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जनà¥à¤® के समय बचà¥à¤šà¤¾ नहीं रोया, केवल इसकी बदौलत नहीं माना जा सकता कि बचà¥à¤šà¥‡ में डेवलपमेंट डिले है। बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ की डेवलपमेंटल परफॉरमेंस नापने के कई टेसà¥à¤Ÿ होते हैं। इनमें गà¥à¤°à¥‰à¤¸ à¤à¤‚ड फाइन मोटर, सà¥à¤ªà¥€à¤š à¤à¤‚ड लैंगà¥à¤µà¥‡à¤œ, सोशल à¤à¤‚ड परà¥à¤¸à¤¨à¤² के अलावा डेली लिविंग की à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€à¤œ के बारे जाना जाता है। ये कहना है पीजीआइ के à¤à¤¡à¤µà¤¾à¤‚स पेडियेटà¥à¤°à¤¿à¤• विà¤à¤¾à¤— की हेड व पेडियेटà¥à¤°à¤¿à¤• नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजी यूनिट की हेड पà¥à¤°à¥‹. पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤à¤¾ सिंघी का, जो चौथी पीजीआइ पेडियेटà¥à¤°à¤¿à¤• सीà¤à¤®à¤‡ के दौरान बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल रोगों बारे जानकारी दे रही थी। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने कहा कि अगर किनà¥à¤¹à¥€à¤‚ दो में बचà¥à¤šà¤¾ पीछे हो तो उसे गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² डेवलपमेंटल डिले माना जाता है। अगर बाल रोग विशेषजà¥à¤ž के पास à¤à¤¸à¤¾ बचà¥à¤šà¤¾ आता है तो उस बचà¥à¤šà¥‡ की तीन पीढि़यों का संपूरà¥à¤£ बà¥à¤¯à¥Œà¤°à¤¾ लेना चाहिà¤à¥¤ इसके साथ बचà¥à¤šà¥‡ का डिटेल नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजिकल à¤à¤—à¥à¤œà¤¾à¤®à¤¿à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨ होना चाहिà¤à¥¤ उसका साइकोमीटà¥à¤°à¤¿à¤• इवेलà¥à¤¯à¥‚à¤à¤¶à¤¨ व फंकà¥à¤¶à¤¨à¤² लेवल व लेबोरटà¥à¤°à¥€ टेसà¥à¤Ÿ होने चाहिठजिनमें जेनेटिक टेसà¥à¤Ÿà¤¿à¤‚ग, मेटाबोलिक टेसà¥à¤Ÿ, à¤à¤®à¤†à¤°à¤†à¤‡ सà¥à¤•ैन इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ शामिल हैं। गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤² डेवलपमेंट डिले शबà¥à¤¦ का पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— उन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठहोता है, जिनका विकास देर से होता है। पांच साल से नीचे के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठइसका पà¥à¤°à¤¯à¥‹à¤— होता है। इससे बड़े बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ के लिठमेंटल रिटारà¥à¤¡à¥‡à¤¶à¤¨ शबà¥à¤¦ या बौदà¥à¤§à¤¿à¤• विकलांगता शबà¥à¤¦ का इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² होता है।
à¤à¤¡à¥€à¤à¤šà¤¡à¥€ से दस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ तक बचà¥à¤šà¥‡ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤
चाइलà¥à¤¡ साइकोलॉजी यूनिट के हेड डॉ. पà¥à¤°à¤à¤œà¥‹à¤¤ मलà¥à¤¹à¥€ ने अटेंशन डेफीसिट हाइपर à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ डिसऑरà¥à¤¡à¤° (à¤à¤¡à¥€à¤à¤šà¤¡à¥€) के बारे बताया कि यह बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में आम होने वाला नà¥à¤¯à¥‚रो डेवलपमेंटल डिसऑरà¥à¤¡à¤° है, जिससे 5 से दस पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं। यह हाइपर à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€, इंपलà¥à¤¸à¥€à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ से जाना जाता है। लड़कों में यह विकार लड़कियों की अपेकà¥à¤·à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है। à¤à¤¡à¥€à¤à¤šà¤¡à¥€ के होने के कारणों का आज तक नहीं पता। पीड़ित वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के बà¥à¤°à¥‡à¤¨ में कई जेनेटिक, à¤à¤¨à¤µà¤¾à¤¯à¤°à¤®à¥‡à¤‚टल, सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤•à¥à¤šà¤°à¤² व फंकà¥à¤¶à¤¨à¤² चेंजेज होते हैं। कई उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤• दवाओं से इसका इलाज होता है। जो उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤• दवाà¤à¤‚ नहीं à¤à¥‡à¤² सकते, उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ नॉन उतà¥à¤¤à¥‡à¤œà¤• दवाà¤à¤‚ दी जाती हैं। बीमारी से पीड़ित यà¥à¤µà¤¾à¤“ं पर दवा देने के दौरान डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥‹à¤‚ को नजर रखनी पड़ती है।
मिरगी की दवा à¤à¤•दम बंद नहीं करनी चाहिà¤
पीजीआइ के पेडियेटà¥à¤°à¤¿à¤• नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजी टीम के डॉ. नवीन सांखà¥à¤¯à¤¾à¤¨ ने बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में दौरों के बारे बताया। अगर तो दौरे बà¥à¤²à¤¡ गà¥à¤²à¥‚कोज लेवल घटने, हेड इंजरी या मेनीनजाइटà¥à¤¸ इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿ से हो रहे हैं तो यह मिरगी के दौरे नहीं हैं। अगर इससे इतà¥à¤¤à¤° दौरों की वजह है तो यह मिरगी के दौरे होते हैं। सामानà¥à¤¯ दौरे à¤à¥€ कई मरà¥à¤¤à¤¬à¤¾ मिरगी के दौरों जैसे लगते हैं, जिनमें फरà¥à¤• करना निहायत जरूरी है। दौरे à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में दो पà¥à¤°à¤•ार के होते हैं। à¤à¤• जिसमें पूरा शरीर शामिल होता है, जबकि दूसरा जिसमें शरीर का केवल à¤à¤• अंग शामिल होता है। डॉ. जितेंदà¥à¤° साहू ने बताया कि मिरगी के दौरों की दवा कब बंद कर देनी चाहिà¤à¥¤ अमेरिकन à¤à¤•ेडमी ऑफ नà¥à¤¯à¥‚रोलॉजी गाइडलाइंस का हवाला देते हà¥à¤ बताया कि दो से पांच साल दवा देने के बाद अगर बचà¥à¤šà¥‡ को दौरे पड़ने बंद हो गठहैं तो मिरगी की दवा बंद की जा सकती है।
आइकà¥à¤¯à¥‚ कम है तो पà¥à¤°à¤¬à¤² संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ है, दौरा पड़ेगा
साहू ने कहा कि अगर बचà¥à¤šà¥‡ की इइजी à¤à¤¬à¥à¤¨à¤¾à¤°à¥à¤®à¤² आती है, बचà¥à¤šà¥‡ को 2 साल से नीचे या दस से ऊपर की उमà¥à¤° में दौरे पड़ते हैं, अगर बचà¥à¤šà¥‡ का आइकà¥à¤¯à¥‚ कम है और उसमें दौरे रोकने की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ नहीं है तो मिरगी के दौरे दोबारा पड़ने की पà¥à¤°à¤¬à¤² आशंका रहती है। मिरगी के रोग में दवा तà¥à¤°à¤‚त बंद नहीं कर देनी चाहिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इसके दोबारा होने की काफी आशंका रहती है। धीरे धीरे दवा को घटाना चाहिà¤à¥¤
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