Login
Lorem ipsum dolor sit amet, consectetur adipiscing elit. Morbi adipiscing gravdio, sit amet suscipit risus ultrices eu. Fusce viverra neque at purus laoreet consequa. Vivamus vulputate posuere nisl quis consequat.
Create an accountLost your password? Please enter your username and email address. You will receive a link to create a new password via email.
हां। निसà¥à¤¸à¤‚देह आपको शिशॠकी हलचल काफी रोमांचक लगेंगी, मगर कई बार इनसे आपको कà¥à¤› दरà¥à¤¦ या असहजता à¤à¥€ महसूस हो सकती है।
शिशॠकी लगातार हरकतें और हाथ-पांव चलाना आपको परेशान कर सकता है।, मगर आमतौर पर ये किसी समसà¥à¤¯à¤¾ का संकेत नहीं होते। वासà¥à¤¤à¤µ में, आपके शिशॠकी हलचल इस बात का पà¥à¤°à¤¤à¥€à¤• हो सकती है कि वह गरà¥à¤ में ठीक-ठाक है।
दूसरी तिमाही के दौरान, आपके शिशॠकी बढ़ती मांसपेशियां मजबूत बनती हैं और इससे उसकी हलचल और जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤°à¤¬à¤² होती जाती है। इसकी वजह से आपकी पसलियों, पेट या योनि में दरà¥à¤¦ या असहजता का अहसास हो सकता है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि शिशॠइनà¥à¤¹à¥€à¤‚ के आसपास हिलता-डà¥à¤²à¤¤à¤¾ है।
यह दरà¥à¤¦ लगातार बना रह सकता है और थोड़ा टांको जैसा दरà¥à¤¦ (साइड में मरोड़) महसूस हो सकता है। यह तीकà¥à¤·à¥à¤£, चाकू मारने जैसा दरà¥à¤¦ à¤à¥€ हो सकता है। हो सकता है आपको महसूस हो कि शिशॠकलाबाजियों का अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤¸ कर रहा है, जो कि अजीब और तीवà¥à¤° या पà¥à¤°à¤¬à¤² अनà¥à¤à¥‚ति हो सकती है।
आपको कैसा महसूस होता है, यह इस बात पर निरà¥à¤à¤° करेगा कि आपका शिशॠकिस तरफ है और वह कैसे हिल-डà¥à¤² रहा है। मगर आप चिंता न करें, ये सà¤à¥€ अनà¥à¤à¤µ à¤à¤•दम सामानà¥à¤¯ हैं।
जैसे-जैसे आपके पà¥à¤°à¤¸à¤µ का समय नजदीक आता है, आपके शिशॠके पास हिलने-डà¥à¤²à¤¨à¥‡ का परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ नहीं होता। à¤à¤¸à¥‡ में आप शायद हर छोटी से छोटी हलचल à¤à¥€ महसूस कर पाà¤à¥¤ इस चरण पर अधिकांश माà¤à¤à¤‚ पसलियों में तीकà¥à¤·à¥à¤£ आघात या पेट में अचानक तेज à¤à¤Ÿà¤•ा महसूस होता है। अचà¥à¤›à¥€ बात यह है कि à¤à¤¸à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ समय तक नहीं चलता।
यदि आपका शिशॠकिसी à¤à¤• अवसà¥à¤¥à¤¾ में कà¥à¤› समय तक रहता है, तो आपको शायद शरीर के उस विशेष सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर दरà¥à¤¦ या असहजता महसूस हो सकती है। दरà¥à¤¦ से राहत के लिठआप निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित सà¥à¤à¤¾à¤µ आजमा सकती हैं:
करवट लेकर सोने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ करें। यह शायद दबाव कम करने में मदद करे।
दिन में कई बार कà¥à¤› मिनटों के लिठहाथों और घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‹à¤‚ के बल आà¤à¤‚। यह शायद शिशॠको दूसरी अवसà¥à¤¥à¤¾ में आने के लिठपà¥à¤°à¥‡à¤°à¤¿à¤¤ कर सकता है।
यदि आपकी अनà¥à¤¯ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को आपकी तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम असहजता महसूस होती है या फिर आपको अपनी पिछली गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में इस बार गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠका पैर चलाना जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तीकà¥à¤·à¥à¤£à¤¤à¤¾ से महसूस होता है, तो à¤à¥€ चिंतित न हों हमेशा याद रखें कि हर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ अलग होती है!
आप शिशॠकी हलचल के अनूठे तरीके को पहचानने की कोशिश करें। इस तरह आप बता सकेंगी कि आपके लिठकà¥à¤¯à¤¾ सामानà¥à¤¯ है और कà¥à¤¯à¤¾ नहीं।
हालांकि, शिशॠकी हलचल से होने वाला दरà¥à¤¦ चिंता का कारण नहीं होता, फिर à¤à¥€ इस बारे में आपको डॉकà¥à¤Ÿà¤° को बताना चाहिà¤à¥¤ निमà¥à¤¨ सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ में à¤à¤¸à¤¾ करना और à¤à¥€ जरà¥à¤°à¥€ है:
| --------------------------- | --------------------------- |