¥à¤¬à¤² किया जा सकता है, टोसà¥à¤Ÿ या पेनकेकà¥à¤¸ के लिठबैटर में शामिल किया जा सकता है, या बस किसी à¤à¥€ अनà¥à¤¯ पकवान में शामिल किया जा सकता है. बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठयहां कà¥à¤› आसान अंडे वà¥à¤¯à¤‚जन हैं:
अंडे के पीले à¤à¤¾à¤— का सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र ओमलेट
à¤à¤— योलà¥à¤• सà¥à¤•à¥à¤°à¥‡à¤‚बल
à¤à¤— योलà¥à¤• कà¥à¤¯à¥‚नोआ सà¥à¤Ÿà¤¿à¤° फà¥à¤°à¤¾à¤¯
à¤à¤— योलà¥à¤• मैश विद ओरेंज जूस
à¤à¤— डà¥à¤°à¥‹à¤ª सूप
18. लीन मीट (पतला मीट)
लीन मीट (पतला मीट)
शिशà¥à¤“ं के लिठचिकन पतले मीट का सबसे अचà¥à¤›à¤¾ सà¥à¤°à¥‹à¤¤ है और बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वजन तक पहà¥à¤‚चने में सहायता के अलावा इसके कई सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ लाठहैं. उचà¥à¤š पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ सामगà¥à¤°à¥€ विकास और गà¥à¤°à¥‹à¤¥ को बढ़ावा देती है, और मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, फॉसà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ विटामिन बी 6 और बी 12 मजबूत दांत और हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के साथ गà¥à¤°à¥à¤¦à¥‡ और तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° के सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ कामकाज में मदद करते हैं.
आप सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में à¤à¤• बार अपने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ को चिकन दे सकते हैं. सबसे अचà¥à¤›à¤¾ होता है कि आप शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में अपने शिशॠको बिना हडà¥à¤¡à¥€ का चिकन दें. जैसे चिकन का कलेजा. आप शिशॠको चिकन को उबाल कर उसकी पà¥à¤¯à¥‚री बना कर दे सकते हैं. इसके अलावा चिकन सूप, चिकन सà¥à¤Ÿà¥à¤¯à¥‚ और चिकन राइस. आप चिकन को सà¥à¤Ÿà¥‰à¤• में à¤à¥€ रख सकते हैं और इसका शिशॠको दिठजाने वाले कई वà¥à¤¯à¤‚जनों में पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— कर सकते हैं.
19. साबà¥à¤¤ अनाज
साबà¥à¤¤ अनाज
पूरे अनाज अपरिषà¥à¤•ृत अनाज होते हैं जिनकी बाहरी परत को बरकरार रखा जाता है, जिसका अरà¥à¤¥ है कि इस आहार में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पोषक ततà¥à¤µ शामिल होते हैं और बेहतर पाचन में मदद करते हैं. हमारे देश में सबसे अधिक इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया जाने वाला अनाज साबà¥à¤¤ गेहूं का आटा, या आटा होता है. पूरे गेहूं à¤à¤• दूसरे रूप में à¤à¥€ उपलबà¥à¤§ हैं और इसे दलिया कहा जाता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसमें टूटे गेहूं का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— किया जाता है.
जब तक सेलेक रोग या गà¥à¤²à¥‚टेन इंटोलरेंस का जà¥à¤žà¤¾à¤¤ इतिहास न हो, तब तक शिशà¥à¤“ं को गेहूं देना शà¥à¤°à¥‚ किया जा सकता है. साबà¥à¤¤ गेहूं को आप इन रूपों में दे सकते हैं- गेहूं दलिया, गेहूं सोया पोरिज, दलिया, मूंगफली गेहूं दलिया, गà¥à¤°à¥€à¤¨ गà¥à¤°à¤¾à¤® गेहूं दलिया, गेहूं दलिया पोरीज या गेहूं हलवा.
यदि आपके पास समय नहीं है लेकिन तब à¤à¥€ आप पोषण पर समà¤à¥Œà¤¤à¤¾ किठबिना अपने बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¤• पूरà¥à¤£ अनाज à¤à¥‹à¤œà¤¨ खिलाना चाहते हैं, तो आप बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठहमारे पूरà¥à¤£ गेहूं मिशà¥à¤°à¤£à¥‹à¤‚ को à¤à¤• टà¥à¤°à¤¾à¤ˆ दे सकते हैं. वà¥à¤¯à¤¸à¥à¤¤ सà¥à¤¬à¤¹, थकावट वाली शाम के लिठयह सही समाधान है या जब आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ नहीं हैं या किसी और को बचà¥à¤šà¥‡ की जिमà¥à¤®à¥‡à¤¦à¤¾à¤°à¥€ दे रही हैं. यहां बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकà¥à¤› सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ विकलà¥à¤ª दिठगठहैं:
20. ओटà¥à¤¸
ओटà¥à¤¸
ओटà¥à¤¸ को दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾ à¤à¤° में à¤à¤• सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ à¤à¥‹à¤œà¤¨ के रूप में जाना जाता है और यह कई सामानà¥à¤¯ बीमारियों के इलाज के लिठशीरà¥à¤· अनà¥à¤¶à¤‚सित à¤à¥‹à¤œà¤¨ है. वजन पर नजर रखनेवालों के लिठयह आदरà¥à¤¶ à¤à¥‹à¤œà¤¨ होने के बावजूद à¤à¥€ वासà¥à¤¤à¤µ में बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में वजन बढ़ाने में अपà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· रूप से सà¥à¤§à¤¾à¤° करने के लिठये बिलà¥à¤•à¥à¤² सही है.
ओट में संतृपà¥à¤¤ वसा और कोलेसà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‰à¤² की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है और मैंगनीज, मैगà¥à¤¨à¥€à¤¶à¤¿à¤¯à¤®, थियामिन और फासà¥à¤«à¥‹à¤°à¤¸ में यह उचà¥à¤š होता है. ओटà¥à¤¸ à¤à¤•मातà¥à¤° अनाज है जिसमें à¤à¤• फल-जैसे पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ होते हैं, और इसे कई वà¥à¤¯à¤‚जनों में शामिल करने पर ये उनके पोषक ततà¥à¤µà¥‹à¤‚ को बढ़ा देता है. छह महीने के बाद आप शिशà¥à¤“ं को ओटà¥à¤¸ दे सकते हैं और यह à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ à¤à¥‹à¤œà¤¨ है जिसे पूरे जीवन में आनंद के साथ खाया जा सकता है.
ओटà¥à¤¸ अविशà¥à¤µà¤¸à¤¨à¥€à¤¯ रूप से बहà¥à¤®à¥à¤–ी है और इसे मीठे या सà¥à¤µà¤¾à¤¦à¤¿à¤·à¥à¤Ÿ वà¥à¤¯à¤‚जन में शामिल किया जा सकता है. यहां बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठकà¥à¤› ओटà¥à¤¸ वà¥à¤¯à¤‚जन हैं:
ओटà¥à¤¸ दलीया
ओटà¥à¤¸ खीर
सेब ओटà¥à¤¸ दलीया
ओटà¥à¤¸ पैनकेक
ओटà¥à¤¸ खिचड़ी
गाजर ओटà¥à¤¸ दलीया
नमकीन ओटà¥à¤¸ दलीया
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