बार बार अल्सर क्यों होता है?HealthPlanet

Posted on Sat 3rd Dec 2022 : 13:03

इन लक्षणों से पता चलता है अल्सर, जानें ठीक करने के उपाय

अल्सर का प्रमुख कारण पेट में एसिड बढ़ना, चाय, कॉफी, सिगरेट व शराब आदि का अधिक सेवन है। इसके अलावा ज्यादा खट्टी, मसालेदार और गर्म पदार्थ का सेवन करने से अल्सर की समस्या हो जाती है।
 

पेट का अल्सर बहुत तकलीफदेह होता है। पेट के अल्सर में पेट में छाले हो जाते हैं और इससे घाव भी हो जाते हैं। अल्सर की समस्या अनियमित दिनचर्या और गलत खान-पान के कारण होती है। जब अधिक समय तक खाने-पीने का क्रम ढंग से नही होता है तो पेट में छाले हो जाते है और इनके फूटने पर ये घाव का रूप का ले लेते हैं। इसको ही पेट का अल्सर होना कहते हैं। पेट के अल्सर का रोग कभी-कभी काफी घातक साबित हो सकता है।



बता दें कि अल्सर शरीर के अंदर छोटी आंत के शुरुआती स्थान या म्यूकल झिल्ली पर होने वाले छाले या घाव होते हैं। अल्सर का प्रमुख कारण पेट में एसिड बढ़ना, चाय, कॉफी, सिगरेट व शराब आदि का अधिक सेवन है। इसके अलावा ज्यादा खट्टी, मसालेदार और गर्म पदार्थ का सेवन करने से अल्सर की समस्या हो जाती है। खान-पान के साथ ही अधिक तनाव से भी अल्सर का रोग हो जाता है। इन लक्षणों से पता चलता है कि आप पेट के अल्सर की चपेट में हैं।


पेट के ऊपरी भाग में दर्द होना- अल्‍सर की समस्या होने पर पेट के ऊपरी भाग में काफी दर्द होता है। ऐसा देखा जाता है कि अल्सर में खाने के बाद पेट में दर्द शुरू हो जाता है। इसके अलावा खाली पेट रहने से भी दर्द होता है। अल्सर में आहार नली के निचले हिस्से में छाले पड़ जाते हैं। कभी-कभी तो आहार नली में छिद्र भी हो जाता है और आहार नली में तेज जलन होती है।

एसिड बनना- जब हम कुछ खाते हैं तो आमाशय में हाइड्रोक्लोरिक एसिड बनता है। इससे ही भोजन का पाचन होता है। कभी-कभी बदहजमी के कारण एसिड ऊपर की ओर आहार नली में चला जाता है और इससे जलन महसूस होती है। इसका असर गले, दांत, सांस आदि पर पड़ने लगता है। इससे मुंह में छाले पड़ जाते हैं।


खून की उलटी होना- अल्सर में ऐसा देखा जाता है कि उलटी होती है या उलटी आने जैसा महसूस होता है। जब अल्‍सर बढ़ जाता है तो दिक्कतें बढ़ती हैं और कभी-कभी खून की उलटी भी हो सकती है। ऐसे में मल का रंग भी काला हो जाता है।

एसिडिटी का रिफ्लेक्शन होना- अल्‍सर होने पर सीने में दर्द की शिकायत होती है। यह दर्द एसिडिटी रिफ्लेक्शन के कारण होता है। बताते चलें कि दिल का दर्द सीने के ऊपरी भाग में होता है और कभी-कभी एसिडिटी की वजह से भी उसी जगह दर्द होता है। इसके चलते बिना जांच के दोनों में फर्क करना मुश्किल होता है।


वजन कम हो जाना- पेट के अल्‍सर रोग से परेशान लोगों का वजन बहुत तेजी से घटने लगता है। इसके पीछे कारण है कि अल्‍सर होने पर मरीज खाने को लेकर उदासीन हो जाता है। इसके चलते वजन कम होने लगता है। इसके अलावा खाना अच्‍छे से न पच पाने के कारण वजन घटने लगता है।

यह हैं उपाय
-गुड़हल के लाल फूलों को पीसकर, पानी के साथ इसका शर्बत बनाकर पीना चाहिए।
-गाय के दूध में हल्दी की कुछ मात्रा मिलाकर रोजाना पीने से फायदा होता है।

-बेल का जूस या बेलपत्र को पीसकर इसे पानी में घोलकर बनाकर पीना चाहिए।
-बादाम को रातभर पानी में भिगोकर सुबह इसे चबाते हुए खाएं। इसके अलावा बादाम को दूध में पीसकर इसका प्रयोग किया जा सकता है।
-केले, नारियल, पत्तागोभी, गाजर, मेथीदाना और सहजन का सेवन लाभकारी साबित होता है।

खाली पेट ये चीजें भूलकर भी न खाएं, अल्सर का है खतरा


आजकल ज्यादातर लोग हेल्थ कॉन्शस हैं इसलिए हेल्दी फूड की तरफ उनका झुकाव ज्यादा होता है। हम सब ये तो जानते हैं कि कौन सा फूड सेहत के लिए फायदेमंद है और कौन सा नहीं। लेकिन हम में से बहुत कम लोग ही जानते हैं कि अगर सेहतमंद चीजों को भी गलत समय पर खाया जाए तो हमें फायदे की बजाय नुकसान हो सकता है और सेहत पर इसका बहुत बुरा असर पड़ता है। इसलिए आप किसी भी चीज को खाने से पहले उसकी पूरी जानकारी रखें , जिससे की उसे गलत समय पर खाने से बच सकें और सेहतमंद बने रहें। यहां हम आपको कुछ ऐसे भी फूड आइटम्स के बारे में बता रहे हैं जिन्हें अगर आप खाली पेट खाएंगे तो अल्सर होने का खतरा रहेगा...

आयरन और पोटैशियम से भरपूर केला सेहतमंद है लेकिन अगर आप इसे सुबह खाली पेट खाते हैं तो ये आपके लिए काफी खतरनाक साबित हो सकता है। माइग्रेन और ऐसिडिटी के मरीजों को इस मामले में खास ध्यान रखने की जरूरत है क्योंकि खाली पेट केला ऐसिडिटी को बढ़ाता है। एक्सपर्ट्स के अनुसार केला एक सुपरफूड है। इसमें मैग्निशियम और पोटैशियम काफी ज्यादा मात्रा में पाया जाता है लेकिन अगर आप इसे गलत समय पर खाते हैं तो खून में मिनरल्स का डिसबैलेंस हो सकता है।


खट्टे फल तो सभी के फेवरिट होते हैं खासकर ठंड में इनको खाने का मजा ही अलग है। खट्टे फलों में संतरा लोगों का काफी पसंदीदा फल है। वैसे तो ये फल शरीर के लिए काफी फायदेमंद होते हैं लेकिन अगर आप इन फलों को खाली पेट खाते हैं तो आपके शरीर को इसका बहुत बुरा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। इसलिए खट्टे फल खाली पेट खाने की बजाय नाश्ते के बाद खाएं।


दही पेट के लिए काफी फायदेमंद मानी जाती है। खासकर गर्मी के मौसम में दही पीने से आप काफी रिलैक्स और अच्छा महसूस करते हैं। लेकिन शायद आपको पता न हो कि खाली पेट दही खाने से फायदा तो नहीं लेकिन नुकसान जरूर होता है। खाली पेट दही खाने से ऐसिडिटी बढ़ती है और आगे चलकर अल्सर की समस्या भी हो सकती है। खाली पेट दही लेने से इसमें मौजूद बैक्टीरिया से फायदा बेअसर हो जाता है।


सब्जियों में टमाटर तो सभी को काफी पसंद होगा इसके अलावा लोग इसे कच्चा भी खाते हैं और ये शरीर के लिए काफी फायदेमंद भी होता है। लेकिन हम आपको बता दें कि टमाटर में ऐसिड की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। अगर आप इसे खाली पेट खाते हैं तो ये आपके लिए नुकसानदेह हो सकता है। गलत समय पर टमाटर खाने से पथरी और गैस्ट्रिक अल्सर का भी खतरा कई गुना बढ़ जाता है।


अक्सर जब लोग बोर होते हैं या नींद आती है तो ऐसे में लोग एक कप चाय या कॉफी लेना पसंद करते हैं , इससे काफी रिफ्रेश महसूस होता है। लेकिन खाली पेट चाय या कॉफी पीने से एसिडिटी की समस्या बढ़ सकती है और इसके साथ ही साथ दिनभर जलन और बदहजमी की भी समस्या हो सकती है। चाय और कॉफी में मौजूद कैफीन या निकोटीन से एसिड बनता है, जिसका डाइजेस्टिव सिस्टम पर काफी बुरा प्रभाव पड़ता है।


इंडियन्स की ये खासियत पूरी दुनिया में मशहूर है। हमें तीखा बनाना और खाना दोनें काफी पसंद है। अगर आप सुबह-सुबह मसालेदार या तीखा खाना खाते हैं तो इससे अल्सर होने की सम्भावना कई गुना बढ़ जाती है। मसालेदार खाने से शरीर में एसिड का स्तर बढ़ जाता है और ये शरीर के डाइजेशन को बुरी तरह से प्रभावित करता है। गलत समय पर तीखा मसालेदार खाने से पेट में ऐंठन व दर्द हो सकता है और लूज मोशन की भी समस्या हो सकती है।

जब हम बीमार होते हैं तो दवाई खाना हमारी जरूरत बन जाती है। लेकिन अगर आप खाली पेट दवा लेते हैं तो आज ही इस आदत को बदल लें क्योंकि ये अल्सर का सबसे बड़ा कारण हो सकता है। इससे पेट में एसिड की शिकायत होती है। जलन और खट्टी डकार की भी समस्या होती है जिससे पेट के अंदरूनी हिस्से प्रभावित होते हैं।

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wordpress 3 years ago 5 Answer
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