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बार-बार बà¥à¤–ार आना है शरीर में किसी बीमारी का संकेत, हो सकते हैं ये कारण
बार-बार बà¥à¤–ार आने के कारण जानें.
Recurrent Fever-बार-बार बà¥à¤–ार आना, à¤à¤• चिंतनीय विषय है. इसके कई कारण हो सकते हैं, लेकिन इसके साथ ये किसी बीमारी का à¤à¥€ संकेत हो सकता है. देखा जाठतो, बà¥à¤–ार में शरीर का तापमान 100.4 डिगà¥à¤°à¥€ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ होता है, लेकिन ये बà¥à¤–ार बार-बार आ रहा है तो ये बात चिंताजनक हो सकती है. ये किसी बीमारी का à¤à¥€ संकेत हो सकता है. रिसरà¥à¤š के अनà¥à¤¸à¤¾à¤°, à¤à¤µà¤°à¥‡à¤œ बॉडी टेंपरेचर 98.6 डिगà¥à¤°à¥€ फारेनहाइट होती है. 100.4 डिगà¥à¤°à¥€ से ऊपर टेंपरेचर बà¥à¤–ार की शà¥à¤°à¥‡à¤£à¥€ में आता है. बार-बार बà¥à¤–ार होने को à¤à¤ªà¤¿à¤¸à¥‹à¤¡à¤¿à¤• फीवर कहा जाता है यानी कि à¤à¤¸à¤¾ फीवर जो आता-जाता रहता है. बार-बार बà¥à¤–ार आने की ये समसà¥à¤¯à¤¾ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤¤à¤° 5 से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ में अधिक देखी जाती है. बार-बार बà¥à¤–ार के और à¤à¥€ कारण हो सकते हैं, जो इस पà¥à¤°à¤•ार हैं.
कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ आता है बार-बार बà¥à¤–ार
बॉडी टेंपरेचर दिन में या à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ के बाद थोड़ा सा बढ़ सकता है और कà¥à¤› डिगà¥à¤°à¥€ ही बढ़ता है, नारà¥à¤®à¤² टेंपरेचर के मà¥à¤•ाबले. लेकिन बार-बार बà¥à¤–ार होना वायरस या बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इंफेकà¥à¤¶à¤¨ की वजह से हो सकता है या पीरियोडिक फीवर सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® के कारण à¤à¤¸à¤¾ हो सकता है. यह सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® कà¤à¥€-कà¤à¥€ जेनेटिक डिफेकà¥à¤Ÿ की वजह से होते हैं. बार-बार बà¥à¤–ार आना जब पीरियोडिक फीवर सिंडà¥à¤°à¥‹à¤® से होता है तो शरीर का टेंपरेचर बढ़ सकता है. इसके आने के और à¤à¥€ अलग कारण हो सकते हैं जो आपको जान लेने चाहिà¤.
-वायरस.
-बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤² इनà¥à¤«à¥‡à¤•à¥à¤¶à¤¨.
-वैकà¥à¤¸à¥€à¤¨à¥‡à¤¶à¤¨.
बार बार बà¥à¤–ार आने की कà¥à¤› खास मेडिकल सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿
-फैमिलियल मेडिटेरियन फीवर.
-टयूमर नैकà¥à¤°à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ फैकà¥à¤Ÿà¤° रिसेपà¥à¤Ÿà¤° à¤à¤¸à¥‹à¤¸à¤¿à¤à¤Ÿà¥‡à¤¡ पीरियोडिक फीवर सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®.
-हाइपर इमà¥à¤¯à¥‚नो गà¥à¤²à¥‹à¤¬à¥à¤²à¤¿à¤¨ डी.
-नà¥à¤¯à¥‚ नेटल ऑन सेट मलà¥à¤Ÿà¥€à¤¸à¤¿à¤¸à¥à¤Ÿà¤® इनà¥à¤«à¥à¤²à¥‡à¤®à¥‡à¤Ÿà¤°à¥€ डिजीज.
-मकà¥à¤•ल वेल सिंडà¥à¤°à¥‹à¤®.
-à¤à¤«à¥à¤¥à¤¸ सà¥à¤Ÿà¤¾à¤®à¤¾à¤Ÿà¤¾à¤‡à¤Ÿà¤¿à¤¸.
-फैरिजाइटिस आदि
समय पर पहचानें लकà¥à¤·à¤£
बार-बार बà¥à¤–ार आने से कमजोरी महसूस हो सकती है. à¤à¤¸à¥‡ में निमà¥à¤¨ शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को पहचानकर समय पर उपचार ज़रूरी है.
-37 डिगà¥à¤°à¥€ सेलà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¸ से तापमान का बढ़ना.
-शरीर में ठंड लेकिन तà¥à¤µà¤šà¤¾ में गरà¥à¤®à¤¾à¤¹à¤Ÿ महसूस होना.
-चिड़चिड़ापन और खाने का मन नहीं करना.
-शरीर में थकान और शीथलता महसूस करना.
-अगर बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤–ार है तो जोर से रोना.
-बार-बार कान खींचना.
कैसे करें इलाज
बार-बार बà¥à¤–ार होने पर उसका इलाज à¤à¥€ समानà¥à¤¯ बà¥à¤–ार की तरह ही किया जाता है. बार-बार बà¥à¤–ार आने में निमà¥à¤¨ इलाज कर सकते हैं
–बà¥à¤–ार होने में ढेर सारा पानी पीना फायदेमंद हो सकता है.
-अगर बचà¥à¤šà¥‡ को बà¥à¤–ार है तो उसके सांस लेने पैटरà¥à¤¨ पर निगरानी रखना जरूरी है.
-अगर बचà¥à¤šà¥‡ को सांस लेने में तकलीफ है और बà¥à¤–ार को 5 दिन हो चà¥à¤•े हैं तो, तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करना जरूरी है.
-बà¥à¤–ार कब और कितनी देर तक बना है, इस पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ करना जरूरी है.
-बार-बार होने वाला बà¥à¤–ार किसी बीमारी का संकेत हो सकता है. इसलिठà¤à¤•à¥à¤¸à¤ªà¤°à¥à¤Ÿ से सलाह लेनी जरूरी है.
बार-बार बà¥à¤–ार आने से सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बचà¥à¤šà¥‡ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होते हैं, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि उनकी इमà¥à¤¯à¥‚निटी इतनी मजबूत नहीं होती, इसलिठबचà¥à¤šà¥‡ सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ इसकी चपेट में रहते हैं. थोड़ी सी सावधानी और सरà¥à¤¤à¤•ता किसी बड़ी बीमारी से बचा सकती है. अगर आपको à¤à¥€ बचà¥à¤šà¥‡ या किसी अनà¥à¤¯ सदसà¥à¤¯ को बार-बार बà¥à¤–ार आने के लकà¥à¤·à¤£ दिखते हैं तो बिना देर किठतà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से सलाह जरूरी है.
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